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23 फ़रवरी 2017

कैसे आप तनाव से मुक्त हो सकते है

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आज लोगों की तनाव(Stress)भरी जिन्दगी है जिन्दगी में काम की भागदौड है या फिर पारिवारिक क्लेश है या मानसिक चिंता से पीड़ित है तो इसका आपके मस्तिष्क पर बुरा प्रभाव भी पड़ता है जिससे कारण स्मरण शक्ति(Memory)का हास होना स्वाभाविक है और धीरे-धीरे समयानुसार आपके आत्म-विश्वास में कमी होने लगती है-

कैसे आप तनाव से मुक्त हो सकते है

तो आपको भागमभाग जिन्दगी में इन सभी कमियों को दूर करना भी आवश्यक है वर्ना कुछ समय बाद आपको भूलने जैसी बीमारी से दो-चार होना पड़ता है इस प्रकार का व्यक्ति क्रोध,बैचेनी,सिरदर्द ,आत्म-ग्लानी आदि का भी शिकार हो जाता है तो आप सभी के लिए एक नुस्खा है जिसे प्रयोग करके आप अपने मस्तिष्क को शक्तिशाली बनाए-

आवश्यक सामग्री-


शंखपुष्पी - 100 ग्राम
ब्राह्मी     - 100 ग्राम
गिलोय    - 100 ग्राम
आंवला    - 100 ग्राम (सूखा हुआ )
जटामासी - 100 ग्राम (सभी सामग्री आयुर्वेद जड़ी-बूटी विक्रेता से आसानी से प्राप्त )

प्रयोग विधि-


उपरोक्त सभी सामग्री को महीन कूट-पीस करछान कर एक एयर टाईट कांच के बर्तन में रख ले और प्रतिदिन इसकी एक-एक चम्मच मात्रा शहद या जल या आंवले के शरबत के साथ दिन में तीन बार ले तथा बच्चो को इसकी मात्रा आधा चम्मच दे - गर्भवती महिला यदि गर्भ-काल में नियमित सेवन करती है तो होने वाला बच्चा हर प्रकार से स्वस्थ और मानसिक रोगों मुक्त रहता है-वृद्ध भी इसका सेवन कर सकते है  और ये पूर्ण रूप से सुरक्षित प्रयोग है -

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Upcharऔर प्रयोग-

22 फ़रवरी 2017

हर्निया है तो आप करे ये उपाय

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मनुष्य के शरीर के कुछ अंग शरीर के अंदर खोखले स्थानों में स्थित है जिसे देहगुहा(body cavity)कहते हैं देहगुहा चमड़े की झिल्ली से ढकी रहती है इन गुहाओं की झिल्लियाँ कभी-कभी फट जाती हैं और अंग का कुछ भाग बाहर निकल आता है इस प्रकार की विकृति को हर्निया(Hernia)कहते हैं झिल्ली के फटने से जब कोई अंग या आंत बाहर की तरफ आने से वहां एक उभार हो जाता है जिसे आसानी से देखा जा सकता है-

हर्निया है तो आप करे ये उपाय

लंबे समय से खांसते रहने या लगातार भारी सामान उठाने से भी पेट की मांसपेशियां(Muscles)कमजोर हो जाती है ऐसी स्थिति में हर्निया(Harniya)की संभावना बढ़ जाती है इसके कोई खास लक्षण नहीं होते हैं लेकिन कुछ लोग सूजन और दर्द का अनुभव करते हैं जो खड़े होने पर और मांसपेशियों में खिंचाव होने या कुछ भारी सामान उठाने पर बढ़ सकता है-

ये समस्या जन्मजात भी हो सकती है इसे कॉनजेनाइटल हर्निया कहते हैं हर्निया एक वक्त के बाद किसी को भी हो सकता है और बिना सर्जरी के ठीक भी नहीं हो सकता इसमें पेट की त्वचा के नीचे एक असामान्य उभार आ जाता है जो नाभि के नीचे होता है आंत का एक हिस्सा पेट की मांसपेशियों के एक कमजोर हिस्से से बाहर आ जाता है इसके अलावा इंगुइंल हर्निया, फेमोरल हर्निया, एपिगास्त्रिक हर्निया, एम्ब्लाइकल हर्निया भी होता है जो बहुत कम दिखता है-

प्रारम्भिक अवस्था की हर्निया की बीमारी में कपड़ा या बेल्ट बांधकर धीरे धीरे प्राणायाम करें धीरे धीरे प्राणायाम करने से हर्निया में लाभ होता है बाह्य प्राणायाम  सबसे अधिक लाभदायक होता है- पूरा श्वास बाहर निकालकर कुछ क्षण  पेट को ऐसे ही रखें  फिर धीरे धीरे श्वास अन्दर लें तथा पीछे झुकने वाले आसन न करें--

एक योग बनाएं-

अमरुद के पत्ते- चार-पांच 
युक्लिप्ट्स के  पत्ते- चार या पांच 
आम के  पत्ते- चार या पांच 

इन सभी को मिलाकर कूटकर इनका काढ़ा पीयें  इससे आँतों की झिल्ली मजबूत हो जाती है-

उपचार-

1- कांचनार गुग्ग्लु या वृद्धि बाधिका वटी और सर्वक्ल्प क्वाथ आदि का प्रयोग किया जा सकता है लेकिन ज्यादा हर्निया बढने पर आपरेशन ही करना पड़ता है-

2- यदि हर्निया के लक्षण पता लगे तो आप उसे घरेलू इलाज से कम कर सकते हैं हालांकि इन घरेलू उपायों से सिर्फ प्राथमिक इलाज ही संभव है और इसे आजमाने पर कभी उल्टे परिणाम भी हो सकते हैं इसलिए घरेलू इलाज आजमाने से पहले डॉक्टर से जरुर संपर्क कर लें-

Marshmallow

3- मार्श मैलो(Marshmallow)एक जंगली औषधि है जो काफी मीठी होती है इसके जड़ के काफी औषधीय गुण हैं यह पाचन को ठीक करता है और पेट-आंत में एसिड बनने की प्रक्रिया को कम करता है हर्निया में भी यह काफी आराम पहुंचाता है-

4- बबूने का फूल(Chamomile)पेट में हर्निया आने से एसिडिटी और गैस काफी बनने लगती है इस स्थिति मेंम बबूने के फूल के सेवन से काफी आराम मिलता है यह पाचन तंत्र को ठीक करता है और एसिड बनने की प्रक्रिया को कम करता है-

5- अदरक के जड़(Ginger Root)पेट में गैस्ट्रिक एसिड और बाइल जूस से हुए नुकसान से सुरक्षा करता है यह हर्निया से हुए दर्द में भी काम करता है-

6- हर्निया के दर्द में एक्यूपंक्चर काफी आराम पहुंचाता है खास नर्व पर दबाव से हर्निया का दर्द कम होता है-

7- मुलैठी (Licorice)कफ, खांसी में मुलैठी तो रामबाण की तरह काम करता है और आजमाय हुआ भी है हर्निया के इलाज में भी अब यह कारगर साबित होने लगा है खासकर पेट में जब हर्निया निकलने के बाद रेखाएं पड़ जाती है तब इसे आजमाएं-

8- बर्फ से हर्निया वाले जगह दबाने पर काफी आराम मिलता है और सूजन भी कम होती है यह सबसे ज्यादा प्रचलन में है-

9- हावथोर्निया(Hawthornia)एक हर्बल सप्लीमेंट है जो पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाती है और पेट के अंदर के अंगों की सुरक्षा करती है यह हर्निया को निकलने से रोकने में काफी कारगर है हावथोर्निया में Citrus Seed, Hawthorn और Fennel मिली होती है-

हर्निया में इससे बचे-

1- शराब पीना पूरी तरह बंद कर दें तथा हर्निया में ज्यादा तंग और टाइट कपड़ें नहीं पहनें-

2- हर्निया में कसरत करने से परहेज करें-

3- बेड पर अपने तकिए को 6 इंच उपर रखें ताकि पेट में सोते समय एसिड और गैस नहीं बन पाए-

4- प्रभावित जगह को कभी भी गर्म कपड़े या किसी भी गर्म पदार्थ से सेंक नहीं दें-

5- एक ही बार ज्यादा मत खाएं थोड़ी-थोड़ी देर पर हल्का भोजन लें तथा खाने के तुरंत बाद झुकें नहीं-

Upcharऔर प्रयोग-

20 फ़रवरी 2017

बर्फ के अदभुत प्रयोग आजमायें

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हमारे आस-पास बहुत सी ऐसी चीजे मौजूद है लेकिन हम इनकी उपयोगिता को लेकर अनजान रहते है और जब कहीं पढने को मिला जाता है तब आपको पता होता है कि अरे ये तो हमें पता ही नहीं था जी हाँ हम बात कर रहे है बर्फ के बारे में आप बर्फ(Ice)के कुछ प्रयोगों को जानकार आश्चर्यचकित रह जायेगें-

बर्फ के अदभुत प्रयोग आजमायें

बर्फ(Ice)का उपयोग-


1- आजकल भागमभाग भरी जिन्दगी में बहुत सी महिलाओं के पास मेकअप का समय नहीं होता है और इस लापरवाही में आपकी त्वचा ढीली पड़ जाती है तो आप को जब भी समय मिले एक बर्फ का छोटा-सा टुकड़ा लेकर उसे किसी कपड़े में(मखमल)लपेट चेहरे पर लगाइए इससे आपके चेहरे की त्वचा टाइट होगी तथा यह बर्फ का टुकड़ा आपकी त्वचा में ऐसा निखार ला देगा जो और कहीं नहीं मिलेगा तो देर किस बात की आज से ही आजमाना शुरू कर दें-

2- यदि आपको शरीर में कहीं पर भी चोट लग गई है और खून निकल रहा है तो उस जगह बर्फ मसलने से खून बहना बंद हो जाता है-अंदरुनी यानी गुम चोट लगने पर बर्फ लगाने से खून नहीं जमता व दर्द भी कम होता है-

3- यदि आपको शरीर में कही काँटा चुभ गया है तो कांटा चुभने पर बर्फ लगाकर उस हिस्से को आप सुन्न कर ले फिर आप कांटा या फांस आसानी से निकालें काँटा आसानी से निकल जाएगा और दर्द भी नहीं होगा-

4- यदि आइब्रो बनवाते समय आपको अधिक दर्द होता है तो एक बर्फ का टुकड़ा आइब्रो के चारों और घिस लीजिए इससे यह हिस्सा थोड़ी देर के लिए सुन्न हो जाएगा और आपको दर्द भी नहीं होगा-यही तरीका शरीर के किसी और हिस्से पर भी आप लागू कर सकते हैं-

5- नाक से खून आने पर बर्फ को कपड़े में लेकर नाक के ऊपर चारों और रखें आप देखेगें कि थोड़ी देर में खून निकलना बंद हो जाता है-

6- प्लास्टिक में बर्फ का टुकड़ा लपेटकर सिर पर रखने से आपको सिरदर्द में राहत मिलती है तथा जिन लोगों को कडवी दवा खाने से परहेज है तो आप कड़वी दवाई खाने से पहले मुंह में बर्फ का टुकड़ा रख लें आपको दवाई कड़वी ही नहीं लगेगी-

7- आंखों के काले घेरे दूर करने के लिए खीरे के रस और गुलाब जल को मिलाकर आप बर्फ जमा लीजिए तथा फिर उस टुकड़े से काले घेरों पर मालिश करे यकीन माने आपकी ये समस्या बहुत जल्द दूर होगी-

8- ज्यादा देर मोबाइल या कंप्यूटर चलाने के बाद आपकी आंखें दर्द कर रही हैं तो बर्फ के टुकड़े को अपनी आंखों पर रखिए आपको जल्द ही राहत मिलेगी और पैरों की एड़ियों में बहुत ज्यादा तीखा दर्द हो तो बर्फ की क्यूब मलने से आपको अवश्य ही आराम मिलेगा-

9- शरीर में किसी स्थान पर जल जाने के तुरंत बाद बर्फ का टुकड़ा जले हुए स्थान पर लगाने से छाले और जलन शांत होता है और निशान भी गहरा नही पड़ता है-

10- यदि आपने बहुत ज्यादा खा लिया है और खाना पच नहीं रहा है तो थोड़ा-सा बर्फ का टुकड़ा खा ले आपका खाना शीघ्र पच जाएगा और धीरे-धीरे बर्फ का टुकड़ा चूसने से उल्टी भी बंद हो जाती है-बर्फ का टुकड़ा गले के बाहर धीरे-धीरे मलने से गले की खराश ठीक हो जाती है-

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Upcharऔर प्रयोग-

19 फ़रवरी 2017

शादी-शुदा रिश्ते को मजबूती से कैसे निभाएं

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शादी करना जीवन का अभिन्न और महत्वपूर्ण पल है लेकिन क्या आप अपनी शादी-शुदा जिन्दगी(Married life)को ठीक उसी प्रकार निभा रहें है जब आप शादी से पहले एक दूसरे को प्यार करते थे-जी हाँ आज ये सवाल इस लिए पूछ रहा हूँ क्युकि आप जान सकें कि अगर अब नहीं वो बात है तो इसका मुख्य कारण क्या है-

शादी-शुदा रिश्ते को मजबूती से कैसे निभाएं

शादी सामाजिक बंधन के साथ जीवन को जीने की एक कला भी है लेकिन शादी के बाद आपको कैसे जीना है इस बात पर कम लोग ही ध्यान देते है यदि आपने शादी करके इतिश्री कर ली है तो शादीशुदा जीवन का अंतिम पड़ाव नहीं है जबकि शादी के बाद तो जीवन और भी खूबसूरत हो सकता है अगर आपको जीने की कला का ज्ञान है ये बात स्त्री-पुरुष दोनों को सामान रूप से समझना आवश्यक होता है-

हम आप पर ये आरोप नहीं लगा रहे है कि आपको शादी शुदा जीवन(Married life)जीना नहीं आता है परन्तु अगर आप कुछ छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देगें तो फिर आप अपनी शादी-शुदा जिन्दगी को और भी खूबसूरत बना सकते है-

शादी एक ऐसी जिम्मेदारी है जहां पर आपका और आपके पार्टनर दोनों का प्रयास काफी जरूरी होता है लेकिन कभी-कभार कई प्रयास करने के बाद भी कुछ कमियां पीछे छूट ही जाती है शादी के बाद कई रिश्ते गलतफहमी और एकरसता के कारण भी कमजोर पड़ जाते हैं आइये जानते है कि आखिर क्यों कई पति अपनी शादीशुदा जिदंगी(Married life)से ना खुश होते जाते हैं-

शादी-शुदा जीवन(Married life)के लिए क्या ध्यान दें-


1- यदि आप पत्नी हैं और आपको अपने पति की कोई भी बात या उनकी कोई आदत आपको परेशान करती है तो आपको बिना देर किये अपने पति से बात करनी चाहिए बिना बात किये किसी चीज का समाधान नहीं हो सकता है-बातचीत करके ही आप किसी समस्या का हल कर सकती हैं लेकिन आपको भी अपने पति की पसंद-नापसंद का ध्यान रखना आवश्यक है-

2- आपकी शादी को कितना भी समय हो गया हो इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है लेकिन जहाँ तक रोमांस की बात हो आपको पहले की तरह ही स्वयं रखना चाहिए हमने बहुत से पुरुषों को यही कहते पाया है कि अब उनकी पत्नी शादी के कुछ समय के बाद से ही रोमांस में कम दिलचस्पी दिखाती हैं हम ये मानते है कि आप शादी के बाद कई प्रकार की जिम्मेदारियों में लिप्त हो जाती है लेकिन ध्यान रक्खें कि आपका प्यार पति के प्रति किसी भी तरह कम नहीं होने पायें तभी आप अपने पति को अपने मोहपाश में बाँध कर रख सकती है ठीक यही बात पति पर भी लागू होती है कि जीविकोपार्जन की जिम्मेदारी के साथ-साथ आपका रोमांस पत्नी के प्रति बढ़ता ही रहना चाहिए क्युकि आपकी आखिरी सांस तक वही साथ देने वाली है-

3- शादी दो विचारों का मिलन है ये जरुरी भी नहीं है सभी के विचार पूर्णतया आपस में मेल खाते हों और ये भी सत्य है कि शादी के बाद आपसी मतभेद भी होते है लेकिन ये जन्म-जन्मान्तर का रिश्ता है जो पूर्व निर्धारित होता है आप चाह कर भी कुछ नहीं कर सकते है आपस का मतभेद आपके रिश्ते को कमजोर कर सकता है इसलिए आप दोनों को मिलकर अपने रिश्ते को बचाने की कोशिश करनी चाहिए और अगर आपकी कोई आदत यदि आपकी शादीशुदा जिंदगी को बर्बाद कर रहीं है तो आप उसे तुरंत ड्रॉप कर दें-

4- शादी के बाद आपके बच्चे आपकी जिन्दगी का अभिन्न अंग हैं लेकिन आप बच्चों पर ध्यान देने के साथ-साथ आपसी रोमासं का भी ध्यान रक्खें वर्ना आपकी लाइफ आगे चल कर बोरिंग बन सकती है हाँ जब भी आप इस मूड में हो बच्चों को अवश्य दूर ही रक्खें कही ऐसा न हो कि एक अच्छी माँ तो बन जाएँ लेकिन एक अच्छी पत्नी का दर्जा आपके हाथों से फिसल जायें-तो हो सके तो आप बच्चों के सो जाने के बाद अपने पति को भी पर्याप्त समय अवश्य दें जिससे आपकी शादी-शुदा जिन्दगी ताउम्र हसीन बनी रहे-

5- कई पति और पत्नी शादी के कुछ अंतराल के बाद सेक्स से दूर होते भी देखे गए है कुछ लोग बाद में एक नीरस जीवन जीते देखे जा सकते है आप अपनी जिन्दगी में ऐसा न होने दे-सेक्स भी आपके जीवन में रिश्ते को भली प्रकार चलाने के लिए बहुत ही आवश्यक है आप इस बात को बखूबी जानते होंगे कि सेक्स ही आपके रिश्ते का एक महत्वपूर्ण तत्व है-

6- जब दो इंसान एक दूसरे के साथ रहने की आदत हो जाती है तो कुछ समय बाद वह एक दूसरे के साथ कमफर्टेबल हो जाते हैं और यह वही समय होता है जब दोनों को ही एक दूसरे को आपस में उनके कामों के प्रति सराहना करनी चाहिए-

7- आपके पति कोई माइंड रिडर नहीं है जो उन्हें क्षण में वह बात पता चल जाए जो आपके मन में हो इसलिए आप मायूस या गुस्सा इजहार करने के बजाय अपने मन की बात समय देख कर आपस में शेयर करें-

8- कुछ पत्नियाँ पति के घर में प्रवेश करते ही पति को एक लिस्ट थमा देती हैं जो कुछ पतियों को शायद अच्छा नहीं लगता है हो सकता है आपकी इस बात से वह काफी नाराज हो सकते हैं इसलिए पहले आप उन्हें प्यार से उनकी थकावट और कामों के प्रति सराहना करें और फिर आप अपनी बातों को प्रस्तुत करें-

9- मेरे कहने का तात्पर्य ये है कि आप अपने रिश्ते में पहले जितनी मस्ती करते थे तो क्या उस मस्ती का एक भी हिस्सा अब आपके रिश्ते में नहीं बचा है अगर ये सच है तो आज से ही आप दोनों खुद को बदलने का प्रयास करें-

10- यदि आपने शादी-शुदा जीवन में कुछ अंतराल के बाद नीरस जीवन जीना शुरू किया है या मेरे कहने का मतलब है आपस में एक दुसरे के साथ इंजॉय करना बंद कर दिया है तो फिर आपका रिश्ता कमजोर हो रहा है तो रिश्ते को लंबे समय तक टिकाने के लिए आप रोमांटिक बने और आपस में उन सभी बातों को दूर करने का प्रयास करें जो आपके जीवन को नीरस बनाने में सहायक हो रही है-




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Upcharऔर प्रयोग-

सफ़ेद पानी(श्वेत प्रदर)आने की शिकायत तो नहीं

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श्वेत प्रदर या ल्यूकोरिया(Leukorrhea)या सफेद पानी का आना स्त्रियों में होने वाला एक रोग है जिसमें स्त्री की योनि से असामान्य मात्रा में सफेद रंग का गाढा और बदबूदार पानी निकलता है शुरुवाती दौर में श्वेत पानी आना बाद में दही जेसा गाढ़ा बदबूदार पीव जैसा और कभी कभी योनी मार्ग से हरा पीला मिश्रित स्राव जलन के साथ कमजोरी का महसूस होना आदि लक्षण दिखते है महिलाओं एवं किशोरियों में इसकी पहचान कमर में हमेशा दर्द रहता है-

सफ़ेद पानी(श्वेत प्रदर)आने की शिकायत तो नहीं

ये गुप्तांगों से पानी जैसा बहने वाला स्त्राव होता है यह खुद कोई रोग नहीं होता परंतु अन्य कई रोगों के कारण ल्यूकोरिया(Leukorrhea)होता है श्वेत प्रदर वास्तव में एक बीमारी नहीं है बल्कि किसी अन्य योनिगत या गर्भाशयगत व्याधि का लक्षण है तथा सामान्यतः प्रजनन अंगों में सूजन का बोधक है-

ल्यूकोरिया(Leukorrhea)में योनि स्राव-


वैसे महिलाओं में श्वेत प्रदर रोग आम बात है योनि मार्ग से सफेद, चिपचिपा गाढ़ा स्राव होना आज मध्य उम्र की महिलाओं की एक सामान्य समस्या हो गई है सामान्य भाषा में इसे सफेद पानी जाना कहते हैं भारतीय महिलाओं में यह आम समस्या प्रायः बिना चिकित्सा के ही रह जाती है-

सबसे बुरी बात यह है कि इसे महिलाएँ अत्यंत सामान्य रूप से लेकर ध्यान नहीं देती हैं कुछ महिलायें इसे डॉक्टर को नहीं बताती है और लापरवाही करती है श्वेत प्रदर में योनि की दीवारों से या गर्भाशय ग्रीवा से श्लेष्मा का स्राव होता है जिसकी मात्रा, स्थिति और समयावधि अलग-अलग स्त्रियों में अलग-अलग होती है यदि स्राव ज्यादा मात्रा में, पीला, हरा, नीला हो, खुजली पैदा करने वाला हो तो ऐसी स्थिति असामान्य मानी जाएगी-इससे शरीर कमजोर होता है और कमजोरी से श्वेत प्रदर बढ़ता है इसके प्रभाव से हाथ-पैरों में दर्द, कमर में दर्द, पिंडलियों में खिंचाव, शरीर भारी रहना, चिड़चिड़ापन रहता है-इस रोग में स्त्री के योनि मार्ग से सफेद, चिपचिपा, गाढ़ा, बदबूदार स्राव होता है इसे वेजाइनल डिस्चार्ज भी कहते हैं-

ल्यूकोरिया(Leukorrhea)के कारण-


1- सहवास के बाद योनि को स्वच्छ जल से न धोना तथा वैसे ही गन्दे बने रहने से भी ये रोग होता है-

2- अत्यधिक उपवास, उत्तेजक कल्पनाएं, अश्लील वार्तालाप, मुख मैथुन, सम्भोग में उल्टे आसनो का प्रयोग करना आदि भी इसका एक कारण है-

3- रोगग्रस्त पुरुष के साथ सहवास करने से भी ल्यूकोरिया(Leukorrhea)होता है-

4- महिलाओं का बार-बार गर्भपात कराना भी सफेद पानी का एक प्रमुख कारण है-

5- सफेद पानी(श्वेत प्रदर)का एक और कारण प्रोटिस्ट हैं जो कि एक सूक्ष्म जीवों का समूह है-

बचाव एवं चिकित्सा(Rescue And Treatment)-


1- इसके लिये सबसे पहले साफ-सफाई जरूरी है योनि को धोने के लिये सर्वोत्तम उपाय फिटकरी के जल से धोना है फिटकरी एक श्रेष्ठ जीवाणु नाशक और सस्ती औषधि है तथा ये आसानी से सर्वसुलभ है- 

2- बोरिक एसिड के घोल का भी प्रयोग करा जा सकता है और यदि अंदरूनी सफ़ाई के लिये पिचकारी से धोना (डूश लेना)हो तो आयुर्वेद की अत्यंत प्रभावकारी औषधि “नारायण तेल” का प्रयोग सर्वोत्तम होता है-

3- मैथुन के पश्चात अवश्य ही साबुन से सफाई करना चाहिए-

4- प्रत्येक बार मल-मूत्र त्याग के पश्चात अच्छी तरह से संपूर्ण अंग को साबुन से धोना चाहिए-

5- बार-बार गर्भपात कराना भी सफेद पानी का एक प्रमुख कारण है अतः महिलाओं को अनचाहे गर्भ की स्थापना के प्रति सतर्क रहते हुए गर्भ निरोधक उपायों का प्रयोग(कंडोम, कापर टी, मुँह से खाने वाली गोलियाँ) अवश्य करना चाहिए तथा साथ ही एक या दो बच्चों के बाद अपना या अपने पति का नसबंदी आपरेशन कराना चाहिए-

6- आप शर्म त्यागकर इसके बारे में अपने पति एवं डाक्टर को अवस्य ही बताये नहीं तो आगे चलकर ये रोग असाध्य हो जाता है वैसे इस रोग की प्रमुख औषधियां अशोकरिष्ट, अशोक घनबटी, प्रदरांतक लौह, प्रदरहर रस आदि हैं-

ल्यूकोरिया(Leukorrhea)होने पर करे उपचार-


1- घृतकुमारी को गुड या मिस्री के साथ आप खाली पेट ले ये रोज आपको एक चम्मच लेना है पांच या दस दिनों तक लेना है और अगर ये रोग पुराना है तो फिर इसे एक दो माह तक जारी रखे (बीच में एक हफ्ते अंतराल करके भी दुबारा ले सकती है)-

2- अशोक के पेड की छाल 60 ग्राम को एक लीटर पानी में इतना उबाल ले कि पानी सिर्फ 250 मिलीलीटर ही रह जाए आप इसे दो चम्मच प्रतिदिन एक या दो माह तक लेना है -

3- शतावर(Asparagus Racemosus)की ताज़ी कंदमूल या सूखी जड़ो का चूर्ण 5-10 ग्राम स्वादानुसार जीरे के चूर्ण के साथ एक कप ढूध में सुबह खाली पेट में पिलाने से कमजोरी और तनाव से होने वाली श्वेत प्रदर दो से तीन सप्ताह में ठीक हो जाती है-

4- ब्राम्ही, बेंग साग(Centella asiatica)का चूर्ण दो छोटी चम्मच या उसका स्वरस एक या दो चाय की चम्मच दिन में दो बार मिसरी के साथ 15 -20 दिन तक दें-

5- अरहर(Canjanus cajan)के पत्तों का स्वरस(बिना पानी मिलाये)एक चम्मच दिन में दो बार 12-15 दिन तक लें अथवा अरहर का जूस, सेंधा नमक में मिलकर दिन में एक बार 30 दिनों तक लें-

6- सेमल  की छाल- 200 ग्राम         
    पलाश की छाल- 200 ग्राम
    शतावरी की जड़-200 ग्राम ( मूलकंद

उपरोक्त तीनों को बराबर मात्रा में लेकर कूट- पिसकर छान कर चूर्ण को कांच की शीशी में भरकर रख लें और इस चूर्ण को 1-2 चम्मच ठण्डे पानी या चावल के पानी, या मांड (ठण्डा) के साथ 15-20 दिन तक सुबह-शाम लें-

नोट- धृतकुमारी के गुच्छे का प्रयोग करने से पूर्व इसके काँटों को साफ कर लें ये ज़हरीला है -

परहेज-

तेल, खटाई, मसाला, टमाटर, गर्मी पैदा करने वाला भोजन व कब्ज जनित खाध पदार्थों का सेवन न करें-





Upcharऔर प्रयोग-

17 फ़रवरी 2017

पूजा में अक्षत समर्पण का अभिप्राय क्या है

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अक्षत यानि कि पूर्णता का प्रतीक-जी हाँ जो टूटा न हो जो अखंडित न हो अक्षत पूर्णता का प्रतीक है इसलिए आप हमेशा ही ध्यान रक्खे कि आप जब भी भगवान् को चावल चढ़ाए तो ध्यान रक्खे कि आपका चावल विखंडित(टूटा)न हो-

पूजा में अक्षत समर्पण का अभिप्राय क्या है

पूजा में अक्षत(Intact)का महत्व-


अखंडित और स्वच्छ चावल शिवलिंग पर चढाने से शिवजी अति-प्रसन्न होते है और भक्तों को अखंडित चावल की तरह ही अखंडित धन, मान-सम्मान प्रदान करते हैं और श्रद्धालुओं को जीवनभर धन-धान्य की कमी नहीं होती हैं-

पूजन के समय अक्षत इस मंत्र के साथ भगवान को समर्पित किए जाते हैं-

      'अक्षताश्च सुरश्रेष्ठ कुङ्कमाक्ता: सुशोभिता: मया निवेदिता भक्त्या: गृहाण परमेश्वर '

भावार्थ-

 हे परमेश्वर कुंकुम के रंग से सुशोभित यह अक्षत आपको समर्पित कर रहा हूं, कृपया आप इसे स्वीकार करें-

अन्न में अक्षत यानि चावल को श्रेष्ठ माना जाता है-इसे देवताओं का अन्न भी कहा गया है अर्थात देवताओं का प्रिय अन्न है चावल-अत: इसे सुगंधित द्रव्य कुंकुम के साथ आपको अर्पित कर रहे हूँ आप इसे ग्रहण कर आप भक्त की भावना को स्वीकार करें-

अक्षत चढ़ाने का अभिप्राय यह है कि हमारा पूजन अक्षत की तरह पूर्ण हो तथा अन्न में श्रेष्ठ होने के कारण भगवान को चढ़ाते समय यह भाव रहता है कि जो कुछ भी अन्न हमें प्राप्त होता है वह भगवान की कृपा से ही मिलता है अत: हमारे अंदर यह भावना भी बनी रहे-इसका सफेद रंग हमारे जीवन में शांति का प्रतीक है-अत: हमारे प्रत्येक कार्य की पूर्णता ऐसी हो कि उसका फल हमें शांति प्रदान करे-इसीलिए पूजन में अक्षत एक अनिवार्य सामग्री है ताकि ये भाव हमारे अंदर हमेशा बने रहें-





Upcharऔर प्रयोग-

जीवन की गाडी कैसे ड्राइव करे

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परिवार एक ऐसी गाड़ी की तरह है जिसमें पति-पत्नी के रूप में दो पहिए होते हैं जिसे दोनों को मिलकर खींचना होता है अगर इन दोनों पहियों में से अगर एक भी खराब होता है तो गाड़ी चलाना मुश्किल हो जाता है शादी के बाद दाम्पत्य जीवन(Married life)में प्यार और सुख शांति बनाए रखने के लिए पति और पत्नी को मिलकर ही परिवार में सामंजस्य बिठाना होता है तभी आपके परिवार में सुख-शांति बनी रह सकती है और जहां सुख-शांति है वहीं धन और खुशहाली का भी निवास होता है लक्ष्मी की बरकत भी वही होती है-

जीवन की गाडी कैसे ड्राइव करे

जिम्मेदारी(Responsibility)कैसे निभायें-


1- समृद्ध और खुशहाल परिवार बनाने के लिए पत्नियों की तरह पतियों की भी बहुत अहम भूमिका होती है पति या पत्नी में से कोई भी परिवार में अपनी भूमिका से पीछे नहीं हट सकता है क्योंकि दोनों का कार्य क्षेत्र अलग-अलग है पति को परिवार के अंदर भी कुछ जिम्मेदारियों(Responsibilities)को निभाना पड़ता है-

2- चूँकि शादी के बाद पत्नी का जो सबसे बड़ा सहारा होता है वह उसका पति ही होता है क्योंकि नई दुल्हन आपकी पत्नी बनने के बाद वह अपने मायके में अपना सब कुछ छोड़कर उसके पास आती है इसलिए पति का भी फर्ज बनता है कि वह अपनी पत्नी की अच्छी तरह से देखभाल(Care)करे-

3- परिवार के अंदर पत्नी का कार्य क्षेत्र परिवार के अंदर आता है तो पति का कार्य क्षेत्र परिवार के बाहर का है लेकिन सामूहिक रूप से अपने-अपने क्षेत्रों में दिए गए दोनों का सहयोग का फल मिलकर सामने आता है इसलिए पति और पत्नी दोनों को ही मिलकर अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हुए काम करते रहना चाहिए-

4- अधिकतर यही देखा जाता है कि शादी के बाद सास और बहू के छोटे-मोटे झगड़े तो होते ही रहते हैं ऐसे में पति अपने कार्य क्षेत्र से घर में आने पर उसकी मां झगड़े की बात को बढ़ा-चढ़ाकर बताती है और फिर चाहे गलती खुद की ही क्यों न हो फिर भी सारा इल्जाम(fault)अपनी बहू पर लगा देती है पति भी अपनी मां की बात सुनकर सारा गुस्सा अपनी पत्नी पर निकाल देता है और कई बार तो उसे पीटने पर भी आ जाता है ऐसा होने पर पत्नी सिर्फ आंसू ही बहा सकती है और कुछ नहीं कर सकती है -

5- शादी के बाद पत्नियां पति को परमेश्वर इसीलिए कहती है क्योंकि जिस प्रकार से परमेश्वर सबकी रक्षा करता है वैसे ही पति भी परमेश्वर की तरह उसकी ऱक्षा करें-उसे हर तरह के दुख और तकलीफ से बचाकर रखें-

6- हम यहाँ ये नहीं कहेगे कि माँ का दर्जा कुछ भी नहीं है माँ का कर्ज तो बेटा जीवन भर नहीं चुका सकता है लेकिन पति को इस बात का पूरा ख्याल रखना चाहिए कि उसकी पत्नी उसकी वजह से ही इस घर में आई है तो फिर पत्नी पर अगर किसी तरह की परेशानी आती है तो वह सबसे पहले अपने पति से ही कहती है क्योंकि वह ही उसके लिए सबसे बड़ा सहारा होता है इसलिए पति का फर्ज बनता है कि पत्नी के मान-सम्मान की पूरी तरह से रक्षा करे और माँ को पत्नी के साथ सामंजस्य बिठाने की युक्ति पे विचार करे न कि प्रताड़ना(Harassment)दे पति बात को पूरी तरह दोनों पक्ष की सुने और अपने विवेक द्वारा उसमे से निष्कर्ष निकाले तथा जिसकी गलती हो तो प्यार से समझाए-प्यार से तो सब कुछ मनवाया जा सकता है माँ को भी हमेशा ये अवस्य बताये यदि हम आपके बेटे है तो ये अब आपकी बेटी है इसे बेटी मानकर ही डांटे-

7- पत्नी को भी माँ से सामंजस्य बिठाने को कहे और सास को अपनी माँ की तरह ही समझने को प्रेरित करे भूल से भी आप अपनी पत्नी की खामियों(Mistakes)को अपने घर वालो के सामने व्यक्त न करे न ही उसको अनायास ही मजाक(joke)का पात्र बनाए जो बात आपको बुरी लगती है क्या वो बात दूसरे को बुरी नहीं लगेगी इसलिए आप जरा सोचे और अपने परिवार को टूटने में अपना योगदान करे-

8- मजाक एक हद तक ही सही होता है यदि मजाक हो भी रहा है तो उस समय पति का फर्ज तो यही बनता है कि अपनी पत्नी का साथ दे क्योंकि जब सब लोग एक साथ मिलकर उसकी पत्नी का मजाक उड़ा रहे हैं तो कोई पत्नी के साथ भी तो होना चाहिए-पत्नी को ऐसा कभी भी एहसास नहीं होना चाहिए कि वह अकेली है बल्कि उसे तो ऐसा लगना चाहिए कि आप तो उसके साथ है-ऐसा मजाक भी न करे और न ही किसी को करने दे जो सामने वाले को रोने पर मजबूर कर दे-





Upcharऔर प्रयोग-

हल्दी मिले जल का सेवन सुबह करने के फायदे

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आमतौर पर देखा गया है कि लोग उठते ही गर्म पानी या फिर निम्बू पानी का सेवन करते है जिससे कि उनका पेट साफ़ हो और खुल कर शरीर की गंदगी बाहर निकल जाए वैसे तो ये है ही फायदेमंद  लेकिन यदि इसमें थोड़ी सी हल्दी यदि मिक्स कर दी जाए तो इसके गुणों में भारी इजाफा हो जाता है-

हल्दी मिले जल का सेवन सुबह करने के फायदे

तो फिर देर किस बात की कल से ही शुरू करे ये हल्दी वाला पानी(Turmeric Water)तो आइये जानते है हम इसे कैसे बनायेगे-एक गिलास पानी में आप आधा नीबू  निचोड़ कर उसमे चौथाई चम्मच हल्दी मिला कर चला कर मिक्स कर ले फिर उसमे आधा या फिर पूरा एक चम्मच अपनी आवश्यकता अनुसार शहद मिला ले और फिर आप इसका सेवन करे-

हल्दी वाले जल(Turmeric Water)के फायदे-


1- आपको पता है कि हल्दी एक ताकतवर एंटी-आक्सीडेंट भी है एंटी-कैंसर के गुणों से भरपूर है ये-इसमें करक्यूमिन होने के कारण कैंसर पैदा करने वाली कोशिकाओं से भी लडती है -

2- क्या आप जानते है कि हल्दी का सेवन रोज करने से पित्त जादा बनता है जिससे हमारे खाने को पचाने की छमता विकसित हो जाती है लेकिन अधिक मात्रा किसी भी चीज की नुकसानदायक होती है -

3- शरीर में सूजन कितनी भी क्यों न हो हल्दी सूजन को कम करने में सहायक है इसमें करक्यूमिन नामक एक रसायन पाया जाता है जो दवा के रूप में काम करता है इसीलिए आपने देखा होगा किसी को भी चोट लग जाती है तो हमारे बुजुर्ग हल्दी दूध में डालकर पिलाते थे-

4- हल्दी दिमाक के लिए भी फायदेमंद होती है जिनको भूलने जैसी बिमारी है वो इसका सेवन करके अपनी इस बिमारी को काफी हद तक कम कर सकते है-

5- जिन लोगो की खून की धमनियों में ब्लाकेज की शिकायत है उनको तो अवस्य ही हल्दी वाला पानी सेवन करना लाभदायक है क्युकि हल्दी खून को जमने से रोकता है अदरक भी खून को पतला रखती है और ब्लाकेज से बचाती है-

6- जो लोग नियमित हल्दी वाला पानी उपयोग करते है उनके चेहरे व शरीर पर रैडिकल्स कम होते है इससे आपके शरीर पर उम्र का असर कम दीखता है -

7- एक रिसर्च के अनुसार हल्दी के सेवन से ग्लूकोज का लेबल कम हो सकता है अर्थात डायबिटीज(मधुमेह)का खतरा टाला जा सकता है -

8- अर्थराइटिस होने पर हल्दी वाला पानी-इसमें करक्यूमिन होने के कारण जोड़ो  के दर्द और सूजन को दूर करके आपको काफी हद तक राहत पहुंचाता है -

9- आपके लीवर के खराब हो चुके सेल्स को ठीक करने में हल्दी आपकी बहुत मदद करता है तथा पित्ताशय की प्रक्रिया को भी चुस्त और दुरुस्त रखता है -

10- यदि किसी कारण से शरीर के बाहरी या अंदरूनी हिस्से में चोट लग जाए-तो हल्दी वाला दूध उसे जल्द से जल्द ठीक करने में बेहद लाभदायक है क्योंकि यह अपने एंटी बैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुणों के कारण बैक्टीरिया को पनपने नहीं देता है -





Upcharऔर प्रयोग-

16 फ़रवरी 2017

प्रात:काल जल पीने को उषापान कहते है

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जी हाँ-आयुर्वेद में उषापान को अमृतपान कहा गया है अर्थात प्रात:काल उठने के बाद जल पीने को उषापान(Ushapan)कहते है रोगों को दूर करने में यह सरल-निशुल्क और सर्व-सुलभ उपचार है उषापान को जल चिकित्सा(Water therapy)भी कहते है और आज चिकित्सक भी इसके महत्व को स्वीकार करते है-

प्रातकाल जल पीने को उषापान कहते है

उषापान पर वैज्ञानिक शोध भी किया जा चुका है निष्कर्ष के अनुसार-रात में नींद के समय लगभग छ: घंटे तक हर व्यक्ति के शरीर में कम हलचल होती है इस बीच में पेट द्वारा भोजन पचाकर उसका सारा रस सारे शरीर में पहुंचाने का काम बराबर चलता रहता है इस प्रक्रिया के साथ शरीर में नए कोष बनाने तथा पुराने कोषों को मल के रूप में विसर्जित करने का चयापचय(Metabolism)का क्रम चलता रहता है-

रात में शरीर की हलचल तथा शरीर में पानी के प्रवाह की कमी से जगह-जगह शरीर में विषैले तत्व एकत्रित हो जाते है और प्रात: काल जागते ही शरीर में पर्याप्त मात्रा में एक साथ पानी पहुँचने से शरीर के आंतरिक अंगों की पूर्णत:धुलाई जैसी प्रक्रिया आरम्भ होती है जिससे सहज ही शरीर में विजातीय प्रदार्थ(Foreign substance) या विष(toxic) शरीर से बाहर निकल जाते है-यदि ये विजातीय तत्व या विष शरीर से बाहर नहीं निकल पाते है तो अनेक रोगों के कारण बन जाते है-ये बिषाक्त प्रदार्थ शरीर में पथरी(Calculus)या गाँठ के रूप में बन जाते है उषापान से ऐसी बीमारियों को पनपने का अवसर ही नहीं मिलता है-

उषापान से प्राप्त परिणाम-


1- प्रात:काल उषापान से आपको सरदर्द, रक्तचाप, एनीमिया, संधिवात, मोटापा, स्नायुरोग, साइटिका, दिल की धड़कन, बेहोशी आदि से बचाव करता है-

2- प्रात:काल जल सेवन से कफ, खांसी, दमा, ब्राकाईटिस, टी.बी. की बीमारी में लाभ होता है-

3- मेनेजाइटीस, लीवर सम्बन्धी रोग, स्वप्नदोष आदि में भी लाभ होता है-

4- हाइपर एसिडिटी , अम्लपित्त, गैस सम्बन्धी रोग, में भी उषापान को लाभदायक जाना जाता है-

5- पेचिस ,गुर्दे की बिमारी, कब्जियत, डायबिटीज आदि में भी अधिक लाभदायक है-स्त्रियों की अनियमित माहवारी,प्रदर,गर्भाशय का कैंसर आदि समस्त रोगों की जड़ कब्ज है-




उषापान एक अचूक इलाज है तो फिर क्या सोच रहे है आज ये लेख पढ़ रहे है तो कल से ही शुरू करे और फ्री की सलाह से अपने जीवन को अप्रत्यासित रूप से आप स्वस्थ बनाए-

प्रस्तुति- Vasundhra Singh

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Upcharऔर प्रयोग-

क्या आप पसीना आने से परेशान है

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बहुत से लोगों की परेशानी है कि उनको पसीना(Sweat)बहुत आता है कुछ लोग जरा सा काम करते ही पसीने से तर-बतर हो जाते है और सबसे बड़ी परेशानी तो ये है कि कई विध्यार्थी तो लिखते समय उनके हाथों से इतना पसीना आता है कि वो अपने इस पसीने से इतना परेशान हो जाते है कि सही रूप से परीक्षा भी नहीं दे पाते है-

क्या आप पसीना आने से परेशान है

पसीना(Sweat)आने पर करें उपचार-


जादा पसीना(Sweat) आना मुख्यतः लो-ब्लड प्रेशर,हापर-हाइड्रोसिस और तनाव ही है वैसे सच कहा जाए तो इसका कोई परमानेंट इलाज तो नहीं है परन्तु कुछ उपाय आपको इससे राहत अवश्य ही दिला सकता है हम आपको इस समस्या से काफी हद तक निजात दिलाने का उपाय बताते है-

1- सबसे पहले थोडा गुनगुने पानी में आप खाने वाला सोडा(Baking Soda) डाले और अपने पसीने-दार हाथो को कुछ मिनटों के लिए उसमे डुबाये आप देखेगे कि हाथों को घोल से निकालने के बाद कई घंटों तक आपके हाथों को पसीना नहीं आएगा-विध्यार्थी परीक्षा में जाने से पहले इस प्रयोग को अपना कर जा सकते है -

2- शराब(Alcohol)जी हाँ पीने के लिए नहीं प्रयोग करे बस उपचार के लिए आप इस शराब में रुई को डुबो कर अपनी हथेलियों पर कुछ देर रगड़ें आपका सारा पसीना सूख जाएगा और कुछ समय के लिए आपको पसीना(Sweat)नहीं आएगा जादा कस के नहीं रगड़ना है वर्ना आपकी त्वचा रुखी भी हो सकती है -

3- प्रत्येक घर में आलू(Potato)का प्रयोग किया जाता है यदि आपको पसीने की शिकायत है तो आप कच्चे आलू को काट कर जहाँ भी जादा पसीना आता है रगड़े इस प्रयोग से पसीना आना कम हो जाता है -

4- जिन लोगों के चेहरे पर पसीना(Sweat) जादा आता है उनको अपने चेहरे पर खीरा(Cucumber) काट कर उसके स्लाइस को हल्के हाथों से रगड़ना चाहिए या फिर आप खीरे का रस भी अपने चेहरे पर लगा सकते है ऐसा करते रहने से कुछ समय बाद पसीना आना कम हो जाता है-

5- जिन लोगों के पैर के तलवों में अत्यधिक मात्रा में पसीना आता है उनको कुछ देर पानी में थोड़ी सी फिटकरी(Alum) डाल कर अपने पैरों को डुबा कर रखना चाहिए इससे आपके कुछ दिन प्रयोग से पैरों का पसीना आना कम होने के साथ-साथ पैरों की दुर्गन्ध में भी लाभ होता है -

6- थोड़े से पानी में दो-तीन टी-बैग डाले और उसमे अपनी हथेलियों को कुछ समय के लिए डुबा कर रक्खे ये प्रयोग आपके हाथों का पसीना आने के लिए प्राकृतिक रूप से लाभदायक है-

7- बाजार में बिकने वाला कच्चा बैंगन(Brinjal)भी आप के पसीने को रोकने का कारगर उपाय है आप इसका रस निकाल कर हथेली और पैरों के तलवे पर लगाए आपका पसीना निकलना बंद हो जाएगा-

8- किचन में प्रयोग होने वाली अरहर यानी तुअर दाल(Toor dal) 20 ग्राम +एक चम्मच नमक+आधा चम्मच सोंठ को आपस में मिला कर शुद्ध सरसों के तेल में छौंक लगाए और फिर इसे पीस ले ताकि एक पावडर बन जाए अब आप इस पावडर से जहाँ से पसीना आता है वहां इससे मालिस करे इस प्रयोग से कुछ दिन करते रहने से पसीने का आना लगभग बंद हो जाता है-

9- आप यदि टमाटर का रस पीते है तो काफी हद तक आप पसीने को काबू कर सकते है ये ठंडा होता है और आपके शरीर को भी ठंडा रखने में सहायक है-

10- साबुत मूंग को हल्का भूनकर उसमें एक चम्मच बिना उबला दूध मिलाकर पेस्ट बनाकर फेस पर लगाने से पसीना नहीं आता है  मूंग आपके फेस की नमी को सोखती है जिससे पसीना निकलना बंद हो जाता है-

विशेष-

क्या आप जानते है कि मेडिटेशन(ध्यान)करने से आपके कई सारे रोग दूर हो सकते हैं अत्‍यधिक पसीना तभी निकलता है जब आप स्‍ट्रेस में हों या आपको किसी बात की बेचैनी हो रही हो-लेकिन योग और ध्‍यान से आप अपने स्‍ट्रेस के लेवल को कम कर के पसीने को रोक सकते हैं-

अंडर-आर्म के लिए-


बहुत से लोगों के अंडर-आर्म की तीव्र गंध होती है आप इसे कम करने के लिए निम्न प्रयोग आजमाए-

सामग्री-

जौ का आटा- एक चम्मच 
चन्दन पाउडर- आधा चम्मच 
कैलामाईन पावडर- आधा चम्मच
मिल्क- आधा चम्मच 
शहद- आधा चम्मच 

उपरोक्त सभी चीजो को मिला कर दही या फिर गुलाब जल में मिला कर हफ्ते में दो बार लगाए ये आपके अंडर-आर्म की गंध के साथ-साथ स्किन के कालापन को भी दूर करता है-

चहरे के लिए-


सामग्री-

मुल्तानी मिटटी- एक चम्मच 
पिसा चन्दन -एक चम्मच 
ग्लिसरीन- चार-पांच बूंद 

इसमें से चुटकी भर सामग्री को लेकर गुलाब जल में घोल ले और नहाने से पहले अपने फेस पर इस पैक को लगाने से स्किन साफ़ चमक दार और कोमल रहती है तथा चेहरे का पसीना भी नहीं आता है-





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क्या आप मुँहासे और पसीने की बदबू से परेशान है

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जब आपके शरीर से पसीने की दुर्गंध आती है तो सामने वाले व्यक्ति का पास में बैठना भी दूभर हो जाता है ऐसे मैं सामने वाला हमसे कुछ बोलता तो नहीं है लेकिन फिर भी हमारे बारे में उसके मन में कुछ अच्छे विचार नहीं बनते है तो अगर आप कील मुँहासे और पसीने की बदबू(Stench of sweat)से परेशान है तो फिर यह नुस्खा आपके ही लिए है अक्सर लोग पसीने और पसीने की बदबू से परेशान रहते है और यह समस्या इतनी बढ़ जाती है कि उनके कपड़ो पर भी अंडर आर्म्स की जगह पर धब्बे से पड़ जाते हे और वहां हमेशा गीलापन रहने से उन्हें शर्मिंदगी भी उठानी पड़ती है-

क्या आप मुँहासे और पसीने की बदबू से परेशान है

कुछ लोग जो रोज नहीं नहाते है उन्हें की पसीने की बदबू(Stench of sweat)की समस्या से दो चार होना पड़ता है जबकि जो लोग रोज नहाते है उन्हें भी इस परेशानी से सामना करना पड़ सकता है क्योंकि आजकल भागदौड़ भरी जिन्दगी है इसलिए ऐसा हो सकता है डियोड्रेन्ट भी कोई परमानेंट सलूशन नहीं और थोड़ी देर के लिए ही हम इसे रोक सकते है-

यदि इस समस्या को हल ना किया जाए तो बगल में रैशेस और कालापन भी बढ़ जाता है मजबूरन लोग बाजार के विज्ञापन देखकर बगल में पावडर या डियोड्रेन्ट लगाते है जो की महंगा होता है और बगल की त्वचा के रोम छिंद्र ब्लॉक भी कर देता है जिससे मुख्य समस्या हल होने की बजाय दूसरी समस्या जैसे खुजली और त्वचा और फुंसिया शुरू हो जाती है-

तो आज हम आपको एक आसान सस्ता और कारगर हर्बल तरीका बताते है जो पसीने की बदबू(Stench of sweat)तथा कील मुहासों पर बेहद कारगर है साथ में त्वचा की टेंनिग और झुर्रियां भी मिटाता है-


पसीने की बदबू(Stench of sweat)दूर करने के लिए-


सामग्री-

फिटकरी- 50 ग्राम
निम्बू का रस- 50 ml
गुलाब जल- 20 ml
पानी- 2 लीटर

विधि-

1- सबसे पहले आप फिटकरी को पीस कर बारीक कर ले और अब उसे पानी में घोल ले तथा साथ में गुलाब जल व निम्बू का रस भी मिला ले अब आप इस मिक्सचर को बर्फ की ट्रे में डालकर फ्रीज में बर्फ जमा ले-

2- अब जब भी आपको पसीने की समस्या हो आप एक बर्फ का टुकड़ा ले और अपने बगल में घिसे यह नुस्खा स्किन को कूलिंग इफेक्ट देगा साथ में बैक्टेरियल ग्रोथ भी कम कर देगा जिससे पसीने की बदबू(Stench of sweat)दूर होगी और खुजली अंडर आर्म्स की प्रॉब्लम भी सॉल्व हो जाएगी-

4- यदि आप पिम्पल्स पर यह बर्फ लगाएंगे तो पिम्पल्स की जलन और खुजली दूर होगी साथ में इंफेक्शन भी कम होगा और त्वचा की व्हाइटनिंग भी होगी इससे त्वचा नर्म मुलायम और साफ़ बनी रहेगी-

5- यह नुस्खा आप कमर के अंदर आर्म्स तथा बिकिनी लाइन पर भी उपयोग कर सकते हैं गर्मियों में अक्सर अंदरूनी प्राइवेट भागो में खुजली हो जाती है उस समस्या में भी यह नुस्खा कारगर है-

6- ध्यान रहे कि एक जगह लगाया हुआ बर्फ एक ही जगह पर एक ही टुकड़ा लगाए ताकि इंफेक्शन फैले नही दूसरी जगह के लिए दूसरा बर्फ का टुकड़ा उपयोग में लें-




प्रस्तुति- चेतना कंचन


Upcharऔर प्रयोग-

15 फ़रवरी 2017

समस्या जीवन में हर व्यक्ति को है अनुभवी बनें

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आज वर्तमान में समय बदल गया है हर व्यक्ति की आवश्यकता जीवन में इतनी बढ़ गई है कि सिर्फ पति के काम करने से गृहस्थी का चलना नामुमकिन सा होता जा रहा है इसी आवश्यकता पूर्ति के लिए पति-पत्नी दोनों का काम करना आवश्यक सा होता जा रहा है और ख़ास कर बड़े-बड़े शहरों में ये समस्या(Problem)जीवन में हर व्यक्ति को है तो आप थोडा अनुभवी बनें- 

समस्या जीवन में हर व्यक्ति को है अनुभवी बनें

वैसे आज भी कई जगह महिलाओं के काम करने को हेय द्रष्टि से देखा जाता है हमेशा परिवार के सदस्यों को यही सोच लगी रहती है कि बाहर जा कर काम करने वाली महिला चरित्र हीन हो सकती है दूसरे पुरुष से सम्बन्ध बन सकते है लेकिन जहाँ तक मेरा विचार है कि ये गलत है-बहुत सी महिलाए बाहर काम पे जाती है और उनका चरित्र हमेशा उज्जवल ही रहता है हाँ अपवाद रूप में सौ प्रतिशत गारंटी नहीं ली जा सकती है कि हर महिला सही है लेकिन कुछ प्रतिशत को तो देखते हुए सभी को इन नजरों से देखना तो बिलकुल भी उचित नहीं होगा -

यदि महिला का अपना चरित्र अच्छा है तो भले हजारों के बीच काम करे लेकिन उसके चरित्र पे कतई भी आंच नहीं आ सकती है लेकिन चरित्रहीन महिला तो घर में भी रह कर भी आपकी नाक कटवाने में कोई कसर नहीं रक्खेगी ये चरित्र संस्कार से बनता है-

समस्या कहाँ होती है-


1- समस्या(Problem)यहाँ ये है कि जब आवस्यकता की पूर्ति के लिए स्त्री-पुरुष दोनों काम करते है तो पति को भी अपनी पत्नी से सामंजस्य स्थापित करना आवश्यक है-आखिर काम तो आपकी पत्नी भी करती है तो उसे भी थकावट आना भी लाजिमी है-हाँ अगर पति चाहता है कि पत्नी काम न करे और आपका ईगो हर्ट होता है तो फिर आप मर्द बने और सभी आवश्यकताओं की पूर्ति करे-किसी भी स्त्री को बेमतलब में बाहर काम करना अच्छा नहीं लगता है यदि सभी आवश्यकतायें उसका पति पूरा कर रहा है-

2- कामकाजी पत्नियाँ इस बात से त्रस्त है कि काम से लौटने के बाद उनका पति अपने आफिस के बॉस का गुस्सा उन पर उतारते है घर की समस्या है या आफिस की-बस प्यार एक ऐसी चीज है सामंजस्य एक अदभुत प्रयोग है इस्तेमाल की जाए तो सभी समस्या का समाधान मिल ही जाता है यदि पति पत्नी को काम पर जाने की इजाजत देता है तो फिर शंका को दिमाक से निकालना भी आवश्यक है वर्ना आपके अच्छे -खासे घर में तांडव होते देर नहीं लगेगी-

3- जब कोई व्यक्ति अपना काम करता है तो बिजनेस में फायदा या नुकसान उसके मन में आक्रोश भर देता है यही गुस्सा जब तक बाहर नहीं निकल जाता तब तक अंदर ही अंदर सुलगता रहता है इसको पति और पत्नी के बीच होने वाले झगड़ों की बहुत बड़ी वजह माना जाता है पति को जब अपना गुस्सा निकालने का दूसरा कोई रास्ता दिखाई नहीं देता है तो वह इसे अपनी पत्नी पर निकाल देता है वह पत्नी की छोटी-छोटी बातों में गलतियां निकालने लगता है और कुछ मामलों में तो बात मारपीट पर भी आ जाती है-

4- उन सभी पतियों को गुस्सा निकालने का कोई दूसरा रास्ता निकालना चाहिए क्युकि पत्नी को बार-बार प्रताड़ित करके आप सिर्फ अपना ही घर बर्बाद करते है-आपकी बाहर की समस्या का कोई भी प्रभाव आपके परिवार पे नहीं पड़ना चाहिए-समस्या(Problem)जीवन में हर व्यक्ति को है किसी की बड़ी तो किसी की छोटी हो सकती है जरुरत है आपके धैर्य और साहस की-आपके जीवन में अगर समस्या नहीं होगी और उससे आप निकलने का रास्ता नहीं तलासेगें तो जीवन में आप हमेशा अनुभवहीन ही रहेगे-





Upcharऔर प्रयोग-

शादीशुदा नहीं है तो आगे से ध्यान रक्खे

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हमारे समाज एक कहावत है "शादी वो लड्डू है जो नहीं खाता वो भी पछताता है जो खाता है वो भी पछताता है'" तो ख़ैर "अब पछताए होत क्या जब चिड़ियाँ चुग गई खेत"

शादीशुदा नहीं है तो आगे से ध्यान रक्खे

शादी करें तो इन बातों भी ख्याल रक्खें-


जब तक शादी नहीं होती है आप किसी दोस्त के घर जाएँ तो अगर उसके घर में कोई जवान बहन इत्यादि है तो आपको अंदर आने को नहीं कहता है डर कर वो बेचारा आपको बाहर से ही बाहर निपटा देता है इसलिए आपको एक लाइसेंस मिले इसके लिए शादी करना भी आवश्यक है-

आपको शादी के बंधन में बाँधने और उकसाने वाले तरह-तरह की सलाह भी देते है क्युकि लोग किसी की ख़ुशी से भला कहाँ खुश होते है आपकी फक्कड अलमस्त जिन्दगी से उनको जलन होती है इसलिए उन पे जो बीत रही है वो चाहते है आप भी उसका थोडा मजा ले-

चलो अब बात करते है कि कि शादी कर भी ली है तो कोई बुराई नहीं है बस अब आप तैयार हो जाए कुछ कामों को अपनी जिन्दगी में ढालने के लिए-इस पोस्ट में हम आपको पति और पत्नी दोनों के लिए नुस्खे प्रदान कर रहे है यदि आपको अच्छा लगे तो रख ले और अगर बुरा लगे तो फिर आप हमें वापस कर दे-

क्या करना चाहियें-


1- सबसे पहले यदि आप अपनी पत्नी को खुश देखना चाहते है तो एक बात का विशेष ध्यान रक्खे-कुछ भी हो जाए आप भूल कर भी अपनी पत्नी के मायके वालो की बुराई कदापि  न  करे-अगर शांति पूर्वक जिन्दगी बिताना है तो उल्टे अपनी ससुराल की तारीफ़ ही करते रहे-

2- शादी के बाद लगभग सभी बाते कामन होती है जो आपको बड़े -बूढ़े-बुजुर्ग-भाभी या निकटवर्ती महिलाओं से भी जानने को मिल जाती है लेकिन कुछ और भी ख़ास बाते है जो आपको ही समझना पड़ेगा तो आइये अब चलते है कुछ और सीक्रेट बातें जिनको आपको अपनी लाइफ में अवश्य करना चाहिए -

3- शादी के बाद सबसे पहले आप दो पाटों के बीच पिसने को तैयार हो जाए क्युकि पत्नी शादी के बाद आप पे अपना पूरा हक़ जताती है आखिर क्यों न हो अग्नि के फेरे लेकर आपने जो वचन दिए है और आपकी माँ जिसने आपको नव माह तक अपने गर्भ में रक्खा और उसके बाद आपका पालन-पोषण किया है तो वो भी अपना हक़ अपने बेटे से कैसे हटा ले-बस आपको कुछ नहीं करना है दोनों को समझा कर रखना है अगर गलती से भी आपने अपनी माँ का पक्ष ले भी लिया है-तो फिर तैयार हो जाइए मार्केट से गिफ्ट लाके पत्नी को देने की-क्युकि गिफ्ट देखकर पत्नी का गुस्सा कुछ हद तक कम अवस्य हो जाएगा-

4- लड़कियां भी ध्यान दे-आपको भी अगर आराम दायक शान्ति प्रिय जीवन बिताना है तो अपनी सासू माँ को अवश्य ही पटा कर रक्खे अगर आप एक छत के नीचे रहना चाहती है तो रिश्ता लड़के की माँ से बना कर रखने से आपको फायदा ही मिलने वाला है अगर आपने लव-मैरिज की है तो इस गलत-फहमी में न रहे कि पति सिर्फ आपकी ही बात मानेगा-शादी के पहले भले ही आपका होने वाला जीवन साथी आपकी हर अदा पर और काम करने की काबलियत पर सौ बार फिदा होता रहा हो पर-शादी के बाद उसे अपना घर और खाना सब कुछ बिल्कुल वैसा चाहिए जैसा उसकी मां करती रही है इसलिए आपको पति को खुश रखना है तो अपनी सासू माँ से ही सब कुछ सीखना पड़ेगा-

5- अब तक आप ने जो किया आपके माँ-बाप ने ये सोच कर करने दिया था कि बहू के आने पर खुद-ब-खुद सुधार लेगी-ये जिम्मेदारी सिर्फ बहूँ की समझते है-मगर कभी सोचा है जो काम आपके माँ-बाप इतने सालों में नहीं कर सके तो कल की आई बहूँ को क्या कोई "सम्मोहन ज्ञान" आता है उसे भी तो समझने में साल-दो साल लग ही जायेगे और अगर पत्नी में गुणों का अभाव हुआ तो भी वो आपको आपके ही हाल पे छोड़ देगी-तो आप अपने जीवन साथी के साथ नई जीवन की शुरुवात करे-आप ही खुद को जब सोचेगे तभी बदल पायेगे-

6- आप कलह से और फिजूल खर्ची से बचना चाहते है तो आपको अपनी कमाई का पूरा हिसाब-किताब अपनी पत्नी को देना चाहिए इससे दो फायदे होगे-पहला आपकी फिजूल-खर्ची पे अंकुश लगेगा और दूसरा आपकी पत्नी कभी भी आप को शक की नजरों से नहीं देखेगी-हाँ एक बात अवश्य ध्यान रक्खे पत्नी को अगर आप पैसे देते है तो भूल-कर भी आप अपनी पत्नी से हिसाब मांगने की जुर्रत भी न करे वर्ना परिणाम घातक ही होगा-

7- पत्नियों को शादी के बाद एक बात का और भी ख्याल रखना चाहिए कि भले आप पहले मंगेतर रही हो लेकिन अब लेकिन अब आप मंगेतर नहीं है पहले आपके पार्टनर आपका ख्याल अवश्य रखते रहे हो आपकी छोटी-से-छोटी बातों के लिए आपका हर काम करने में अपना अहोभाग्य समझते हो लेकिन अब ऐसा नहीं होने वाला है पति किचन में आपका हाथ नहीं बँटाने वाला है उस काम को आपको ही करना है और वो भी लाचीज व्यंजन के साथ -भले आपका पति अगर किचन में जाकर जला-भुना भी बना लाये तो उसे कोसे नहीं बल्कि आप उनका अहसान ही समझे-

8- आपकी पत्नी भले ही हर बात अपनी माँ से शेयर करती हो कि दिन भर आप क्या क्या करते है आपके घर वाले उसे क्या-क्या ताने या बाते सुनाते है लेकिन पत्नी की गलतियों की बाते आप अपनी माँ से शेयर करे तो ये आप भूल कर भी ये गलती मत करना वर्ना आपके घर में ही कुरुक्षेत्र बनने वाला है-

9- आप लड़की थी और अब आप पत्नी बन कर ससुराल आ गई है यहाँ लड़के के माता पिता आपके अपने है लेकिन आप अपने माता-पिता को सिर्फ मेहमान की तरह ही बुलाये और मेहमान नवाजी के बाद जल्द ही बिदा करने की सोचे-क्युकि हो सकता है आपके नए परिवार में उनको कुछ खामियां नजर आ जाए और फिर आप तो समझ सकती है मुंह है कुछ न कुछ आपके कान भरने से आपका मस्तिष्क चेंज हो सकता है और ये भी हो सकता है कि आपका भरा पूरा परिवार उनकी बातों से कष्ट में आये-सुने भले ही लेकिन उनकी बातो को लागू करने की भूल कदापि न करे -

10- आप अपने फैसले को पति पर थोपने का प्रयास न करे आप सिर्फ सलाह दे कि "हम सोचते है आप ऐसा करते तो जादा अच्छा होता लेकिन आपने भी  कुछ सोच समझ कर फैसला लिया होगा" ये बात कह कर आप उनको सोचने पे मजबूर कर सकती है और हो सकता है वो अपना फैसला बदल लें-

11- वैसे पतियों को भी एक बात का ख्याल रखना चाहिए कि यदि आपकी पत्नी रूठ गई है तो आप ही पहल करिए मनाने का और हो सके तो सॉरी आप ही पहले कहें-

12- मुझे जो सलाह देनी थी हमने दे दी बाकी फैसला तो आप ही करेगे क्युकि हम जानते है "शुरू-शुरू में हर व्यक्ति मर्द ही होता है लेकिन फिर भी वो आखिर में पत्नी का ही गुलाम बन जाता है"




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