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8 नवंबर 2016

क्यों स्तनपान कराना माँ के लिए महत्वपूर्ण है

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माँ के स्तनों का दूध(Breast Milk)आपके शिशु को वह सभी कुछ प्रदान करता है जिसकी जरुरत उसे जिंदगी के पहले छह महीनों में बढ़ने के लिए होती है स्वास्थ्य मंत्रालय भी शिशु के पहले छह महीने तक माँ को केवल स्तनपान(Breastfeeding)कराने की सलाह देता है लेकिन फीगर मेंटेन के चक्कर में आप बच्चे की प्रतिरोधक छमता(Resistant capabilities)कम करने की जिम्मेदार स्वयं है इसलिए भविष्य में आपके बच्चे को रोगों से लड़ने की छमता का अभाव हो जाता है-

Breastfeeding Is Important For Mother

आप अपने बच्चे को छ: माह बाद स्तनपान(Breastfeeding)के साथ-साथ आप ठोस आहार देना शुरू कर सकती हैं ठोस आहार शुरु करने के बाद भी आप शिशु को स्तनपान(Breastfeeding) कराना जारी रख सकती हैं चूँकि माँ के स्तनों के दूध में मौजूद पोषक तत्व आपके बच्चे को लाभ पहुंचाते रहेंगे-

स्तनपान(Breastfeeding)आपके शिशु को कैसे लाभदायक है-


  1. माँ के स्तन दूध(Breast Milk) के संघटक आदर्श रूप से आपके शिशु की आंतों के लिए बहुत ही अनुकूल होता हैं इसलिए यह शिशु को आसानी से पच जाता है-
  2. माता के स्तन दूध में रोगप्रतिकारक होते हैं जो जठरान्त्रशोथ,सर्दी-जुकाम,मूत्रमार्ग संक्रमण(यू.टी.आई)और कान के संक्रमण आदि से रक्षा करते हैं यह कॉट डेथ(एस.आई.डी.एस)के खतरे को कम करने में भी बच्चे की मदद करता है-
  3. माता का स्तनों का दूध शिशु में दमा और एक्जिमा जैसी एलर्जिक प्रतिक्रियाएं होने के खतरे को कम करता है-
  4. स्तनपान शिशु को बाल्यावस्था मधुमेह और ल्यूकेमिया(ब्लड कैंसर)जैसी गंभीर बीमारियों से भी रक्षा करने में मदद करता है-
  5. माँ के स्तन दूध में वसीय अम्ल होते हैं जो आपके शिशु के मस्तिष्क के विकास के लिए जरुरी हैं शिशु के जन्म के शुरुआती कुछ माह तक केवल स्तनपान(Breastfeeding)कराने से शिशु का संज्ञानात्मक विकास बेहतर होता है-सैद्धांतिक रूप से इसका अर्थ यह है कि स्तनपान आपके शिशु को अधिक बुद्धिमान बना सकता है-
  6. जब आप किसी संक्रमण के संपर्क में आती हैं तो आपका शरीर उसका नया रोगप्रतिकारक बना देता है ये रोगप्रतिकारक आपके दूध में जाते हैं जो आप शिशु को अगली बार पिलाने वाली हैं ये आपकी बीमारी शिशु तक फैलने से बचाते हैं-
  7. स्तनपान(Breastfeeding)करने वाले शिशु अपने भोजन को नियमित रूप से लेने में कुशल होते है इससे जैसे-जैसे उनका विकास होता है वैसे-वैसे वे स्वस्थ खाने की आदतें विकसित करते हैं-
  8. स्तन दूध को समय-पूर्व जन्मे शिशुओं और कम जन्म वजन शिशुओं के लिए बहुमूल्य पाया गया है यह इसलिए क्योंकि शिशु शुरुआती जिंदगी में संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकते हैं-
  9. मां के दूध में इंसुलिन,डिब्बाबंद दूध(फॉर्म्युला मिल्क)की तुलना में काफी कम होता है इन्सुलिन वसा निर्माण को उत्प्रेरित करता है,इसलिए स्तन दूध आपके शिशु का वजन बढ़ना आसान बना सकता है-
  10. स्तनपान(Breastfeeding)आपके शिशु की उसके शरीर का तापमान सामान्य रखने में मदद करता है तथा उसे गर्म रखने के अलावा, त्वचा का त्वचा से स्पर्श आपके और आपके शिशु के बीच भावनात्मक बंधन को और भी मजबूत बनाता है जबकि डिब्बा बंद दूध से शिशु और माँ के बीच भावनात्मक बंधन(Emotional Bond)का अभाव होता है और देखने में भी आ रहा है कि आगे चल कर बच्चे अपनी ही माँ का कहना नहीं मानते है-
  11. टीकाकरण के दौरान या उसके बाद स्तनपान कराना शिशु को शांत करने में मदद कर सकता है-
  12. माता के स्तनपान(Breastfeeding)कराने से एक विशेष लाभ है कि आपके गर्भाशय(Uterus)को सिकुड़ कर वापस गर्भपूर्व स्थिति में आने में मदद मिलती है यह प्रसवोपरांत रक्तस्राव को कम करने और एनीमिया के खतरे को दूर करने में भी मदद करता है तथा इससे रजोनिवृत्तिपूर्व स्तन कैंसर,डिम्बग्रंथि कैंसर और अस्थिसुषिरता(Osteoporosis)के कारण हड्डी टूटने का खतरा भी कम रहता है-स्तनपान अधिक कैलोरी भी जलाता है, इसलिए यह गर्भावस्था में आपके बढ़े वजन को कम करने में मदद कर सकता है-
  13. आप अगर अपने शिशु को यदि अपना स्तनपान कराती है तो आपको एक और लाभ है कि शिशुओं के मल त्याग से सनी हुई नैपियां भी उतनी बदबूदार नहीं होती है जितनी कि फॉर्म्युला दूध पीने वाले शिशुओं की होती है-

  14. जब स्तनपान बढि़या तौर से चल रहा होता है तो आप अपने शिशु को बढ़ते और विकसित होते हुए देखकर असीम शान्ति और उपलब्धि का अहसास कर सकती हैं क्युकि यह सब आपकी ही तो मेहनत का परिणाम है-
  15. आपने ये लेख पढ़ा और अगर आपको अच्छा लगा तो आगे से आप अपने शिशुओं को अपना ही स्तनपान कराने की आदत अवश्य डाले और उपर लिखे लाभ से वंचित न रहें-आखिर होने वाला बच्चा तो आपका ही है-फीगर मेंटेन के लिए तो आप अन्य संसाधन भी अपना सकती है-
Upcharऔर प्रयोग-

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