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चाय कॉफी और कोल्ड ड्रिंक आपके दांतों के दुश्मन हैं

हम सभी की आमतौर पर ये धारणा होती है कि सिर्फ गुटखा तंबाकु और सुपारी खाने से ही दांत(Teeth) खराब होते हैं लेकिन सच ये है कि चाय,कॉफी,कोल्ड ड्रिंक और ज्यूस से भी दांतों का पीलापन बढ़ता है वैसे जादा मरीज जो डेंटल अस्पताल में पहुंचते हैं उन सभी डेंटल मरीजों में से 50 प्रतिशत मरीजों के दांत इसी वजह से पीले हुए हैं-
चाय कॉफी और कोल्ड ड्रिंक आपके दांतों के दुश्मन हैं

कई लोग दांतों(Teeth)का पीलापन दूर करने ब्लीचिंग तकनीक का इस्तेमाल करते हैं फिलहाल ये तकनीक डेंटल कॉलेज में ही उपलब्ध हैं लेकिन सर्वे में ये बात भी सामने आई है कि ज्यादातर ऐसे लोग हैं जिनके दांत स्मोकिंग,गुटाखा,पान मसाला या सुपारी खाने से पीले पड़े है लेकिन ऐसे मरीज भी कम नहीं जिनके दांत ज्यादा काेल्डड्रिंक, चाय, कॉफी अौर ज्यूस पीने पड़े हैं-

कैसे होती है दांतों(Teeth)की ब्लीचिंग-

दांतों की ब्लीचिंग दो तरह से होती है पहली तकनीक में दांतों पर सिंपल ब्लीच कर दिया जाता है जिससे दांत कुछ दिनों के लिए सफेद हो जाते हैं और दूसरी तकनीक में पेस्ट मेटेरियल बना कर कुछ हफ्तों के लिए दांतों पर लगाकर रखना पड़ता है इस तकनीक से दांत एक दो साल तक सफेद बने रहते हैं-

क्या दांत की स्थाई सफेदी भी बनी रह सकती है-


दांतों को परमानेंट सफेद बनाए रखने के लिए उन पर पोर्सलिन का लेमिनेशन किया जाता है इसके लिए पहले दांतों को पहले थाेड़ा घिसा जाता है फिर दांतों का साइज लिया जाता है जिनके आधार पर लैब में पोर्सलिन लेमिलेशन तैयार करके दांतों पर लगा दिया जाता है इस तकनीक से कई साल तक दांत सफेद बने रहते है-

दांतों की ब्लीचिंग के बारे में अभी ज्यादा लोगों को जानकारी नहीं है लेकिन ये सही है कि चाय कॉफी और कोल्ड ड्रिंक से भी दांतों में पीलापन आता है लेकिन दांतों की ब्लीचिंग या पोर्सलिन लेमिलेशन के साइड इफेक्ट भी हैं इससे सेंस्टीविटी होने के साथ दांत कमजोर भी हो जाते हैं-

स्पोर्ट्स ड्रिंक दांत के कुदरती कड़ापन को कम करता है और उस पर पाई जाने वाली बेहद उपयोगी एनामेल परत को नष्ट कर देता है इस उत्पाद में घुला अम्ल दांत की ऊपरी चमकीली परत को भारी नुकसान पहुंचाता है चूँकि एनामेल को दांत का सुरक्षा कवच माना जाता है और एनामेल की परत नष्ट होने के बाद दांत खुरदरी हड्डी की तरह दिखने लगते हैं इस परत के नष्ट होने की सूरत में कोई भी ठंडा या गर्म आहार लेने पर दांत में असहनीय सिहरन पैदा होती है या दर्द होता है-

अभी तक दांतों की सुंदरता का दुश्मन समझा जाने वाला पनीर ही दांतों में होने वाले छिद्रों को दूर रखने का काम करता है वैज्ञानिकों ने कई वर्षों तक दांतों का गहन अध्ययन करने पर पाया कि पनीर में मौजूद कैल्शियम और लार मिलकर जो जटिल आणविक संरचना बनाते हैं वह दांतों की घटती सुरक्षा परत को पहले जैसा करने का काम करती है पनीर में मौजूद चर्बी और नमक के कारण इसे मोटापा बढ़ाने वाला माना जाता था लेकिन इस अध्ययन से यह भी पता चला है कि पनीर खाने वाले व्यक्तियों के दांतों की सुरक्षा परत को होने वाला नुकसान 71 प्रतिशत कम हो जाता है-

पनीर में मौजूद कैल्शियम और फास्फेट सुरक्षा परत अथवा एनेमल को टूटने व कमजोर होने से बचाते हैं और इसे चबाने के कारण मुंह में लार भी ज्यादा बनती है जो दांतों को साफ करने का कार्य करती है पोषण विज्ञानी कहते हैं कि पनीर दांतों में होने वाली सड़न और छिद्रों से लड़ने का कारगर तरीका है किन्तु इसका सेवन भी एक निर्धारित मात्रा में ही किया जाना चाहिए-


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