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13 मई 2017

आफिस या व्यापार में मंदा है तो आप अवश्य ध्यान दें

हमारे पास पिछले दिनों कई मेल आई है व्यापार(Business)नहीं चल रहा है या उन्नति नहीं हो रही है मंदा व्यापार है आपने कोई नया काम शुरू किया है या फिर आपके व्यापार में घाटा हो रहा है या फिर किसी भी काम को शुरू करते है और असफलता मिलती है तो परेशान न हो और किसी भी धूर्त-पाखंडी-चालाक व्यक्ति के सम्पर्क में न आयें वो सिर्फ आपको ही चूना लगाएगा आखिर उसे भी अपना व्यापार(Business)जो करना है आप नीचे दिए गए उपाय को स्वयं ही कर सकते है-

आफिस या व्यापार में मंदा है तो आप अवश्य ध्यान दें

आप खूब पैसा लगा कर दूकान(Shop)या आफिस(Office)को सजा कर कोई व्यापार शुरू करते है और जब ग्राहक(Customer)नहीं आते है बड़ा ही कष्ट होता है और फिर आप निराशा से घिर जाते है तो आप कुछ सिद्ध टोटके होते है जिनको करके आप लाभ ले सकते है मगर इन टोटकों के प्रति आपकी आस्था पूरी तरह होनी आवश्यक है क्युकि बिना आस्था और विश्वास(Faith and trust)के ये टोटके भी आपका कल्याण नहीं कर सकते है-

यदि आपको सलाह तो मुफ्त की मिल रही है तो ये न समझे लाभ नहीं होगा लेकिन आप आस्था और विश्वास तो रख ही सकते है इसके लिए तो आपसे कोई पैसे नहीं मांग रहा हूँ बस मेरा मकसद बस दुखी और परेशान लोगों की सेवा भाव है धन क्या है बस मुझ ईश्वर की कृपा है वही मुझ पर बनी रहे-चलिए अब मुद्दे की बात पे आते है-

कैसे करना है ये प्रयोग-


सबसे पहले ध्यान रहे कि बताये गए सभी प्रयोगों को करने से पहले आपको मन में कुछ बातें ठाननी पड़ेंगी-एक-हमेशा सत्य बोलेंगे- दूसरों का अहित नहीं करेंगे और तीसरा हमेशा अपना श्रेष्ठतम परिणाम देंगे-जब आप कोई टोटका प्रयोग में ला रहे हों तो इसके बारे में किसी को बताए नहीं-इससे टोटके का प्रभाव कम हो जाता है-अब आप इन टोटकों को आजमाइए-आपको लाभ जरूर मिलेगा-

व्यापार(Business)उन्नति के लिए प्रयोग-


1- आप किसी भी शुक्ल पक्ष में किसी भी दिन अपनी फैक्ट्री या दुकान के दरवाजे के दोनों तरफ बाहर की ओर थोडा सा गेहूं का आटा(Wheat flour)रख दें-ध्यान रहे लेकिन आपको कोई देखे नही और पूजा घर में एक अभिमंत्रित श्री यंत्र(Sri Yantra)रखें तथा शुक्रवार की रात को सवा किलो काले चने भिगो दें तथा दूसरे दिन शनिवार को उन्हें सरसों के तेल(Mustard oil)में घुघरी बना लें-अब आप उसके तीन हिस्से कर लें-पहला हिस्सा घोडे या भैंसे को खिला दें-दूसरा हिस्सा किसी कुष्ठ रोगी को दे दें या फिर किसी अपाहिज या गरीब भिखारी को दे दे  और तीसरा हिस्सा अपने सिर से घडी की सूई से उल्टे तरफ तीन बार वार कर किसी चौराहे पर रख दें-यह प्रयोग आप 40 दिन तक करें-कारोबार में लाभ होगा-मगर दुकान में काम करने वाले नौकर को अपशब्द न प्रयोग करे-जहाँ तक कोशिश करे कि आप खुश दिखे-

2- शनिवार को पीपल के पेड़ से आप एक पत्ता तोड़ लाएं और उसे धूप-बत्ती दिखाकर अपनी दुकान की गद्दी जिस पर आप बैठते हैं उसके नीचे रख दें ये प्रयोग आप सात शनिवार(Seven Saturday)तक लगातार ऐसा ही करें और जब गद्दी  के नीचे सात पत्ते इकट्ठे हो जाएं तो उन्हें एक साथ किसी तालाब या कुएं में बहा दें-ईश्वर ने चाहा तो आपका व्यवसाय(Business) चल निकलेगा लेकिन आप इसे हमेशा भी कर सकते है -

3- आप किसी ऐसी हार्डवेयर की दुकान में जाए जो काफी चलती हो वहां से लोहे की कोई कील या नट(Nail or Nuts)आदि शनिवार के दिन खरीदकर या मांगकर या उठाकर ले आएं तथा फिर काली उड़द(Black Urad)के 10-15 दानों के साथ उसे एक शीशी में रख लें फिर धूप-दीप से पूजाकर आप ग्राहकों की नजरों से बचाकर दुकान में रख लें आपका व्यवसाय खुब चलेगा-

4- शनिवार को सात हरी मिर्च(Chilli) और सात नींबू(Lemon)की माला बनाकर दुकान में इस प्रकार टांगें कि उस पर ग्राहक की नजर पड़े इससे आपके व्यापार को बुरी नजर वालो से सुरक्षा रहती है और न ही किसी प्रकार की हाय लगती है -

5- व्यापार स्थल पर किसी भी प्रकार की समस्या हो तो वहां श्वेतार्क गणपति तथा एकाक्षी श्रीफल की स्थापना किसी विद्वान से कराये -फिर नियमित रूप से धूप, दीप आदि से पूजा करें तथा सप्ताह में एक बार मिठाई का भोग लगाकर प्रसाद यथासंभव अधिक से अधिक लोगों को बांटें आप चाहें तो भोग नित्य प्रति भी लगा सकते हैं- श्वेतार्क गणपति की पोस्ट हमने पहले भी पोस्ट की थी आप यहाँ देख सकते है-

6- यदि आपको लगता है कि आपका कार्य किसी ने बांध दिया है और चाहकर भी उसमें बढ़ोतरी नहीं हो रही है व सब तरफ से मन्दा एवं बाधाओं का सामना करना पड़रहा है तो ऐसे में आपको साबुत फिटकरी(Alum) दुकान में खड़े होकर 31 बार वार(पूरी दूकान या आफिस में घुमाए)दें और दुकान से बाहर निकल कर किसी चौराहे पर जाकर उत्तर दिशा में फेंक कर बिना पीछे देखें वापस आ जाएं इससे नजर दूर हो जाएगी और व्यापार फिर से पूर्व की भांति चलने लगेगा-

7- व्यापार व कारोबार में वृद्धि के लिए आप एक नीबू लेकर उस पर चार लौंग गाड़ दें और उसे हाथ में रखकर निम्नलिखित मंत्र का 21 बार जप करें-जप के बाद नीबू को अपनी जेब में रख कर जिनसे कार्य होना हो उनसे जाकर मिलें-
                               "ओइम क्ली श्री हनुमते नमः"

8- इसके अतिरिक्त शनिवार को पीपल का एक पत्ता गंगा जल से धोकर हाथ में रख लें और गायत्री मंत्र का 21 बार जप करें तथा फिर उस पत्ते को धूप देकर अपने कैश बॉक्स में रख दें-यह क्रिया प्रत्येक शनिवार को करें और पत्ता बदल कर पहले के पत्ते को पीपल की जड़ में में रख दें आप यह क्रिया निष्ठापूर्वक करें तो कारोबार में उन्नति होगी-


आपके व्यापार में मंदी आ गयी है या नौकरी जाने का भय है तो यह करें-


1- किसी साफ़ शीशी में सरसों का तेल भरकर अपने उपर से सात बार उतारा करे फिर उस शीशी को किसी तालाब या बहती नदी के जल में डाल दें-शीघ्र ही मंदी का असर जाता रहेगा और आपके व्यापार में जान आ जाएगी-

2- कारोबार में नुकसान हो रहा हो या कार्यक्षेत्र में झगडा हो रहा हो तो आप अपने वज़न के बराबर कच्चा कोयला लेकर जल प्रवाह कर दें-अवश्य लाभ होगा-


व्यापार की सफलता के लिए इसका भी ध्यान रक्खे-


1- दुकान के भवन में ईशान कोण को बिल्कुल खाली रखें(उत्तर-पूर्व कोने को ईशान कोण कहा जाता है)आप पानी की व्यवस्था इस कोण में करें तथा प्रातः दुकान खोलते वक्त पीने का पानी भरकर रखें व पांच तुलसी के पत्तें इस पानी में डालकर रखें-

2- आप दूकान हो या फिर घर लाभ सुख शान्ति के लिए पूजा स्थान को भी ईशान कोण(उत्तर-पूर्व)में ही रखें ध्यान रहे कि ईशान कोण की स्वच्छता ग्राहकों को आकर्षित करती है इसलिए इस स्थान को साफ-सुथरा बनाए रखें-

3- यदि दुकान में भारी सामान या जूते-चप्पल ईशान कोण में रखें हुए हैं तो आप तुरन्त हटा दें क्योकिं ये व्यापार में भारी नुकसान करवाने वाला होता हैं-ऐसा कोई सामान यदि है तो उसे दक्षिण-पश्चिम दिशा में ही व्यवस्थित करें-

4- दुकान में माल का भण्डारण उत्तर दिशा में करें तथा लंबे समय तक रखे जाने वाले माल को दक्षिण में तथा स्टॉक खत्म करने वाले माल को वायव्य कोण(उत्तर पश्चिम का कोना उस कोण को वायव्य कोण कहा जाता है)में स्थान दें-

5- अग्नि से संबंधित चीजें बिजली का मीटर, स्विच बोर्ड और इनवर्टर आदि की व्यवस्था आप आग्नेय कोण(पूर्व दक्षिण का कोना अग्नि का स्थान है)में करें-

6- सीढ़ियां ईशान कोण के अतिरिक्त आप किसी भी दिशा में रख सकते हैं-

7- दुकान के मालिक का बैठने का स्थान नैऋत्य कोण में या दक्षिण दिशा में इस प्रकार हो कि मुख पूर्व या उत्तर में रहें-

8- व्यापार स्थल पर कभी भी गद्दी पर बैठ कर खाना न खाए-

9- परिवार को छोडकर किसी भी अन्य को आप अपनी गद्दी या कुर्सी पर न बैठने दे-
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Upcharऔर प्रयोग-

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