21 अक्तूबर 2016

तम्बाखू के प्रकार और उसके दुष्प्रभाव

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Tobacco-तम्बाखू के सेवन से शरीर के विभिन्न अंगों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है हालांकि ये कोई नई बात  नहीं हैं क्योंकि पहले भी कई शोधों में तंबाकू सिगरेट और गुटके के नुकसान साबित हो चुके है तथा इसके साथ ही Tobacco होने वाले दांतों के नुकसान भी साबित हो चुके है तथा ये भी सत्य है कि दुनियाभर के देशों में भारत के लोगों को तम्बाखू(Tobacco)से मुंह का कैंसर व अन्य तरह के कैंसर का सबसे अधिक खतरा रहता है फिर भी आज लोग तम्बाखू के गुलाम बने हुए है-

तम्बाखू के प्रकार और उसके दुष्प्रभाव


हमारे देश में तम्बाखू(Tobacco)का उपयोग किस-किस रूप में किया जाता है आइये जरा इस पर भी थोडा प्रकाश डाल लेते है-तम्बाखू के प्रयोग को ध्यान में रखते हुए इसे दो प्रकार की श्रेणियों में बांटा गया है-

धुआं रहित(Smoke free)तम्बाखू-


गुटका
गुल
सनस
मैनपुरी तम्बाखू
तम्बाखू और चुना
तम्बाखू, सुपारी और चुने का मिश्रण
तम्बाखू वाला पान इत्यादि

धुम्रपान(Smoking)युक्त तम्बाखू-


हुक्का
चिलम
सिगरेट
बीडी
सिगार
हुकली
चुट्टा इत्यादि

तम्बाखू(Tobacco)से होने वाले दुष्प्रभाव-


  1. तम्बाखू(Tobacco)में निकोटिन, कार्बन मोनोऑक्साइड, परफैरोल और फोस्फोरल प्रोटिक एसिड आदि जैसे अनेक भयानक तत्व है जो शरीर में अनेक तरह की बीमारियाँ पैदा करते है और व्यक्ति को शारीरिक को मानसिक रूप से क्षति पहुंचाते है तम्बाखू(Tobacco)होने वाली बीमारियों की लिस्ट भी बहुत लम्बी है लेकिन कुछ प्रमुख रोग से अवगत कराते है-
  2. तम्बाखू को खाने वाले व्यक्ति को सबसे पहला नुकसान उसके अपने फेफड़ों को पंहुचता है जब कोई व्यक्ति तम्बाखू(Tobacco)को चबाता है तो ये थूक के साथ व्यक्ति की श्वास नाली से होते हुए फेफड़ों तक जाता है और सिलिया परत पर जाकर जम जाता है ये सिलिया हमारे फेफड़ों के अंदर की एक परत है जिसमे छोटे छोटे बाल होते है तम्बाखू इन बालो में जमकर स्वाश नाली को और फेफड़ों को रोक देता है जिससे व्यक्ति को श्वास लेने में दिक्कत होती है और उसे श्वास सम्बन्धी रोग हो जाते है इसके साथ ही इन्हें खासी और थकान होने लगती है. कई बार तो व्यक्ति नीला भी पड जाता है जिसका कारण शरीर में ऑक्सीजन की कमी होता है और उसे अस्थमा(Asthma)का रोग हो जाता है-
  3. तम्बाखू का सेवन करने से व्यक्ति की नलिकाओं में चर्बी भी जमा हो जाती है जिसकी वजह से खून के संचार में कठिनाइयाँ उत्पन्न हो जाती है और खून का दौरा ठीक न होने की वजह से ही व्यक्ति को हार्टअटैक, लकवा और खून की धमनियों के फटने की संभावना बढ़ जाती है अगर कोई व्यक्ति अपनी कम उम्र में ही तम्बाखू के सेवन की लत का शिकार हो जाता है तो फिर उसको इन बीमारियों के होने की संभावना दोगुनी हो जाती है तथा खासतौर पर हार्टअटैक की संभावना सबसे अधिक होती है-
  4. अगर पुरुष धुंआ युक्त तम्बाखू या धुआंरहित तम्बाखू का सेवन करता है तो उसके शुक्राणु असामान्य होकर कम हो जाते है और उसे नपुंसकता तक होने की संभावना होती है.तथा वहीँ महिलाओं के तम्बाखू सेवन से उनके प्रजनन तंत्र और प्रजनन क्षमता में कमी आ जाती है और इनके बांझपन होने की संभावना बढ़ जाती है अगर कोई महिला गर्भावस्था में तम्बाखू का सेवन करती है तो उसके भूर्ण में स्थित शिशु की मृत्यु भी हो सकती है या उसे अचानक गर्भपात भी कराना पड़ सकता है-
  5. हमारी आँखों की पुतलियों के पीछे एक पर्दा होता है जिसे रेटिना कहा जाता है जब लाइट किसी वास्तु पर पड़कर हमारी आँखों पर आती है तो ये इसी परदे पर जाती है और हम उस वास्तु को देख पाते है अर्थात रेटिना की वजह से ही हम देख पाते है किन्तु तम्बाखू के खाने से ये पर्दा धीरे धीरे खराब होने लगता है और इस पर एक धुंधली सी परत जम जाती है जिसकी वजह से व्यक्ति देख नही पाता और उसे मोतियाबिंद से लेकर अंधापन तक होने की संभावना बनी रहती है-
  6. तम्बाखू सेवन से कैंसर जैसे रोग के होने का खतरा बढ़ जाता है तथा इसके सेवन से आप एक तरह के ही नही बल्कि अनेक तरह के कैंसर होने की संभावना होती है जैसे कि मुहं का कैंसर,गले का कैंसर,वौइस् बॉक्स का कैंसर,भोजन नली का कैंसर,गुर्दे का कैंसर,पैंक्रियास का कैंसर,गर्भाशय का कैंसर,क्रोनिक ब्रांकाइटिस आदि-
  7. तम्बाखू के सेवन से व्यक्ति के शरीर, बालों, कपड़ों और हाथों से गन्दी दुर्गंध आने लगती है. उसके दांत पीले और उँगलियों पर पीले धब्बे पड जाते है. इनके चेहरे, आँखों और मुहं पर झुर्रियां आदि पड जाती है-
  8. देखे-  तम्बाखू Tobacco छोड़ने के घरेलू प्रयोग 
Upcharऔर प्रयोग-

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