पीला पुखराज(Yellow Topaz)कौन धारण करें

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जन्मकुंडली मे वृहस्पति की शुभ भाव मे स्थिति होने पर प्रभाव मे वृद्धि हेतु और अशुभ स्थिति अथवा नीच राशिगत होने पर दोष निवारण हेतु Yellow Topaz(पीला पुखराज)धारण करना चाहिए और वृहस्पति की महादशा तथा अंतर्दशा मे भी पीला पुखराज(Yellow Topaz) धारण अवश्य करना चाहिए-

Yellow Topaz


जिन लोगों की कुंडली मे वृहस्पति केन्द्र अथवा त्रिकोणस्थ अथवा इन स्थानों का स्वामी हो अथवा जन्मकुंडली मे गुरु लग्नेश या प्रधान गृह हो तो उन जातकों को निर्दोष व पीला पुखराज(Yellow Topaz)धारण करके अवश्य लाभ उठाना चाहिए तथा धनु, कर्क, मेष, वृश्चिक तथा मीन लग्न अथवा राशि वाले जातक भी इसे धारण करके लाभ उठा सकते हैं-यदि जन्म दिन गुरुवार गुरु पुष्य योग नक्षत्र हो अथवा जन्म नक्षत्र पुनर्वसु , विशाखा या पूर्वभाद्रपद हो तभी पुखराज धारण करने से अधिक लाभ होता है-

पीला पुखराज(Yellow Topaz)धारण करने की विधि-
  1. पीले पुखराज(Yellow Topaz) को सोने की अंगूठी मे जड़वाकर तथा शुक्ल पक्ष मे गुरुवार को प्रायः स्नान-ध्यान के पश्चात दाहिने हाथ की तर्जनी उंगली मे धारण करना चाहिए-अंगूठी मे पीला पुखराज इस प्रकार इस प्रकार से जड़वाएँ की रत्न का निचला सिरा खुला रहे तथा आपकी अंगुली से स्पर्श करता रहे-अंगूठी बनवाने के लिए कम से कम चार कैरट अथवा चार रत्ती के वजन अथवा उससे अधिक वजन का पारदर्शी,स्निग्ध तथा निर्दोष Yellow Topaz(पीला पुखराज) लेना चाहिए -
  2. ध्यान रहे गुरुवार के दिन अथवा गुरुपुष्य  नक्षत्र मे प्रायः सूर्योदय से ग्यारह बजे के मध्य पुखराज की अंगूठी बनवानी चाहिए-
  3. सर्वप्रथम अंगूठी को गंगाजल से तथा फिर कच्चे दूध से तथा पुनः गंगाजल से धोकर वृहस्पति के मंत्र का जाप करते हुए धारण करनी चाहिए-
  4. मन्त्र-  
  5. ॐ बृं बृहस्पतये नमः  अथवा ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः 
  6. जिन लोगों को अंगूठी धारण करने मे असुविधा महसूस होती हों उन्हे सोने के लॉकेट मे गुरु यंत्र के साथ पुखराज धारण कर लेना चाहिए- 
  7. सोने के गुरु यंत्र लॉकेट मे पुखराज धारण करने से जहां एक ओर सदैव रत्न व यंत्र पवित्र बना रहेगा वही नित्य स्नान के समय स्वतः ही रत्न स्नान भी होता रहेगा-अतएव अंगूठी की अपेक्षाकृत रत्न को लॉकेट मे जडवाकर धारण करना अति उत्तम होता है-
  8. अंगूठी अथवा लॉकेट मे जड़वाने के दिन से लेकर चार वर्ष तीन महीने और अट्ठारह दिनों तक पीला पुखराज एक ही व्यक्ति के पास प्रभावशाली रहता है अतः इस अवधि के पश्चात रत्न को किसी दूसरे व्यक्ति को बेच देना चाहिए तथा स्वयं को पुनः दूसरे पुखराज की अंगूठी बनवाकर पूर्वोक्त विधिनुसार धारण कर लेनी चाहिए-
  9. देखे- पुखराज-Topaz की पहचान और लाभ 

Upcharऔर प्रयोग-

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