नामर्दी का एक शक्तिशाली प्रयोग Powerful Effeminacy Treetment

नामर्दी का एक शक्तिशाली प्रयोग Powerful Effeminacy Treetment-


बहुत से पाठक गण ने बार-बार हमें पौरुष शक्ति(Masculine Power)बढ़ाने के लिए कुछ अचूक उपाय पूछते रहते है जबकि वास्तविकता ये है कि पहले के लोगों की अपेक्षा आज का दूषित खान-पान ही मनुष्य की दिनों-दिन बढती कमजोरी का कारण है जो लोग वास्तव में अपनी पौरुष कमजोरी को दूर करना चाहते है उनको सबसे पहले अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देना होगा तभी दिए गए नुस्खों का पूर्ण-प्रभाव होता है-

Powerful Effeminacy Treetment

खोई स्टेमिना(Stamina)के लिए-

एक किलो Tamarind(इमली) के बीजों को पांच-सात दिनों तक पानी में भीगे पड़े रहने दें इसके पश्चात उन बीजों को पानी से निकालकर और उनके छिलके उतारकर ठीक तरह से पीस लें-अब आप इसके वजन से दो गुना पुराने गुड़ को मिलाकर इसे आटे की तरह गूंथ लें और फिर इसकी बेर के बराबर गोलियां बना कर रख लें-सेक्स क्रिया करने के दो घंटे पहले इसे दूध के साथ इस्तेमाल करें- इस तरह का उपाय सेक्स करने की ताकत को ये और अधिक मजबूत बनाता है Tamarind Seeds(इमली के बीज) पंसारी से आसानी से मिल जाता है लेकिन देसी इमली के बीज ही ले -

ताकत(Strength)बढ़ाने वाला शक्तिशाली चूर्ण-

सामग्री-

Black Basil Seeds(काली तुलसी का बीज)- 25 ग्राम,
Ground Mishri(पिसी हुई मिश्री)- 30 ग्राम
Real Pyllitory Root(असली अकरकरा)- 5 ग्राम

आप इन सभी को मिलाकर ठीक तरह से कूट-पीस कर किसी एक शीशी में रख दें और रात को भोजन करने के 2 घंटा पहले 10 ग्राम चूर्ण को खाकर ऊपर से एक गिलास ठंडा पानी पी लें- रात के समय भोजन करने के दो घंटे के पश्चात संभोग क्रिया करें-यह चूर्ण पौष्टिक और यौन शक्ति को बढ़ाने वाला होता है-इसका दो हफ्ते (सप्ताह) तक विस्तृत रुप से इस्तेमाल करें- इस चूर्ण का प्रयोग करने तक हो सके तो सेक्स क्रिया न करें-

नामर्दी(Impotency)को दूर करने वाला प्रयोग-

सामग्री-

Black Basil Seeds(काली तुलसी के बीज)- 50 ग्राम
Shivlingi Seeds(शिवलिंगी के बीज)- 50 ग्राम
Semal Seeds(सेमल के बीज)- 50 ग्राम
Kiranti Seeds(खिरैंटी के बीज)- 50 ग्राम
Black Kaunch Seeds(काली कौंच के बीज)- 50 ग्राम
Gangern Dried Root Bark(गंगेरन के जड़ की सूखी छाल)- 50 ग्राम
Chironji Root Bark(चिरौंजी की जड़ की छाल)- 50 ग्राम
Ground Mishri(पिसी मिश्री) -175 ग्राम

आप इन सभी 350 ग्राम सामग्री को मिलाकर बराबर मात्रा में लेकर कूट-पीस लें और इस सब मिश्रण में 175 ग्राम मिश्री को मिलाकर कांच के किसी बर्तन में डाल लें अब इस पावडर से 10 ग्राम दवा रात को सोते समय लेकर ऊपर से एक गिलास दूध पी लें- इस मिश्रण को प्रतिदिन एक महीने तक इस्तेमाल करें- इस मिश्रण को जब तक लेते रहें तब तक अधिक तेल-मसालेदार, चिकनाईयुक्त, भारी भोजन एवं खट्टे पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए- इसके अंर्तगत सेक्स क्रिया नहीं करनी चाहिए- एक महीने तक इसका सेवन करने से यह शरीर में बहुत अधिक शक्ति पैदा कर देता है-

कमजोरी(Weakness)के लिए पौष्टिक खीर-

सबसे पहले बिना छिलके वाली उड़द की दाल को रात के समय में थोड़े से पानी में भिगोकर रख दें और सुबह के समय में इस दाल को निकालकर मिक्सी में पीस लें-इसके बाद इसको दो चम्मच शुद्ध गाय के देशी में गुलाबी होने तक भूनें- फिर इसके बाद 250 ग्राम गर्म दूध कर लें-जब दूध उबलने लग जाए तब उसमें भुनी हुई उड़द की दाल डालकर इसे चम्मच से तक तक चलाते रहें जब तक यह गाढ़ा न हो जाएं- गाढ़ा हो जाने पर इसको नीचे उतार लें- फिर ठंडा हो जाने पर इसके अंदर दो चम्मच शहद डालकर रोजाना सुबह नाश्ता करते समय इस पौष्टिक खीर का इस्तेमाल करें- इसका सेवन करने से शरीर हष्ट-पुष्ट और ताकतवर बनता है- इस खीर का विस्तृत रुप से सेवन कर सकते हैं- इस खीर को सात दिन में कम से कम दो या तीन बार तो जरुर ही इस्तेमाल करना चाहिए- यह खीर सभी उम्र के लोगों के लिए बहुत ही उत्तम है-खायेगे तभी तो जान पायेगे इसकी ताकत का कमाल -तो फिर कल से ही शुरू करे और कहेगें वाह गुरु जी आपने क्या बता दिया-

शक्ति(Power)वर्धक उपाय-

लगभग आधा लीटर गाय के दूध में 150 ग्राम कौंच के बीज को मिलाकर इसे हल्की आग पर पकाने के लिए रख दें और जब यह दूध अच्छी तरह से पककर गाढ़ा हो जाए तो इसे आग से उतार दें- फिर कौंच के बीजों के छिलके को निकालकर इन्हें सिल-बट्टे पर बारीक पीस लें- इसमें अच्छी तरह से मैदा मिलाकर इसको आटे की तरह गूंथ लें- फिर मैदा को जामुन की तरह से गोलियां बना लें- इस गोली को शुद्ध घी के साथ गुलाबी रंगत आने तक इसको भूनें- इसके बाद इसको शक्कर की चाशनी में मिलाकर निकाल लें- अब सभी पदार्थ को एक चौड़े मुंह वाले बर्तन में डालकर उस बर्तन में इतना मधु (शहद) डाले कि मैदा से बनी हुई सारी गोलियां उसमें डूब जाएं- इसमें से एक-एक गोली सुबह और शाम को खाली पेट लेना चाहिए और ऊपर से एक गिलास दूध पी लें- इन गोली का प्रयोग करने के एक घंटे के बाद भोजन को करना चाहिए- यह गोली बुजुर्ग और शादी-शुदा पुरुष दोनों के लिए बहुत ही फायदेमंद है- जिन पुरुषों के शिश्न (लिंग) में तनाव उत्पन्न नहीं होता या वे पुरुष जिनका वीर्य जल्दी ही निकल जाता है उन पुरुषों के लिए यह एक बहुत ही कामगारी उपाय है-

वीर्य(Semen)वर्धक पौष्टिक चूर्ण-

अधिकतर पुरुष काफी मात्रा में अधिक संभोग करते हैं जिसके कारण उनके वीर्य की मात्रा में अधिक कमी और उनके शुक्राणुओं में अधिक दुर्बलता हो जाती है-उनको  2-2 ग्राम असली दालचीनी का बारीक चूर्ण लेकर दूध के साथ सुबह और शाम के समय में इस्तेमाल करना चाहिए- इस चूर्ण का दो महीनों तक प्रयोग करने से इसका लाभ दिखाई देने लगेगा- इसका नियमित रुप से भी इस्तेमाल कर सकते हैं- इसका प्रयोग करने से कोई साइड या बाहरी प्रभाव नहीं पड़ता है- इसके इस्तेमाल करने से वीर्य की तादाद बहुत अधिक बढ़ जाती है- इस चूर्ण के प्रयोग करने से शुक्राणुओं की मात्रा भी बढ़ती है और इसकी संख्या में भी बढ़ोत्तरी होती है-

उत्तेजक(Stimulants)क्षीरपाक-

पीपल की कोमल जड़ और पीपल का फल- इन दोनों को 25-25 ग्राम की मात्रा में लेकर इसको चटनी की तरह से बना लें- फिर इसमें 400 ग्राम पानी और 100 ग्राम दूध मिलाकर इसे हल्की आंच पर रखकर तब तक उबालें जब तक की पानी की मात्रा अच्छी तरह से जल न जाएं- पानी के जलने के बाद जब दूध बाकी रह जाए तो इस दूध को छानकर आधा सुबह और आधा शाम के समय प्रयोग में लाएं- जो पुरुष लिंग में उत्तेजना न आने की वजह से चिंता में रहते हैं उन व्यक्तियों के लिए यह उपयोग बहुत ही अधिक लाभदायक है-

वीर्य(Semen)शुद्धिकरण चू्र्ण-

बबूल का गोंद, बबूल की बिना बीजों वाली कच्ची फलियां और बबूल की कोमल पत्तियां- इन तीनों को बराबर मात्रा में लेकर छाया में सुखाकर अलग-अलग करके कूट लें- फिर तीनों को बराबर-बराबर लेकर आपस में मिला लें- रोजाना के समय एक चम्मच पिसी हुई मिश्री लेकर इसे एक चम्मच चूर्ण के साथ मिलाकर खा लें- फिर इसके ऊपर से एक गिलास गर्म दूध पी लें-इसका इस्तेमाल दो महीने तक विस्तारपूर्वक करने से इससे काफी अधिक फायदा मिलता है- यह वीर्य को अधिक गाढ़ा बनाता है-यह रात को होने वाले स्वप्न रोग, वीर्य का जल्दी गिरना और यौनांग के ढीलेपन एवं कमजोरी जैसे रोगों को समाप्त कर देता है-

सम्पूर्ण कारक(Total Factor)चूर्ण-

आंवला, रुदंती, गिलोय सत्व, अश्वगंधा, हरड़, शतावर, चव्य, नागबला, वृद्धादारु, ब्राह्नी, प्रियंगु, वच, बिदारीकंद, जीवंती, पुनर्नवा, मेदा, महामेदा, काकोली, क्षीर काकोली, जीवन ऋषभक, मुग्दपर्णी, माषपर्णी, कौंच के बीज, तुलसी के बीज, सेमल, मूसली, काकनासा, पिपली बड़ी, जटामांसी, शंखपुष्पी, तालमखाना, सोनापाठा, अंनतमूल, मुलहठी, विधारा, अमलबेत, सोंठ तथा श्वेत चंदन- इन सभी पदार्थों को 50-50 ग्राम की मात्रा में लेकर अच्छी तरह से कूटकर कपड़े से छान लें-इसके अंदर वसंत कुसुमाकर रस तथा सिद्ध चंद्रोदय नं. 1- इन दोनों को भी लेकर 25-25 ग्राम डालकर अच्छी तरह से इसमें मिला दें-इस चूर्ण को आधा-आधा चम्मच की मात्रा में सुबह और शाम के समय में लें-फिर ऊपर से गर्म दूध का इस्तेमाल करें-इस चूर्ण को विस्तारपूर्वक रोजाना तीन महीनों तक खाना चाहिए-फिर इसका इस्तेमाल तीन महीनों के लिए रोककर रखें- इसके बाद फिर तीन महीनों तक इस चूर्ण को लें- इस चूर्ण के प्रयोग से सेक्स क्रिया करने में पूर्ण रुप से सुख की प्राप्ति होती है- यह चूर्ण अधिक पौष्टिक होता है-इस चूर्ण का इस्तेमाल उच्च रक्तचाप, ह्रदय के रोगी तथा शूगर के रोगियों को नहीं करना चाहिए-

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