Nasal-Skin Allergy-नाक-त्वचा की एलर्जी का Treatment

सांस में आए एलरजेन परागकण नाक के सम्पर्क में आते ही छींक आने लगती है तथा नाक में सूजन भी आ जाती है Allergy-एलर्जी के लक्षणों में बुखार-सर्दी-नाक में सूजन आ जाती है बुखार- दमा-एग्जिमा इन तीनों का कहर एक साथ भी हो सकता है जिसे ‘एटोपी’ कहते हैं इनके पीछे भी इम्युनो ग्लोब्यूलिन ई(Immunoglobulin E) के एंटीबॉडी रहते हैं-

Nasal


ग्रामीण वायु प्रदूषण में कीटनाशक तक एलर्जी पैदा कर सकते है अनाज की धूल तथा लकड़ी की धूल से खांसी- छाती में जकड़न, दमा मुख्य रूप से नजर आते हैं कान, नाक और गला वायु प्रदूषण के एलरजेन के शिकार होते हैं-गला दुखना, सर्दी-खांसी वायु में उपस्थित एलरजेन्स(Elrjen) से ही होते हैं-

नाक की एलर्जी(Nasal Allergy)-


  1. जिन लोगों को Nasal Allergy-नाक की एलर्जी बार-बार होती है उन्हें सुबह भूखे पेट एक चम्मच गिलोय और दो चम्मच आंवले के रस में एक चम्मच शहद मिला कर कुछ समय तक लगातार लेना चाहिए इससे नाक की एलर्जी(Nasal Allergy) में आराम आता है-
  2. सर्दी में घर पर बनाया हुआ या किसी अच्छी कंपनी का च्यवनप्राश  खाना भी नासिका एवं साँस की एलर्जी से बचने में सहायता करता है आयुर्वेद की दवा सितोपलादि पाउडर(Sitopladi Powder) एवं गिलोय पाउडर(Tinospora Powder) को एक-एक ग्राम की मात्रा में सुबह शाम भूखे पेट शहद के साथ कुछ समय तक लगातार लेना भी नाक एवं श्वसन संस्थान की एलर्जी(Respiratory allergies) में बहुत आराम देता है-


त्वचा की एलर्जी(Skin Allergy)-


  1. जिन्हे बार-बार Skin Allergy-त्वचा की एलर्जी होती है उन्हें मार्च अप्रेल के महीने में जब नीम के पेड़ पर कच्ची कोंपलें आ रही हों उस समय 5-7 कोंपलें 2-3 कालीमिर्च के साथ अच्छी तरह चबा-चबा कर 15-20 रोज तक खाना त्वचा की एलर्जी(Skin Allergy) आदि रोगों से बचाता है 
  2. हल्दी से बनी आयुर्वेद की दवा हरिद्रा खंड भी त्वचा के एलर्जी(Skin Allergy) जन्य रोगों में बहुत गुणकारी  है आप इसे किसी आयुर्वेद चिकित्सक की राय से सेवन कर सकते हैं-

सभी एलर्जी जन्य रोगों में खान पान और रहन सहन का बहुत महत्व है इसलिए अपना खान पान और रहन सहन ठीक रखते हुए यदि ये उपाय अपनाएंगे तो आप अवश्य ही एलर्जी से लड़ने में सक्षम होंगे और एलर्जी जन्य रोगों से बचे रहेंगे एलर्जी जन्य रोगों में अंग्रेजी दवाएं रोकथाम तो करती हैं लेकिन बीमारी को जड़ से ख़त्म नहीं करती है जबकि आयुर्वेद की दवाएं यदि नियम पूर्वक ली जाती है तो रोगों को जड़ से ख़त्म करने की ताकत रखती हैं-

इसे भी देखे- Allergy-एलर्जी के कुछ ख़ास Symptoms-लक्षण

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