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2 अक्तूबर 2016

Bagalamukhi-बगुलामुखी माला-मन्त्र गृहस्थ जीवन में

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यदि आप सभी उपरोक्त साधन भी न कर सके तो भी आप अपने जीवन में साधारण रूप से बगुलामुखी(Bagalamukhi) "माला मन्त्र" ही प्रयोग कर ले ये आप नित्य की पूजा में 108 बार पढ़ सकते है उससे भी आपके काफी काम होने लगेगे जो आपको छोटी -छोटी कठिनाइयो से बचाते रहेगे क्युकि आज के युग में समय न होने के कारण सम्भब नहीं है कि आप विधि पूर्वक करे -और इतना भी संभव न हो तो 11 बार पाठ से भी आपके जीवन में पर्याप्त है बगुलामुखी(Bagalamukhi) आपको छोटी-छोटी परेशानियों से आपको हमेशा मुक्त रखता है-

Bagalamukhi-बगुलामुखी माला-मन्त्र गृहस्थ जीवन में


गृहस्थ के लिए साधारण प्रयोग-

साधारण व्यक्तियों के लिए बगलामुखी(बगुलामुखी(Bagalamukhi))माला मंत्र बहुत सरल और उपयोगी सिद्ध हो सकता है साधक को इस माला मंत्र का 108 बार पठन करना होता है यह मंत्र अधिक क्लिष्ट भाषा में भी नहीं है और साधारण व्यक्ति भी इसको पढ़ सकता है इस गोपनीय माला मंत्र में गजब की शक्ति है यह शत्रु भय समाप्त करने वाला देखा गया है मुख्य रूप से यह मंत्र उन विवाहित दंपतियों के लिए अधिक लाभकारी सिद्ध हो सकता है जिन स्त्री-पुरुषों में भारी मनमुटाव हो रहा हो, पति-पत्नी में मतभेद हो तथा तलाक की स्थिति आ रही हो-

यदि इस बगुलामुखी(Bagalamukhi) माला मंत्र को कोई भी पत्नी, या पति, जो भी पीड़ित है दुःखी है विधानपूर्वक, स्नान कर, शुद्ध पीले वस्त्र धारण कर, रात्रि 9 बजे के पश्चात्, दक्षिण दिशा में बैठ कर 108 बार पाठ करे, तो निश्चित ही पारिवारिक शत्रुता, झगड़े, वैमनस्य समाप्त हो जाते हैं यह मेरा अनुभव रहा है कि कोई पत्नी, या पति अपने जीवन साथी से दुःखी हो, या उसकी आदतों से परेशान हो, घर में नित्य झगड़े होते हों, उसके समाधान के लिए यह प्रयोग संपन्न किया जा सकता है-

पूजन विधि-

सर्वप्रथम पीत वस्त्र बिछा कर उसपर पीले चावल की ढेरी बनावें और सामने पीतांबरा का चित्र रख कर, या चावल की ढेरी को पीतांबरा देवी मान कर उसकी विधिवत पंचमोपचार से पूजा करें-पीले पुष्प, पीले चावल आदि का उपयोग करें-घी, या तेल का दीपक जला कर सर्वप्रथम गुरु पूजा, फिर पीतांबरा देवी की पूजा करें-इसके पश्चात् संकल्प करें कि मैं अपनी अमुक समस्या के समाधान हेतु (समस्याः पारिवारिक कष्ट, पति, या पत्नी के अत्याचार से दुःखी हों आदि) बगुलामुखी(Bagalamukhi) मंत्र माला 108 बार जप कर रहा हूँ माता मुझे इससे मुक्ति दिलावें-

मेरा अनुभव रहा है कि जिसने भी इसका पाठ किया, उसे सफलता प्राप्त हुई है बल्कि इस बात की गारंटी है-

Bagalamukhi-बगुलामुखी माला-मन्त्र गृहस्थ जीवन में


बगुलामुखी(Bagalamukhi)देवी माला -मन्त्र-

ॐ नमो भगवति, ˙ नमो वीर प्रताप विजय भगवति, बगलामुखि! मम सर्वनिन्दकानां सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय, जिह्नां कीलय, बुद्धिं विनाशय विनाशय, अपर-बुद्धिं कुरू कुरू, आत्मविरोधिनां शत्रुणां शिरो, ललाटं, मुखं, नेत्र, कर्ण, नासिकोरू, पद, अणु-अणु, दंतोष्ठ, जिह्नां, तालु, गुह्य, गुदा, कटि, जानु, सर्वांगेषु केशादिपादांतं पादादिकेशपर्यन्तं स्तंभय स्तंभय, खें खीं मारय मारय, परमंत्र, परयंत्र, परतंत्राणि छेदय छेदय, आत्ममंत्र तंत्राणि रक्ष रक्ष, ग्रहं निवारय निवारय, व्याधिं विनाशय विनाशय दुःखं हर हर, दारिद्रयं निवारय निवारय, सर्वमंत्र स्वरूपिणि दुष्टग्रह भूतग्रह पाषाणग्रह सर्व चांडालग्रह यक्ष किन्नर किंपुरूष ग्रह भूत प्रेत पिशाचानां शाकिनी डाकिनीग्रहाणां पूर्व दिशं बंधय बंधय, वार्तालि! मां रक्ष रक्ष, दक्षिण दिशं बंधय बंधय, स्वप्नवार्तालि मां रक्ष रक्ष, पश्चिमदिशं बंधय बंधय उग्रकालि मां रक्ष रक्ष, पाताल दिशं बंधय बंधय बगला परमेश्वरि मां रक्ष रक्ष, सकल रोगान् विनाशय विनाशय, शत्रु पलायनम् पंचयोजनमध्ये राजजनस्वपचं कुरू कुरू, शत्रुन् दह दह, पच पच, स्तंभय मोहय मोहय, आकर्षण-आकर्षय, मम शत्रुन् उच्चाटय उच्चाटय, ींीं फट्स्वाहा !

यू ट्यूब पे आप इस मन्त्र को ध्यान से सुने-


Upcharऔर प्रयोग-

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