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29 अक्तूबर 2016

पांच दिन का पर्व दीपावली है Panch Din Ka Parv Dipavali Hai

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दीपावली(Diwali)स्वच्छता व प्रकाश का पर्व है कई सप्ताह पूर्व ही दीपावली की तैयारियाँ आरंभ हो जाती है और लोग अपने घरों, दुकानों आदि की सफाई का कार्य आरंभ कर देते हैं तथा घरों में मरम्मत, रंग-रोगन,सफ़ेदी आदि का कार्य होने लगता हैं लोग दुकानों को भी साफ़ सुथरा का सजाते हैं बाज़ारों में गलियों को भी सुनहरी झंडियों से सजाया जाता है दीपावली से पहले ही घर-मोहल्ले, बाज़ार सब साफ-सुथरे व सजे-धजे नज़र आते हैं लेकिन भारत में दीवाली(Diwali)पर्व के कितने दिन हैं आइये इस पर एक प्रकाश डालते है-

Dipavali


पहले दिन का नाम धनतेरस है इस दिन अर्थ-व्यवस्था का नया साल शुरू होता है तथा रोग से मुक्त रहे इसलिए भगवान् धन्वंतरी की पूजा का विधान है और दूसरा दिन नरक चतुर्दशी है जब श्री कृष्ण और उनकी पत्नी सत्यभामा ने नरक राक्षस को परास्त कर दिया था तथा तीसरे दिन अमावस्या में लक्ष्मी का दर्शन किया जाता है तथा इस दिन में भी विष्णु की बली पर विजय उत्सव मनाया जाता है चौथे दिन राजा बली पाताल गया और वहाँ उसने नया राज्य किया-पांचवें दिन भाई दूज मनाने की परम्परा है-

धनतेरस या धन त्रयोदशी-

इस त्यौहार की तैयारी कई दिन पहले ही आरम्भ हो जाती है घर की लिपाई-पुताई होती है तथा रंग-रोगन होता है और घर की पूरी सफाई की जाती है-दिवाली से दो दिन पहले धन-तेरस अथवा धन त्रयोदशी का त्यौहार मनाया जाता है इस दिन नए बर्तन खरीदने की परंपरा है इस दिन स्वर्ण अथवा रजत आभूषण खरीदने का भी रिवाज है लोग अपनी-अपनी परम्परानुसार लोग सामान खरीदते है तथा संध्या समय में घर के मुख्य द्वार पर एक बडा़ दीया जलाया जाता है-

छोटी दिवाली-

बडी़ दिवाली से एक दिन पहले छोटी दिवाली का त्यौहार मनाया जाता है इस दिन को नरक चतुर्दशी अथवा नरका चौदस भी कहते हैं इस दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर का वध किया था इसलिए इसे नरका चौदस कहा जाता है इस दिन संध्या समय में पूजा की जाती है और अपनी-अपनी परंपरा के अनुसार दीये जलाए जाते हैं नरकासुर नामक राक्षस देवलोक एवं भूलोक में आंतक फैलाकर भगवान् कृष्णा का भी विरोध कर रहा था तथा उस ने 16000 महिलाओं को बंदी बनाकर रखा था-इस से क्रोधित होकर श्री कृष्ण ने अपनी पत्नी सत्यभामा से इसका वध कराया था-भूदेवी और भगवान् विष्णु को जन्मे पुत्र नरकासुर को अपनी माता के शिवाय किसी अन्य के हाथों न मर ने का वर प्राप्त था इसलिए श्री कृष्ण ने सत्यभामा के हाथों से नरकासुर का वध करवा कर मात्रभूमि की रक्षा की-

एक कारण यह भी बताया जाता है इन दिनों भगवान् वामन ने राजा बलि की पृथ्वी को नापा था भगवान् वामन ने तीन पगों में सम्पूर्ण पृथ्वी तथा बली के शरीर को नाप लिया था-इस लिए देवताओं ने हर्सोल्लास में भी दीप जलाकर इस पर्व को मनाया था-

बडी़ दिवाली-

इस दिन सुबह से ही घरों में चहल-पहल आरम्भ हो जाती है एक-दूसरे को बधाई संदेश दिए जाते हैं घर को सजाने का काम आरम्भ हो जाता है तथा संध्या समय में गणेश जी तथा लक्ष्मी जी का पूजन पूरे विधि-विधान से किया जाता है-पूजन विधि में धूप-दीप,खील-बताशे,रोली-मौली,पुष्प आदि का उपयोग किया जाता है पूजन के बाद मिठाई खाने का रिवाज है बच्चे और बडे़ मिलकर खूब आतिशबाजी चलाते हैं बम-पटाखे फोड़ते हैं तथा इस दिन घरों में सुबह से ही तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं- दीपावली की शाम लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा की जाती है पूजा के बाद लोग अपने-अपने घरों के बाहर दीपक व मोमबत्तियाँ जलाकर रखते हैं चारों ओर चमकते दीपक अत्यंत सुंदर दिखाई देते हैं रंग-बिरंगे बिजली के बल्बों से बाज़ार व गलियाँ जगमगा उठते हैं। बच्चे तरह-तरह के पटाखों व आतिशबाज़ियों का आनंद लेते हैं देर रात तक कार्तिक की अँधेरी रात पूर्णिमा से भी से भी अधिक प्रकाशयुक्त दिखाई पड़ती है-

अन्नकूट या गोवर्धन पूजा-

दिवाली से अगले दिन अन्नकूट का पर्व मनाया जाता है इस दिन मंदिरों में सभी सब्जियों को मिलाकर एक सब्जी बनाते हैं जिसे अन्नकूट कहा जाता है मंदिरों में इस अन्नकूट को खाने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी होती है अन्नकूट के साथ पूरी बनाई जाती है कहीं-कहीं साथ में कढी़-चावल भी बनाए जाते हैं तथा इसी दिन गोवर्धन पूजा भी की जाती है गोवर्धन पूजा में गोबर से गोवर्धन बनाया जाता है और उसे भोग लगाया जाता है उसके बाद धूप-दीप से पूजन किया जाता है फिर घर के सभी सदस्य इस गोवर्धन की परिक्रमा करते हैं इसी दिन विश्वकर्मा दिवस भी मनाया जाता है इस दिन मजदूर वर्ग अपने औजारों की पूजा करते हैं फैक्टरी तथा सभी कारखाने इस दिन बन्द रहते हैं-

भैया दूज या चित्रगुप्त पूजा-

दिवाली का पर्व भैया दूज या यम द्वित्तीया के दिन समाप्त होता है यह त्यौहार कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वित्तीया को मनाया जाता है इस दिन बहनें अपने भाइयों को तिलक करती हैं और मिठाई खिलाती हैं भाई बदले में बहन को उपहार देते हैं इसी दिन कायस्थ समाज के लोग भगवान् चित्रगुप्त की पूजा अर्चना करते है जिसे कलम-दवात की पूजा के रूप में भी जाना जाता है-

इस त्यौहार को मनाने के संबंध में अनेक कहानियाँ है-


  1. दीप जलाने की प्रथा के पीछे अलग-अलग कारण या कहानियाँ हैं राम भक्तों के अनुसार दीवाली वाले दिन अयोध्या के राजा राम लंका के अत्याचारी राजा रावण का वध करके अयोध्या लौटे थे उनके लौटने कि खुशी मे आज भी लोग यह पर्व मनाते है-
  2. कृष्ण भक्तिधारा के लोगों का मत है कि इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने अत्याचारी राजा नरकासुर का वध किया था इस नृशंस राक्षस के वध से जनता में अपार हर्ष फैल गया और प्रसन्नता से भरे लोगों ने घी के दीए जलाए थे-
  3. एक पौराणिक कथा के अनुसार विंष्णु ने नरसिंह रुप धारणकर हिरण्यकश्यप का वध किया था-
  4. इसी दिन समुद्रमंथन के पश्चात लक्ष्मी व धन्वंतरि प्रकट हुए-
  5. जैन मतावलंबियों के अनुसार चौबीसवें तीर्थंकर महावीर स्वामी का निर्वाण दिवस भी दीपावली को ही है-
  6. सिक्खों के लिए भी दीवाली महत्त्वपूर्ण है क्योंकि इसी दिन ही अमृतसर में 1577 में स्वर्ण मन्दिर का शिलान्यास हुआ था  और इसके अलावा 1619 में दीवाली के दिन सिक्खों के छठे गुरु हरगोबिन्द सिंह जी को जेल से रिहा किया गया था-
  7. नेपालियों के लिए यह त्योहार इसलिए महान है क्योंकि इस दिन से नेपाल संवत में नया वर्ष शुरू होता है-
  8. पंजाब में जन्मे स्वामी रामतीर्थ का जन्म व महाप्रयाण दोनों दीपावली के दिन ही हुआ था इन्होंने दीपावली के दिन गंगातट पर स्नान करते समय ‘ओम’ कहते हुए समाधि ले ली थी महर्षि दयानन्द ने भारतीय संस्कृति के महान जननायक बनकर दीपावली के दिन अजमेर के निकट अवसान लिया इन्होंने आर्य समाज की स्थापना की थी-
  9. दीन-ए-इलाही के प्रवर्तक मुगल सम्राट अकबर के शासनकाल में दौलतखाने के सामने 40 गज ऊँचे बाँस पर एक बड़ा आकाशदीप दीपावली के दिन लटकाया जाता था-बादशाह जहाँगीर भी दीपावली धूमधाम से मनाते थे-
  10. मुगल वंश के अंतिम सम्राट बहादुर शाह जफर दीपावली को त्योहार के रूप में मनाते थे और इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में वे भाग लेते थे तथा शाह आलम द्वितीय के समय में समूचे शाही महल को दीपों से सजाया जाता था एवं लालकिले में आयोजित कार्यक्रमों में हिन्दू-मुसलमान दोनों भाग लेते थे-

Upcharऔर प्रयोग-

27 अक्तूबर 2016

धनतेरस को भगवान धन्वंतरी पूजा Dhanteras Ko Bhagvaan Dhanvantri Pooja

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हम सभी लोग बहुत से त्यौहार मनाते है लेकिन कुछ त्यौहार को मानाने के पीछे की क्या वजह है ये नहीं जानते है धनतेरस(Dhanteras)कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी यानी दीपावली से दो दिन ही पहले आता है इस दिन लोग अपने घर के दरवाजे के पास दीया जलाते है और नया बर्तन या चांदी खरीदते है तथा धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि(Bhagvaan Dhanvantri) की पूजा का विधान है-

Dhanvantri Pooja


भगवान धन्वंतरि(Bhagvaan Dhanvantri)आयुर्वेद के जनक हैं इस तिथि को भगवान धन्वंतरि समुद्र मंथन से प्रकट हुए थे तथा उनके हाथ में अमृत कलश था भगवान धन्वंतरि समस्त रोग, शोक आैर संताप का निवारण कर देते है धनतेरस के दिन उनका पूजन करने से आरोग्य, सुख, समृद्घि आैर दीर्घायु की प्राप्ति होती है-

भगवान धन्वंतरि(Bhagvaan Dhanvantri)की पूजा विधि-

प्रात: काल दैनिक क्रियाआें से निवृत्त होने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें तथा पूजन स्थल पर भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें तथा पूजन के समय आपका मुख पूर्व दिशा की आेर रहे तथा इसके पश्चात निम्न मंत्र के साथ भगवान धन्वंतरि(Bhagvaan Dhanvantri)का आह्वान करना चाहिए- 

     "सत्यं च येन निरतं रोगं विधूतं, अन्वेषित च सविधिं आरोग्यमस्य |
       गूढं निगूढं औषध्यरूपम्, धन्वन्तरिं च सततं प्रणमामि नित्यं ||"

भगवान धन्वंतरि को चावल, रोली, पुष्प, गंध, जल चढ़ाएं आैर भोग अर्पित करें तथा यदि संभव हो तो खीर का भोग भी अर्पित करें-

ध्यान मन्त्र-

ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवाय धन्वंतराये:। 
अमृतकलश हस्ताय सर्व भयविनाशाय सर्व रोगनिवारणाय। 
त्रिलोकपथाय त्रिलोकनाथाय श्री महाविष्णुस्वरूप। 
श्री धनवंतरी स्वरूप श्री श्री श्री औषधचक्र नारायणाय नमः॥

रोगनाशक प्रार्थना बीज मन्त्र-

          " ऊं रं रूद्र रोग नाशाय धनवंतर्ये फट् "

पूजन में फल, दक्षिणा आदि चढ़ाने के बाद धूप, दीप आैर कपूर प्रज्वलित कर भगवान की आरती करें-

भगवान धन्वंतरि का पवित्र स्तो‍त्र-

ॐ शंखं चक्रं जलौकां दधदमृतघटं चारुदोर्भिश्चतुर्मिः।
 सूक्ष्मस्वच्छातिहृद्यांशुक परिविलसन्मौलिमंभोजनेत्रम॥ 
कालाम्भोदोज्ज्वलांगं कटितटविलसच्चारूपीतांबराढ्यम। 
वन्दे धन्वंतरिं तं निखिलगदवनप्रौढदावाग्निलीलम॥

धनतेरस त्यौहार के पीछे की कथा-

धनतेरस से जुड़ी कथा है कि कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी के दिन देवताओं के कार्य में बाधा डालने के कारण तथा देवताओं को राजा बलि के भय से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान विष्णु ने वामन अवतार लिया और राजा बलि के यज्ञ स्थल पर पहुंच गए उस समय असुरों के गुरू शुक्राचार्य राजा बलि के यज्ञाचार्य थे-शुक्राचार्य ने वामन रूप में भी भगवान विष्णु को पहचान लिया और राजा बलि से आग्रह किया कि वामन कुछ भी मांगे उन्हें इंकार कर देना क्युकि वामन साक्षात भगवान विष्णु हैं जो देवताओं की सहायता के लिए तुमसे सब कुछ छीनने आए हैं-

लेकिन राजा बलि ने शुक्राचार्य की बात नहीं मानी तथा वामन भगवान द्वारा मांगी गई तीन पग भूमि, दान करने के लिए कमंडल से जल लेकर संकल्प लेने लगे तब राजा बलि को दान करने से रोकने के लिए शुक्राचार्य राजा बलि के कमंडल में लघु रूप धारण करके प्रवेश कर गए-इससे कमंडल से जल निकलने का मार्ग बंद हो गया- ये देखे कर वामन भगवान शुक्रचार्य की चाल को समझ गए और भगवान वामन ने अपने हाथ में रखे हुए कुशा को कमण्डल में ऐसे रखा कि शुक्राचार्य की एक आंख फूट गई तब शुक्राचार्य छटपटाकर कमण्डल से निकल आए-

इसके बाद बलि ने तीन पग भूमि दान करने का संकल्प ले लिया-तब भगवान वामन ने अपने एक पैर से संपूर्ण पृथ्वी को नाप लिया और दूसरे पग से अंतरिक्ष को और तीसरा पग रखने के लिए कोई स्थान नहीं होने पर बलि ने अपना सिर वामन भगवान के चरणों में रख दिया -बलि दान में अपना सब कुछ गंवा बैठा-   

इस तरह बलि के भय से देवताओं को मुक्ति मिली और बलि ने जो धन-संपत्ति देवताओं से छीन ली थी उससे कई गुना धन-संपत्ति देवताओं को मिल गई-इस उपलक्ष्य में भी धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है-
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Upcharऔर प्रयोग-

26 अक्तूबर 2016

सर्दियाँ आ रही है तो आप क्या खाए

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सर्दियाँ(Winter)आने वाली हैं और सर्दियों का समय वह समय होता है जब आपका मन गर्म-गर्म रजाई से निकलने का नहीं करता है तो इस दौरान अपने खाने का भी आपको विशेष ख्‍याल रखना चाहिये तो चलिए आपको बताते है कि क्या खाए आप सर्दियों(Winter)के इस मौसम मे- 

सर्दियाँ आ रही है तो आप क्या खाए

हमें ऐसा आहार खाना चाहिये जो हमें सर्दियों(Winter)के समय में गर्म रखे-ऐसे गरम मसाले तथा आहार जो शरीर को गर्मी पहुंचाते हैं उनका नियमित सेवन करने से हमें आपको कभी भी बीमारी नहीं होगी तथा सर्दी भी कम लगेगी -

सर्दियों(Winter)में आप ठंड और सर्दी-जुखाम से दूर रहें इसके लिये आपको ऐसे आहार खाने चाहिये जो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाए ये प्रतिरक्षा प्रणाली(Immune System)किसी जीव के भीतर होने वाली उन जैविक प्रक्रियाओं का एक संग्रह है जो रोग जनकों और अर्बुद कोशिकाओं को पहले पहचान और फिर मार कर उस जीव की रोगों से रक्षा करती है-

क्या खाएं-
  1. गाजर(Carrots)खाने से त्‍वचा हेल्‍दी रहती है आंखों की रौशनी बढ़ती है रोग प्रतिरोधक छमता(Resistant Capabilities)बढती है जिससे सर्दियों में शरीर को ठंड नहीं लगती है यह एक गर्म आहार है तो जिसे आपको जरुर खाना चाहिये-
  2. संतरा हो चाहे नींबू-इनमें ढेर सारा विटामिन सी होता है जिससे शरीर को पोषण और फ्लेवीनॉइड प्राप्‍त होता है यह शरीर को बीमारियों से लड़ने में मदद दिलवाता है तथा साथ ही यह अच्‍छे कोलेस्‍ट्रॉल(Cholesterol)को भी बढाता है तथा यह शरीर को गर्म रखने में मदद करता है
  3. जो लोग नानवेज खाते है उनके लिए चिकन और अंडे के सेवन से शरीर गर्म बना रहता है-
  4. हर घर में भोजन में लहसुन और अदरक का प्रयोग जरुर किया जाता है सर्दियों में इनके सेवन से सर्दी,जुखाम और कफ से राहत मिलती है और अगर आप मसाला चाय बना रही हैं तो उसमें अदरक डालना ना भूलें-
  5. अमरुद में भी सिट्रस फल की तरह इसमें भी भारी मात्रा में विटामिन सी होता है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक छमता बढता है तथा साथ ही इसमें पोटैशियम और मैगनीशियम होता है-
  6. शक्‍कर की जगह पर शहद(Honey) का सेवन करना लाभकारी हो सकता है। साथ ही यह खराश और ठंडक के लिये दवाई का भी काम करती है-
  7. मेथी का साग विटामिन के,आयरन और फोलिक एसिड में अधिक होता है तथा इसे खाने से शरीर में खून बढ़ता है और शरीर गर्म रहता है-
  8. अनार में काफी सारा एंटीऑक्‍सीडेंट आयरन,पोलिफिनॉल और विटामिन सी पाया जाता है यह बुखार को कंट्रोल कर सकता हैं और ठंड लगने से भी बचाता हैं और इसे खाने से खून बनता है और ब्‍लॉक हुई धमनियां खुल जाती हैं-
  9.  Read More-  अपने हाथों से खाना खाने के क्या लाभ होते हैं 
Upcharऔर प्रयोग-

24 अक्तूबर 2016

गाय के पुराने घी के गुण Gaay Ke Puraane Ghi Ke Gun

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आज का हमारा युवा-वर्ग हमारे ऋषियों-मुनियों द्वारा बताई गई ज्ञान और उपयोगिता से बहुत दूर होता गया है लेकिन आज भी बड़े-बड़े वैज्ञानिक उन्ही चीजो की खोज आज करके भी उसी प्रमाणिकता को प्राप्त करते है जो हमारे पूर्वजो ने की थी क्या आपको पता है कि गाय के घी(Cow Ghee)में कितनी गुणवत्ता है शायद ये बहुत कम लोगो को जानकारी है तो आइये जानते है गाय के देशी घी का महत्व हमारे जीवन में क्या है-


Gaay Ke Puraane Ghi Ke Gun


क्या आप जानते है-

  1. यज्ञ में देशी गाय के घी(Cow Ghee)की आहुतियां देने से पर्यावरण शुध्द होता है गाय के घी में चावल मिलाकर यज्ञ में आहुतियां देने से इथिलीन आक्साइड और फाममोल्डिहाइड नामक यौगिक गैस के रूप में उत्पन्न होते हैं इससे प्राण वायु शुध्द होती है ये दोनों यौगिक जीवाणरोधक होते हैं-
  2. प्रातः सूर्योदय के समय एवं सायंकाल सूर्यास्त के समय गाय का घी(Cow Ghee)और चावल मिलाकर दो-दो आहूतियां मंत्र के साथ देने पर आसपास का वातावरण कीटाणु रहित(Disinsected)हो जाता है-
  3. गाय के  घी से आहुतियां देने पर यह देखा गया है कि जितनी दूर तक यज्ञ के धुएं का प्रभाव फैलता है उतनी ही दूर तक वायुमंडल में किसी प्रकार के कीटाणु नहीं रहते है और वह क्षेत्र पूरी तरह से कीटाणुओं से मुक्त हो जाता है-
  4. कृत्रिम वर्षा कराने के लिए वैज्ञानिक, प्रोपलीन आक्साइड गैस का प्रयोग करते हैं-गाय के घी से आहुति देने पर यह गैस प्राप्त होती है प्राचीन काल में भू-जल का उपयोग कृषि में सिंचाई के लिए नहीं किया जाता था-यज्ञ होते रहने से समय-समय पर वर्षा होती रहती थी-
  5. शरीर में पहुंचे रेडियोधर्मी विकिरणों का दुष्प्रभाव नष्ट करने की गाय के घी में असीम क्षमता हैं
  6. अग्नि में गाय का घी कि आहुति देने से उसका धुआँ जहाँ तक फैलता है वहाँ तक का सारा वातावरण प्रदूषण और आण्विक विकरणों से मुक्त हो जाता हैं और सबसे आश्चर्यजनक बात तो यह है कि एक चम्मच गौघृत को अग्नि में डालने से एक टन प्राणवायु (ऑक्सीजन) बनती हैं जो अन्य किसी भी उपाय से संभव नहीं हैं -

गाय के घी(Cow Ghee)से लाभ-

  1. हमारे बुजुर्ग कहा करते थे पुराना घी गुणी होता है जी हाँ ये सच है जितना ही गाय का घी पुराना हो उतना ही गुणी हो जाता है पुराना घी तीक्ष्ण, खट्टा, तीखा, उष्ण, श्रवण शक्ति को बढ़ाने वाला घाव को मिटाने वाला, योनि रोग, मस्तक रोग, नेत्र रोग, कर्ण रोग, मूच्छा, ज्वर, श्वांस, खांसी, संग्रहणी, उन्माद, कृमि, विष आदि दोषों को नष्ट करता है दस वर्ष पुराने घी को कोंच, ग्यारह वर्ष पुराने घी को महाघृत कहते हैं-
  2. स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए प्रतिदिन रात्रि को सोते समय दो बूंद देशी गाय का गुनगुना घी दोनों नाक के छेदों में डालें-यह घी रात भर मस्तिष्क को प्राणवायु पहुंचाता रहता है और विद्युत तरंगों से मस्तिष्क को चार्ज करता रहता है इससे मस्तिष्क की शक्ति बहुत बढ़ जाती है यदि यह क्रिया प्रातः, अपराह्न और रात को सोते समय  कई माह तक की जाती रहे तो श्वास के प्रवाह में आने वाली बाधाएं दूर हो जाती हैं और अनेक पुराने रोग ठीक हो जाते हैं-
  3. नाक में दो बूंद गाय का घी डालने से शुष्कता, सूजन, रक्तस्राव, सर्दी, सायनस संक्रमण, नासिका गिल्टी आदि ठीक हो जाते हैं और वायु मार्ग खुल जाने से श्वास की बाधा दूर हो जाती है तथा नाक में घी डालने के साथ-साथ दो बूंद घी नाभि में डालें और फिर अंगुली से दोनों ओर थोड़ी देर घुमाएं-गाय का घी अपने हाथ से पांव के तलवों पर मालिश करें, इससे बहुत अच्छी नींद आती है शांति और आनन्द प्राप्त होता है-बस एक माह कर के देखे-
  4. देसी गाय के घी को रसायन कहा गया है जो जवानी को कायम रखते हुए आपके बुढ़ापे को दूर रखता है तथा काली गाय का घी नियमित खाने से बूढ़ा व्यक्ति भी जवान जैसा हो जाता है-
  5. गाय के घी में स्वर्ण छार पाए जाते हैं जिसमे अदभुत औषधिय गुण होते है जो की गाय के घी के इलावा अन्य घी में नहीं मिलते है गाय के घी से बेहतर कोई दूसरी चीज नहीं है-
  6. गाय के घी में वैक्सीन एसिड, ब्यूट्रिक एसिड, बीटा-कैरोटीन जैसे माइक्रोन्यूट्रीस मौजूद होते हैं जिस के सेवन करने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है गाय के घी से उत्पन्न शरीर के माइक्रोन्यूट्रीस में कैंसर युक्त तत्वों से लड़ने की क्षमता होती है-
  7. यदि आप गाय के 10 ग्राम घी से हवन अनुष्ठान (यज्ञ) करते हैं तो इसके परिणाम स्वरूप वातावरण में लगभग 1 टन ताजा ऑक्सीजन का उत्पादन कर सकते हैं-यही कारण है कि मंदिरों में गाय के घी का दीपक जलाने कि तथा धार्मिक समारोह में यज्ञ करने कि प्रथा प्रचलित है इससे वातावरण में फैले परमाणु विकिरणों को हटाने की अदभुत क्षमता होती है और नकारात्मक उर्जा भी समाप्त होती है-

गाय के घी(Cow Ghee)का रोग पर उपयोग-

  1. गाय के घी से बल और वीर्य बढ़ता है और शारीरिक व मानसिक ताकत में भी इजाफा होता है-
  2. गाय का घी नाक में डालने से कोमा से बहार निकल कर चेतना वापस लोट आती है-गाय का घी नाक में डालने से पागलपन दूर होता है गाय का घी नाक में डालने से एलर्जी खत्म हो जाती है-
  3. आयुर्वेद विशेषज्ञो के अनुसार अनिद्रा का रोगी शाम को दोनों नथुनो में गाय के घी की दो-दो बूंद डाले और रात को नाभि और पैर के तलुओ में गौघृत लगाकर लेट जाय तो उसे प्रगाढ़ निद्रा आ जायेगी-
  4. नाक में घी डालने से नाक की खुश्की दूर होती है और दिमाग तारो ताजा हो जाता है- गाय का घी नाक में डालने से लकवा का रोग में भी उपचार होता है-
  5. गाय के घी का नियमित सेवन करने से एसिडिटी व कब्ज की शिकायत कम हो जाती है-
  6. आपको यदि अगर अधिक कमजोरी लगे तो एक गिलास दूध में एक चम्मच गाय का घी और मिश्री डालकर पी लें-
  7. गाय का घी नाक में डालने से बाल झडना समाप्त होकर नए बाल भी आने लगते है-
  8. गाय के घी को नाक में डालने से मानसिक शांति मिलती है याददाश्त तेज होती है इसलिए पहले के लोगो में उर्जा और ज्ञान का अभाव नहीं था मुंह-जबानी पूरा ग्रन्थ रट लिया करते थे -
  9. हिचकी के न रुकने पर खाली गाय का आधा चम्मच घी खाए-हिचकी स्वयं रुक जाएगी-
  10. गाय का घी नाक में डालने से कान का पर्दा बिना ओपरेशन के ही ठीक हो जाता है-
  11. हथेली और पांव के तलवो में जलन होने पर गाय के घी की मालिश करने से जलन में आराम आयेगा-
  12. गाय का घी न सिर्फ कैंसर को पैदा होने से रोकता है और इस बीमारी के फैलने को भी आश्चर्यजनक ढंग से रोकता है देसी गाय के घी में कैंसर से लड़ने की अचूक क्षमता होती है इसके सेवन से स्तन तथा आंत के खतरनाक कैंसर से बचा जा सकता है-
  13. गाय के पुराने घी से बच्चों को छाती और पीठ पर मालिश करने से कफ की शिकायत दूर हो जाती है-
  14. हाथ पाव मे जलन होने पर गाय के घी को तलवो में मालिश करें जलन ढीक होता है-
  15. बीस से पच्चीस ग्राम घी व मिश्री खिलाने से शराब, भांग व गांझे का नशा कम हो जाता है-
  16. सांप के काटने पर 100 -150 ग्राम घी पिलायें उपर से जितना गुनगुना पानी पिला सके पिलायें जिससे उलटी और दस्त तो लगेंगे ही लेकिन सांप का विष कम हो जायेगा-
  17. फफोलो पर गाय का देसी घी लगाने से आराम मिलता है।गाय के घी की झाती पर मालिस करने से बच्चो के बलगम को बहार निकालने मे सहायक होता है-
  18. दो बूंद देसी गाय का घी नाक में सुबह शाम डालने से माइग्रेन दर्द ढीक होता है सिर दर्द होने पर शरीर में गर्मी लगती हो, तो गाय के घी की पैरों के तलवे पर मालिश करे, सर दर्द ठीक हो जायेगा-
  19. जिस व्यक्ति को हार्ट अटैक की तकलीफ है और चिकनाइ खाने की मनाही है तो गाय का घी खाएं, हर्दय मज़बूत होता है-
  20. संभोग के बाद कमजोरी आने पर एक गिलास गर्म दूध में एक चम्मच देसी गाय का घी मिलाकर पी लें इससे थकान बिल्कुल कम हो जाएगी-

  21. एक बात याद रहे कि गाय के घी के सेवन से कॉलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ता है तथा वजन भी नही बढ़ता है बल्कि ये वजन को संतुलित करता है यानी कि कमजोर व्यक्ति का वजन बढ़ता है और मोटे व्यक्ति का मोटापा(वजन)कम होता है इसमें ये दोनों ही गुण है-
  22. एक चम्मच गाय का शुद्ध घी में एक चम्मच बूरा और 1/4 चम्मच पिसी काली मिर्च इन तीनों को मिलाकर सुबह खाली पेट और रात को सोते समय चाट कर ऊपर से गर्म मीठा दूध पीने से आँखों की ज्योति बढ़ती है-
  23. गाय का घी एक अच्छा(LDL)कोलेसट्रॉल है उच्च कोलेस्ट्रॉल के रोगियों को गाय का घी ही खाना चाहिए तथा यह एक बहुत अच्छा टॉनिक भी है-अगर आप गाय के घी की कुछ बूँदें दिन में तीन बार,नाक में प्रयोग करेंगे तो यह त्रिदोष (वात पित्त और कफ) को संतुलित करता है-
  24. गाय के घी को ठन्डे जल में फेंट ले और फिर घी को पानी से अलग कर ले यह प्रक्रिया लगभग सौ बार करे और इसमें थोड़ा सा कपूर डालकर मिला दें-इस विधि द्वारा प्राप्त घी एक असर कारक औषधि में परिवर्तित हो जाता है जिसे जिसे त्वचा सम्बन्धी हर चर्म रोगों में चमत्कारिक मलहम कि तरह से इस्तेमाल कर सकते है यह सोरायसिस के लिए भी कारगर है-
  25. घी और छिलका सहित पिसा हुआ काला चना और पिसी शक्कर(बूरा)तीनों को समान मात्रा में मिलाकर लड्डू बाँध लें-प्रातः खाली पेट एक लड्डू खूब चबा-चबाकर खाते हुए एक गिलास मीठा कुनकुना दूध घूँट-घूँट करके पीने से स्त्रियों के प्रदर रोग में आराम होता है तथा पुरुषों का शरीर मोटा ताजा यानी सुडौल और बलवान बनता है -
  26. तो क्या फिर अभी भी सोच रहे है आप आज से ही गाय का शुध घी घर लाये कुछ खाए और कुछ पुराना होने को रख दे ये सोच कर कि कभी न कभी आपको इसकी जरुरत पड़ सकती है- 
  27. REED MORE-
  28. कब्ज का घरेलू उपचार 
Upchar और प्रयोग-

कब्ज का घरेलू उपचार क्या है

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जीवन की आपाधापी और अनियमित खान-पान के कारण आज लोगों में कब्ज(Constipation)एक आम बीमारी हो गई है यह आपके पाचन तंत्र का एक विकार है वैसे मनुष्य में अलग-अलग प्रकार से मल निष्कासन का समय निर्धारित है कोई दिन में एक बार कोई दोनों समय और किसी-किसी को तीन बार की आदत होती है जब मल जादा कठोर या गाढ़ा या सूखा हो जाता है और जिसको त्यागने पर आपको जोर लगाना पड़ता है ये कब्ज(Constipation)का प्रमुख कारण है-

कब्ज का घरेलू उपचार क्या है

कब्ज(Constipation)रोगी को पेट फूलना गैस बनना आदि लक्षण भी देखने को मिलता है-ये रोग किसी भी उम्र में हो सकता है लेकिन महिलाओं-बुजुर्गो-दूकान या आफिस में गद्दी पर जादा देर बैठने वाले लोगों में Constipation अधिक पाया जाता है-

Constipation होने पर ध्यान रक्खे-

1- कब्ज(Constipation)का मूल कारण शरीर मे तरल की कमी होना है पानी की कमी से आंतों में मल सूख जाता है और मल निष्कासन में जोर लगाना पडता है इसलिए जिनको कब्ज बार -बार होता है उनको दिन-भर में चार -पांच लीटर तक पानी पीने की आदत डालनी चाहिए-इससे कब्ज निवारण में काफी मदद होती है-

2- आप अपने भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन जादा करे क्युकि हरी पत्तेदार सब्जियों और फ़लों में प्रचुर रेशा पाया जाता है और मेरी राय है कि अपने भोजन मे करीब 700 ग्राम हरी शाक या फ़ल या दोनो चीजे शामिल करें-

3- आप सूखा भोजन ना लें-अपने भोजन में सरसों के तेल और गाय के घी की मात्रा का उचित स्तर बनाये रखें- चिकनाई वाले पदार्थ से दस्त साफ़ आती है-

4- सुबह उठने के बाद नींबू के रस को काला नमक मिलाकर पानी के साथ सेवन कीजिए-इससे आपका पेट साफ होगा और गैस की भी शिकायत दूर होगी-

    कैसे दूर करे कब्ज(Constipation)-


    1- इसबगोल की भूसी का सेवन कब्‍ज(Constipation)के लिए रामबाण दवा है इसे दूध या पानी के साथ रात में सोते वक्‍त इसबगोल की भूसी लेने से कब्‍ज समाप्‍त होता है-
      2- हर रोज रात में हर्र को पीसकर बारीक चूर्ण बना लीजिए तथा इस चूर्ण को कुनकुने पानी के साथ पीजिए आपका कब्‍ज(Constipation)दूर होगा और पेट में गैस बनना बंद हो जाएगा-

      3- पूरा पका हुआ अमरूद और पपीता कब्‍ज के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं अमरूद और पपीता को किसी भी समय खाया जा सकता है-

      4- पालक का रस पीने से कब्‍ज(Constipation)की शिकायत दूर होती है तथा खाने में भी पालक की सब्‍जी का प्रयोग करना चाहिए-

      5- मुनक्‍का में कब्‍ज नष्‍ट करने के तत्‍व मौजूद होते हैं आप 6-7 मुनक्‍का रोज रात को सोने से पहले खायें इससे कब्‍ज समाप्‍त होती है-

      6- बीस ग्राम त्रिफला रात को एक लिटर पानी में भिगोकर रख दीजिए और सुबह उठने के बाद त्रिफला को छानकर उस पानी को पी लीजिए- इससे कुछ ही दिनों में कब्‍ज की शिकायत दूर हो जाएगी-

      7- अंजीर के फल को रात भर पानी में डालकर भिगों दे  इसके बाद सुबह उठकर इस फल को चबा कर खाने से कब्‍ज की शिकायत समाप्‍त होती है-

      8- किशमिश को पानी में कुछ देर तक डालकर भिगों दे तथा इसके बाद किशमिश को पानी से निकालकर खा लीजिए- इससे कब्‍ज की शिकायत दूर होती है-

      9- कब्‍ज के लिए शहद बहुत फायदेमंद है-रात को सोने से पहले एक चम्‍मच शहद को एक गिलास पानी के साथ मिलाकर नियमित रूप से पीने से कब्‍ज दूर हो जाता है-

      10- रात को सोते वक्‍त अरंडी के तेल को हल्‍के गरम दूध में मिलाकर पीजिए इससे आपका पेट साफ होगा-

      11- रात को सोते समय एक गिलास गरम दूध पियें- मल आंतों में चिपक रहा हो तो दूध में 3-4 चम्मच कास्टर आईल (अरंडी तेल) मिलाकर पीना चाहिये-

      12- टमाटर के मौसम में टमाटर का बहुतायात से सेवन करें- टमाटर कब्ज के लिए रामबाण दवा है- सबेरे भूखे पेट एक गिलास टमाटर का रस पीना आपको काफी लाभ पहुंचायेगा-

      13- एक और बढिया तरीका है-अलसी के बीज का मिक्सर में पावडर बना लें- एक गिलास पानी मे 20 ग्राम के करीब यह पावडर डालें और 3-4 घन्टे तक फूलने के बाद अलसी छानकर यह पानी पी जाएं- बेहद उपकारी ईलाज है-

      14- खाली पेट सेब फल खाने से भी कब्ज में काफी राहत मिलती है-लेकिन ये ध्यान रहे कि सेब फल छिलके सहित खाना चाहिए-

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      आप कब्ज का करें घरेलू उपचार
        Upcharऔर प्रयोग-

        कन्धे के दर्द का घरेलू उपाय-Kandhe Ke Dard Ka Ghrelu Upaay

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        आज हर व्यक्ति की भागती दौडती जिंदगी में कभी-कभी घर के काम-काज, Mental stress और दिन के कई कार्यों को करने के बाद बदन टूट जाता है ऐसे में कंधों में दर्द(Shoulders Pain)होना बहुत सामान्‍य बात है हर किसी को ज्‍यादा थकान के बाद सबसे ज्‍यादा कंधों में दर्द होता है Shoulder pain होने पर आप हर बार डॉक्‍टर के पास नहीं भाग सकते हैं जानते है कि कंधों में दर्द में आपको क्‍या करना चाहिए-

        Shoulder Pain


        आइये आप सबसे पहले इसके कारण को समझे-

        थकान के कारण शरीर की Muscles  दर्द करने लगती हैं उनमें Tension आ जाता है और वह किसी भी प्रकार के काम को करने में अक्षम(Incompetent)हो जाती हैं ऐसे में शरीर को आराम की सख्‍त जरूरत होती है हर बार डॉक्‍टर के पास भागने से अच्‍छा है कि आप खुद से अपना ध्‍यान रखें और हल्‍के दर्द पर कुछ घरेलू उपायों को अपनाएं और अगर आपको इनसे कोई आराम न मिलें और आपको लगे कि समस्‍या काफी गंभीर है व ये दर्द सामान्‍य नहीं है तो फिर आप डॉक्‍टर से परामर्श लें-

        कंधों(Shoulders)में दर्द के लिए क्या करें-

        कंधे में होने वाले दर्द में Ice Treatment बहुत फायदा करता है आइस पैक बनाएं और उसे दर्द होने वाली जगह पर रख सेंक दें आपको काफी राहत महसूस होगी-

        आप कंधों पर किसी से हल्‍के हाथों से Massage करवाएं इससे बहुत आराम मिलता है दर्द में राहत पाने के लिए ये सबसे अच्‍छा तरीका होता है इससे मांसपेशियों को आराम मिलता है और रक्‍त का संचार(Blood circulation )भी भली-भांति होता है-

        रोजमेरी का फूल(Rosemary flower)कंधे के दर्द में बहुत फायदा करता है इसे उबाल कर इसका काढ़ा पीने से काफी लाभ मिलता है-

        कभी-कभी  गलत Pillow लगाने से भी दर्द होने लगता है कंधे में दर्द होने पर तकिया न लगाएं या फिर सॉफ्ट तकिया लगाएं-

        कई बार कंधें में दर्द,मांसपेशियों की कमजोरी की वजह से होने लगता है ऐसे में आप दर्द को दूर करने के लिए प्रोटीन, कैल्‍शियम और विटामिन का ओरली सेवन करें-

        कंधे के दर्द का तेल(Shoulder Pain Oil)बनाये-

        सरसों का तेल -200 ग्राम
        लहसुन - 50 ग्राम
        अजवायन - 25 ग्राम
        लौंग - 10 ग्राम

        सरसों के तेल में बाकी सभी चीजों को धीमी आंच पे किस बर्तन में डाल के पका ले जब सभी चीजे जल कर काली हो जाए तेल को ठंडा करके के छान ले और एक कांच की शीशी में रख ले जब कभी जादा दर्द हो आप इस तेल से हल्के हाथो से मालिस करे निश्चित आराम होगा- REED MORE

        Upcharऔर प्रयोग-

        23 अक्तूबर 2016

        क्या आपको भी बहुत गुस्सा आता है

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        बहुत से लोगो को जाने क्यों बात-बात पे गुस्सा(Anger)आ जाता है जबकि ये गुस्सा आना एक खराब चीज है क्युकि गुस्सा अक्ल को ही खा जाता है भले ही आप कितने भी समझदार(sensible)और अक्लमंद(Intelligent) है मगर क्रोधावेश में आप की अक्ल काम नहीं करती है यदि आपको बहुत गुस्सा आता है तो आप उसे नियंत्रण(Control)कर सकते है आपके गुस्से को कम करने का भी तरीका है बस कुछ बातों का पालन करके आप अपने गुस्से पर काबू पा सकते हैं-

        You also you get very angry


        आप क्या करे और क्या न करे-

        1. अपने आपको उस काम में व्यस्त रखें जो आपको पसंद हो और जो आपको अच्छा लगता है वह आपको करना चाहिए-कई बार काम की वजह से  Frustration और तारीफ़ या सराहना न मिलने की वजह से इंसान नाराज या गुस्सा(Anger)हो जाता है अगर आप वो काम कर रहे हैं जिसमें आप अच्छे हैं तो आपको Frustration नहीं होगा-
        2. हास्य(Humor)सबसे अच्छा और बेहतरीन इलाज है हास्य हर नकारात्मक(Negative)स्थिति में काम आता है अपना मूड ठीक रखें जोक्स क्रेक करें-कॉमेडी फिल्म देखें-सकारात्मक(पॉजीटिव)किताबें पढ़ें और म्यूजिक सुनने से आप अपने गुस्से को शांत कर सकते हैं यह सब गुस्से को मैनेज करने में आपकी मदद करते हैं-
        3. हमेशा दूसरों के नजरिए से सोचने की कोशिश करें-अधिकांश हमें किसी एक व्यक्ति के प्रति गुस्सा(Anger)आता है और वह बढ़ते जाता है लेकिन जरूरी नहीं है कि वह व्यक्ति गलत हो-उसके नजरिए से सोचने की कोशिश करें और माफ करना सीखें-यह आपको बहुत मदद देगा-
        4. अगर यहां सब अपनाने के बाद भी आपके गुस्से में फर्क नहीं आता या गुस्सा बढ़ रहा है गुस्सा आना जितना आप सोचते हैं उससे भी ज्यादा आम बात है-गुस्से और तनाव का जिंदगी से गहरा रिश्ता है लेकिन अगर हमें मन और परिस्थिति पर नियंत्रण करने का तरीका आता है तो इस तनाव की छाया हमारे मन और तन पर नहीं पड़ सकती है-
        5. चौबीस घंटे में पांच-सात मिनट मौन(Silence)रखें-मौन का अर्थ है अपने से भी बात न करें सिर्फ ध्यान रखिए मौन और चुप्पी(taciturnity)में फर्क है-हम लोग चुप्पी रखते हैं और उसी को मौन मान लेते हैं-पति-पत्नी के बीच कुछ वार्तालाप हो जाए या कुछ खटपट हो जाए और बात नहीं करना हो तो बच्चों के माध्यम से बात की जाती है-बच्चे से बोल दिया पिताजी से कह देना यह ले आना और पिताजी ने कह दिया समय नहीं है-उनसे पूछो आज आप बात नहीं कर रहे हैं-उन्होंने कह दिया आज अपना मौन है-
        6. ये चुप्पी बाहर का मामला है और मौन भीतर घटता है-चुप्पी वाला मौन तो लोगों को दिन भर में दस-बारह बार हो जाता होगा-इसलिए दो मिनट,पांच मिनट एकदम मौन हो जाइए-मौन का एक लाभ होता है कि हमारा क्रोध नियंत्रित हो जाता है क्रोध जीवन और भक्ति दोनों में बाधा है-
        7. ध्यान के द्वारा विषय का संग होने से मन में विषय को प्राप्त करने और भोगने की कामना उत्पन्न हो जाती है और विघ्न उपस्थित होने पर क्रोध पैदा हो जाता है यह क्रोध कोई नया पैदा नहीं होता,चित्त में प्रसुप्त क्रोध ही जाग्रत हो जाता है यह तत्काल तो जीव के शरीर तथा मन को जलाता ही है और भी पुष्ट होकर विच्छिन्न अवस्था में लौटता है-
        8. उस प्रकार बार-बार क्रोध करते रहने से क्रोध बलवान होता जाता है जब जीव प्रबल क्रोध की पकड़ में होता है तो अपना 'मैं' भूल जाता है-उसे कौन,क्या,कैसा,किस जगह का भी ध्यान नहीं रहता-बस साक्षात क्रोध रूप ही हो जाता है-
        9. योग और ध्यान के माध्यम से ही आप क्रोध से छुटकारा पा सकते हैं योग और गुरुमंत्र का प्रभाव से क्रोध को कम किया जा सकता है यदि अवसर मिले तो योग्य गुरु से दीक्षा(diksha)अवश्य लें मगर गुरु सात्विक,निरपेक्ष,सदाचारी,व्यसन से दूर रहने वाला हो-व्यापारी गुरु,लालची गुरु कभी भी आपका भला नहीं कर सकते है अगर ऐसा गुरु उपलब्ध नहीं होता है तो आप अपने इस्ट को ही मन ही मन अपना गुरु मान कर दीक्षा ले ले -
        गुस्से(Anger)पर कैसे नियंत्रण पायें-

        1. जब गुस्सा बहुत आता हो तो धरती माता को अर्घ्य देना चाहिये प्रार्थना करे कि माँ मै भी सहनशील बनूँ और बात- बात में गुस्सा न करूँ -धरती माता को रोज सुबह उठकर हाथ से पाँच बार छूकर प्रणाम करें और सबसे विशाल ह्रदय धरती माँ से अपने गुस्से पर काबू करने और सहनशील होने का वरदान मागें-
        2. जिनको गुस्सा बहुत आता हो और बात- बात में चिढ जाते हो वे लोग सोमवार कों एक टाइम रोटी खाएं और एक टाइम उपवास करें और रात कों चन्द्रमा कों अर्घ दें और चन्द्र देव से प्रार्थना करे कि मेरा मन शांत रहे मुझे गुस्से पर काबू पाने की शक्ति दें-
        3. पके मीठे सेब बिना छीले प्रातः खाली पेट चबा-चबाकर पन्द्रह दिन लगातार खाने से गुस्सा शान्त होता है-बर्तन फैंकने वाला,तोड़ फोड़ करने वाला और पत्नि और बच्चों पर हाथ उठाने वाला व्यक्ति भी अपने क्रोध से मुक्ति पा सकेगा-इसके सेवन से दिमाग की कमजोरी दूर होती है और स्मरण शक्ति भी बढ़ जाती है-
        4. प्रतिदिन प्रातः काल आंवले का एक पीस मुरब्बा खायें और शाम को एक चम्मच गुलकंद खाकर ऊपर से दुध पी लें-बहुत क्रोध आना शीघ्र ही बन्द होगा-

        5. गुस्सा आने पर दो तीन गिलास खूब ठंडा पानी धीरे धीरे घूँट घूँट लेकर पिएं-पानी हमारे शारीरिक तनाव को कम करके क्रोध शांत करने में मददगार होता है-
        6. गुस्सा ज्यादा आता हो तो पलाश के छोटे छोटे पत्तों की सब्जी खाने से गुस्सा, क्रोध और पित्त शांत होता है-
        7. खट्टी चीज़ खाने से आँखें जलती हैं और स्वभाव बिगड़ता है तथा गुस्सा आता है और अकारण जलन होती है इनसे दूर रहने का प्रयास करे-
        8. रविवार को अदरक, टमाटर, लाल रंग के कपड़े, गुस्सा बढ़ाते हैं अत: इनका कम से कम प्रयोग करें-
        9. यदि गुस्सा आने वाला हो तो 5-6 बार गहरी गहरी साँस लीजिए और कुछ पलों के लिए अपनी आँखे बंद करके ईश्वर का ध्यान करें उन्हें प्रणाम करें उनसे अपना कोई भी निवेदन करें-यह गुस्सा कम करने का सबसे बढ़िया तरीका है इससे आप भड़कने से पहले ही निश्चित रूप से शांत हो जाएँगे-
        10. जिस स्त्री का पति हर समय बिना बात के ही गुस्सा करता रहता है तो वह स्त्री शुक्ल पक्ष के प्रथम रविवार, सोमवार, गुरुवार या शुक्रवार किसी भी दिन एक नए सफेद कपड़े में एक डली गुड़, चांदी एवं तांबे के दो सिक्के,एक मुट्ठी नमक व गेहूं को बांधकर अपने शयनकक्ष में कहीं ऐसी जगह छिपा कर रख दें जहाँ पति को पता न चले-इसके प्रभाव से भी पति का गुस्सा धीरे-धीरे कम होने लगेगा-
        11. मन में गुस्सा आये तो "हरि ॐ शांति हरि ॐ" शांति बोलते रहो तथा मिर्च कम खाया करे ये तामसी प्रदार्थ है ये गुस्से को बढाता  है-तथा खाना चबा-चबा कर खाया करो तो गुस्सा आना कम होगा-
        12. चिडचिडापन और मानसिक तनाव दूर करने के लिए “शंखपुष्पीसिरप’’ 2 से 4 चम्मच सुबह-शाम ले-
        13. जिन्हे ज्यादा गुस्सा आता हो उन्हें चाय, काफी, मदिरा से परहेज करना चाहिए ये शरीर को उत्तेजित करते है उसके स्थान पर छाछ, मीठा दूध या नींबू पानी का प्रयोग करना चाहिए-
        14. जिन को गुस्सा ज्यादा आता हो वो अपने पास एक आईना रखें गुस्सा आते ही आईने में देखें-अपने आप गुस्सा कम होने लगेगा लेकिन खुद ही को गुस्सा आये तो देखना है आइना औरों को दिखाओगे तो आप मुसीबत में पड़ जाओगे-
        15. समान्यता गुस्सा सामने वाले से ज्यादा उम्मीदें पालने से आता है इसलिए कभी भी सामने वाले से बहुत ज्यादा उम्मीदें ना पालें जिससे आपकी बात ना मानने पर भी आपका दिल बिलकुल ना दुखे-
        16. गुस्सा आये तो गुस्से को देखो,गुस्से में तपो मत,गुस्से का उपयोग करो-मगर सामने वाले का अहित ना करो-
        17. बड़ों पर गुस्सा आये तो उनके चरणों में मत्था टेक दो कि माफ़ कर दो हमें आप पर गुस्सा आ रहा है ऐसा मन में भी कर सकते हैं बड़ों के आगे अपने अहम् को पिघला दो-अथवा तो ईश्वर के चरणों में मत्था टेक दो कि हमें बड़ों पर गुस्सा आ रहा है अब आप ही संभालो-अहम् में ही गुस्सा आता है-क्युकी वास्तव में आप कुछ हो ही नहीं फिर ये आप किस चीज का अहम करते हो यदि धन वैभव बल का अहम है तो ये हमेशा आपके साथ रहने वाला नहीं है-
        18. गुस्सा आ रहा है तो एक घूंट पानी की मुंह में डाल दो और धीरे-धीरे पानी को नीचे उतरने दो इससे भी गुस्से की गर्मी, पित्त शांत हो जायेगा-
        19. यदि गुस्सा आया है तो हाथ की उँगलियों के नाखून हाथ की गद्दी पर लगा कर मुट्ठी बंद कर लो फिर मन में ज्ञान स्वरुप ईश्वर की सत्ता से जान रहा हूँ ऐसा विचार करते हुए आप गुस्से का उपयोग करें-
        20. यदि आपके ऊपर कोई क्रोध करता है आप उस समय जीभ तालू में लगा लें और उस पर क्रोध न करो ये क्रोध उसका आवेश है बाकी गहराई में तो तू ही है,तू ही है,तू ही है ऐसा सोचे आप देखेगे कि शत्रु पानी पानी हो जायेगा-शत्रु से तुम भिड़ोगे तो हारे तो भी हारे और अगर जीते तो भी अहंकार तुमको हरा देगा और शत्रु तो हार के गया अभी दब गया लेकिन बाद में कभी मौका मिला तो आपको पकड़ लेगा और शत्रु में ये ईश्वरीय सिद्धांत देखा तो शत्रु आपका मित्र हो जायेगा-
        21. जितना आप नौकर से पगार दे के उससे काम नहीं ले सकते उतना शत्रु को मित्र बनाओ तो आपको काम लेना नहीं पड़ेगा वो आपका काम करने लगेगा-जब भी कोई शत्रुता करता है तुमको कुछ सुनाता है,क्रोध करता है उस समय जीभ तालू में लगा दो-शत्रु के रूप में तुम परम मित्र हो-ये भी एक योग है कुछ दिन के अभ्यास से आप शत्रु पर विजय प्राप्त करना सीख जायेगे-
        तनाव भरी स्थिति में कैसे खुश रहें-

        1. किसी घटना अथवा बात पर अपना दिमाग खराब न करें-कोई घटना हो गई हो तो उस पर दिमागी मंथन तो कतई न करें,सदा प्रसन्नचित्त रहने का प्रयास करें-
        2. जब आप घर में हों तो बच्चों के साथ खूब मस्ती करें उछल-कूद करें यह क्रिया आपको एनर्जी देगी और मन प्रफुल्लित रखेगी-वैसे भी बच्चों के साथ सारे टेंशन दूर हो जाते हैं-
        3. हर व्यक्ति अपने जीवन में किसी न किसी संस्था से जुड़ा होता है आप भी किसी खेल, सामाजिक, सांस्कृतिक या रचनात्मक संस्था से जुड़ें और उसके लिए अपना समय निकाले फिर देखें आपका तनाव कैसे कम होता है-
        4. अध्यात्म और धर्म के लिए भी कुछ समय निकालें इससे मन प्रफुल्लित रहता है कुछ समय अपने स्वयं के लिए भी निकालें यानी अपनी पसंद का कोई काम करें एकांत में ध्यान करें-
        5. सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक कभी भी पंद्रह मिनट का समय निकालकर गहरी-गहरी सांस लें, यह आपके फेफड़े और शरीर को ऊर्जा प्रदान करेगी-इस साधना के अन्य बहुत से फायदे हैं-
        6. परेशानियां और उलझनों के बारे में जितना सोचते हैं वे उतना ही परेशान करती हैं और दिमागी रूप से मानव को कमजोर कर देती हैं इसलिए खुद भी खुश रहें और दूसरों को भी खुश रखें-
        7. अपने गुस्से पर काबू रखें ये गुस्सा मनुष्य को खा जाता है तथा व्यक्तित्व का नाश करता है और समाज में नीचा दिखाता है जब आपको किसी बात पर गुस्सा आए तो अपने को किसी अन्य काम में व्यस्त कर लें, कमरे से बाहर निकल जाएं, संबंधित विषय से हट जाएं, कई तरीके हैं तनाव पर काबू पाने के-
        8. जब आप गुस्से, तनाव और ‍विपिरीत परिस्थिति को काबू करना सीख जाएंगे तो आपका व्यक्तित्व निखर आएगा-
        9. पोस्ट की बकवास पढ़ कर अगर क्रोध आ रहा है तो अभी जीभ को तालू से लगाए और फिर मिलते है आपके लिए कुछ और बातें लेकर-
        10. देखे-  क्या आपका बच्चा(Child)जादा गुस्सा करता है 
        Upcharऔर प्रयोग-

        22 अक्तूबर 2016

        तम्बाखू छोड़ने के कुछ घरेलू प्रयोग आजमायें

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        हमने आपको अपनी पिछली सभी पोस्ट में आपको तम्बाखू(Tobacco)से होने वाली हानियों और रोगों के बारे में अवगत कराया था लेकिन आप तम्बाखू छोड़ने के लिए किन-किन चीजों का इस्तेमाल करके इस पर आसानी से विजय प्राप्त कर सकते है अब आपको इस पोस्ट में बताने का प्रयास करते है जिनका प्रयोग आप यदि थोड़े समय कर लेते है तो जल्द ही आप तम्बाखू(Tobacco)या सिगरेट से मुक्ति प्राप्त कर सकते है-

        तम्बाखू छोड़ने के कुछ घरेलू प्रयोग आजमायें

        तम्बाखू(Tobacco)धुम्रपान छोड़ने का उपाय-


        1- सबसे पहले आप अजवाइन में नींबू और काला नमक डालकर दो दिन तक भीगने दें और फिर इसे सुखा लें अब इस मिश्रण को जब भी तंबाकू खाने की तलब लगे आप मुंह में रख लें आपको ऐसा लगेगा जैसे आप तंबाकू(Tobacco)खा रहे हैं और ये आपको यह जानकर हैरानी होगी कि केवड़ा, गुलाब, खस का फाहा बनाकर कान में रखने से भी तंबाकू की लत छूट जाती है-

        2- बेकिंग सोडा से भी निकोटिन छोडऩे में मदद मिलती है बात दरअसल ये है कि बेकिंग सोडा मूत्र में पीएच की मात्रा को बढ़ाने का काम करता है जिससे निकोटिन कम मात्रा में शरीर से बाहर निकलता है इससे निकोटिन लेने की इच्छा कम होती है एक चुटकी भर बेकिंग सोडा को पानी मिलाकर लिया जा सकता है-

        3- यदि आपको तम्बाखू(Tobacco)मुंह में रखने की आदत है तो इसका तोड़ है सौंफ और मिश्री-इसके लिए सौंफ के साथ मिश्री के दाने मिलाकर धीरे धीरे चूसें आप कुछ दिनों में फर्क खुद देखें-

        4- आप विटामिन सी खूब लें या फिर आप सिट्रस फ्रूट खाएं-इससे निकोटिन लेने की इच्छा कम होती है तथा इसके अलावा एक उपाय ये भी है कि जब स्मोकिंग की इच्छा हो तो आप थोड़ा सा नमक चाट लें-

        5- तंबाकू छोडऩे का एक और अच्छा सा आसान उपाय है दालचीनी-इसे चबाने से तंबाकू लेने की इच्छा कम होती चली जाती है-

        6- एक्सरसाइज करने से निकोटिन लेने की इच्छा कम होती जाती है इसके अलावा अपनी पसंद का कोई और काम भी कर सकते हैं या खाली समय में खुद को किसी गेम आफिस के काम में व्यस्त रक्खे- 

        7- च्युइंग गम चबाने से धीरे-धीरे सिगरेट और तंबाकू चबाने की आदत छूट जाती है निकोटिन रिप्‍लेसमेंट थेरेपी भी कारगर है इसके जरिए आप एडिक्‍शन सिंड्रोम से बाहर आ सकते हैं-

        8- नशे की आदत को छोड़ने के लिए अदरक को आप एक घरेलु उपाय के रूप में अपनाएं और इसके कुछ टुकड़ों को काटकर निम्बू के रस में भिगोकर रख दें तथा साथ ही आप इसमें थोडा सा काला नमक और थोड़ी सी अजवायन भी जरुर डाल दें तथा इसके सुख जाने के बाद आप इन्हें एक डिबियां में अपने साथ रखें और जब भी आपको नशा करने की तलब उठे तो आप इसमें से एक या दो टुकड़े मुंह में डाल कर चूसें इससे आपका तम्बाखू से मन हट जाता है और साथ ही आपको अजीर्ण, अरुचि और कब्ज जैसी समस्याओं से भी मुक्ति मिलती है ये सबसे उत्तम प्रयोग है-

        9- अदरक के अलावा आप अपने साथ थोड़ी सी सौंफ, इलायची, हरड और सुखें आंवलें भी रख सकते है और इन्हें नशे की ललक होने पर अपने दाँतों के नीचे दबा लें इससे भी जल्द आपको नशे की आदत से छुटकारा मिल जायेगा और आपको खट्टी डकार, पेट फूलना और भूख न लगना जैसी समस्यों से भी निजात मिलेगी-

        10- नशे की आदत पड़ने पर व्यक्ति का पाचन तंत्र खराब हो जाता है और उसको भूख नही लगती किन्तु आप हरड की या अनारदाने की गोली का इस्तेमाल करें तो आपको भूख भी लगेगी और आपका पाचन तंत्र भी ठीक हो जाएगा हरड आपकी नशे की तलब को भी शांत रखता है-

        11- पानी, निम्बू के रस और शहद का मिश्रण तम्बाखू खाने वाले व्यक्ति के शरीर से सभी तरह के विषैले तत्वों को बाहर कर देता है तो आप भी थोडा गुनगुना पानी कर लें और उसमे थोड़ी मात्रा में निम्बू का रस मिलाकर, शहद के साथ इसका सेवन करें लेकिन आप इस उपाय को कम से कम एक महिना जरुर अपनायें-आपको आश्चर्यजनक रूप से लाभ प्राप्त होगा-

        12- इनके अलावा भी आप कुछ आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का इस्तेमाल तम्बाखू को छोड़ने के लिए कर सकते है जैसे कि असंगध, ब्राही, शंखपुष्पी, जटामांसी, त्रिफला, मुलहठी, द्राक्षासव, अश्वगंधा अवलेह और अग्नितुण्डी आदि-

        Upcharऔर प्रयोग-

        21 अक्तूबर 2016

        तम्बाखू के प्रकार और उसके दुष्प्रभाव

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        Tobacco-तम्बाखू के सेवन से शरीर के विभिन्न अंगों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है हालांकि ये कोई नई बात  नहीं हैं क्योंकि पहले भी कई शोधों में तंबाकू सिगरेट और गुटके के नुकसान साबित हो चुके है तथा इसके साथ ही Tobacco होने वाले दांतों के नुकसान भी साबित हो चुके है तथा ये भी सत्य है कि दुनियाभर के देशों में भारत के लोगों को तम्बाखू(Tobacco)से मुंह का कैंसर व अन्य तरह के कैंसर का सबसे अधिक खतरा रहता है फिर भी आज लोग तम्बाखू के गुलाम बने हुए है-

        तम्बाखू के प्रकार और उसके दुष्प्रभाव


        हमारे देश में तम्बाखू(Tobacco)का उपयोग किस-किस रूप में किया जाता है आइये जरा इस पर भी थोडा प्रकाश डाल लेते है-तम्बाखू के प्रयोग को ध्यान में रखते हुए इसे दो प्रकार की श्रेणियों में बांटा गया है-

        धुआं रहित(Smoke free)तम्बाखू-


        गुटका
        गुल
        सनस
        मैनपुरी तम्बाखू
        तम्बाखू और चुना
        तम्बाखू, सुपारी और चुने का मिश्रण
        तम्बाखू वाला पान इत्यादि

        धुम्रपान(Smoking)युक्त तम्बाखू-


        हुक्का
        चिलम
        सिगरेट
        बीडी
        सिगार
        हुकली
        चुट्टा इत्यादि

        तम्बाखू(Tobacco)से होने वाले दुष्प्रभाव-


        1. तम्बाखू(Tobacco)में निकोटिन, कार्बन मोनोऑक्साइड, परफैरोल और फोस्फोरल प्रोटिक एसिड आदि जैसे अनेक भयानक तत्व है जो शरीर में अनेक तरह की बीमारियाँ पैदा करते है और व्यक्ति को शारीरिक को मानसिक रूप से क्षति पहुंचाते है तम्बाखू(Tobacco)होने वाली बीमारियों की लिस्ट भी बहुत लम्बी है लेकिन कुछ प्रमुख रोग से अवगत कराते है-
        2. तम्बाखू को खाने वाले व्यक्ति को सबसे पहला नुकसान उसके अपने फेफड़ों को पंहुचता है जब कोई व्यक्ति तम्बाखू(Tobacco)को चबाता है तो ये थूक के साथ व्यक्ति की श्वास नाली से होते हुए फेफड़ों तक जाता है और सिलिया परत पर जाकर जम जाता है ये सिलिया हमारे फेफड़ों के अंदर की एक परत है जिसमे छोटे छोटे बाल होते है तम्बाखू इन बालो में जमकर स्वाश नाली को और फेफड़ों को रोक देता है जिससे व्यक्ति को श्वास लेने में दिक्कत होती है और उसे श्वास सम्बन्धी रोग हो जाते है इसके साथ ही इन्हें खासी और थकान होने लगती है. कई बार तो व्यक्ति नीला भी पड जाता है जिसका कारण शरीर में ऑक्सीजन की कमी होता है और उसे अस्थमा(Asthma)का रोग हो जाता है-
        3. तम्बाखू का सेवन करने से व्यक्ति की नलिकाओं में चर्बी भी जमा हो जाती है जिसकी वजह से खून के संचार में कठिनाइयाँ उत्पन्न हो जाती है और खून का दौरा ठीक न होने की वजह से ही व्यक्ति को हार्टअटैक, लकवा और खून की धमनियों के फटने की संभावना बढ़ जाती है अगर कोई व्यक्ति अपनी कम उम्र में ही तम्बाखू के सेवन की लत का शिकार हो जाता है तो फिर उसको इन बीमारियों के होने की संभावना दोगुनी हो जाती है तथा खासतौर पर हार्टअटैक की संभावना सबसे अधिक होती है-
        4. अगर पुरुष धुंआ युक्त तम्बाखू या धुआंरहित तम्बाखू का सेवन करता है तो उसके शुक्राणु असामान्य होकर कम हो जाते है और उसे नपुंसकता तक होने की संभावना होती है.तथा वहीँ महिलाओं के तम्बाखू सेवन से उनके प्रजनन तंत्र और प्रजनन क्षमता में कमी आ जाती है और इनके बांझपन होने की संभावना बढ़ जाती है अगर कोई महिला गर्भावस्था में तम्बाखू का सेवन करती है तो उसके भूर्ण में स्थित शिशु की मृत्यु भी हो सकती है या उसे अचानक गर्भपात भी कराना पड़ सकता है-
        5. हमारी आँखों की पुतलियों के पीछे एक पर्दा होता है जिसे रेटिना कहा जाता है जब लाइट किसी वास्तु पर पड़कर हमारी आँखों पर आती है तो ये इसी परदे पर जाती है और हम उस वास्तु को देख पाते है अर्थात रेटिना की वजह से ही हम देख पाते है किन्तु तम्बाखू के खाने से ये पर्दा धीरे धीरे खराब होने लगता है और इस पर एक धुंधली सी परत जम जाती है जिसकी वजह से व्यक्ति देख नही पाता और उसे मोतियाबिंद से लेकर अंधापन तक होने की संभावना बनी रहती है-
        6. तम्बाखू सेवन से कैंसर जैसे रोग के होने का खतरा बढ़ जाता है तथा इसके सेवन से आप एक तरह के ही नही बल्कि अनेक तरह के कैंसर होने की संभावना होती है जैसे कि मुहं का कैंसर,गले का कैंसर,वौइस् बॉक्स का कैंसर,भोजन नली का कैंसर,गुर्दे का कैंसर,पैंक्रियास का कैंसर,गर्भाशय का कैंसर,क्रोनिक ब्रांकाइटिस आदि-
        7. तम्बाखू के सेवन से व्यक्ति के शरीर, बालों, कपड़ों और हाथों से गन्दी दुर्गंध आने लगती है. उसके दांत पीले और उँगलियों पर पीले धब्बे पड जाते है. इनके चेहरे, आँखों और मुहं पर झुर्रियां आदि पड जाती है-
        8. देखे-  तम्बाखू Tobacco छोड़ने के घरेलू प्रयोग 
        Upcharऔर प्रयोग-

        सिगरेट-तम्बाखू में क्या-क्या होता है क्या आप जानते हैं

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        नशा में सबसे अधिक खतरनाक तम्बाखू(Tobacco)का नशा माना जाता है इसके सेवन से जीवन शक्ति का नाश होता है और फिर एक बार इसकी लत पड़ने के बाद किसी भी व्यक्ति के लाख कोशिश करने बावजूद भी सिगरेट-तम्बाखू(Tobacco)सेवन करना नही छोड़ पाता है और सबसे विचित्र बात ये है कि सबको पता है कि तम्बाखू का सेवन हानिकारक होता है लेकिन फिर भी इसका सेवन करने वालो की संख्या करोडो में है-

        सिगरेट-तम्बाखू में क्या-क्या होता है क्या आप जानते हैं

        तम्बाखू(Tobacco)Nicotiana नामक पेड़ की प्रजाति की पत्तियों को सुखा कर बनाया जाता है तम्बाखू नामक जहर धीरे धीरे शरीर के सभी अंगो को नुकसान पहुंचाता है और एक दिन व्यक्ति की मृत्यु के साथ ही खत्म होता है-

        सिगरेट-तम्बाखू(Tobacco)में पाए जाने वाले कितने विष है-


        निकोटिन
        पपरीडीन
        अमोनिया
        परफैरोल
        कोलोडान
        मार्श गैस
        कार्बन मोनोऑक्साइड
        कार्बोलिक एसिड
        फोस्फोरल प्रोटिक एसिड
        ऐजलिन सायनोजोन

        तम्बाखू(Tobacco)का शरीर पर क्या प्रभाव है-


        निकोटिन(Nicotine)से आपको  कैंसर, ब्लड प्रेशर आदि की परेशानी होती है और कोलोडान(Kolodan)की उपस्थिति से आपको स्नायु दुर्बलता और सिरदर्द की समस्या हो सकती है तथा कार्बन मोनोऑक्साइड(Carbon monoxide)से दिल की बीमारी, दमा, अंधापन आदि होता है तम्बाखू में मौजूद अमोनिया(Ammonia)आपके शरीर की पाचन शक्ति में कमी लाता है और पित्ताशय विकृत जैसी बिमारी का शिकार हो सकते है-

        तम्बाखू में पाया जाने वाला पपरीडीन(Ppreedin)आपकी आँखों में खुजली और अजीर्ण की शिकायत पैदा करता है तथा इसमें मौजूद परफैरोल(Prfarol)आपके दांतों को पीले, मैले और कमजोर करता है-

        सिगरेट पीने पर मार्श गैस(Marsh Gas)पैदा होती है जिससे नपुंसकता और शक्तिहीनता उत्पन्न होती है तम्बाखू में पाया जाने वाला कार्बोलिक एसिड(Carbolic acid)चिडचिडापन, विस्मरण और निद्रा में परेशानी लाता है-

        ऐजलिन सायनोजोन(Aejlina Cyanogen)से रक्त विकार और भी अनेक समस्यायें हो सकती है तथा फोस्फोरल प्रोटिक एसिड(Fosforl protein acid)-उदासी, टी. बी., थकान और खांसी आदि पैदा करता है-

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        Upcharऔर प्रयोग-

        क्या आप वास्तव में तम्बाखू छोड़ना चाहते है

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        तम्बाखू(Tobacco)की लत जिस व्यक्ति को एक बार लत लग जाती है तो फिर इसे छोड़ना बड़ा ही मुश्किल काम होता है और यदि तम्बाखू(Tobacco)खाने या पीने वाला व्यक्ति इसे छोड़ने का प्रयास भी करता है तो उसे तनाव, बैचेनी, अनिंद्रा, भूंख न लगना और कभी-कभी कुछ लोगों को तो खून की उल्टियाँ आदि समस्या का भी सामना करना पड़ सकता है-

        क्या आप वास्तव में तम्बाखू छोड़ना चाहते है

        क्या आप दिल से तम्बाखू(Tobacco)छोड़ना चाहते है-


        1- ये भी हो सकता है कि आप तम्बाखू(Tobacco)दिल से छोड़ना चाहते हो और लेकिन तम्बाखू आपको नशा छोड़ने नही देता और जब भी आप इसे छोड़ने की कोशिश करते हो तो आपको और भी अधिक तम्बाखू खाने की तलब लगने लग जाती है इस तरह तम्बाखू(Tobacco)को छोड़ने के लिए व्यक्ति अपने आप को मुस्किल में फंसा हुआ पाता है-

        2- यदि आप वास्तव में दिल से तम्बाखू(Tobacco)छोड़ना चाहते ही है तो आपको कठोर निर्णय लेने की आवश्यकता होगी क्युकी तम्बाखू की तलब आपको ये निर्णय नहीं करने देता है जब कोई ये सोचता है कि हम कल से तम्बाखू छोड़ देगें तो यह समझ ले उसका निर्णय कठोर नहीं है क्यूंकि कल पर क्यों टाल रहे है इसलिए आप निर्णय लेने में सक्षम व्यक्ति हो ही नहीं सकते है इसलिए मजबूत निर्णय लें और अभी से छोड़ने का निर्णय ले लें -

        3- चलो शायद आप ये निर्णय ले लेते है हालांकि आपका संकल्प शायद चंद दिन का हो लेकिन फिर भी प्रयास करे शायद आपको धन-जीवन दोनों का लाभ मिले अब आप अपना शेडूयुल ऐसा बनाएं कि आपकी दिनचर्या व्यस्त हो जिससे आपका ध्यान तम्बाखू(Tobacco)खाने की तरफ न जाएँ आप सुबह जल्दी उठ कर थोडा योग प्राणायाम आदि कर ले तो आपको तम्बाखू छोड़ने में जादा ही आसानी होगी-

        4- जब आप तम्बाखू को छोड़ने का निश्चय कर लें तो आप इसके बारे में अपने परिजनों और मित्रो को भी बता दें तथा साथ ही उन्हें आपने लक्ष्य प्राप्ति में सहायता करने के लिए भी कहें या आप चाहे तो अपने मित्रो से तम्बाखू(Tobacco)को छोड़ने के लिए शर्त भी लगा सकते है और ये शर्त सब के सामने लगाएं शर्त की कीमत अधिक बड़ी हो तो आपको हमेशा एक प्रकार का भय बना रहेगा तथा आप अपनी संगत का भी ध्यान रखें अर्थात आप ऐसे लोगो के साथ उठाना बैठना बंद कर दें  जो तम्बाखू(Tobacco)या किसी अन्य नशे का सेवन करते है एक कहावत है सौ बुरे से एक अच्छा होता है-

        5- यदि आपके सामने कोई बीडी सिगरेट तम्बाखू जैसी कोई भी चीज का सेवन करता है तो आप तुरंत ही वहां से हट जाएँ तथा अपने पास बीडी, सिगरेट और तम्बाखू जैसे किसी भी नशीले पदार्थ को भी रखना छोड़ दें तथा लिए गए संकल्प को दिन में कई बार अवश्य दोहराए-

        6- हमको भी कभी जीवन में सिगरेट का नशा लग गया था या ये समझ ले रात जागने के कारण मुझे इसकी लत लग गई थी घर में सभी को बुरा लगता था अन्त में एक दिन कठोर संकल्प के साथ गुरु की कसम लेनी पड़ी और सबसे प्यारा मुझे मेरे गुरु थे इसलिए जीवन में कभी फिर इसका सेवन नहीं किया-

        7- आपको गुटका,तंबाकू,पान इत्यादि खाने से इसीलिए भी बचना चाहिए क्योंकि इनके निर्माण में कई तरह के रसायन और खुशबुदार कलर्स का इस्तेमाल होता है जिससे आपके हार्मोंस तो प्रभावित होते ही हैं साथ ही आपके डी एन ए को भी नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ जाती है-

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        Upcharऔर प्रयोग-

        गुटका और तम्बाखू से आप क्यों बचें

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        आज लोग गुटका(Gutkha)पान मसाला, तंबाकू, धूम्रपान और इसी तरह की कितनी ही चीजों के आदी होते जा रहे हैं कुछ लोग तो नशे की चीजों को खाने के लिए हरदम बेचैन रहते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं ऐसा करके आप खुद को ही कुएं में डाल रहे हैं यानी ऐसा करने से आप बीमारियों को खुद बुलावा दे रहे हैं-

        गुटका और तम्बाखू से आप क्यों बचें

        गुटखे(Gutkha)के पाउच की रंग-बिरंगी पैकिंग खोलकर अपने मुंह में डालें तो इस बात का भी ध्यान रखें कि इससे न केवल आपको मुंह का कैंसर हो सकता है बल्कि इससे आपके दांत भी खराब हो सकते हैं और इतना ही नहीं है गुटखे(Gutkha)में मौजूद कई किस्म के रसायनों से आपके डीएनए(DNA)को भी नुकसान हो सकता है-

        क्या आप जानतें हैं पान मसाला, तम्बाखू और गुटका आपके शरीर पर बहुत ही नकारात्मक प्रभाव डालते हैं इतना ही नहीं इनका प्रभाव कई बार इतना खतरनाक होता है कि आपको कैंसर तक हो सकता है सिर्फ बीमारियां ही नहीं इनसे व्याक्ति का हार्मोंन संतुलन भी बिगड़ने लगता है और सेक्स हार्मोंस भी प्रभावित होते हैं-

        गुटका(Gutkha)और आपका सेक्स हार्मोन्स-

        1- गुटका(Gutkha), तंबाकू और इसी तरह की अन्य चीजों से आपको मुंह के कैंसर का सबसे अधिक खतरा रहता है इसके साथ ही आपकों मुंह की कई और समस्याएं भी हो सकती हैं इतना ही नहीं गुटका इत्यादि चीजों से आपके दांत भी खराब हो जाते हैं और आपको सांस संबंधी बीमारियां होने का खतरा भी रहता है-

        2- आपको गुटका, तंबाकू, पान इत्यादि खाने से इसीलिए भी बचना चाहिए क्योंकि इनके निर्माण में कई तरह के रसायन और खुशबुदार कलर्स का इस्तेमाल होता है जिससे आपके हार्मोंस तो प्रभावित होते ही हैं साथ ही आपके डीएनए को भी नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ जाती है-

        3- अब तो शोधों में भी ये बात साबित हो चुकी है कि गुटका(Gutkha)व इसी तरह की अन्य चीजों के सेवन से शरीर के विभिन्न अंगों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है हालांकि ये बात नई नहीं हैं क्योंकि पहले भी कई शोधों में तंबाकू और गुटके के नुकसान साबित हो चुके है इसके साथ ही इनसे होने वाले दांतों के नुकसान भी साबित हो चुके है-

        4- दुनियाभर के देशों में भारत के लोगों को मुंह का कैंसर व अन्य तरह के कैंसर का सबसे अधिक खतरा रहता है इसका सबसे बड़ा कारण भारतीयों द्वारा गुटके(Gutkha)का अधिक से अधिक प्रयोग-दरअसल गुटके में मिलाया जाने वाला तंबाकू, सुपारी, चूना, नशीले पदार्थ और कत्था इत्यादि से शरीर के एंजाइम्स पर बहुत बुरा असर पड़ता है इससे शरीर के हर हिस्से में पाए जाने वाले इन एंजाइम्स की कार्यशैली और कार्यक्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है-

        5- क्या आप जानते हैं शरीर में मौजूद एंजाइम्स हार्मोंस के उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं ऐसे में एंजाइम्स को सेक्स हार्मोंस को बनाने में उस समय दिक्क‍तें आने लगती हैं जब गुटके के प्रभाव से एंजाइम्स की कार्यक्षमता प्रभावित होती है-

        6- इतना ही नहीं गुटके(Gutkha)के कारण शरीर में मौजूद टॉक्सिन की प्रक्रिया भी बाधा होती है क्योंकि गुटके से टॉक्सिन बनाने वाले हार्मोंस की प्रक्रिया में भी बाधा होने लगती है-

        7- हमारे कहने का अर्थ है गुटके के खाने से डायरेक्ट और इनडायरेक्ट सेक्स हार्मोंस बहुत प्रभावित होते है इतना ही नहीं जो पुरूष बहुत अधिक गुटके का सेवन करने लगते हैं या लगातार गुटका खाने लगते हैं उनके नंपुसक होने की संभावना दुगुनी हो जाती है यानी गुटके(Gutkha)से कई और बीमारियों के साथ ही सबसे अधिक नेगेटिव प्रभाव सेक्स हार्मोंस पर पड़ता है और यदि गर्भवती महिलाएं गुटके का सेवन करती हैं तो उनके होने वाले बच्चे पर इसका नेगेटिव प्रभाव पड़ता है-

        8- यदि आप तम्बाखू गुटके(Gutkha)से बचे तो आपको किसी डॉक्टर से नपुंसक होने की दवा नहीं पूछनी पड़ेगी न ही आपके पैसे की बर्बादी होगी-

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        19 अक्तूबर 2016

        मकान की नकारात्मक उर्जा कैसे हटाये

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        बहुत से लोगों की ये शिकायत रहती है कि हमारे पास पैसा तो आता है लेकिन बरकत नहीं होती है तथा पैसा कहां चला जाता है कुछ भी पता नहीं चलता है शायद आपके मकान में नकारात्मक उर्जा(Negative Energy)मौजूद हो लेकिन आपको अज्ञानतावश इसकी जानकारी न हो तो मित्रों यदि आप भी इस तरह की समस्या से परेशान हों तो इसका आसान सा हल वास्तु विज्ञान में मौजूद है-

        Negative Energy


        वास्तु विज्ञान के अनुसार इस तरह की परेशानी का कारण नकारात्मक ऊर्जा(Negative Energy)है मकान के किसी कमरे में अकेले जाने या उस कमरे में सोने से डर लगने का कारण भी यही है परिवार में अक्सर खींचा-तानी चलती रहती है तो इसका कारण भी नकारात्मक ऊर्जा(Negative Energy)हो सकती है-

        ये सच है कि जब हम किसी नए मकान को बना के उसमे प्रवेश करते है या फिर किराए के एक मकान को छोड़कर किसी दूसरे किराये के मकान में शिफ्ट करते है तो पूजा करने का एक विधान है क्युकि मंत्रोच्चारण एवं शंख ध्वनि एवं घंटी आदि से उस स्थान पे स्थित नकारात्मक उर्जा(Negative Energy)का प्रभाव समाप्त हो जाता है-

        नया घर की नई शुरुआत या बदलाव और जीवन के विभिन्न पहलुओ संबंधी नई चुनौतियो की शुरुआत होता है इसमें कोई आश्चर्य नही है की धर्म और संस्कृति में नये घर में परवेश से पहले की जाने वाली शुद्धिकरण प्रक्रिया को अत्यधिक महत्व  दिया जाता है यह समारोह घर से Negative Energy को दूर करता है-

        यूँ तो हर घर में नये घर की शुद्धिकरण की अपनी-अपनी विधियाँ होती है परन्तु कुछ आम व बेहद प्रभावी चीज़ो की जानकारी से आपको अवगत करा  रहे है जिनका प्रयोग आप अपने घर के शुद्धिकरण के लिए कर सकते है जब आप किराए के मकान को बदल कर नए किराए के मकान में भी प्रवेश करते है तब भी आप ये निम्नलिखित बात प्रयोग करे तो आपको सुख-शान्ति का अनुभव होगा-

        नकारात्मक उर्जा(Negative Energy)हटाने के लिए क्या करें-
        1. प्राचीन काल से ही पानी(जल)को बेहद शक्तिशाली शुद्धिकरण(Purification)तत्व  माना जाता रहा है यदि आप नल के आम पानी को भी एक  कटोरी मे भर लें और इसे 3 से 4 घंटे तक इससे सूरज की रोशनी में पड़ा रहने दें तब भी ये पानी चार्ज होकर शुद्धिकरण के लिए तैयार है कटोरी को हाथ में लेकर ईश्वर से प्रार्थना करते हुये सबसे पहले अपना मनोरथ तय करें तथा शुद्धिकरण  के लिए ताज़ा आम या अशोक पत्तियों से आप सारे घर में इस जल के छींटे दे-
        2. अग्नि(Agni)भी स्वच्छ करने वाला एक ताकतवर तत्व  है एक अगरबत्ती या लोबान  जला कर सारे घर में घुमाएँ तथा इस दौरान आप पवित्र पुस्तकों से या ग्रन्थों से मंत्रोंचरण करते रहें-इसके धुएँ को घर के कोने तक पहुंचाए और अपने नये घर में स्वयं और परिवार के लिए प्रसन्नता की कामना करें-
        3. नमक को भी एक शक्तिशाली शुद्धिकरण(Purification)तत्व माना जाता रहा है अच्छी मात्रा में नमक को कमरों में कोने-कोने रात को फैला दें-ये नमक आपके घर की नकारात्मक उर्जा को सोख लेता है और सुबह इस नमक को झाड़ू से साफ कर घर से बाहर कर दें ताकि घर से नकारात्मक उर्जा(Negative Energy) भी इसके साथ बाहर हो जाए और अगर नियमित पोछा लगाते समय पानी में थोडा सा नमक मिला के पोछा लगाये तो नकारात्मक उर्जा के साथ ही सम्पन्नता का आगमन भी होता है ये देखने में साधारण सी बात लगती है लेकिन जीवन में आपके आनंद और सम्पन्नता से सराबोर करने की शक्ति रखती है जिनको विश्वास नहीं उनका इलाज इस दुनियां में नहीं है-
        4. ध्वनि भी सकारात्मक उर्जा को गति देती है और इससे घर को शुद्ध भी किया जा सकता है आप प्रार्थना करके और अपने मनोरथ तय करने के बाद अपनी पसंद की किसी ध्वनि तकनीक का इस्तेमाल करें जो आप पसंद करते हों जैसे कुछ लोग कमरे में तालियो की आवाज़ की गूँज भरना पसंद करते हैं जो किसी भी स्थान में सकारात्मक उर्जा व विचारों को आकर्षित करती है कुछ लोग पूजा में प्रयोग होने वाली घंटियों को बजाते होये पूरे घर में चक्कर लगातें है तथा ढोल की लयबद्ध ध्वनि से किसी भी स्थान में उर्जा का उच्च स्तर पैदा किया जा सकता है और किसी वाध्यन्त्र के स्थान पर आपकी अपनी आवाज़ भी एक शक्तिशाली शुद्धीकरण तत्व का काम कर सकती है-
        5. किसी भी नये घर में मंत्रोच्चारण-गुनगुनाना या भजन गायन भी इसे शर्तिया तौर पर उर्जा से भर देता है और सबसे उत्तम शंख ध्वनि है जिसके प्रयोग से घर की सभी नकारात्मक उर्जा का बहिस्कार हो जाता है और शंख में भर कर जल को आप घर में प्रक्षालन(छिडकना)कर सकते है-
        6. नये घर के हर कमरे और स्थान पर जाकर मंत्रोच्चरण करने हेतु अरोमाथेरेपी(Aromatherapy)में इस्तेमाल होने वाले तेल को छिड़के और कोनों पर विशेष ध्यान दें जहा आमतौर पर नकारत्मक उर्जा का स्थान होता  है इस तेल की खुशबू घर की शुद्धि के लिए काफ़ी ताकतवर तत्व  के रूप में काम करती है-
        7. यदि आप ऐसे घर में प्रवेश  करने वाले है जहाँ आपसे पहले भी कोई रहता था तो उसकी शुद्धिकरण का सबसे प्रभावी तरीका  है कि उस घर के पूर्व निवासियों दवारा पीछे छोड़ी गई नकारात्मक उर्जा को हटाने के लिए घर की अच्छी तरह से सफाई करके वहाँ नया पेंट करवाया जाए-ऐसा करने का सबसे उपयुक्त मौका तभी होता  है जब वह घर खाली होता है खाली मकान को पर्याप्त समय के लिए खिड़किया व दरवाज़ों को खुला रहने दें ताकि सूर्य की रोशनी और हवा भीतर तक प्रवेश कर सकारात्मक तरंगों से घर भर दें-
        8. आप अपने घर की खिड़कियों को चौबीस घंटे में से कम से कम पच्चीस मिनट के लिए जरुर खोलें ताकि घर में सकारात्मक ऊर्जा को प्रवेश करने का और नकारात्मक उर्जा को बाहर निकलने का रास्ता निकल पाएं वैसे आजकल लोगों ने अपनी प्राइवेसी के लियें बंद कमरों का निर्माण करना शुरू किया है जिनके कमरे में हवा और सूर्य की रौशनी नहीं जा पाती है इस बाद को भी ध्यान देगें तो पता चलेगा उस कमरे में रहने वालों को जादा बीमारियाँ भी होती है और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता(Immunity)भी कम होती जाती है-

        9. आप अपने घर में पूजा स्थान में नियमित रूप से गाय के देशी घी का दीपक अवश्य जलाएं-गाय के देशी घी के दीपक से दो फायदे होते है नकारात्मक उर्जा के साथ-साथ आपके घर के प्रभावी बैक्टीरिया को भी खत्म कर देता है अब तो गाँव के मकानों में गाय के गोबर से लीपने की प्रथा भी समाप्त होती जा रही है जबकि गाय के गोबर में बैक्टीरिया का खत्म करने की अदभुत शक्ति होती है-
        10. घर के पूजा स्थान के मंदिर में देवी-देवताओं पर चढ़ाए गए फूल-हार को दूसरे दिन अवश्य हटा देना चाहिए-
        11. देखे-  नकारात्मक उर्जा हो तो पूजा में भी बाधा होती है
        12. अनावश्यक वस्तु, सूखे पौधे या सूखे फूलों का गुलदस्ता आपके घर में निराशा को बढ़ाते हैं-इसलिए इन्हें घर से बाहर कर दें-यदि रखना ही है तो ताजे फूलों के गुलदस्ते रक्खें-
        13. यदि आपके घर में कोई ख़राब विद्युत उपकरण है तो उसे घर में नहीं रखें और अगर ठीक नहीं हो सकते तो घर से बाहर कर दें-
        14. नियमित साफ-सफाई नहीं होने से दीवारों व सामानों पर धूल-मिट्टी जम जाती है जिससे घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है इसलिए नियमित सफाई अवश्य करें अगर सीरियल देखने से फुर्सत मिल जाये-
        15. देखे-  Evil Eye-नजर लगना क्या है क्या है वैज्ञानिक आधार
        16. देवी-देवताओं की मूर्तियां उपहार में देना व घर में शो-पीस के रूप में सजाना भी ठीक नहीं है-देवी देवाताओं की मूर्ति किसी को गिफ्ट भी देने से देवी-देवताओं की कृपा जाती रहती है-
        17. घरों में अनावश्यक फर्नीचर और बड़ी-बड़ी आकृतियां रखना सकारात्मक ऊर्जा के संचार में बाधा उत्पन्न करता है-अत: घर में केवल उपयोगी वस्तुएं ही रखें-अनावस्यक वस्तुओं को आप अपनी छत पर किसी एक कोने में रक्खें-
        18. घर में तुलसी के पौधे के स्थापना अवस्य करे ये घर के वातावरण को शुद्ध करने के साथ-साथ नकारात्मक उर्जा के प्रवेश पे प्रतिबंध लगाती है और आप उत्तर के कोण में तुलसी का पौधा ही लगाएं-
        19. देखे-  पुखराज-Topaz की पहचान और लाभ 
        Upcharऔर प्रयोग -