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22 फ़रवरी 2017

हर्निया है तो आप करे ये उपाय

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मनुष्य के शरीर के कुछ अंग शरीर के अंदर खोखले स्थानों में स्थित है जिसे देहगुहा(Body Cavity)कहते हैं देहगुहा चमड़े की झिल्ली से ढकी रहती है इन गुहाओं की झिल्लियाँ कभी-कभी फट जाती हैं और अंग का कुछ भाग बाहर निकल आता है इस प्रकार की विकृति को हर्निया(Hernia)कहते हैं झिल्ली के फटने से जब कोई अंग या आंत बाहर की तरफ आने से वहां एक उभार हो जाता है जिसे आसानी से देखा जा सकता है-

हर्निया है तो आप करे ये उपाय

लंबे समय से खांसते रहने या लगातार भारी सामान उठाने से भी पेट की मांसपेशियां(Muscles)कमजोर हो जाती है ऐसी स्थिति में हर्निया(Harniya)की संभावना बढ़ जाती है इसके कोई खास लक्षण नहीं होते हैं लेकिन कुछ लोग सूजन और दर्द का अनुभव करते हैं जो खड़े होने पर और मांसपेशियों में खिंचाव होने या कुछ भारी सामान उठाने पर बढ़ सकता है-

ये समस्या जन्मजात भी हो सकती है इसे कॉनजेनाइटल हर्निया कहते हैं हर्निया एक वक्त के बाद किसी को भी हो सकता है और बिना सर्जरी के ठीक भी नहीं हो सकता इसमें पेट की त्वचा के नीचे एक असामान्य उभार आ जाता है जो नाभि के नीचे होता है आंत का एक हिस्सा पेट की मांसपेशियों के एक कमजोर हिस्से से बाहर आ जाता है इसके अलावा इंगुइंल हर्निया, फेमोरल हर्निया, एपिगास्त्रिक हर्निया, एम्ब्लाइकल हर्निया भी होता है जो बहुत कम दिखता है-

प्रारम्भिक अवस्था की हर्निया की बीमारी में कपड़ा या बेल्ट बांधकर धीरे धीरे प्राणायाम करें धीरे धीरे प्राणायाम करने से हर्निया में लाभ होता है बाह्य प्राणायाम  सबसे अधिक लाभदायक होता है- पूरा श्वास बाहर निकालकर कुछ क्षण  पेट को ऐसे ही रखें  फिर धीरे धीरे श्वास अन्दर लें तथा पीछे झुकने वाले आसन न करें--

एक योग बनाएं-

अमरुद के पत्ते- चार-पांच 
युक्लिप्ट्स के  पत्ते- चार या पांच 
आम के  पत्ते- चार या पांच 

इन सभी को मिलाकर कूटकर इनका काढ़ा पीयें  इससे आँतों की झिल्ली मजबूत हो जाती है-

उपचार-

1- कांचनार गुग्ग्लु या वृद्धि बाधिका वटी और सर्वक्ल्प क्वाथ आदि का प्रयोग किया जा सकता है लेकिन ज्यादा हर्निया बढने पर आपरेशन ही करना पड़ता है-

2- यदि हर्निया के लक्षण पता लगे तो आप उसे घरेलू इलाज से कम कर सकते हैं हालांकि इन घरेलू उपायों से सिर्फ प्राथमिक इलाज ही संभव है और इसे आजमाने पर कभी उल्टे परिणाम भी हो सकते हैं इसलिए घरेलू इलाज आजमाने से पहले डॉक्टर से जरुर संपर्क कर लें-

Marshmallow

3- मार्श मैलो(Marshmallow)एक जंगली औषधि है जो काफी मीठी होती है इसके जड़ के काफी औषधीय गुण हैं यह पाचन को ठीक करता है और पेट-आंत में एसिड बनने की प्रक्रिया को कम करता है हर्निया में भी यह काफी आराम पहुंचाता है-

4- बबूने का फूल(Chamomile)पेट में हर्निया आने से एसिडिटी और गैस काफी बनने लगती है इस स्थिति मेंम बबूने के फूल के सेवन से काफी आराम मिलता है यह पाचन तंत्र को ठीक करता है और एसिड बनने की प्रक्रिया को कम करता है-

5- अदरक के जड़(Ginger Root)पेट में गैस्ट्रिक एसिड और बाइल जूस से हुए नुकसान से सुरक्षा करता है यह हर्निया से हुए दर्द में भी काम करता है-

6- हर्निया के दर्द में एक्यूपंक्चर काफी आराम पहुंचाता है खास नर्व पर दबाव से हर्निया का दर्द कम होता है-

7- मुलैठी (Licorice)कफ, खांसी में मुलैठी तो रामबाण की तरह काम करता है और आजमाय हुआ भी है हर्निया के इलाज में भी अब यह कारगर साबित होने लगा है खासकर पेट में जब हर्निया निकलने के बाद रेखाएं पड़ जाती है तब इसे आजमाएं-

8- बर्फ से हर्निया वाले जगह दबाने पर काफी आराम मिलता है और सूजन भी कम होती है यह सबसे ज्यादा प्रचलन में है-

9- हावथोर्निया(Hawthornia)एक हर्बल सप्लीमेंट है जो पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाती है और पेट के अंदर के अंगों की सुरक्षा करती है यह हर्निया को निकलने से रोकने में काफी कारगर है हावथोर्निया में Citrus Seed, Hawthorn और Fennel मिली होती है-

हर्निया में इससे बचे-

1- शराब पीना पूरी तरह बंद कर दें तथा हर्निया में ज्यादा तंग और टाइट कपड़ें नहीं पहनें-

2- हर्निया में कसरत करने से परहेज करें-

3- बेड पर अपने तकिए को 6 इंच उपर रखें ताकि पेट में सोते समय एसिड और गैस नहीं बन पाए-

4- प्रभावित जगह को कभी भी गर्म कपड़े या किसी भी गर्म पदार्थ से सेंक नहीं दें-

5- एक ही बार ज्यादा मत खाएं थोड़ी-थोड़ी देर पर हल्का भोजन लें तथा खाने के तुरंत बाद झुकें नहीं-

Upcharऔर प्रयोग-

20 फ़रवरी 2017

बर्फ के अदभुत प्रयोग आजमायें

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हमारे आस-पास बहुत सी ऐसी चीजे मौजूद है लेकिन हम इनकी उपयोगिता को लेकर अनजान रहते है और जब कहीं पढने को मिला जाता है तब आपको पता होता है कि अरे ये तो हमें पता ही नहीं था जी हाँ हम बात कर रहे है बर्फ के बारे में आप बर्फ(Ice)के कुछ प्रयोगों को जानकार आश्चर्यचकित रह जायेगें-

बर्फ के अदभुत प्रयोग आजमायें

बर्फ(Ice)का उपयोग-


1- आजकल भागमभाग भरी जिन्दगी में बहुत सी महिलाओं के पास मेकअप का समय नहीं होता है और इस लापरवाही में आपकी त्वचा ढीली पड़ जाती है तो आप को जब भी समय मिले एक बर्फ का छोटा-सा टुकड़ा लेकर उसे किसी कपड़े में(मखमल)लपेट चेहरे पर लगाइए इससे आपके चेहरे की त्वचा टाइट होगी तथा यह बर्फ का टुकड़ा आपकी त्वचा में ऐसा निखार ला देगा जो और कहीं नहीं मिलेगा तो देर किस बात की आज से ही आजमाना शुरू कर दें-

2- यदि आपको शरीर में कहीं पर भी चोट लग गई है और खून निकल रहा है तो उस जगह बर्फ मसलने से खून बहना बंद हो जाता है-अंदरुनी यानी गुम चोट लगने पर बर्फ लगाने से खून नहीं जमता व दर्द भी कम होता है-

3- यदि आपको शरीर में कही काँटा चुभ गया है तो कांटा चुभने पर बर्फ लगाकर उस हिस्से को आप सुन्न कर ले फिर आप कांटा या फांस आसानी से निकालें काँटा आसानी से निकल जाएगा और दर्द भी नहीं होगा-

4- यदि आइब्रो बनवाते समय आपको अधिक दर्द होता है तो एक बर्फ का टुकड़ा आइब्रो के चारों और घिस लीजिए इससे यह हिस्सा थोड़ी देर के लिए सुन्न हो जाएगा और आपको दर्द भी नहीं होगा-यही तरीका शरीर के किसी और हिस्से पर भी आप लागू कर सकते हैं-

5- नाक से खून आने पर बर्फ को कपड़े में लेकर नाक के ऊपर चारों और रखें आप देखेगें कि थोड़ी देर में खून निकलना बंद हो जाता है-

6- प्लास्टिक में बर्फ का टुकड़ा लपेटकर सिर पर रखने से आपको सिरदर्द में राहत मिलती है तथा जिन लोगों को कडवी दवा खाने से परहेज है तो आप कड़वी दवाई खाने से पहले मुंह में बर्फ का टुकड़ा रख लें आपको दवाई कड़वी ही नहीं लगेगी-

7- आंखों के काले घेरे दूर करने के लिए खीरे के रस और गुलाब जल को मिलाकर आप बर्फ जमा लीजिए तथा फिर उस टुकड़े से काले घेरों पर मालिश करे यकीन माने आपकी ये समस्या बहुत जल्द दूर होगी-

8- ज्यादा देर मोबाइल या कंप्यूटर चलाने के बाद आपकी आंखें दर्द कर रही हैं तो बर्फ के टुकड़े को अपनी आंखों पर रखिए आपको जल्द ही राहत मिलेगी और पैरों की एड़ियों में बहुत ज्यादा तीखा दर्द हो तो बर्फ की क्यूब मलने से आपको अवश्य ही आराम मिलेगा-

9- शरीर में किसी स्थान पर जल जाने के तुरंत बाद बर्फ का टुकड़ा जले हुए स्थान पर लगाने से छाले और जलन शांत होता है और निशान भी गहरा नही पड़ता है-

10- यदि आपने बहुत ज्यादा खा लिया है और खाना पच नहीं रहा है तो थोड़ा-सा बर्फ का टुकड़ा खा ले आपका खाना शीघ्र पच जाएगा और धीरे-धीरे बर्फ का टुकड़ा चूसने से उल्टी भी बंद हो जाती है-बर्फ का टुकड़ा गले के बाहर धीरे-धीरे मलने से गले की खराश ठीक हो जाती है-

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Upcharऔर प्रयोग-

19 फ़रवरी 2017

शादी-शुदा रिश्ते को मजबूती से कैसे निभाएं

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शादी करना जीवन का अभिन्न और महत्वपूर्ण पल है लेकिन क्या आप अपनी शादी-शुदा जिन्दगी(Married life)को ठीक उसी प्रकार निभा रहें है जब आप शादी से पहले एक दूसरे को प्यार करते थे-जी हाँ आज ये सवाल इस लिए पूछ रहा हूँ क्युकि आप जान सकें कि अगर अब नहीं वो बात है तो इसका मुख्य कारण क्या है-

शादी-शुदा रिश्ते को मजबूती से कैसे निभाएं

शादी सामाजिक बंधन के साथ जीवन को जीने की एक कला भी है लेकिन शादी के बाद आपको कैसे जीना है इस बात पर कम लोग ही ध्यान देते है यदि आपने शादी करके इतिश्री कर ली है तो शादीशुदा जीवन का अंतिम पड़ाव नहीं है जबकि शादी के बाद तो जीवन और भी खूबसूरत हो सकता है अगर आपको जीने की कला का ज्ञान है ये बात स्त्री-पुरुष दोनों को सामान रूप से समझना आवश्यक होता है-

हम आप पर ये आरोप नहीं लगा रहे है कि आपको शादी शुदा जीवन(Married life)जीना नहीं आता है परन्तु अगर आप कुछ छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देगें तो फिर आप अपनी शादी-शुदा जिन्दगी को और भी खूबसूरत बना सकते है-

शादी एक ऐसी जिम्मेदारी है जहां पर आपका और आपके पार्टनर दोनों का प्रयास काफी जरूरी होता है लेकिन कभी-कभार कई प्रयास करने के बाद भी कुछ कमियां पीछे छूट ही जाती है शादी के बाद कई रिश्ते गलतफहमी और एकरसता के कारण भी कमजोर पड़ जाते हैं आइये जानते है कि आखिर क्यों कई पति अपनी शादीशुदा जिदंगी(Married life)से ना खुश होते जाते हैं-

शादी-शुदा जीवन(Married life)के लिए क्या ध्यान दें-


1- यदि आप पत्नी हैं और आपको अपने पति की कोई भी बात या उनकी कोई आदत आपको परेशान करती है तो आपको बिना देर किये अपने पति से बात करनी चाहिए बिना बात किये किसी चीज का समाधान नहीं हो सकता है-बातचीत करके ही आप किसी समस्या का हल कर सकती हैं लेकिन आपको भी अपने पति की पसंद-नापसंद का ध्यान रखना आवश्यक है-

2- आपकी शादी को कितना भी समय हो गया हो इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है लेकिन जहाँ तक रोमांस की बात हो आपको पहले की तरह ही स्वयं रखना चाहिए हमने बहुत से पुरुषों को यही कहते पाया है कि अब उनकी पत्नी शादी के कुछ समय के बाद से ही रोमांस में कम दिलचस्पी दिखाती हैं हम ये मानते है कि आप शादी के बाद कई प्रकार की जिम्मेदारियों में लिप्त हो जाती है लेकिन ध्यान रक्खें कि आपका प्यार पति के प्रति किसी भी तरह कम नहीं होने पायें तभी आप अपने पति को अपने मोहपाश में बाँध कर रख सकती है ठीक यही बात पति पर भी लागू होती है कि जीविकोपार्जन की जिम्मेदारी के साथ-साथ आपका रोमांस पत्नी के प्रति बढ़ता ही रहना चाहिए क्युकि आपकी आखिरी सांस तक वही साथ देने वाली है-

3- शादी दो विचारों का मिलन है ये जरुरी भी नहीं है सभी के विचार पूर्णतया आपस में मेल खाते हों और ये भी सत्य है कि शादी के बाद आपसी मतभेद भी होते है लेकिन ये जन्म-जन्मान्तर का रिश्ता है जो पूर्व निर्धारित होता है आप चाह कर भी कुछ नहीं कर सकते है आपस का मतभेद आपके रिश्ते को कमजोर कर सकता है इसलिए आप दोनों को मिलकर अपने रिश्ते को बचाने की कोशिश करनी चाहिए और अगर आपकी कोई आदत यदि आपकी शादीशुदा जिंदगी को बर्बाद कर रहीं है तो आप उसे तुरंत ड्रॉप कर दें-

4- शादी के बाद आपके बच्चे आपकी जिन्दगी का अभिन्न अंग हैं लेकिन आप बच्चों पर ध्यान देने के साथ-साथ आपसी रोमासं का भी ध्यान रक्खें वर्ना आपकी लाइफ आगे चल कर बोरिंग बन सकती है हाँ जब भी आप इस मूड में हो बच्चों को अवश्य दूर ही रक्खें कही ऐसा न हो कि एक अच्छी माँ तो बन जाएँ लेकिन एक अच्छी पत्नी का दर्जा आपके हाथों से फिसल जायें-तो हो सके तो आप बच्चों के सो जाने के बाद अपने पति को भी पर्याप्त समय अवश्य दें जिससे आपकी शादी-शुदा जिन्दगी ताउम्र हसीन बनी रहे-

5- कई पति और पत्नी शादी के कुछ अंतराल के बाद सेक्स से दूर होते भी देखे गए है कुछ लोग बाद में एक नीरस जीवन जीते देखे जा सकते है आप अपनी जिन्दगी में ऐसा न होने दे-सेक्स भी आपके जीवन में रिश्ते को भली प्रकार चलाने के लिए बहुत ही आवश्यक है आप इस बात को बखूबी जानते होंगे कि सेक्स ही आपके रिश्ते का एक महत्वपूर्ण तत्व है-

6- जब दो इंसान एक दूसरे के साथ रहने की आदत हो जाती है तो कुछ समय बाद वह एक दूसरे के साथ कमफर्टेबल हो जाते हैं और यह वही समय होता है जब दोनों को ही एक दूसरे को आपस में उनके कामों के प्रति सराहना करनी चाहिए-

7- आपके पति कोई माइंड रिडर नहीं है जो उन्हें क्षण में वह बात पता चल जाए जो आपके मन में हो इसलिए आप मायूस या गुस्सा इजहार करने के बजाय अपने मन की बात समय देख कर आपस में शेयर करें-

8- कुछ पत्नियाँ पति के घर में प्रवेश करते ही पति को एक लिस्ट थमा देती हैं जो कुछ पतियों को शायद अच्छा नहीं लगता है हो सकता है आपकी इस बात से वह काफी नाराज हो सकते हैं इसलिए पहले आप उन्हें प्यार से उनकी थकावट और कामों के प्रति सराहना करें और फिर आप अपनी बातों को प्रस्तुत करें-

9- मेरे कहने का तात्पर्य ये है कि आप अपने रिश्ते में पहले जितनी मस्ती करते थे तो क्या उस मस्ती का एक भी हिस्सा अब आपके रिश्ते में नहीं बचा है अगर ये सच है तो आज से ही आप दोनों खुद को बदलने का प्रयास करें-

10- यदि आपने शादी-शुदा जीवन में कुछ अंतराल के बाद नीरस जीवन जीना शुरू किया है या मेरे कहने का मतलब है आपस में एक दुसरे के साथ इंजॉय करना बंद कर दिया है तो फिर आपका रिश्ता कमजोर हो रहा है तो रिश्ते को लंबे समय तक टिकाने के लिए आप रोमांटिक बने और आपस में उन सभी बातों को दूर करने का प्रयास करें जो आपके जीवन को नीरस बनाने में सहायक हो रही है-

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Upcharऔर प्रयोग-

सफ़ेद पानी(श्वेत प्रदर)आने की शिकायत तो नहीं

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श्वेत प्रदर या ल्यूकोरिया(Leukorrhea)या सफेद पानी का आना स्त्रियों में होने वाला एक रोग है जिसमें स्त्री की योनि से असामान्य मात्रा में सफेद रंग का गाढा और बदबूदार पानी निकलता है शुरुवाती दौर में श्वेत पानी आना बाद में दही जेसा गाढ़ा बदबूदार पीव जैसा और कभी कभी योनी मार्ग से हरा पीला मिश्रित स्राव जलन के साथ कमजोरी का महसूस होना आदि लक्षण दिखते है महिलाओं एवं किशोरियों में इसकी पहचान कमर में हमेशा दर्द रहता है-

सफ़ेद पानी(श्वेत प्रदर)आने की शिकायत तो नहीं

ये गुप्तांगों से पानी जैसा बहने वाला स्त्राव होता है यह खुद कोई रोग नहीं होता परंतु अन्य कई रोगों के कारण ल्यूकोरिया(Leukorrhea)होता है श्वेत प्रदर वास्तव में एक बीमारी नहीं है बल्कि किसी अन्य योनिगत या गर्भाशयगत व्याधि का लक्षण है तथा सामान्यतः प्रजनन अंगों में सूजन का बोधक है-

ल्यूकोरिया(Leukorrhea)में योनि स्राव-


वैसे महिलाओं में श्वेत प्रदर रोग आम बात है योनि मार्ग से सफेद, चिपचिपा गाढ़ा स्राव होना आज मध्य उम्र की महिलाओं की एक सामान्य समस्या हो गई है सामान्य भाषा में इसे सफेद पानी जाना कहते हैं भारतीय महिलाओं में यह आम समस्या प्रायः बिना चिकित्सा के ही रह जाती है-

सबसे बुरी बात यह है कि इसे महिलाएँ अत्यंत सामान्य रूप से लेकर ध्यान नहीं देती हैं कुछ महिलायें इसे डॉक्टर को नहीं बताती है और लापरवाही करती है श्वेत प्रदर में योनि की दीवारों से या गर्भाशय ग्रीवा से श्लेष्मा का स्राव होता है जिसकी मात्रा, स्थिति और समयावधि अलग-अलग स्त्रियों में अलग-अलग होती है यदि स्राव ज्यादा मात्रा में, पीला, हरा, नीला हो, खुजली पैदा करने वाला हो तो ऐसी स्थिति असामान्य मानी जाएगी-इससे शरीर कमजोर होता है और कमजोरी से श्वेत प्रदर बढ़ता है इसके प्रभाव से हाथ-पैरों में दर्द, कमर में दर्द, पिंडलियों में खिंचाव, शरीर भारी रहना, चिड़चिड़ापन रहता है-इस रोग में स्त्री के योनि मार्ग से सफेद, चिपचिपा, गाढ़ा, बदबूदार स्राव होता है इसे वेजाइनल डिस्चार्ज भी कहते हैं-

ल्यूकोरिया(Leukorrhea)के कारण-


1- सहवास के बाद योनि को स्वच्छ जल से न धोना तथा वैसे ही गन्दे बने रहने से भी ये रोग होता है-

2- अत्यधिक उपवास, उत्तेजक कल्पनाएं, अश्लील वार्तालाप, मुख मैथुन, सम्भोग में उल्टे आसनो का प्रयोग करना आदि भी इसका एक कारण है-

3- रोगग्रस्त पुरुष के साथ सहवास करने से भी ल्यूकोरिया(Leukorrhea)होता है-

4- महिलाओं का बार-बार गर्भपात कराना भी सफेद पानी का एक प्रमुख कारण है-

5- सफेद पानी(श्वेत प्रदर)का एक और कारण प्रोटिस्ट हैं जो कि एक सूक्ष्म जीवों का समूह है-

बचाव एवं चिकित्सा(Rescue And Treatment)-


1- इसके लिये सबसे पहले साफ-सफाई जरूरी है योनि को धोने के लिये सर्वोत्तम उपाय फिटकरी के जल से धोना है फिटकरी एक श्रेष्ठ जीवाणु नाशक और सस्ती औषधि है तथा ये आसानी से सर्वसुलभ है- 

2- बोरिक एसिड के घोल का भी प्रयोग करा जा सकता है और यदि अंदरूनी सफ़ाई के लिये पिचकारी से धोना (डूश लेना)हो तो आयुर्वेद की अत्यंत प्रभावकारी औषधि “नारायण तेल” का प्रयोग सर्वोत्तम होता है-

3- मैथुन के पश्चात अवश्य ही साबुन से सफाई करना चाहिए-

4- प्रत्येक बार मल-मूत्र त्याग के पश्चात अच्छी तरह से संपूर्ण अंग को साबुन से धोना चाहिए-

5- बार-बार गर्भपात कराना भी सफेद पानी का एक प्रमुख कारण है अतः महिलाओं को अनचाहे गर्भ की स्थापना के प्रति सतर्क रहते हुए गर्भ निरोधक उपायों का प्रयोग(कंडोम, कापर टी, मुँह से खाने वाली गोलियाँ) अवश्य करना चाहिए तथा साथ ही एक या दो बच्चों के बाद अपना या अपने पति का नसबंदी आपरेशन कराना चाहिए-

6- आप शर्म त्यागकर इसके बारे में अपने पति एवं डाक्टर को अवस्य ही बताये नहीं तो आगे चलकर ये रोग असाध्य हो जाता है वैसे इस रोग की प्रमुख औषधियां अशोकरिष्ट, अशोक घनबटी, प्रदरांतक लौह, प्रदरहर रस आदि हैं-

ल्यूकोरिया(Leukorrhea)होने पर करे उपचार-


1- घृतकुमारी को गुड या मिस्री के साथ आप खाली पेट ले ये रोज आपको एक चम्मच लेना है पांच या दस दिनों तक लेना है और अगर ये रोग पुराना है तो फिर इसे एक दो माह तक जारी रखे (बीच में एक हफ्ते अंतराल करके भी दुबारा ले सकती है)-

2- अशोक के पेड की छाल 60 ग्राम को एक लीटर पानी में इतना उबाल ले कि पानी सिर्फ 250 मिलीलीटर ही रह जाए आप इसे दो चम्मच प्रतिदिन एक या दो माह तक लेना है -

3- शतावर(Asparagus Racemosus)की ताज़ी कंदमूल या सूखी जड़ो का चूर्ण 5-10 ग्राम स्वादानुसार जीरे के चूर्ण के साथ एक कप ढूध में सुबह खाली पेट में पिलाने से कमजोरी और तनाव से होने वाली श्वेत प्रदर दो से तीन सप्ताह में ठीक हो जाती है-

4- ब्राम्ही, बेंग साग(Centella asiatica)का चूर्ण दो छोटी चम्मच या उसका स्वरस एक या दो चाय की चम्मच दिन में दो बार मिसरी के साथ 15 -20 दिन तक दें-

5- अरहर(Canjanus cajan)के पत्तों का स्वरस(बिना पानी मिलाये)एक चम्मच दिन में दो बार 12-15 दिन तक लें अथवा अरहर का जूस, सेंधा नमक में मिलकर दिन में एक बार 30 दिनों तक लें-

6- सेमल  की छाल- 200 ग्राम         
    पलाश की छाल- 200 ग्राम
    शतावरी की जड़-200 ग्राममूलकंद

उपरोक्त तीनों को बराबर मात्रा में लेकर कूट- पिसकर छान कर चूर्ण को कांच की शीशी में भरकर रख लें और इस चूर्ण को 1-2 चम्मच ठण्डे पानी या चावल के पानी, या मांड (ठण्डा) के साथ 15-20 दिन तक सुबह-शाम लें-

नोट- धृतकुमारी के गुच्छे का प्रयोग करने से पूर्व इसके काँटों को साफ कर लें ये ज़हरीला है -

परहेज-

तेल, खटाई, मसाला, टमाटर, गर्मी पैदा करने वाला भोजन व कब्ज जनित खाध पदार्थों का सेवन न करें-





Upcharऔर प्रयोग-

17 फ़रवरी 2017

जीवन की गाडी कैसे ड्राइव करे

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परिवार एक ऐसी गाड़ी की तरह है जिसमें पति-पत्नी के रूप में दो पहिए होते हैं जिसे दोनों को मिलकर खींचना होता है अगर इन दोनों पहियों में से अगर एक भी खराब होता है तो गाड़ी चलाना मुश्किल हो जाता है शादी के बाद दाम्पत्य जीवन(Married life)में प्यार और सुख शांति बनाए रखने के लिए पति और पत्नी को मिलकर ही परिवार में सामंजस्य बिठाना होता है तभी आपके परिवार में सुख-शांति बनी रह सकती है और जहां सुख-शांति है वहीं धन और खुशहाली का भी निवास होता है लक्ष्मी की बरकत भी वही होती है-

जीवन की गाडी कैसे ड्राइव करे

जिम्मेदारी(Responsibility)कैसे निभायें-


1- समृद्ध और खुशहाल परिवार बनाने के लिए पत्नियों की तरह पतियों की भी बहुत अहम भूमिका होती है पति या पत्नी में से कोई भी परिवार में अपनी भूमिका से पीछे नहीं हट सकता है क्योंकि दोनों का कार्य क्षेत्र अलग-अलग है पति को परिवार के अंदर भी कुछ जिम्मेदारियों(Responsibilities)को निभाना पड़ता है-

2- चूँकि शादी के बाद पत्नी का जो सबसे बड़ा सहारा होता है वह उसका पति ही होता है क्योंकि नई दुल्हन आपकी पत्नी बनने के बाद वह अपने मायके में अपना सब कुछ छोड़कर उसके पास आती है इसलिए पति का भी फर्ज बनता है कि वह अपनी पत्नी की अच्छी तरह से देखभाल(Care)करे-

3- परिवार के अंदर पत्नी का कार्य क्षेत्र परिवार के अंदर आता है तो पति का कार्य क्षेत्र परिवार के बाहर का है लेकिन सामूहिक रूप से अपने-अपने क्षेत्रों में दिए गए दोनों का सहयोग का फल मिलकर सामने आता है इसलिए पति और पत्नी दोनों को ही मिलकर अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हुए काम करते रहना चाहिए-

4- अधिकतर यही देखा जाता है कि शादी के बाद सास और बहू के छोटे-मोटे झगड़े तो होते ही रहते हैं ऐसे में पति अपने कार्य क्षेत्र से घर में आने पर उसकी मां झगड़े की बात को बढ़ा-चढ़ाकर बताती है और फिर चाहे गलती खुद की ही क्यों न हो फिर भी सारा इल्जाम(fault)अपनी बहू पर लगा देती है पति भी अपनी मां की बात सुनकर सारा गुस्सा अपनी पत्नी पर निकाल देता है और कई बार तो उसे पीटने पर भी आ जाता है ऐसा होने पर पत्नी सिर्फ आंसू ही बहा सकती है और कुछ नहीं कर सकती है -

5- शादी के बाद पत्नियां पति को परमेश्वर इसीलिए कहती है क्योंकि जिस प्रकार से परमेश्वर सबकी रक्षा करता है वैसे ही पति भी परमेश्वर की तरह उसकी ऱक्षा करें-उसे हर तरह के दुख और तकलीफ से बचाकर रखें-

6- हम यहाँ ये नहीं कहेगे कि माँ का दर्जा कुछ भी नहीं है माँ का कर्ज तो बेटा जीवन भर नहीं चुका सकता है लेकिन पति को इस बात का पूरा ख्याल रखना चाहिए कि उसकी पत्नी उसकी वजह से ही इस घर में आई है तो फिर पत्नी पर अगर किसी तरह की परेशानी आती है तो वह सबसे पहले अपने पति से ही कहती है क्योंकि वह ही उसके लिए सबसे बड़ा सहारा होता है इसलिए पति का फर्ज बनता है कि पत्नी के मान-सम्मान की पूरी तरह से रक्षा करे और माँ को पत्नी के साथ सामंजस्य बिठाने की युक्ति पे विचार करे न कि प्रताड़ना(Harassment)दे पति बात को पूरी तरह दोनों पक्ष की सुने और अपने विवेक द्वारा उसमे से निष्कर्ष निकाले तथा जिसकी गलती हो तो प्यार से समझाए-प्यार से तो सब कुछ मनवाया जा सकता है माँ को भी हमेशा ये अवस्य बताये यदि हम आपके बेटे है तो ये अब आपकी बेटी है इसे बेटी मानकर ही डांटे-

7- पत्नी को भी माँ से सामंजस्य बिठाने को कहे और सास को अपनी माँ की तरह ही समझने को प्रेरित करे भूल से भी आप अपनी पत्नी की खामियों(Mistakes)को अपने घर वालो के सामने व्यक्त न करे न ही उसको अनायास ही मजाक(joke)का पात्र बनाए जो बात आपको बुरी लगती है क्या वो बात दूसरे को बुरी नहीं लगेगी इसलिए आप जरा सोचे और अपने परिवार को टूटने में अपना योगदान करे-

8- मजाक एक हद तक ही सही होता है यदि मजाक हो भी रहा है तो उस समय पति का फर्ज तो यही बनता है कि अपनी पत्नी का साथ दे क्योंकि जब सब लोग एक साथ मिलकर उसकी पत्नी का मजाक उड़ा रहे हैं तो कोई पत्नी के साथ भी तो होना चाहिए-पत्नी को ऐसा कभी भी एहसास नहीं होना चाहिए कि वह अकेली है बल्कि उसे तो ऐसा लगना चाहिए कि आप तो उसके साथ है-ऐसा मजाक भी न करे और न ही किसी को करने दे जो सामने वाले को रोने पर मजबूर कर दे-


Upcharऔर प्रयोग-

16 फ़रवरी 2017

प्रात:काल जल पीने को उषापान कहते है

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जी हाँ-आयुर्वेद में उषापान को अमृतपान कहा गया है अर्थात प्रात:काल उठने के बाद जल पीने को उषापान(Ushapan)कहते है रोगों को दूर करने में यह सरल-निशुल्क और सर्व-सुलभ उपचार है उषापान को जल चिकित्सा(Water therapy)भी कहते है और आज चिकित्सक भी इसके महत्व को स्वीकार करते है-

प्रातकाल जल पीने को उषापान कहते है

उषापान पर वैज्ञानिक शोध भी किया जा चुका है निष्कर्ष के अनुसार-रात में नींद के समय लगभग छ: घंटे तक हर व्यक्ति के शरीर में कम हलचल होती है इस बीच में पेट द्वारा भोजन पचाकर उसका सारा रस सारे शरीर में पहुंचाने का काम बराबर चलता रहता है इस प्रक्रिया के साथ शरीर में नए कोष बनाने तथा पुराने कोषों को मल के रूप में विसर्जित करने का चयापचय(Metabolism)का क्रम चलता रहता है-

रात में शरीर की हलचल तथा शरीर में पानी के प्रवाह की कमी से जगह-जगह शरीर में विषैले तत्व एकत्रित हो जाते है और प्रात: काल जागते ही शरीर में पर्याप्त मात्रा में एक साथ पानी पहुँचने से शरीर के आंतरिक अंगों की पूर्णत:धुलाई जैसी प्रक्रिया आरम्भ होती है जिससे सहज ही शरीर में विजातीय प्रदार्थ(Foreign substance) या विष(toxic) शरीर से बाहर निकल जाते है-यदि ये विजातीय तत्व या विष शरीर से बाहर नहीं निकल पाते है तो अनेक रोगों के कारण बन जाते है-ये बिषाक्त प्रदार्थ शरीर में पथरी(Calculus)या गाँठ के रूप में बन जाते है उषापान से ऐसी बीमारियों को पनपने का अवसर ही नहीं मिलता है-

उषापान से प्राप्त परिणाम-


1- प्रात:काल उषापान से आपको सरदर्द, रक्तचाप, एनीमिया, संधिवात, मोटापा, स्नायुरोग, साइटिका, दिल की धड़कन, बेहोशी आदि से बचाव करता है-

2- प्रात:काल जल सेवन से कफ, खांसी, दमा, ब्राकाईटिस, टी.बी. की बीमारी में लाभ होता है-

3- मेनेजाइटीस, लीवर सम्बन्धी रोग, स्वप्नदोष आदि में भी लाभ होता है-

4- हाइपर एसिडिटी , अम्लपित्त, गैस सम्बन्धी रोग, में भी उषापान को लाभदायक जाना जाता है-

5- पेचिस ,गुर्दे की बिमारी, कब्जियत, डायबिटीज आदि में भी अधिक लाभदायक है-स्त्रियों की अनियमित माहवारी,प्रदर,गर्भाशय का कैंसर आदि समस्त रोगों की जड़ कब्ज है-




उषापान एक अचूक इलाज है तो फिर क्या सोच रहे है आज ये लेख पढ़ रहे है तो कल से ही शुरू करे और फ्री की सलाह से अपने जीवन को अप्रत्यासित रूप से आप स्वस्थ बनाए-

प्रस्तुति- Vasundhra Singh

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Upcharऔर प्रयोग-

15 फ़रवरी 2017

समस्या जीवन में हर व्यक्ति को है अनुभवी बनें

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आज वर्तमान में समय बदल गया है हर व्यक्ति की आवश्यकता जीवन में इतनी बढ़ गई है कि सिर्फ पति के काम करने से गृहस्थी का चलना नामुमकिन सा होता जा रहा है इसी आवश्यकता पूर्ति के लिए पति-पत्नी दोनों का काम करना आवश्यक सा होता जा रहा है और ख़ास कर बड़े-बड़े शहरों में ये समस्या(Problem)जीवन में हर व्यक्ति को है तो आप थोडा अनुभवी बनें- 

समस्या जीवन में हर व्यक्ति को है अनुभवी बनें

वैसे आज भी कई जगह महिलाओं के काम करने को हेय द्रष्टि से देखा जाता है हमेशा परिवार के सदस्यों को यही सोच लगी रहती है कि बाहर जा कर काम करने वाली महिला चरित्र हीन हो सकती है दूसरे पुरुष से सम्बन्ध बन सकते है लेकिन जहाँ तक मेरा विचार है कि ये गलत है-बहुत सी महिलाए बाहर काम पे जाती है और उनका चरित्र हमेशा उज्जवल ही रहता है हाँ अपवाद रूप में सौ प्रतिशत गारंटी नहीं ली जा सकती है कि हर महिला सही है लेकिन कुछ प्रतिशत को तो देखते हुए सभी को इन नजरों से देखना तो बिलकुल भी उचित नहीं होगा -

यदि महिला का अपना चरित्र अच्छा है तो भले हजारों के बीच काम करे लेकिन उसके चरित्र पे कतई भी आंच नहीं आ सकती है लेकिन चरित्रहीन महिला तो घर में भी रह कर भी आपकी नाक कटवाने में कोई कसर नहीं रक्खेगी ये चरित्र संस्कार से बनता है-

समस्या कहाँ होती है-


1- समस्या(Problem)यहाँ ये है कि जब आवस्यकता की पूर्ति के लिए स्त्री-पुरुष दोनों काम करते है तो पति को भी अपनी पत्नी से सामंजस्य स्थापित करना आवश्यक है-आखिर काम तो आपकी पत्नी भी करती है तो उसे भी थकावट आना भी लाजिमी है-हाँ अगर पति चाहता है कि पत्नी काम न करे और आपका ईगो हर्ट होता है तो फिर आप मर्द बने और सभी आवश्यकताओं की पूर्ति करे-किसी भी स्त्री को बेमतलब में बाहर काम करना अच्छा नहीं लगता है यदि सभी आवश्यकतायें उसका पति पूरा कर रहा है-

2- कामकाजी पत्नियाँ इस बात से त्रस्त है कि काम से लौटने के बाद उनका पति अपने आफिस के बॉस का गुस्सा उन पर उतारते है घर की समस्या है या आफिस की-बस प्यार एक ऐसी चीज है सामंजस्य एक अदभुत प्रयोग है इस्तेमाल की जाए तो सभी समस्या का समाधान मिल ही जाता है यदि पति पत्नी को काम पर जाने की इजाजत देता है तो फिर शंका को दिमाक से निकालना भी आवश्यक है वर्ना आपके अच्छे -खासे घर में तांडव होते देर नहीं लगेगी-

3- जब कोई व्यक्ति अपना काम करता है तो बिजनेस में फायदा या नुकसान उसके मन में आक्रोश भर देता है यही गुस्सा जब तक बाहर नहीं निकल जाता तब तक अंदर ही अंदर सुलगता रहता है इसको पति और पत्नी के बीच होने वाले झगड़ों की बहुत बड़ी वजह माना जाता है पति को जब अपना गुस्सा निकालने का दूसरा कोई रास्ता दिखाई नहीं देता है तो वह इसे अपनी पत्नी पर निकाल देता है वह पत्नी की छोटी-छोटी बातों में गलतियां निकालने लगता है और कुछ मामलों में तो बात मारपीट पर भी आ जाती है-

4- उन सभी पतियों को गुस्सा निकालने का कोई दूसरा रास्ता निकालना चाहिए क्युकि पत्नी को बार-बार प्रताड़ित करके आप सिर्फ अपना ही घर बर्बाद करते है-आपकी बाहर की समस्या का कोई भी प्रभाव आपके परिवार पे नहीं पड़ना चाहिए-समस्या(Problem)जीवन में हर व्यक्ति को है किसी की बड़ी तो किसी की छोटी हो सकती है जरुरत है आपके धैर्य और साहस की-आपके जीवन में अगर समस्या नहीं होगी और उससे आप निकलने का रास्ता नहीं तलासेगें तो जीवन में आप हमेशा अनुभवहीन ही रहेगे-


Upcharऔर प्रयोग-

शादीशुदा नहीं है तो आगे से ध्यान रक्खे

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हमारे समाज एक कहावत है "शादी वो लड्डू है जो नहीं खाता वो भी पछताता है जो खाता है वो भी पछताता है'" तो ख़ैर "अब पछताए होत क्या जब चिड़ियाँ चुग गई खेत"

शादीशुदा नहीं है तो आगे से ध्यान रक्खे

शादी करें तो इन बातों भी ख्याल रक्खें-


जब तक शादी नहीं होती है आप किसी दोस्त के घर जाएँ तो अगर उसके घर में कोई जवान बहन इत्यादि है तो आपको अंदर आने को नहीं कहता है डर कर वो बेचारा आपको बाहर से ही बाहर निपटा देता है इसलिए आपको एक लाइसेंस मिले इसके लिए शादी करना भी आवश्यक है-

आपको शादी के बंधन में बाँधने और उकसाने वाले तरह-तरह की सलाह भी देते है क्युकि लोग किसी की ख़ुशी से भला कहाँ खुश होते है आपकी फक्कड अलमस्त जिन्दगी से उनको जलन होती है इसलिए उन पे जो बीत रही है वो चाहते है आप भी उसका थोडा मजा ले-

चलो अब बात करते है कि कि शादी कर भी ली है तो कोई बुराई नहीं है बस अब आप तैयार हो जाए कुछ कामों को अपनी जिन्दगी में ढालने के लिए-इस पोस्ट में हम आपको पति और पत्नी दोनों के लिए नुस्खे प्रदान कर रहे है यदि आपको अच्छा लगे तो रख ले और अगर बुरा लगे तो फिर आप हमें वापस कर दे-

क्या करना चाहियें-


1- सबसे पहले यदि आप अपनी पत्नी को खुश देखना चाहते है तो एक बात का विशेष ध्यान रक्खे-कुछ भी हो जाए आप भूल कर भी अपनी पत्नी के मायके वालो की बुराई कदापि  न  करे-अगर शांति पूर्वक जिन्दगी बिताना है तो उल्टे अपनी ससुराल की तारीफ़ ही करते रहे-

2- शादी के बाद लगभग सभी बाते कामन होती है जो आपको बड़े -बूढ़े-बुजुर्ग-भाभी या निकटवर्ती महिलाओं से भी जानने को मिल जाती है लेकिन कुछ और भी ख़ास बाते है जो आपको ही समझना पड़ेगा तो आइये अब चलते है कुछ और सीक्रेट बातें जिनको आपको अपनी लाइफ में अवश्य करना चाहिए -

3- शादी के बाद सबसे पहले आप दो पाटों के बीच पिसने को तैयार हो जाए क्युकि पत्नी शादी के बाद आप पे अपना पूरा हक़ जताती है आखिर क्यों न हो अग्नि के फेरे लेकर आपने जो वचन दिए है और आपकी माँ जिसने आपको नव माह तक अपने गर्भ में रक्खा और उसके बाद आपका पालन-पोषण किया है तो वो भी अपना हक़ अपने बेटे से कैसे हटा ले-बस आपको कुछ नहीं करना है दोनों को समझा कर रखना है अगर गलती से भी आपने अपनी माँ का पक्ष ले भी लिया है-तो फिर तैयार हो जाइए मार्केट से गिफ्ट लाके पत्नी को देने की-क्युकि गिफ्ट देखकर पत्नी का गुस्सा कुछ हद तक कम अवस्य हो जाएगा-

4- लड़कियां भी ध्यान दे-आपको भी अगर आराम दायक शान्ति प्रिय जीवन बिताना है तो अपनी सासू माँ को अवश्य ही पटा कर रक्खे अगर आप एक छत के नीचे रहना चाहती है तो रिश्ता लड़के की माँ से बना कर रखने से आपको फायदा ही मिलने वाला है अगर आपने लव-मैरिज की है तो इस गलत-फहमी में न रहे कि पति सिर्फ आपकी ही बात मानेगा-शादी के पहले भले ही आपका होने वाला जीवन साथी आपकी हर अदा पर और काम करने की काबलियत पर सौ बार फिदा होता रहा हो पर-शादी के बाद उसे अपना घर और खाना सब कुछ बिल्कुल वैसा चाहिए जैसा उसकी मां करती रही है इसलिए आपको पति को खुश रखना है तो अपनी सासू माँ से ही सब कुछ सीखना पड़ेगा-

5- अब तक आप ने जो किया आपके माँ-बाप ने ये सोच कर करने दिया था कि बहू के आने पर खुद-ब-खुद सुधार लेगी-ये जिम्मेदारी सिर्फ बहूँ की समझते है-मगर कभी सोचा है जो काम आपके माँ-बाप इतने सालों में नहीं कर सके तो कल की आई बहूँ को क्या कोई "सम्मोहन ज्ञान" आता है उसे भी तो समझने में साल-दो साल लग ही जायेगे और अगर पत्नी में गुणों का अभाव हुआ तो भी वो आपको आपके ही हाल पे छोड़ देगी-तो आप अपने जीवन साथी के साथ नई जीवन की शुरुवात करे-आप ही खुद को जब सोचेगे तभी बदल पायेगे-

6- आप कलह से और फिजूल खर्ची से बचना चाहते है तो आपको अपनी कमाई का पूरा हिसाब-किताब अपनी पत्नी को देना चाहिए इससे दो फायदे होगे-पहला आपकी फिजूल-खर्ची पे अंकुश लगेगा और दूसरा आपकी पत्नी कभी भी आप को शक की नजरों से नहीं देखेगी-हाँ एक बात अवश्य ध्यान रक्खे पत्नी को अगर आप पैसे देते है तो भूल-कर भी आप अपनी पत्नी से हिसाब मांगने की जुर्रत भी न करे वर्ना परिणाम घातक ही होगा-

7- पत्नियों को शादी के बाद एक बात का और भी ख्याल रखना चाहिए कि भले आप पहले मंगेतर रही हो लेकिन अब लेकिन अब आप मंगेतर नहीं है पहले आपके पार्टनर आपका ख्याल अवश्य रखते रहे हो आपकी छोटी-से-छोटी बातों के लिए आपका हर काम करने में अपना अहोभाग्य समझते हो लेकिन अब ऐसा नहीं होने वाला है पति किचन में आपका हाथ नहीं बँटाने वाला है उस काम को आपको ही करना है और वो भी लाचीज व्यंजन के साथ -भले आपका पति अगर किचन में जाकर जला-भुना भी बना लाये तो उसे कोसे नहीं बल्कि आप उनका अहसान ही समझे-

8- आपकी पत्नी भले ही हर बात अपनी माँ से शेयर करती हो कि दिन भर आप क्या क्या करते है आपके घर वाले उसे क्या-क्या ताने या बाते सुनाते है लेकिन पत्नी की गलतियों की बाते आप अपनी माँ से शेयर करे तो ये आप भूल कर भी ये गलती मत करना वर्ना आपके घर में ही कुरुक्षेत्र बनने वाला है-

9- आप लड़की थी और अब आप पत्नी बन कर ससुराल आ गई है यहाँ लड़के के माता पिता आपके अपने है लेकिन आप अपने माता-पिता को सिर्फ मेहमान की तरह ही बुलाये और मेहमान नवाजी के बाद जल्द ही बिदा करने की सोचे-क्युकि हो सकता है आपके नए परिवार में उनको कुछ खामियां नजर आ जाए और फिर आप तो समझ सकती है मुंह है कुछ न कुछ आपके कान भरने से आपका मस्तिष्क चेंज हो सकता है और ये भी हो सकता है कि आपका भरा पूरा परिवार उनकी बातों से कष्ट में आये-सुने भले ही लेकिन उनकी बातो को लागू करने की भूल कदापि न करे -

10- आप अपने फैसले को पति पर थोपने का प्रयास न करे आप सिर्फ सलाह दे कि "हम सोचते है आप ऐसा करते तो जादा अच्छा होता लेकिन आपने भी  कुछ सोच समझ कर फैसला लिया होगा" ये बात कह कर आप उनको सोचने पे मजबूर कर सकती है और हो सकता है वो अपना फैसला बदल लें-

11- वैसे पतियों को भी एक बात का ख्याल रखना चाहिए कि यदि आपकी पत्नी रूठ गई है तो आप ही पहल करिए मनाने का और हो सके तो सॉरी आप ही पहले कहें-

12- मुझे जो सलाह देनी थी हमने दे दी बाकी फैसला तो आप ही करेगे क्युकि हम जानते है "शुरू-शुरू में हर व्यक्ति मर्द ही होता है लेकिन फिर भी वो आखिर में पत्नी का ही गुलाम बन जाता है"


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शादी से पहले क्यों अनुचित है ये

Upcharऔर प्रयोग-

14 फ़रवरी 2017

आप फ्लर्टिंग करे पर सोच समझ कर

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आपने कुछ लड़कियों को कहते हुए देखा होगा कि क्या हुआ अगर ऑफिस नया है पर थोड़ी बहुत फ्लर्टिंग(flirting)की जा सकती है अब ऐसी सोच रखने वाली लड़कियों को संभलने की जरूरत है क्योंकि फ्लर्टिंग करने से आप तरक्की तो कर सकती हैं पर आप किसी का विश्वास नहीं जीत सकती है और अगर आपको लगता है कि ऑफिस में थोड़ी-बहुत फ्लर्टिंग से कोई नुकसान नहीं है तो इस बात पर आप एक बार आप पुन: विचार कीजिए-
आप फ्लर्टिंग करे पर सोच समझ कर

कार्यस्थल पर फ्लर्टिंग(Flirting)करना-


1- आपके कार्यस्थल पर फ्लर्टिंग यानी हल्की-फुल्की इश्कबाजी(flirt)कुछ महिलाओं को आगे बढ़ने में मदद बेशक कर सकती है लेकिन ऐसी महिलाओं पर उनके सहयोगी भरोसा नहीं करते है हालांकि महिलाओं का आकर्षण उन्हें थोड़ी ज्यादा तवज्जो दिला सकता है लेकिन अगर वे कार्यस्थल पर इश्कबाजी करती हैं तो उन्हें ज्यादा भरोसे के योग्य नहीं माना जाता है-

2- सहयोगियों के बीच आपके लिए अविश्वास की भावना आगे चल कर नुकसान दायक साबित हो सकती है महिलाओं को इश्कबाजी जैसे शब्द से दूर रहना चाहिए क्योंकि समाज महिलाओं को यह हक नहीं देता है कि वो इश्कबाजी जैसी बातों में अपना समय बर्बाद करें-अगर महिलाओं के इश्कबाजी(flirt)करने से वो तरक्की तो करती हैं पर ये भी सच है कि वो किसी का पूर्णतया विश्वास नहीं जीत पाती है-

3- पुरूषों के ऊपर भी यही नियम लागू होता है पुरूष भी इश्क बाजी करके तरक्की कर सकते हैं पर किसी का विश्वास नहीं जीत सकते हैं आप ये सोचते है कि पुरुषों के साथ शायद ऐसा नहीं होगा क्योंकि इश्क बाजी ना करने के नियम केवल महिलाओं के लिए होते हैं पर यह भी सच है कि ऑफिस काम करते समय सिर्फ अपने काम पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए ना कि इधर-उधर ध्यान रखना चाहिए-

4- प्रेम या दांपत्य संबंधों के मामले में युवा पीढी की सोच में एक नया बदलाव नजर आ रहा है आज की शिक्षित और आत्मनिर्भर युवा स्त्री को अपनी व्यक्तिगत आजादी इतनी पसंद है कि वह उसे किसी भी कीमत पर-यहां तक कि प्यार पाने के लिए भी खोना नहीं चाहती है-

5- आज की आधुनिक स्त्री पिछली पीढी की स्त्री की तरह वह प्यार में अपना सर्वस्व त्यागने को तैयार नहीं है अब उसका स्वतंत्र व्यक्तित्व है उसकी अपनी पसंद-नापसंद, रुचियां और इच्छाएं हैं उसे अपनी पसंद का साथी चुनने की पूरी आजादी है ऐसी स्थिति में उसके पास विकल्पों की कमी नहीं है उसके पास अपने आप को बदलने की कोई वैसी मजबूरी भी नहीं है जैसा कि उसकी पिछली पीढी की स्त्रियों की हुआ करती थी कि एक बार किसी पुरुष के साथ शादी या प्रेम के बंधन में बंध जाने के बाद उसके पास अपने साथी के अनुरूप खुद को ढालने के सिवा कोई दूसरा रास्ता नहीं होता था-

6- आज वक्त के साथ स्थितियां तेजी से बदल रही हैं आज पहले जैसा नहीं है आधुनिक युवती(Modern woman)अपनी शर्तो पर प्रेम करती है और अपने प्यार की खातिर खुद को बदलने के लिए जरा भी तैयार नहीं है लेकिन आज भी प्रेम के प्रति उसका समर्पण कम नहीं हुआ है बस फर्क सिर्फ इतना है कि आज उसके जीवन की स्थितियां उसके अपने नियंत्रण में हैं वह जिससे प्यार करती है उसके लिए वह कुछ भी करने को तैयार है लेकिन वह अपनी निजी स्वतंत्रता(Personal freedom)को भी बरकरार रखना चाहती है इसलिए उसे प्रेम या दांपत्य संबंध के मामले में भी थोडे-से पर्सनल स्पेस की जरूरत महसूस होती है वह जिससे प्यार करती है उसका केयरिंग(Caring)होना तो उसे अच्छा लगता है लेकिन जादा टोका-टाकी या शक जैसी आवश्यकता की कोई गुंजाइश नहीं-

7- यदि आफिस में आपका बॉस आपसे फ्लर्टिंग करता है तो ये जरुरी भी नहीं है कि आप वहां स्थाई कर्मचारी के रूप में रहेगीं आप से मन भर गया तो नई खोज में वो फिर से किसी और की तलाश कर सकता है और तब आपके सहयोगी भी आप से किनारा कर सकते है इसलिए आप एक बार अवस्य सोचे समझे और फिर आगे कदम बढाए-

8- हमेशा फ्लर्टिंग नुकसान दायक रही हो ऐसा हमारे कहने का उद्देश्य नहीं रहा है कभी -कभी ये फ्लर्टिंग कुछ लोगो के लिए लाभदायक भी साबित होती है लेकिन यदि आप शादी-शुदा नहीं है तो ये फ्लर्टिंग आपके जीवन में आपको जीवन साथी चुनने में सहायता भी करता है आप किसी से निकटता बढ़ा कर उसके बारे में गहराई से जान सकती है और फिर अपने जीवन में उसे आने दे या आप वापस मुड जाए इसके लिए आपको ये फायदेमंद भी है-

9- सबसे पहले अपने साथी के साथ भावनात्मक जुड़ाव को सबसे ज्यादा अहमियत दे आप बहुत गहराई से अपने साथी को समझे उसके परिवार से भी निकट सम्बन्ध स्थापित करे जब आप परिवारिक गहराइयों में जाकर समझ ले तभी रोमांस को आगे बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका है ऐसे लोग फ्लर्टिंग के दौरान बहुत जल्दी कामयाब होते हैं इन्हें खुद पर भरोसा होता है और बहुत जल्दी किसी रिश्ते की अहमियत को पहचान लेते हैं यही फ्लर्टिंग का ईमानदार तरीका है-

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क्या है महिलाओं के बेवफाई लक्षण

Upcharऔर प्रयोग-

चार आदतों को अपनी जिन्दगी से दूर करें

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हम मनुष्य में कुछ सामान आदत(Habit)होती है जो हम लोग अपनी प्रतिदिन दिनचर्या में करते है और हमें पता भी नहीं चलता कि इन आदतों से हमारे जीवन में अचानक कई बदलाव आ जाते है यह आदत धीरे-धीरे हमारी लत बन जाती है लेकिन मनुष्य को सामान्य लगने वाली कुछ आदतें भी आपके परिवार का नाश कर सकती हैं जी हाँ कुछ ऐसी आदते होती है जिनसे दूर रहना चहिये यह आदते आपके परिवार का नाश कर सकती है-
चार आदतों को अपनी जिन्दगी से दूर करें

मुख्यत: इन आदतों(Habit)से दूर रहें-


झूठ बोलना- 

कई लोगों को झूठ बोलने की आदत होती है और वे अपनी इस आदत को बड़ी ही सामान्य बात समझते हैं लेकिन यही आदत उनकी बर्बादी का कारण भी बन सकती है झूठ बोलने से न की सिर्फ आपको बल्कि आपके परिवार को भी दुःखों और परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है इस आदत से जितना दूर रहें आपके लिए भविष्य में उतना अच्छा है कभी-कभी आपने देखा होगा कि एक झूठ के पकडे जाने के डर से आपको और कई झूठ बोलने पड़ते है और आज जो झूठ आपने बोला है कालान्तर में बोला गया झूठ आपको खुद ही याद नहीं रहता है जबकि सच आपको हमेशा याद रहता है-

पराई स्त्री से संबंध बनाना- 

कई लोगो कि यह बुरी आदत होती है जो स्त्री का अपमान करते है ऐसे लोगो को स्वर्ग क्या नरक में भी स्थान नहीं मिलता क्युकि ऐसे लोग राक्षस प्रवृत्ति के होते है पराई स्त्री पर बुरी नजर डालना या उससे संबंध बनाना महापाप माना जाता है जो भी मनुष्य किसी अन्य स्त्री के साथ संबंध बनाता है या इसके बारे में सोचता है ऐसे मनुष्य को नरक में कई तरह की यातनाएं झेलनी पड़ती हैं यह पाप कर्म किसी भी परिवार का नाश कर सकता है इसलिए इससे बचना चाहिए आपको अपने पारिवारिक कलह से बचने के लिए इस बुरी आदत से दूर ही रहना चाहिये-

मांसाहारी होना-

आजकल के मनुष्य मांसहार(NONVEGE) को बहुत पसंद करते है जो कि हानिकारक है जीवों की हत्या करना या उनका सेवन करना शास्त्र सम्मत नहीं है ऐसा करने वाले मनुष्य पर भगवान अप्रसन्न रहते हैं  उसकी पूजा-अर्चना का भी कोई फल नहीं मिलता है ऐसे लोगों को हर समय किसी न किसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है ये आदत किसी भी परिवार का नाश कर सकती है जिस प्रकार शाकाहारी जानवर अपनी प्रवृति नहीं बदलता है तो मनुष्य के लिए शाकाहारी प्रवृति ग्रहण करना अनेक रोगों को आमंत्रण देता है इसलिए इससे दूर ही रहना चाहिए-

परिवार की परंपराओं के विरुद्ध काम करना-

कई लोग घर के बड़ों का मान-सम्मान नहीं करते है साथ ही उनकी बताई गई घर की परंपराओं आदि का भी पालन नहीं करते है ऐसे लोग अपने कुल के विनाश का कारण बनते है जो मनुष्य घर के नियम और परंपराओं का सम्मान नहीं करते है उन्हें कई तरह के दुःखों और परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं मनुष्य को अपने से बड़ो का माता-पिता का सम्मान करना चाहिए नहीं तो आने वाले वक्त में वे खुद ही परिवार का विनाश कर देते है इसलिए हर किसी को अपने परिवार की परंपराओं को पूरा सम्मान देकर उनका कठोरता से पालन करना चाहिए-इसीलिए शास्त्र में कहा गया  यह श्लोक -

 अनृतात् पारदार्याच्च तथाभक्ष्यस्य भक्षणात्।
 अगोत्रधर्माचरणात् क्षिप्रं नश्यति वै कुलम्।।

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संभोग और रिश्तो की अंतरंगता को समझे 

Upcharऔर प्रयोग-

13 फ़रवरी 2017

वेलेंटाइन डे की रियालिटी क्या है

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आज कल कुछ दिनों से पच्छिमी सभ्यता का एक त्यौहार भारत में बहुत प्रचलित हुआ है वेलेंटाइन डे लेकिन आप सच माने तो काफी लोगो को पता ही नहीं है कि वेलेंटाइन डे कब और क्यों शुरू हुआ था और इसे मनाने का क्या मकसद था लेकिन आज ये त्यौहार यूनाइटेड स्टेट अमरीका से शुरू हुआ था और आज पूरी दुनियां में मनाया जाता है आइये जानते है इसकी पूरी जानकारी कि ये क्यों और किसलिए मनाया जाता है-

वेलेंटाइन डे की रियालिटी क्या है

वेलेंटाइन डे(Valentine day)के शुरू होने की कहानी-


दरअसल बात ये है कि वेलेंटाइन रोम के एक पुजारी का नाम हुआ करता था रोमन का राजा Tiberius Claudius Drusus था जिसके शासन काल में उसने एक राज आज्ञा पूरे रोमन में लागू की थी कि उसके राज्य में कोई शादी नहीं करेगा वो शादी के सख्त खिलाफ था उसकी जानकारी में यदि कोई शादी करता है तो उसे राज आज्ञा का  उल्लंघन करने के जुर्म में फ़ासी की सजा दी जायेगी उसने अपने  सैनिको को भी शादी नहीं करने दी थी -

पुजारी(पादरी) वेलेंटाइन ने चोरी से राजा Claudius के सैनिकों की चुपचाप शादी कराई और ये बात किसी तरह रोमन राजा क्लॉडियस को पता चल ही गई तभी रोमन राजा क्लॉडियस ने वेलेंटाइन नामक पुजारी(पादरी) को तत्काल गिरफ्तार करवाया और जेल में डाल दिया दूसरे दिन वेलेंटाइन को फांसी की सजा सुना दी गई और उससे उसकी अंतिम इक्षा पूछी गई -

वेलेंटाइन पादरी ने राजा से उसकी बेटी से मिलने की इक्षा जाहिर की तो राजा की बेटी को लाया गया तो वेलेंटाइन पादरी ने एक ग्रीटिंग के जरिये राजा की बेटी से अपने प्यार का इजहार किया जबकि रोमन राजा को ये बात नहीं पता थी कि पादरी उसकी बेटी से प्यार करता था मगर आखिरी इक्षा तो पूरी की और फिर वेलेंटाइन को फांसी दे दी गई ये 14 फरवरी का ही दिन था-

वेलेंटाइन डे वैसे तो प्यार करने वाले लोगो के लिए है परन्तु काफी लोग इसे अलग-अलग तरीके से मनाते है कोई किसी से प्यार करता है तो ग्रीटिंग या गिफ्ट दे कर अपने प्यार का इजहार करता है इस दिन बे-झिझक अपने दिल की बात अपने पार्टनर को कह देते है ये अलग बात है कि बदले में उसका पार्टनर स्वीकार या अस्वीकार कर सकता है-

गर्ल-फ्रेंड के अलावा भी दोस्तों से भी आप स्नेह करते है तो इस दिन अपने दिल के उद्गार(Feeling) प्रकट कर सकते है बस आपके नजरिये की बात अलग-अलग होती है-

वैसे तो ये वेलेंटाइन डे-दो प्यार करने वालो के लिए था पर परिवर्तन समय अनुसार करना मनुष्य की शैली है इसलिए आप अपनी फ़ीलिंग किसी से भी शेयर कर सकते है-

वेलेंटाइन डे(Valentine day)किसके साथ मना सकते है-


1- आप जिसे प्यार करते हो-
2- दोस्तों के साथ-
3- फेमिली के साथ-
4- आप जिसे स्नेह करते हों-
5- आप जिसकी जादा फ़िक्र करते हों-

इस दिन को एक फ़ीलिंग के साथ एक दूसरे से शेयर करे और कही घूमने का प्रोग्राम बनाए या कही बाहर खाना खाने का प्रोग्राम बनाए और गिफ्ट भी दे जैसे-ग्रीटिंग कार्ड- चाकलेट-गुलाब का फूल या फिर आप अपनी स्थिति के अनुसार मंहगा सामान भी गिफ्ट कर सकते है -

इसे अलग-अलग हफ्तों में इस प्रकार बांटा गया है -

7 Feb- Rose Day

8 Feb- Propose Day

9 Feb- Chocolate Day

10 Feb- Teddy day

11 Feb- Promise Day

12 Feb- Hug Day

13 Feb- Kiss Day

14 Feb- Valentine Day

15 Feb- Empty Pocket Day


Upcharऔर प्रयोग-

12 फ़रवरी 2017

नेचुरल लिप बाम आप घर पर बनायें

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अक्सर सर्दियों में ठंड से और गर्मियों में डिहाइड्रेशन से हमारे सभी के होंठ सूखे और काले पड़ जाते हे और फिर तब हमें इन्हें नम रखने के लिए तरह-तरह के बाजार से कॉस्मेटिक उत्पाद खरीदते हैं जो की महंगे और ज्यादातर केमिकल युक्त होते है तथा कभी-कभी उनका साइड इफेक्ट भी आपको देखने को मिल जाता है-
नेचुरल लिप बाम आप घर पर बनायें

हम आपको घर पर ही आसानी से बन जाने वाला लिप बाम(Lip Balm)बताएगें जो नेचरल और फायदेमंद होने के साथ-साथ इसका कोई भी साइड इफेक्ट भी नहीं है तथा इसे बनाना भी आसान है-


कैसे बनायें नेचुरल लिप बाम-


सामग्री-

पेट्रोलियम जैली(Petroleum jelly)- 25 ग्राम
प्योर नारियल तेल(Coconut oil)- 1 चम्मच
चुकुन्दर(Beet)का रस- 1 चमच

आप सबसे पहले एक काच की कटोरी में चुकुन्दर का रस और नारियल तेल अच्छे से फैट कर आधा घण्टा रख दें और अब इस बर्तन को धीमी आंच पर गर्म करते हुए रस को जला ले ताकि तेल में लाल रंग उतर आए इसके बाद अब इसमें पेट्रोलियम जेली मिलाकर हिलाए-

जब अच्छे से  पेट्रोलियम जेली पिघल जाए तब इसे किसी खाली डिब्बी में तुरन्त भर ले और इसे आप बिना ढके आधे घण्टे तक छोड़ दे ताकि भाप निकल जाए बाद में तैयार लिप बाम(Lip Balm)को आप गर्मियों में इसे फ्रिज में भी रख सकते है तो तैयार हो गया है अब आपका नेचरल लिप बाम-यह बाम एक महीने तक चलेगा चूँकि इसमें आपने कोई प्रिजर्वेटिव्स नही मिलाए है तो आप इसे ज्यादा मात्रा में ना बनाए आप हर महीने फ्रेश बैच ही बनाए-

यह लिप बाम होठो को नमी देगा और नेचरल कलर भी देगा तथा इससे आपके होठो का कालापन भी दूर होगा तथा आपको कुदरती चमक भी मिलेगी-



प्रस्तुति- चेतना कंचन भगत

Upcharऔर प्रयोग-

क्या आप बिना जिम जाए पेट की चर्बी को घटाना चाहते हैं

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आज पूरी दुनिया मोटापे से परेशान है कि आपके शरीर की फ़ालतू चर्बी कैसे कम हो तो अगर आप बिना जिम जाए पेट की चर्बी को घटाना चाहते हैं तो कृपया आप पोस्ट पूरी पढ़े और बिना डॉक्टर की दवा और खर्च के आप अपने पेट की चर्बी को कम करे बस एक व्यायाम आपको चर्बी घटाने(Fat Loss)के साथ-साथ कई रोगों एवं वजन कम में भी सहायता करता है यदि इस मुफ्त की सलाह की फीस नहीं ली तो ये न समझे फायदा नहीं होगा बस सिर्फ मन की चंचलता को मारे और सिर्फ एक माह में परिवर्तन देखे-

क्या आप बिना जिम जाए पेट की चर्बी को घटाना चाहते हैं

आज का दिन तो आप का गया अब कल से एक नियम बनाए और धनुरासन योग शुरू करें जी हाँ-धनुरासन करने से पेट की चर्बी(Belly Fat)कम होती है-धनु का अर्थ धनुष होता है इस आसन में धनुषाकार आकृति बनाई जाती है इसमें हाथों का उपयोग सिर, धड और टांगों को ऊपर खींचने के लिए प्रत्यंचा की तरह किया जाता है- शरीर को धनुष के समान टेड़ा कर के फ़ैलाने और शरीर को सशक्त बनाने की इस क्रिया से तरुणाई की प्राप्ति होती है- 

धनुरासन योग(Dhanurasana Yoga)से सभी आंतरिक अंगों, माँसपेशियों और जोड़ों का व्यायाम हो जाता है तथा गले के तमाम रोग नष्ट होते हैं एवं आपकी पाचनशक्ति बढ़ती है और श्वास की क्रिया भी व्यवस्थित चलती है-धनुरासन योग आपकी मेरुदंड को लचीला एवं स्वस्थ बनाता है आपके लिए सर्वाइकल स्पोंडोलाइटिस, कमर दर्द एवं उदर रोगों में लाभकारी आसन है तथा स्त्रियों की मासिक धर्म सम्बधी विकृतियाँ भी दूर करता है और मूत्र-विकारों को दूर कर गुर्दों को पुष्ट बनाता है-

धनुरासन योग(Dhanurasana Yoga)की जानकारी-


1- सबसे पहले आप चटाई बिछा कर पेट के बल लेट जाएँ और श्वास को छोड़ते हुए दोनों घुटनों को एक साथ मोड़ें और अपनी एडियों को पीठ की ओर बढ़ाएं और अपनी बाँहों को पीछे की ओर तानें फिर बाएं हाथ से बाएं टखने को एवं दायें हाथ से दायें टखने को पकड़ लें तथा श्वास भरकर यथा सम्भव उसे रोके रखें

2- अब सांसों को पूरी तरह निकाल दें और जमीन से घुटनों को उठाते हुए दोनों टाँगें ऊपर की ओर खींचें और उसी समय जमीन पर से सीने को उठायें-बांह और हाथ झुके हुए धनुष के समान शरीर को तानने में प्रत्यंचा के समान कार्य करते हैं-अब अपने सिर को ऊपर की ओर उठायें एवं यथासम्भव पीछे की ओर ले जाएँ-टाँगे ऊपर उठाते समय घुटनों के पास उन्हें सरकने न दें अन्यथा काफी ऊँचाई तक टाँगें उठ नहीं सकेंगी-अब टांगों घुटनों और टखनों को सटा लें-इस दौरान श्वास की गति तेज होगी लेकिन इसकी चिंता न करते हुए यथाशक्ति 15 सेकंड से एक मिनट तक आप रुकें और आगे- पीछे, दायें -बाएं शरीर को हिला डुला सकते हैं

3- अब श्वास छोड़ते हुए धीरे धीरे टखनों को भी छोड़ दें और दोनों टांगों को सीधी कर लें किन्तु यह ध्यान रहे क़ि पहले घुटनों को जमीन पर रखें फिर ठुड्डी को जमीन स्पर्श कराएँ और इसके बाद पैरों को छोड़ते हुए उन्हें जमीन तक धीरे धीरे आने दें- अपने कपोल को जमीन पर रखकर विश्राम करें- यह अभ्यास 5 सेकेण्ड से आरम्भ करें और प्रतिदिन समय को तब तक बढ़ाते रहें जब तक बिना किसी दबाव के 15 से 30 सेकेण्ड तक न हो जाये-

इसे प्रातःकाल खाली पेट करें और अधिक से अधिक 3 बार कर सकते हैं-इस आसन के दौरान ध्यान विशुद्धि चक्र पर केन्द्रित होना चाहिए- जो व्यक्ति यक्ष्मा ,आंत उतरने की बीमारी या पेप्टिक अल्सर एवं उच्च रक्त चाप से ग्रस्त हों-वे इसे कदापि न करें-

धनुरासन योग(DhanuraanasYoga)से होने वाले लाभ-


यह आसन मेरुदंड को लचीला एवं स्वस्थ बनाता है सर्वाइकल Spondylosis, कमर दर्द और पेट संबंधी रोगों में भी यह लाभकारी है यह आसन स्‍त्री रोग में भी लाभकारी है- यह आसन प्रसव के बाद पेट पर पड़ने वाली झुर्रियों-Stomach Wrinkles को दूर करता है साथ ही मासिकधर्म, गर्भाशय के रोग तथा डिम्‍बग्रंथियों के रोग खत्‍म हो जाते हैं-यह आसन कमर दर्द और गर्दन दर्द के लिये लाभकारी होता है-

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Upcharऔर प्रयोग-

11 फ़रवरी 2017

आपको वजन कम करना है सूर्या मुद्रा करो

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सूर्यमुद्रा योगासन को शरीर के लिए बहुत अधिक लाभदायक माना जाता है अन्य योगासन की ही तरह रोजाना कुछ देर सूर्यमुद्रा योग मुद्रा लगाकर बैठना भी बहुत फायदेमंद है वैसे तो योग मुद्रा कई तरह की होती है लेकिन सूर्य मुद्रा(Suryamudra)लगाने के अनेक फायदे हैं सूर्य की अंगुली यानी अनामिका जिसे हम रिंग फिंगर भी कहते हैं इसका संबंध सूर्य और यूरेनस ग्रह से है जो सूर्य ऊर्जा और स्वास्थ्य का प्रति-निधित्व करता है और यूरेनस कामुकता, अंतर्ज्ञान और बदलाव का प्रतीक है-

आपको वजन कम करना है सूर्या मुद्रा करो

सूर्य-मुद्रा(Suryamudra)बनाने की विधि-


1- सूर्य की अंगुली को हथेली की ओर मोड़कर उसे अंगूठे से दबाएं और बाकी बची तीनों अंगुलियों को सीधा रखें इसे Suryamudra(सूर्य मुद्रा)कहते हैं अपने हाथ की अनामिका उंगली को अंगूठे की जड़ में लगा लें तथा बाकी बची हुई उंगलियों को बिल्कुल सीधी रहने दें इस तरह बनाने से सूर्यमुद्रा बनती है-

2- सूर्य मुद्रा को लगभग 8 मिनट तक करना चाहिए इसको ज्यादा देर तक करने से शरीर में गर्मी बढ़ जाती है सर्दियों में सूर्य मुद्रा को ज्यादा से ज्यादा 24 मिनट तक किया जा सकता है-

3- सिद्धासन,पदमासन या सुखासन में बैठ जाएँ फिर दोनों हाँथ घुटनों पर रख लें हथेलियाँ उपर की तरफ रहें अनामिका अंगुली(रिंग फिंगर)को मोडकर अंगूठे की जड़ में लगा लें एवं उपर से अंगूठे से दबा लें तथा बाकी की तीनों अंगुली सीधी रखें-

सूर्यमुद्रा(Suryamudra)के लाभ-


1- इस मुद्रा से आपका वजन कम होता है और शरीर संतुलित रहता है तथा आप अपना मोटापा कम करने के लिए इसका प्रयोग नित्यप्रति करे ये बिना पेसे की दवा है हाँ लेकिन तुरंत जादू  की अपेक्षा न करे -

2- सूर्यमुद्रा(Suryamudra)का रोज दो बार 5 से 15 मिनट तक अभ्यास करने से शरीर का कोलेस्ट्रॉल घटता है-

3- वजन कम करने के लिए यह आसान क्रिया चमत्कारी रूप से कारगर पाई गई है तथा सूर्य मुद्रा(Suryamudra)के अभ्यास से मोटापा दूर होता है तथा शरीर की सूजन दूर करने में भी यह मुद्रा लाभकारी है-

4- जिन स्त्रियों के बच्चा होने के बाद शरीर में मोटापा बढ़ जाता है वे अगर इस मुद्रा का नियमित अभ्यास करें तो उनका शरीर बिल्कुल पहले जैसा हो जाता है-

5- सूर्य मुद्रा को रोजाना करने से पूरे शरीर में ऊर्जा बढ़ती है और गर्मी पैदा होती है तथा सूर्य मुद्रा को करने से शरीर में ताकत पैदा होती है-

6- कमजोर शरीर वाले व्यक्तियों को यह मुद्रा नहीं करनी चाहिए वर्ना और कमजोरी आएगी हाँ जिनको अपना शरीर स्लिम रखना है वो कर सकते है- .

7- इसे नियमित करने से बेचैनी और चिंता कम होकर दिमाग शांत बना रहता है-

8- सूर्यमुद्रा जठराग्रि(भूख)को संतुलित करके पाचन संबंधी तमाम समस्याओं से छुटकारा दिलाती है-

9- सूर्य मुद्रा आपके शरीर की सूजन को मिटाकर उसे हल्का और चुस्त-दुरुस्त भी बनाती है-

10- सूर्य मुद्रा करने से शरीर में गर्मी बढ़ती है अतः गर्मियों में मुद्रा करने से पहले एक गिलास पानी पी लेना चाहिए -

11- प्रातः सूर्योदय के समय स्नान आदि से निवृत्त होकर इस मुद्रा को करना अधिक लाभदायक होता है  सांयकाल सूर्यास्त से पूर्व कर सकते हैं-

12- अनामिका अंगुली पृथ्वी एवं अंगूठा अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करता है  इन तत्वों के मिलन से शरीर में तुरंत उर्जा उत्पन्न हो जाती है-

13- सूर्य मुद्रा के अभ्यास से व्यक्ति में अंतर्ज्ञान जाग्रत होता है -


Upcharऔर प्रयोग-

10 फ़रवरी 2017

आप छोटे स्तन का साइज बढायें

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महिलाओं और युवतियों  के लिये छोटे स्तन(Small Breast)का आकार उनके लिये अत्यंत मायने रखता है जब कोई युवती Modelling आदि जैसे व्यवसाय आदि से जुड़ना चाहती है तो उसके लिये शारीरिक सौन्दर्य का बड़ा अंश उसके स्तन(Breast)के साइज पर भी आधारित रहता है-

आप छोटे स्तन का साइज बढायें

महिलाओं के Breast का आकार यदि Body के अनुपात में है तो सचमुच उसकी Beauty में चांद लग जाते हैं कई बार जिन युवतियों के जल्दी-जल्दी बच्चे होते रहते हैं उनके Breast भी ढीले होकर लटक जाते हैं जो कि उनके सौंदर्य को प्रभावित करते हैं-

Breast एक ऎसा अंग है जो कि महिला की सुदंर में चार चांद लगती है सदियों से महिलायें अपने Breast की खूबसूरती को लेकर जागरूक रही हैं-

जिन महिलाओं में छोटे स्तन(Small Breast)होते है अधिकतर वे बहुत Frustrated रहती है कुदरत के नियम के अनुसार Breast महिला को एक देन है वहीं आजकल लडकियां स्तनों का मनचाहा आकार पाने के लिए Anlarjment Breast Surgery का सहारा लेने से भी नहीं चूक रही हैं-

छोटे स्तन(Small Breast)वाली महिलाएं ही सर्जरी के द्वारा ब्रेस्ट एंलार्जमेंट का ऑप्शन चुनती थीं लेकिन टाइम के साथ धीरे-धीरे इसमें काफी बदलाव आया है ब्रेस्ट एंलार्जमेंट सर्जरी के मामले में प्रत्येक महिला की स्थिति अलग-अलग होती है-

छोटे स्तन(Small Breast)के लिए अपनायें-


1- जैसे कि गर्भ धारण के बाद के स्तनों और कैंसरग्रस्त स्तनों की पुनर्रचना आदि कुछ ऎसे कारण हैं जिनसे स्त्री का रूप-रंग खराब दिखता है ऎसे में स्त्री के स्तनों का आकार और स्वरूप को सुरक्षित और कारगर तरीके से ठीक करने के लिए सिलिकॉन जेल आरोपण सबसे बढियां साधन है-

2- हार्मोनल असंतुलन (Hormonal Imbalance)भी एक आम वजह है जिसकी वजह से स्‍तन का आकार छोटा रहता है महिला के शरीर में अत्यधिक टेस्टोस्टेरोन (Testosterone)का उत्पादन स्‍तन को बढ़ने से रोक देता है तो इसी टेस्‍टोस्‍टेरोन के उत्‍पादन को कम करने के लिये आपको फल और सब्‍जियां खानी चाहिये-साबुत अनाज जैसे- जौ, ब्राउन राइस और जई खाने से ब्रेस्‍ट का आकार बढ़ जाता है-

3- चिकन में एस्‍ट्रोजन पाया जाता है इसलिये अपनी डाइट में चिकन का प्रयोग करें और आप देखेंगी की कुछ ही दिनों में आपका ब्रेस्‍ट बढ जाएगा-

4- डेयरी प्रोडक्‍ट जैसे, दूध, दही और पनीर में एस्‍ट्रोजन अधिक मात्रा में पाया जाता है इसलिये आप इन्‍हें भी अपनी डाइट में शामिल कर सकती हैं-

5- छोला,Black beans,लाल राजमा, मटर, सेम और मसूर में भी अत्‍यधिक मात्रा में एस्‍ट्रोजन पाया जाता है तो इन्‍हें अपने आहार में जरुर से जरुर  शामिल करें-

6- हरी पत्‍तेदार सब्‍जियां जिसमें Protein and Vitamins अधिक मात्रा में पाया जाता है उन्‍हें खाने से ब्रेस्‍ट की कोशिकाओं का विकास होता है- 

7- चुकंदर, गोभी, फूलगोभी, फलियां, गाजर, प्याज, ककड़ी और कद्दू खाने से प्रोटीन मिलता है जिससे ब्रेस्‍ट का साइज बिल्‍कुल Natural तरीके से बढता है-

8- अंडा, प्रोटीन शेक, मछली , मीट और दूध में भी प्रोटीन अधिक मात्रा में पाया जाता है और इसे भी खाने से ब्रेस्‍ट साइज बढता है-

9- चैरी, स्‍ट्रॉबेरी और जामून में एस्‍ट्रोजन पाया जाता है आप इन्‍हें अपनी डाइट में शामिल कीजिये-

10- ब्रोमाइन और मैगनीशियम शरीर में सेक्‍स हार्मोन बढाने का कार्य करते हैं-सेब, बादाम, भुट्टा, अदरक, लहसुन, प्रॉन, ब्राउन राइस और अखरोठ में ब्रोमाइन और मैगनीशियम पाया जाता है-इन्‍हें अपनी डाइट में शामिल कीजिये और प्राकृतिक तरीके से अपने ब्रेस्‍ट(Breast)को बढते हुए पाइये-

11- जितना हो सके अपनी दिनचर्या में कैफीन, कार्बोनेटेड ड्रिंक, नमकीन और जंक फूड का कम से कम इस्तेमाल करें-इसके अलावा रोजाना ढेर सारा पानी पीजिये तथा साथ ही ब्रेस्‍ट साइज बढाने के लिये तिल का बीज खाइये-

12- आज कल बाजार में कई तरह के प्रोडक्ट उपलब्ध है आप इनका भी प्रयोग करके लाभ ले सकती है-

हर्बल स्तन संवर्धन गोलियाँ(Breast Pills)-


यह सबसे ज्‍यादा इस्तेमाल की जाने वाली प्राकृतिक जड़ी-बूटी है जो ब्रेस्‍ट के साइज को बढाती है इस जड़ी बूटी में मेथी, सौंफ, दामियाना आदि जैसे अनेक हर्ब होते हैं यह दवाई अपना असर तब से दिखाना शुरु कर देती है जब लड़की यौवन में कदम रख देती है यह दवा अपना असर 2-3 महीने के भीतर ही दिखाने लगती है-

हर्बल स्तन संवर्धन लोशन(Breast Loshan)-


अगर आप ऊपर दी हुई दवाएं ले रहीं हैं तों इसके साथ यह लोशन-क्रीम भी लगा सकती हैं इस क्रीम में भी कई प्रकार की जड़ी-बूटियां शामिल होने के साथ-साथ कुछ हल्‍के केमिकल्‍स भी मौजूद हैं यह केमिकल्‍स ब्रेस्‍ट में फैट सेल का विकास करते हैं जिससे ब्रेस्‍ट का साइज बड़ा हो जाता है अगर आपको अपने स्‍तनों में अंतर चाहिये तो इस लोशन से मसाज करें-

व्यायाम(Exercise)- 


यह तरीका ब्रेस्‍ट साइज बढाने का सबसे सस्‍ता और प्राकृतिक इलाज है अगर आपको अपने ब्रेस्‍ट साइज बढाने हैं तो अच्‍छा होगा कि आप अभी से ही पुश अप करना शुरु कर दें पर हां-इसको करने के लिए आपको पूरी लगन दिखानी होगी वरना आपका यह व्यायाम करना बेकार होगा-

कुछ आयुर्वेदिक उपाय जो समस्या से मुक्ति दिलाने में सफल रहे हैं-

स्तन(Breast)का आकार बढ़ाने के मोदक(लड्डू)-



असगंध नागौरी- 500 ग्राम
सोंठ- 250 ग्राम
पीपर- 125 ग्राम

उपरोक्त सामग्री लेकर बारीक पीस लें-

शुद्ध शहद - 2 किलो
गाय का घी-  500 ग्राम
भैंस का दूध- 5 किलो
मिश्री- 500 ग्राम

अब आप शहद ,घी, दूध और मिश्री को लेकर कढ़ाही में धीमी आंच पर पकाएं और जब खोवा जैसा बनने लगे तो ऊपर से कहे गये तीनों चूर्णों का मिश्रण मिला दें और हल्के हाथ से चलाते हुए भून लें तथाजब सुगंध आने लगे तो उसमें लौंग 10 ग्राम + तज 10 ग्राम + काली मिर्च 10 ग्राम + छोटी इलायची 10 ग्राम का बारीक चूर्ण मिलाएं और लगभग बीस-बीस ग्राम वजन के लड्डू हाथ से बांध लें- 

चार से छह माह तक इनमें से एक-एक लड्डू सुबह-शाम दूध से खाने से ढीले हो चुके ब्रेस्ट विकसित हो जाते हैं और साथ ही शरीर के प्रदर, अशक्ति, कमरदर्द आदि रोग भी नष्ट हो जाते है-

ब्रेस्ट(Breast)का आकार बढ़ाने वाला तेल-


जैतून का तेल 100 मिली
कड़वे बादाम का तेल 100 मिली
काशीशादि तेल 100 मिली

तीनो तेल को बराबर मात्रा में लेकर ब्रेस्ट की हल्के हाथों से गोलाई में मालिश करें-इस तेल के प्रभाव के आने में दो से तीन माह लग जाते हैं लेकिन बहुत दिनों तक स्थायी रहने वाला प्रभाव मिलता है-

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