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8 फ़रवरी 2017

सूर्य मुद्रा कैसे करें इससे क्या लाभ हैं

आप सूर्य मुद्रा को करके बहुत सारे फायदे प्राप्त कर सकते हैं वैसे हस्त योग मुद्रा कई तरह की होती हैं लेकिन सूर्य मुद्रा(Surya Mudra)से मिलने वाले फायदे बेहद अलग होते हैं सूर्य को सेहत और उर्जा का प्रतीक माना जाता है सूर्य मुद्रा करने से शरीर के भीतर अग्नि(आग)तत्व बढ़ जाता है-

सूर्य मुद्रा कैसे करें इससे क्या लाभ हैं

सूर्य मुद्रा(Surya Mudra)को केवल पंद्रह मिनट तक करने से आपको कई ऐसे फायदे मिल सकते हैं जिन्हें आपने कभी सोचा भी न होगा-मोटापा व डायबिटीज आदि समस्याओं से पीड़ित लोगों के लिए इस मुद्रा का अभ्यास बेहद फायदेमंद होता है-खासतौर पर प्रसव के बाद जिन महिलाओं में मोटापा बढ़ जाता है उनके लिए सूर्य मुद्रा बहुद फायदेमंद होती है क्योंकि इस मुद्रा के अभ्यास से पाचन प्रणाली बेहतर बनती है-

सबसे पहले आप सिद्धासन,पदमासन या सुखासन में बैठ जाएँ इसके बाद आप अपने दोनों हाँथ घुटनों पर रख लें और आपकी हथेलियाँ उपर की तरफ रहें फिर अनामिका अंगुली(रिंग फिंगर)को मोडकर अंगूठे की जड़ में लगा लें एवं उपर से आप अंगूठे से दबा लें और बाकि की तीनों अंगुली आप सीधी रखें-

सूर्य मुद्रा(Surya Mudra)में सावधानियाँ-

यदि आपका शरीर बहुत ज्यादा कमजोर हो तो भी आपको सूर्य मुद्रा नहीं करनी चाहिए चूँकि सूर्य मुद्रा करने से शरीर का ताप बढ़ता है इसलिए गर्मियों में इस मुद्रा करने से पहले थोड़ा पानी अवश्य ही पी लेना चाहिए वैसे तो आमतौर पर योगाभ्यास खाली पेट किया जाता है लेकिन सूर्य मुद्रा को आप कुछ खाने के बाद 10 मिनट के अंतराल पर भी कर सकते हैं-एसिडिटी और अम्लपित्त की समस्या होने पर यह मुद्रा ना करें-

सूर्य मुद्रा(Surya Mudra)करने का समय व अवधि-


प्रातः सूर्योदय के समय स्नान आदि से निवृत्त होकर इस मुद्रा को करना अधिक लाभदायक होता है आप इसे सांयकाल सूर्यास्त से पूर्व भी कर सकते हैं सूर्य मुद्रा को प्रारंभ में आठ मिनट से प्रारंभ करके चौबीस मिनट तक कर सकते है-

सूर्य मुद्रा(Surya Mudra)से होने वाले लाभ-


1- सूर्य मुद्रा के अभ्यास से व्यक्ति में अंतर्ज्ञान जाग्रत होता है तथा इस मुद्रा के अभ्यास से मानसिक तनाव दूर हो जाता है-

2- अनामिका अंगुली पृथ्वी एवं अंगूठा अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करता है  इन तत्वों के मिलन से शरीर में तुरंत उर्जा उत्पन्न हो जाती है-

3- सूर्य मुद्रा के अभ्यास से शरीर का मोटापा दूर होता है तथा शरीर की सूजन दूर करने में भी यह मुद्रा बहुत ही लाभकारी है-

4- सूर्य मुद्रा को दिन में दो बार 16-16 मिनट करने से आपके शरीर का कोलेस्ट्राल भी घटता है-

5- प्रसव के बाद जिन स्त्रियों का मोटापा बढ़ जाता है उनके लिए सूर्य मुद्रा अत्यंत उपयोगी है इसके अभ्यास से प्रसव उपरांत का मोटापा नष्ट होकर शरीर पहले जैसा बन जाता है-

6- सूर्य मुद्रा करने से पेट के रोग नष्ट हो जाते हैं-


Upcharऔर प्रयोग-

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