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20 जनवरी 2017

तुलसी से आप त्वचा रोग को दूर करें

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तुलसी को हजारों वर्षों से विभिन्न रोगों के इलाज के लिए औषधि के रूप में प्रयोग किया जा रहा हैं आयुर्वेद में तुलसी(Tulsi)तथा उसके विभिन्न औषधीय प्रयोगों का विशेष स्थान हैं आयुर्वेद में तुलसी को संजीवनी बूटी के समान माना जाता है-

तुलसी से आप त्वचा रोग को दूर करें


सरुपकृत त्वयोषधेसा सरुपमिद कृधि, 
श्यामा सरुप करणी पृथिव्यां अत्यदभुता। 
इदम् सुप्रसाधय पुना रुपाणि कल्पय॥ 

अर्थात् - 

श्यामा तुलसी मानव के स्वरूप को बनाती है शरीर के ऊपर के सफेद धब्बे अथवा अन्य प्रकार के त्वचा संबंधी रोगों को नष्ट करने वाली अत्युत्तम महौषधि है-

तुलसी(Tulsi)से त्वचा रोग दूर करें-


1- नैचुरोपैथों द्वारा ल्यूकोडर्मा का इलाज करने में तुलसी के पत्तों को सफलता पूर्वक इस्तेमाल किया गया है कुष्ठरोग में तुलसी की जड़ को पीसकर सोंठ मिलाकर जल के साथ प्रात: पीने से कुष्ठ रोग निवारण का लाभ भी मिलता है-

2- दाद व एक्जिमा रोग में तुलसी पौधे की मिट्टी की पट्टी एक से डेढ़ घंटे तक बांधी जाती है तथा दाद, खुजली और त्वचा की अन्य समस्याओं में तुलसी के अर्क को प्रभावित जगह पर लगाने से कुछ ही दिनों में रोग दूर हो जाता है तथा दाद, छाज व खाज में तुलसी पंचांग नींबू के रस में मिलाकर लेप करते हैं-

3- चेहरे के मुँहासों में तुलसी पत्र एवं संतरे का रस मिलाकर रात्रि को चेहरा धोकर अच्छी तरह से लेप करते है-

4- तुलसी के रस में थाइमोल तत्व पाया जाता है जिससे त्वचा के रोगों में लाभ होता है इसकी पत्तियों का रस निकाल कर बराबर मात्रा में नींबू का रस मिलायें और रात को चेहरे पर लगाये तो झाइयां नहीं रहती है तथा फुंसियां भी ठीक होती है और चेहरे की रंगत में निखार आता है-

5- शीतपित्ती निकलने पर तुलसी की मंजरी व पुनर्नवा की पत्ती समान भाग लेकर क्वाथ(काढ़ा)बनाकर सुबह-शाम सेवन करने से शीतपित्त में लाभ होता है-

6- कुष्ठ रोग या कोढ में तुलसी की पत्तियां रामबाण सा असर करती हैं तुलसी पत्र खायें तथा रस प्रभावित स्थान पर लगाएं कुष्ठ रोग में तुलसी पत्र स्वरस प्रतिदिन प्रातः पीने से भी लाभ होता है-

7- शरीर में उठते हुए फोड़ों में तुलसी के बीज एक माशा तथा दो गुलाब के फूल एक साथ पीसकर ठण्डाई बनाकर पीते है-

8- रक्त विकारों में तुलसी व गिलोय का तीन-तीन माशे की मात्रा में क्वाथ बनाकर दिन में दो बार मिश्री के साथ लेते हैं-

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