पुखराज-Topaz की पहचान और लाभ

नवग्रहों के नवरत्नों मे से वृहस्पति का रत्न पुखराज(Topaz)होता है इसे गुरु का रत्न कहा जाता है पुखराज(Topaz)सफ़ेद, पीला, गुलाबी, आसमानी, तथा नीले रंगों मे पाया जाता है किन्तु वृहस्पति गृह के प्रतिनिधि रंग ‘पीला’ होने के कारण पीला पुखराज(Yellow Topaz)ही इस गृह के लिए उपयुक्त और अनुकूल रत्न माना गया है यही वह मुख्य ग्रह है जिसके अनुकूल रहने पर जन्मकुंडली के अन्य पापी अथवा क्रूर ग्रहों का दुष्प्रभाव मनुष्य पर नहीं पड़ता है अत: ज्योतिषी किसी भी जातक की कुंडली का अध्ययन करने से पूर्व उस कुंडली मे वृहस्पति की स्थिति ओर बलाबल पर सर्वप्रथम ध्यान देता है और गुरु कमजोर होने पर पुखराज(Topaz)धारण करने की सलाह देता है-

पुखराज-Topaz


पुखराज(Topaz)को गुरू का रत्न कहा गया है ये पीले रंग का एक सुंदर रत्न होता है तथा पुखराज एक महंगा रत्न है जिसकी कुण्डली में गुरू की स्थिति कमजोर होती है उसे पुखराज पहनने की सलाह दी जाती है गुरू के मजबूत होने से जीवन में आने वाली बाधाओं से राहत मिलती है तथा आप गुरू के शुभ होने पर भी Topaz-पुखराज को धारण कर सकते हैं इसको धारण करने से बधाओं से छुटकारा मिलता है और गुरु की कृपा होती है-

मनुष्य के जीवन पर आकाशीय ग्रहों व उनकी बदलती चालों का प्रभाव अवश्य पड़ता है ऐसे मे यदि कोई मनुष्य अपनी जन्म-कुंडली मे स्थित पाप ग्रहों की मुक्ति अथवा अपने जीवन से संबन्धित किसी अल्पसामर्थ्यवान ग्रह की शक्ति मे वृद्धि हेतु उस ग्रह का प्रतिनिधि रत्न धारण करता है तो उस मनुष्य के जीवन तथा भाग्य मे परिवर्तन अवश्यभावी हो जाता है बशर्ते की उसने वह रत्न असली ओर दोष रहित होने के साथ-साथ पूर्ण विधि-विधान से धारण किया गया हो-

चूँकि पुखराज(Topaz)मंहगा रत्न है इसलिए लोग इसे नकली बेचते है इसलिए किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचने के लिए आपको पुखराज की परख से जुड़ी सामान्य जानकारी दे रहें है-

असली पुखराज(Topaz)की पहचान-

  1. गुरू ग्रह के शुभ फलों में वृद्धि करने की योग्यता होने की वजह से पुखराज(Topaz) की कीमत सामान्य रत्नों से काफी अधिक होती है आमतौर पर बाजार में पुखराज की शुरुआती कीमत एक हजार रुपये प्रति कैरेट होती है तथा इसकी गुणवत्ता के अनुसार इसकी कीमत और बढ़ती रहती है Topaz को उसकी पहचान करने के बाद ही खरीदना चाहिए-
  2. असली पुखराज(Topaz)की पहचान करने के लिए साफ़ शीशे के एक ग्लास में गाय का दूध रखे और  इसके अंदर पुखराज को डाल दें यदि आपका असली पुखराज होगा तो महज एक से डेढ़ घंटे में ही पुखराज की किरण ऊपर से छिटकती नजर आएगी-असली पुखराज चौबीस घंटे तक दूध मे पड़ा रहने पर भी उसकी चमक मे कोई अंतर नही आता है-
  3. असली पुखराज(Topaz)चिकना और साफ होता है यदि इसे अंगूठा और कनिष्ठा से दबाने पर यह छिटक कर दूर जाकर गिरता है पीला पुखराज सरसों के फूल के समान ही गहरा पीला दिखाई देता है पुखराज का पीला रंग हरापन के साथ नजर आए तो इसे बिल्कुल नहीं लेना चाहिए तथा दानेदार या परतदार पुखराज(Topaz)को भी नहीं लेना चाहिए-असली पुखराज मे कोई न कोई रेशा अवश्य होता है चाहे वह छोटा-सा ही क्यों न हो-
  4. आप पुखराज को हाथ में लेकर हिलाएं यह आपको भारी महसूस होगा तथा इसके एक घन सेंटीमीटर के टुकड़े में करीब चार ग्राम या इससे ऊपर ही वजन होता है और यदि यह नकली होगा तो इसमें इससे कम वजन होगा-
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  6. पुखराज(Topaz)की परख के लिए एक सफेद रंग का साफ रुमाल लें और अब इस रुमाल को सूरज की किरणों की तरफ करके इसके पीछे की तरफ पुखराज को लगाए-यदि आपको कुछ ही देर में रुमाल के पीछे से गहरे पीले रंग की रोशनी दिखाई देती है तो यह असली पुखराज होगा और यदि यह रोशनी धीमी है तो यह स्पष्ट है कि यह पुखराज असली नहीं है-
  7. आग मे तपाने पर असली पुखराज तड़कता नहीं है साथ ही उसका रंग बदलकर एकदम सफ़ेद हो जाता है-
  8. यदि किसी व्यक्ति के शरीर पर किसी जहरीले कीड़े ने काट लिया है तो उस स्थान पर पुखराज(Topaz)घिसकर लगाने से यदि जहर तुरंत उतर जाएं तो समझ लें कि आपका रत्न असली पुखराज है और इतना ही नहीं गोबर में रगड़ने से असली पुखराज की चमक और ज्यादा बढ़ जाती है-
  9. पुखराज के महंगा होने के कारण इसकी जगह ज्योतिषी आपको सुनहला या पीला हकीक पहनने की भी सलाह देते हैं ये सभी पुखराज के उपरत्न हैं Topaz(पुखराज)के साथ पन्ना और हीरा नहीं पहनना चाहिये इन रत्नों को साथ पहनने से इसका दुष्प्रभाव दिखाई देने लगता है-
पुखराज(Topaz)धारण करने से लाभ-
  1. चिकना,चमकदार तथा पारदर्शी और अच्छे पीले रंग का पुखराज धारण करने से व्यापार तथा व्यवसाय मे दिनों-दिन वृद्धि होती है-
  2. पुखराज(Topaz)धारण करने से धन-वैभव और ऐश्वर्य की सहज मे ही प्राप्ति होती है-
  3. पुखराज(Topaz)रत्न अविवाहित(विशेषकर कन्याओं को) विवाह सुख तथा गृहिणियों को संतान सुख व पति सुख, दंपत्तियों को वैवाहिक जीवन मे सुख एवं व्यापारियों को अत्यधिक लाभ देता है-
  4. पुखराज गुरु रत्न है गुरु एक पुत्रकारक गृह होने के कारण पुखराज(Topaz) धारण करने से वंशवृद्धि होती है पुत्र अथवा संतान की कामना के इच्छुक दम्पतियों को दोषरहित पीला पुखराज अवश्य ही धारण कर लेना चाहिए-
  5. वृहस्पति की निर्बल स्थिति मे निर्दोष पुखराज धारण करना परम कल्याणकारी होता है-
  6. पुखराज हड्डी का दर्द,काली खांसी ,पीलिया,तिल्ली,एकांतरा ज्वर मे धारण करना विशेष ही लाभप्रद है तथा इसे कुष्ठ रोग व चर्म रोग नाशक माना गया है इसके अलावा इस रत्न को सुख व संतोष प्रदाता बल-वीर्य व नेत्र ज्योतिवर्धक माना गया है-
  7. प्राचीन काल मे जवान तथा सुंदर युवतियाँ अपने सतीत्व को बचाने के लिए पुखराज(Topaz)अपने पास रखती थी क्योंकि इसे पवित्रता का प्रतीक माना जाता है-
  8. पेट मे वायु गोला की शिकायत अथवा पांडुरोग मे भी पुखराज धारण करना लाभकारी रहता है-
  9. देखे-  पीला पुखराज(Yellow Topaz)कौन धारण करें

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