Menstruation-मासिक धर्म की जानकारी अपनी बेटी को पहले ही दें

जवानी की दहलीज पर कदम रखते ही लड़के और लडकियों में अनेक तरह के बदलाव होना शुरू हो जाते है इन बदलाओं से सभी लड़के-लड़कियां जानकारी के अभाव में चिंता ग्रस्त होते है इनमे से कई लड़कियों के दिल में अनेक प्रकार की उलझन भी होती है युवा लड़कियों को डर और चिंता सताने लगती है क्युकि या तो उन्हें Menstruation-मासिक-धर्म के बारे में गलत जानकारी होती है या फिर उन्हें मासिक-धर्म(Menstruation)की ज़रा भी जानकारी नहीं होती है-

Menstruation


मासिक धर्म(Menstruation)की जानकारी जरुरी क्यों-

  1. लड़कियों को जब पहला मासिक-धर्म(Menstruation)होता है तो वे काफी तनाव से गुज़रती हैं और उन्हें अकसर तरह-तरह की भावनाएँ भी आ घेरती हैं लेकिन जो लड़की पहले मासिक धर्म(Menstruation)के लिए तैयार रहती है वह अकसर इसका सामना और भी अच्छी तरह कर पाती है तथा उसे ज़्यादा घबराहट नहीं होती है-
  2. Menstruation-मासिक धर्म शुरू होने से पहले अगर आप अपनी बेटी को पहले से नहीं बताएगें तो फिर उनको कैसे ये ज्ञान होगा कि उनको क्या-कब-और कैसे करना है अधिकतर लडकियों को कोई पहले से इसके बारे में नहीं बताता है लेकिन अचानक ही जब पहली बार मासिक धर्म(Menstruation)हुआ तो उनको कुछ भी नहीं समझ आया कि वो आखिर क्या करें-ज़्यादातर लड़कियाँ इसके लिए बिलकुल भी तैयार नहीं रहती है-
  3. भला खून देखकर कौन नहीं डरता है सच है कि सभी डर जाते हैं ये सभी जानते है कि खून सिर्फ तभी बहता है जब एक इंसान को चोट लगती है और उसे दर्द भी होगा-वह ये भी सोच सकती है कि उसे कोई बीमारी है या फिर उसे अंदर कोई गहरी चोट पहुँची है या फिर जो हो रहा है वह या तो बड़े शर्म की बात है इस तरह कई प्रकार की गलत फहमियाँ भी हो सकती हैं-
  4. जब एक लड़की को मासिक-धर्म(Menstruation)के बारे में सही जानकारी नहीं दी जाती या उसे तैयार नहीं किया जाता है तो वह गलत धारणाओं या मनगढ़ंत बातों को सच मान लेती है या फिर अनजान रहती है इसलिये आपकी बेटी को यह जानने की ज़रूरत है कि मासिक-धर्म में खून बहना भी एक आम बात है और हर सेहतमंद लड़की इससे गुज़रती है जी हाँ-माता-पिता होने के नाते आप उसके दिल से डर या चिंता को दूर कर सकते हैं-
  5. आजकल लड़कियों को Menstruation(मासिक-धर्म)की जानकारी कई तरीकों से मिलती है जैसे-स्कूल के टीचरों से या डॉक्टरों से या फिर किताबों-पत्रिकाओं से मिल जाती है-लेकिन जितनी अनमोल जानकारी लड़की को अपनी माँ या बहन या भाभी से मिलती है उतनी शायद ही कही और से मिलेगी-ये सभी जवान लड़कियों को मासिक-धर्म के बारे में ज़्यादा जानकारी दे सकती हैं और अपनी भावनाओं का सामना करने में उनकी मदद कर सकती हैं अकसर लड़कियाँ मासिक-धर्म के बारे में ज़्यादा जानने के लिए अपनी माँ के पास ही जाती हैं-इस जानकारी में माहवारी के वक्‍त एक लड़की के शरीर में क्या-क्या होता है और वह साफ-सफाई का ध्यान कैसे रख सकती है-
  6. जिन लड़कियों का पहला मासिक-धर्म शुरू होने पर है वे अकसर यह जानने के लिए उत्सुक होती हैं कि इस दौरान क्या होगा-वो सभी स्कूल में दूसरी लड़कियों को इस बारे में बात करते सुनती भी है लेकिन इसके बावजूद भी उनके मन में ढेरों सवाल कुलबुलाते हैं मगर कैसे पूछे यह उन्हें समझ में नहीं आता है या फिर हो सकता है लड़कियों को इस विषय पर बात करने में शर्म महसूस होती होगी-
समझाने की शुरुवात करे-

  1. सबसे पहले अपनी बेटी से मासिक-धर्म(Menstruation)के बारे में बात करने के लिए एक शांत जगह चुनिए फिर बेटी को चंद शब्दों में जवान होने और औरत बनने के बारे में बताइए उसे बताएं कि जल्द ही तुम ऐसे अनुभव से गुज़रोगी जिससे हर लड़की गुज़रती है फिर आप उसे बताएं कि जब मैं तुम्हारी उम्र की थी तो मैं सोचती थी कि माहवारी क्या होती है-मैं और मेरे स्कूल की सहेलियाँ इस बारे में बात करती थीं क्या तुमने और तुम्हारी सहेलियों ने इस बारे में कभी आपस में बात की है?
  2. फिर पता लगाइए कि माहवारी के बारे में आपकी बेटी को कितनी जानकारी है और अगर उसे कोई गलतफहमी है तो फिर आप उस गलतफहमी को दूर कीजिए चूँकि जवानी के सालों के दौरान माहवारी के बारे में लड़कियों का रवैया बदलता जाता है बेटी को नयी चिंताएँ और नए सवाल सताने लग सकते हैं इसलिए आपको लगातार जानकारी देने और उसके सवालों के जवाब देने की ज़रूरत है-अपनी बेटी की उम्र और समझ के हिसाब से तय कीजिए कि कितनी जानकारी देना सही और फायदेमंद होगा-
  3. नौ से बारह साल की लड़कियों को-जिनका पहला मासिक-धर्म(Menstruation)शुरू होनेवाला है उन्हें जो जानना ज़रूरी है अगर उसे सरल शब्दों में समझाया जाए तो वे जल्दी ही समझ जाएँगी जैसे-माहवारी कितने हफ्तों बाद आती है और कितने दिनों तक चलती है तथा इसमें कितना खून बहता है इसलिए मासिक-धर्म के बारे में पहली बार बताते वक्‍त अच्छा होगा अगर आप सिर्फ ज़रूरी बातों पर ध्यान दें और इसका सामना करने के बारे में कारगर सुझाव दें इसके अलावा हो सकता है शायद आपको इस तरह के सवालों का जवाब भी देना पड़े कि मासिक-धर्म के दौरान तम्हें कैसा महसूस होगा? या इस दौरान क्या-क्या होगा?
  4. मासिक-धर्म के वक्‍त शरीर में क्या-क्या होता है अक्सर इस बारे में कोई किताब या पत्रिका, आपको डॉक्टरों, या किसी लाइब्रेरी या पुस्तकों की दुकान से मिल सकती है मासिक-धर्म के बारे में बारीकी से समझाने के लिए यह किताब या पत्रिका काफी मददगार साबित हो सकती है कुछ लड़कियाँ शायद खुद इसे पढ़ना पसंद करें-
  5. देखे-  Uterus-बच्चेदानी में Swelling-सूजन

Upcharऔर प्रयोग-
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