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सनाय के उपचार और प्रयोग

सनाय(Cassia Angustifolia)के विभिन्न नाम हैं कुछ इलाकों में इसे स्वर्णमुखी कहते हैं तो कहीं सोनामुखी तो कहीं सुनामुखी यह स्वास्थ के लिए बहुत उपयोगी है इसकी पत्तियों से आयुर्वेदिक औषधियां बनती हैं सनाय रेचक, रोगाणु रोधक और शरीर की सफाई करने वाली वनस्पति है-

सनाय के उपचार और प्रयोग

सनाय(Cassia Angustifolia)कब्ज को दूर करने वाली औषधि है और पेट की पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करती है इसके सेवन से बुखार कम हो जाता है और गले की खिच खिच दूर हो जाती है स्वर्णमुखी के चूर्ण को चाय की तरह पीते हैं-

किसी भी तरह के संक्रमण को रोकने में सनाय(Cassia angustifolia)लाभदायक औषधि है एलोपैथिक दवाएं यदि एक रोग दूर करती हैं तो साथ में छोटी मोटी और समस्याएं पैदा करती हैं जिन्हें हम साइड इफैक्ट कहते हैं ऐसी कोई समस्या इस वनस्पति के सेवन से नहीं होती है भारतीय जड़ी बूटियों की यह विशेषता है कि उनके सेवन से किसी और प्रकार का कष्ट रोगी को नहीं होता है स्वर्णमुखी में यह गुण भरपूर है इससे किसी भी प्रकार का अन्य बुरा असर भी नहीं होता है-

लेकिन इसके अधिक सेवन करने से पोटाशियम का स्तर कम हो जाता है वजन भी कम हो सकता है तथा भूख भी कम हो जाती है जोड़ो और मांसपेशियों में दर्द हो सकता है इसलिए प्राकृतिक चिकित्सक की परामर्श के बिना कोई औषधि नहीं लेनी चाहिए-किसी भी औषिधि के प्रयोग में ये बात हमेशा ही याद रखनी चाहिए-

 अति सर्वत्र वर्जयते....!

कब्ज(Constipation)के लिए-


गुलाब की पत्तियों का चूर्ण, सोंठ या सूखी अदरक, सोनामुखी की पत्तियां, सैंधा नमक, किशमिश इन्हें पीसकर शहद में मिलालें और सोने से पहले इस चटनी या लेह का सेवन करें-

विरेचक(Ecchymosis)-


सनाय में विरेचक का गुण है सनाय की तीन औन्स पत्तियों को, एक चाय का चम्मच धनिया और एक चाय का चम्मच सोंठ को चौथाई पानी में 15 मिनट तक गर्म करें तथा एक बार में एक से चार टेबुल चम्मच भर कर पीयें-यह पेय ठंडा होकर अधिक स्वादिष्ट हो जाता है-

वृद्धों और बच्चों के लिए सनाय की फलियां बहुत लाभदायक हैं यदि बच्चों के लिए पेय बनायें तो चार फलियों में ठंडे पानी की चार से पांच तक चम्मच डालें-बच्चे को एक बार में एक या दो चम्मच पिलायें-वयस्कों के लिए बनायें तो 6 या 12 फलियों में उतना ही पानी डालें-

पेट(Abdominal)और छाती का दर्द-


बहुत से लोगों को पेट में गैस बनने पर छाती में दर्द होने लगता है इसके लिए आप तीन ग्राम सनाय चूर्ण और एक चम्मच मिश्री का चूर्ण एक गिलास पानी में मिलायें तथा इसे सुबह नाश्ते करने से पहले पीयें जरूरत पड़े तो रात में भोजन से पहले भी पीयें-यह आपके पेट में गैस को दूर करके दर्द से आराम देता है-

शरीर दर्द(BodyPain)-


सनाय शरीर के तीन गुणों वात,कफ और पित्त को प्रभावित करती है आप इसके लिए सनाय की पत्तियों को साफ कर सुखा लें फिर उसका चूर्ण यानी पाउडर बनाकर रख लें अब आप इस चूर्ण को भोजन से पहले दिन में दो बार लें लेकिन चूर्ण की मात्रा पांच ग्राम हो इसे घी के साथ लें-इस के सेवन से शरीर का दर्द दूर होता है तथा आपकी पाचन शक्ति और आंतें भी सुदृढ़ होती है-

संक्रमण(Infection)-


एक चम्मच शहद में 2 ग्राम सोनामुखी पाउडर को 250 मि. पानी में मिलायें तथा इसे सुबह इस पेय को खाली पेट पीयें-इसका प्रयोग एक साल तक करें इससे शरीर संक्रमण से दूर रहता है और शरीर ताकतवर बनता है और संक्रमण वाले रोग दूर रहते हैं-

बलगम(Mucus)-


ठंडे पेय आइसक्रीम, फ्रिज का ठंडा पानी, चाकलेट अधिक लेने से और रात में दोबारा गर्म करके खाना खाने से शरीर में कफ या बलगम अधिक बनने लगता है जिससे फेफड़े कमजोर हो जाते हैं इस समस्या को दूर करने के लिए आप सोनामुखी का प्रयोग करें-एक कप अनार के रस में सोनामुखी का तीन ग्राम चूर्ण मिलायें और इसे दिन में दो बार पियें इससे फेफड़े साफ हो जाते है और अस्थमा दूर होता है-

पथरी(Calculus)-


किडनी की पथरी दूर करने के लिए पीलें खीरे के बीजों से 150 मि. रस में तीन ग्राम सोनामुखी का पाउडर मिलायें इसे दिन में दो बार पीने से किडनी की पथरी घुल जाती है तथा इससे पाचन शक्ति मजबूत होती है-

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