रसाहार Rsahar को जीवन में शामिल करे

8:31 pm Leave a Comment
Rsahar-रसाहार से न केवल आवश्यक शक्तियां ही प्राप्त होती हैं वरन शरीर की रोगों के प्रतिरोध की क्षमता भी कई गुना बढ़ जाती है आज विज्ञान भी इस सत्य को मानने लगा है कि रसाहार(Rsahar)से हम अपने जीवन में आई हुई कमजोरी के साथ रोगों पर भी विजय प्राप्त कर सकते है-

रसाहार Rsahar


रसाहार(Rsahar)के लिये फल,सब्जी या अंकुरित अनाज आदि खाद्यों को बस पूर्णतया ताजा ही काम में लेंना चाहिए तथा सड़े, गले, बासी, काफी देर से कटे हुए खाद्य पदार्थ का नहीं रस न निकालें और रोगाणुओं से मुक्त आहार सामग्री का ही रस निकालें अन्यथा तीव्र संक्रमण हो सकता है-

आप रसाहार(Rsahar)कैसे लें-

पहली बात ये ध्यान रक्खे कि ताजा रस ही काम में लें-निकालकर काफी देर तक रखा हुआ रस न लें-रखे रस में एन्जाइम सक्रियता, थायमिन, रिबोफ्लेविन, एस्कार्बिक एसिड आदि उपयोगी तत्व नष्ट होने लगते हैं तथा वातावरण के कुछ हानिकारक कीटाणु रस में प्रवेश कर रस को प्रदूषित कर देते हैं ऐसा रस पीने से तीव्र प्रतिक्रिया होती है-

दूसरी बात आप रसाहार(Rsahar)बैठकर धीरे धीरे पियें-इसे प्याला या ग्लास में ही लेना चाहिय तथा ग्लास को मुंह की ओर ऐसे झुकायें कि ऊपरी होंठ रस में डूबा रहे-ऐसा करने से वायु पेट में नहीं जातीहै-

रस कैसे निकालें-

ककड़ी,लौकी,गाजर, टमाटर,अनानास, नाशपाती, आलू, सेवादि, का रस निकालने के लिये विभिन्न प्रकार की मशीनें आती हैं-संतरा,मौसम्मी,चकोतरादि नींबू कुल के फलों की अलग तरह की मशीनें आती हैं-बिजली से चलने वाली मशीनों की अपेक्षा हाथ से चलने वाली मशीनों से निकला रसाहार(Rsahar)श्रेष्ठ माना जाता है-

सब्जी को कद्दूकश से कसने के बाद या कूटकर भी रस निकाला जाता है रस निकालने के बाद बचे हुये खुज्झे को फेंके नहीं-इसे बेसन/आटे में मिलाकर रोटी बनाकर काम में लिया जा सकता है यह खुज्झा पेट की सफाई कर कब्ज को दूर करता है-

कब किस रोग के लिए क्या रसाहार(Rsahar)ले-

  1. कब्ज(Constipation)सारे रोगों की जननी है कब्ज होने पर सब्जी तथा फलों को मूल रूप में ही खायें तथा गाजर, पालक,टमाटर, आंवला, लौकी, ककड़ी, 6 घंटे पूर्व भीगा हुआ किशमिश, मुनक्का,अंजीर, गेहूंपौध, करेला, पपीता, संतरा, आलू, नाशपाती, सेव तथा बिल्व का रस लें- 
  2. अजीर्ण अपचन(Indigestion)के लिए भोजन के आधे घंटे पहले आधी चम्मच अदरक का रस लें या अनानास, ककड़ी, संतरा, गाजर, चुकन्दर का रस लेना चाहिए-
  3. उल्टी(Vomiting)मिचली में नींबू, अनार, अनानास, टमाटर ,संतरा, गाजर, चुकन्दर का रस ले सकते है-
  4. एसीडिटी(Acidity)के होने पर पत्ता गोभी+गाजर का रस या ककड़ी, लौकी, सेव, मौसम्मी, तरबूज, पेठे का रस, चित्तीदार केला, आलू, पपीता आदि का भी रस लें-
  5. एक्यूट एसीडीटी(Acute Hyperacidity) होने पर ठंडा दूध या गाजर रस लिया जा सकता है-
  6. बार- बार दस्त(Diarrhea) होने पर बिल्व फल का रस या लौकी, ककड़ी, गाजर का रस या डेढ़ चम्मच ईसबगोल की भुस्सी या छाछ या ईसबगोल की भूसी आदि ले सकते है-
  7. पीलिया(Jaundice)में करेला, संतरा, मौसम्मी, गन्ना, अनानास, चकोतरा का रस,पपीता, कच्ची हल्दी, शहद, मूली के पत्ते, पालक तथा मूली का रस लेना चाहिए-
  8. यदि मधुमेह(Diabetes)की शिकायत है तो जामुन, टमाटर, करेला, बिल्वपत्र, नीम के पत्ते, गाजर पालक टमाटर, पत्ता गोभी का रस लेना लाभदायक है-
  9. पथरी(Stone)होने पर सेव, मूली व पालक, गाजर, इमली, टमाटर का रस लें-फल एवं सब्जियों के नन्हें बीजबिलकुल भी न लें-
  10. गुर्दे के रोग(Kidney disease)में तरबूज, फालसा, करेला, ककड़ी, लौकी, चुकन्दर, गाजर, अनानास, अंगूरादि खट्टे फलों का रस, इमली, टमाटर आदि लें-
  11. किसी भी प्रकार के गले का रोग(Throat diseases)में गर्मपानी या गर्मपानी+एक नींबू शहद या अनानास,गाजर चुकन्दर पालक, अमरूद प्याज लहसुन का रस ले-
  12. खांसी(Cough)में गर्म पानी, एक नींबू रस शहद, गाजर रस, लहसुन, अदरक, प्याज, तुलसी का रस मात्र 50 सी.सी. लें-
  13. अनिद्रा(Insomnia)रोगी को सेव, अमरूद, लौकी, आलू,गाजर पालक, सलाद के पत्ते, प्याज का रस लेना लाभदायक है-
  14. यदि आपको मुंहासे(Acne)जादा है तो गाजर पालक, आलू गाजर चुकन्दर अंगूर, पालक टमाटर, ककड़ी का रस ले-
  15. जिन लोगो को रक्तहीनता(Anemia)की शिकायत होती है उनके लिए पालकादि पत्ते वाली सब्जियों, टमाटर, आंवला, रिजका, चुकन्दर, दूर्वा, पत्ता गोभी, करेला, अंगूर, खुरबानी, भीगा किशमिश, मुन्नका का रस आदि काफी लाभदायक है-
  16. मुंह के छाले(Mouth ulcers)होने पर चौलाई, पत्तागोभी, पालक, टमाटर,ककड़ी व गाजर का रस लें-
  17. उच्च रक्तचाप(High Blood pressure)में प्याज, ककड़ी, टमाटर, संतरा, लौकी, सोयाबीन का दही, गाय की छाछ, गाजर व मौसम्मी का रस फायदेमंद है-
  18. जो लोग अपना वजन वृद्धि(Weight gain)करना चाहते है उनको अनानास, पपीता, केला, दूध, संतरा, आम आदि अधिक कैलोरी वाले मीठे फलों का रस लेना चाहिए-
  19. वजन कम(Weight loss)करने हेतु आपको तरबूज, ककड़ी, लौकी, पालक, पेठा, टमाटर, खीरा आदि कम कैलोरी वाली सब्जियों का रस लेना चाहिए-
Upcharऔर प्रयोग-

0 comments :

एक टिप्पणी भेजें

TAGS

आस्था-ध्यान-ज्योतिष-धर्म (55) हर्बल-फल-सब्जियां (24) अदभुत-प्रयोग (22) जानकारी (21) स्वास्थ्य-सौन्दर्य-टिप्स (21) स्त्री-पुरुष रोग (19) एलर्जी-गाँठ-फोड़ा-चर्मरोग (17) मेरी बात (17) होम्योपैथी-उपचार (15) घरेलू-प्रयोग-टिप्स (14) मुंह-दांतों की देखभाल (12) चाइल्ड-केयर (11) दर्द-सायटिका-जोड़ों का दर्द (11) बालों की समस्या (11) टाइफाइड-बुखार-खांसी (9) पुरुष-रोग (8) ब्लडप्रेशर (8) मोटापा-कोलेस्ट्रोल (8) मधुमेह (7) थायराइड (6) पेशाब रोग-हाइड्रोसिल (6) जडी बूटी सम्बन्धी (5) हीमोग्लोबिन-प्लेटलेट (5) अलौकिक सत्य (4) पेट दर्द-डायरिया-हैजा-विशुचिका (4) यूरिक एसिड-गठिया (4) सूर्यकिरण जल चिकित्सा (4) स्त्री-रोग (4) आँख के रोग-अनिंद्रा (3) पीलिया-लीवर-पथरी-रोग (3) फिस्टुला-भगंदर-बवासीर (3) अनिंद्रा-तनाव (2) गर्भावस्था-आहार (2) कान-नाक-गले का रोग (1) टान्सिल (1) ल्यूकोडर्मा-श्वेत कुष्ठ-सफ़ेद दाग (1)
-->