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30 जनवरी 2017

मन की सम्मोहन तरंग शक्ति क्या है

क्या आपने कभी अपने जीवन में अनुभव किया है कि आप खाली बैठे वक्त में किसी के बारे में गहराई से या तन्मयता(Thinkdeeply)से सोचते है और तभी अचानक आपके मोबाइल पर घंटी बज उठती है और आप जिसके बारे में ध्यान कर रहे थे उसी का फोन आ जाता है आप इसे सिर्फ एक संयोग समझ लेते है-आप कहेगे जी हाँ- लेकिन इसका भी एक विज्ञान है आइये आखिर क्या है आपके शरीर से प्रवाहित होने वाली तरंगों(Waves)का राज-

मन की सम्मोहन तरंग शक्ति क्या है

प्रत्येक मानव प्राणी के अन्दर से हर समय सम्मोहन की तरंगें(Waves of hypnosis) प्रवाहित होती रहती है और ये तरंगें नेत्र और हाथ की उंगुलियों से अदृश्य रूप में निकलकर ब्रह्माण्ड की इथर तरंगों में मिलते हुए विश्व व्यापक बनी रहती है हमारे मुंख द्वारा उच्चारित भी प्रत्येक शब्द इस ब्रह्माण्ड(Universe)में स्थापित रहता है रेडियो,टी वी ,मोबाइल ध्वनी तरंग भी इसी का उदाहरण है आवश्यकता है सही माध्यम की जिनसे इन तरंगों को यथावत सुना जा सके-

ठीक इसी प्रकार मन से निकली हुई तरंग है जैसे ही आप किसी के बारे में गहन-तन्मयता से विचार और सोच को प्रकट करते है भले ही वो कितनी ही दूर स्थित हो आपकी मन तरंग ब्रम्हांड में संचरित होती हुई उस व्यक्ति के विचार और मन को आंदोलित करती है और उसे भी लगता है कि आप शायद उसे याद कर रहे है और अचानक मोबाइल से वो आपका हाल लेने को उत्सुक हो जाता है -बस आवश्यकता है गहन सोच और लगन की-

सम्मोहन भी एक विज्ञान है इसके द्वारा सही प्रयोग करके आप काफी लाभ ले सकते है बहुत सी बीमारियों मन स्थिति मनोरोग का निदान भी किया जा सकता है वास्तविक रूप से कहा जाए तो सम्मोहन ज्ञान एक ऐसी कला भी है जिसका जानकार व्यक्ति आपके अंदर के छिपे हुए तथ्य को भी जान सकता है आपका पूर्व जन्म भी देख सकता है चूँकि इस विध्या के दुरूपयोग की संभावना को देखते हुए जानकार व्यक्ति भी इसे किसी को देने में आना-कानी करता है आज के युग में लोगों में इर्ष्या की भावना बलवती है और किसी का अहित करने में भी संकोच नहीं करते है अत:गुप्त रूप से लोगों के लिए इस विध्या का प्रचार-प्रसार नहीं किया गया है -सिर्फ श्रेष्ठ लोगों को ही जानकार व्यक्ति इस विध्या को प्रदान करता है -

आपका शरीर भी शुद्ध विज्ञान है  आप इसे तरंग विज्ञान या एयर साइंस भी कह सकते हैं आपने मित्र को सोंचते हुए इच्छा बनाया चूँकि आपकी इच्छा में प्रबलता थी यह इच्छा तरंग ब्रह्माण्ड के तरंग के जरिए मित्र की तरंगों से जा टकराई और तब मित्र न चाहते हुए भी आपको फोन कर डालता है  इससे स्पष्ट हो रहा है कि किसी भी व्यक्ति को कहीं भी और कभी भी इच्छानुसार अपने विचार को भेजा जा सकता है-

प्राचीन समय में भारतीय ऋषि मुनि ऐसे कार्य आसानी से संपन्न कर लेते थे-इसे टेलीपैथी ज्ञान भी कहते हैं- इसमें किसी प्रकार का कोई चमत्कार नहीं है-हमने देखा है कई बार लोग सम्मोहन के अधकचरे ज्ञान के चलते अपनी आँखें तक ख़राब कर लेते हैं-वास्तविक सम्मोहन ज्ञान की जानकारी और गुरु निर्देशन से उच्चता को प्राप्त किया जा सकता है-

सूर्य त्राटक करने के चक्कर में कई लोगों ने अपनी आँखे तक खराब कर ली है इसका सही अभ्यास गुरु के निर्देशन में किया जाए तभी उचित होता है बिना बिना सही ज्ञान अथवा बिना मार्गदर्शक सूर्य त्राटक करना उचित विचार नहीं है-त्राटक का अर्थ है- किसी एक बिंदु पर एक टक लगातार देखते रहना सूर्य त्राटक उगते सूर्य की लालिमा से ही  आरम्भ करना उचित है-धीरे-धीरे अभ्यास को बढ़ाते रहने से सफलता मिलती जाती है यदि अपने शरीर के साधारण तरंगों को असाधारण बना लेते हैं तो आप दुनिया के किसी भी स्त्री पुरुष को सेकेंडों में सम्मोहित कर सकते हैं. वैसे भी सम्मोहन शास्त्र कोई जादू या तंत्र मंत्र नहीं बल्कि यह शुद्ध तौर पर शरीर और मन का विज्ञान है-

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Upcharऔर प्रयोग-

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