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5 जनवरी 2017

गुर्दे में दर्द-सूजन का कारण और उपचार

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जब किसी भी कारण से गुर्दों(Kidney)द्वारा रक्त का शुद्धिकरण भली प्रकार नहीं होता है तो पानी का अंश पेशाब द्वारा कम निकलता है इसके फलस्वरूप मूत्रवाहक(Urine carrier)संस्थान की शुद्धि ठीक से नहीं हो पाती है और मूत्र के साथ तरह-तरह के पदार्थों के बारीक कण बाहर निकलने लगते है तब इससे गुर्दों में सूजन(Kidney swelling)आ जाती है और बुखार रहने लगता है-

गुर्दे में दर्द-सूजन का कारण और उपचार


कभी-कभी गुर्दे में खराबी के कारण गुर्दे(वृक्क)अपने सामान्य आकार से बड़े हो जाते हैं और उसमें दर्द होता है इस तरह गुर्दे को फूल जाने को गुर्दे की सूजन(Kidney swelling)कहते हैं इसमें दर्द गुर्दे के स्थान से चलकर कमर तक फैल जाता है-

गुर्दे में सूजन(Kidney swelling)की पहचान-


1- पेशाब करते समय दर्द महसूस होता है गुर्दे रोगग्रस्त होने से रोगी का पेशाब पीले रंग का होता है इस रोग से पीड़ित रोगी का शरीर भी पीला पड़ जाता है तथा पलके सूज जाती हैं-

2- पेशाब करते समय कष्ट होता है कभी-कभी पेशाब रुक-रुककर आने लगता है कभी-कभी अधिक मात्रा में पेशाब आता है पेशाब के साथ खून आता है और पेशाब के साथ धातु आता(मूत्रघात)है इस रोग से पीड़ित रोगी में कभी-कभी बेहोशी के लक्षण भी दिखाई देते है-

3- पीठ में दर्द एवं बेचैनी होती है तथा मूत्र से तीव्र दुर्गंध आती है और कभी-कभी पेशाब द्वारा तरह-तरह के पदार्थ निकलने लगते हैं- 

4- ऐसे में सिर दर्द, मन न लगना, व्याकुलता, बदन में दर्द आदि लक्षण भी प्रकट होते हैं-

भोजन तथा परहेज(Avoided)-


1- गुर्दे की सूजन से पीड़ित रोगी को भोजन करने के बाद तुरन्त पेशाब करना चाहिए इससे गुर्दे की बीमारी, कमर दर्द , जिगर के रोग, गठिया, पौरुष ग्रंथि की वृद्धि आदि अनेक बीमारियों से बचाव होता है-

2- ज्यादा मात्रा में दूध, दही, पनीर व दूध से बनी कोई भी वस्तु न खाएं-

3- इस रोग से पीड़ित रोगी को ज्यादा मांस, मछली, मुर्गा,ज्यादा पोटेशियम वाले पदार्थ, चॉकलेट, काफी ,दूध, चूर्ण, बीयर, वाइन आदि का सेवन नहीं करना चाहिए-

4- इस रोग में सूखे फल, सब्जी, केक, पेस्ट्री, नमकीन, मक्खन आदि नहीं खाना चाहिए-

गुर्दे में दर्द-सूजन(KidneyPain-Swelling)के घरेलु नुस्खे-


1- दो प्याले पानी में एक तोला पुनर्नवा डालकर खूब उबालें और जब पानी आधा रह जाए तो छानकर सुबह-शाम पीने से गुर्दे की सूजन में लाभ होता है-

2- एक बड़ा चम्मच त्रिफला चूर्ण रात को सोने से पूर्व हल्के गरम पानी के साथ लेने से कुछ ही दिनों में गुर्दे की सूजन ठीक हो जाती है-

3- तुलसी की पत्तियां 20 ग्राम,अजवायन 20 ग्राम,सेंधा नमक 10 ग्राम इन सबको छांव में सुखा लें फिर उन्हें कूट-पीसकर चूर्ण बना लें तथा प्रात: और सांयकाल गुनगुने पानी से 2-2 ग्राम चूर्ण खिलाएं इससे एक ही खुराक में गुर्दे के दर्द-सूजन में आराम आ जाएगा-

4- 50 ग्राम अंगूर की बेल के पत्ते पानी में पीसकर छान लें फिर उसमें थोड़ा-सा सेंधा नमक मिलाकर रोगी को पिलाएं इससे गुर्दे के दर्द से तड़पता मरीज भी ठीक हो जाएगा-

5- भुनी हुई फिटकरी एक ग्राम दिन में कम से कम 3 बार लेने से गुर्दे की सूजन दूर होती है-

6- सत्यानाशी का दूध सेवन करने से गुर्दे का दर्द, पेशाब की परेशानी आदि दूर होती है-

7- दालचीनी खाने से गुर्दे की बीमारी मिटती है तथा पेशाब भी खुलकर साफ़ होता है-

8- सुबह नाश्ते से पहले 1-2 नांरगी खाकर गर्म पानी पीना चाहिए या नारंगी का रस पीना चाहिए इससे गुर्दे की सूजन व अन्य रोग ठीक होता है नारंगी गुर्दो को साफ रखने में उपयोगी होता है गुर्दे के रोग में सेब और अंगूर का उपयोग करना भी लाभकारी होता है गुर्दो को स्वस्थ रखने के लिए सुबह खाली पेट फलों का रस उपयोग करें-

9- अपामार्ग यानि लटजीरा की 5-10 ग्राम ताजी जड़ को पानी में घोलकर गुर्दे के दर्द से पीड़ित रोगी को पिलाने से दर्द में तुरन्त आराम मिलता है यह औषधि मूत्राशय की पथरी को टुकड़े- टुकड़े करके निकाल देती है-

10- लौकी के टुकड़े-टुकड़े करके गर्म करके दर्द वाले जगह पर रखने और इसके रस से मालिश करने से गुर्दे का दर्द जल्द ठीक होता है-लौकी के रस से गुर्दे वाले स्थान पर मालिश करने और पीस करके लेप करने से गुर्दे का दर्द तुरन्त कम हो जाता है-

11- गुर्दे की खराबी से यदि पेशाब बनना बन्द हो गया हो तो मूली का रस 20-40 मिलीलीटर दिन में 2 से 3 बार पीना चाहिए-पेशाब में धातु का आना (मूत्राघात) रोग में मूली खाना लाभकारी होता है-मूली के पत्तों का रस 10-20 मिलीलीटर और कलमीशोरा का रस 1-2 मिलीलीटर को मिलाकर रोगी को पिलाने से पेशाब साफ आता है और गुर्दे की सूजन दूर होती है-प्रतिदिन आधा गिलास मूली का रस पीने से पेशाब के समय होने वाली जलन और दर्द दूर होता है-

12- कलमीशोरा लगभग एक ग्राम का चौथा भाग से लगभग एक ग्राम की मात्रा में गोखरू के काढ़े के साथ मिलाकर सुबह-शाम पीने से लाभ मिलता है यह गुर्दे की पथरी के साथ होने वाले दर्द को दूर करता है-

13- मकोय का रस 10-15 मिलीलीटर की मात्रा में प्रतिदिन सेवन करने से पेशाब की रुकावट दूर होती है इससे गुर्दे और मूत्राशय की सूजन व पीड़ा दूर होती है-

14- गुर्दे के रोग से पीड़ित रोगी को गाजर के बीज 2 चम्मच एक गिलास पानी में उबालकर पीना चाहिए इससे पेशाब की रुकावट दूर होती है और गुर्दे की सूजन दूर होती है-

15- एरण्ड की मींगी को पीसकर गर्म करके गुर्दे वाले स्थान पर लेप करने से गुर्दे की सूजन व दर्द ठीक होता है-

क्या खायें-


1- गुर्दे के रोगी को आलू खाना चाहिए इसमें सोडियम की मात्रा बहुत पायी जाती है और पोटेशियम की मात्रा कम होती है-

2- गाजर और ककड़ी या गाजर और शलजम का रस पीने से गुर्दे की सूजन, दर्द व अन्य रोग ठीक होते हैं यह मूत्र रोग के लिए भी लाभकारी होता है-

3- गुर्दे के सूजन में तरबूज खाना फायदेमन्द होता है-

4- गुर्दे के रोग और गुर्दे की कमजोरी आदि को दूर करने के लिए अरबी खाना फायदेमन्द होता है-

5- गुर्दे के रोग में बथुआ फायदेमन्द होता है पेशाब कतरा-कतरा सा आता हो या पेशाब रुक-रुककर आता हो तो इसका रस पीने से पेशाब खुलकर आने लगता है-

Upcharऔर प्रयोग-

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