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6 फ़रवरी 2017

वरुण मुद्रा कैसे करे इसके क्या लाभ है

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वरुण मुद्रा(Varun Mudra)जल की कमी से होने वाले सभी तरह के रोगों से बचाती है वरुण का मतलब जल होता है और जल ही जीवन है हमारे जीने के लिए वायु बहुत जरूरी है उसी तरह पानी भी उतना ही जरूरी है तथा जल का गुण होता है तरलता और जल भोजन को तरल बनानें में ही मदद नहीं करता बल्कि उससे कई प्रकार के अलग-अलग तत्वों को निर्माण करता है अगर शरीर को जल नही मिले तो शरीर सूख जाता है तथा शरीर की कोशिकाएं भी सूखकर बेकार हो जाती है जल तत्व शरीर को ठंडकपन और सक्रियता प्रदान करता है-

वरुण मुद्रा कैसे करे इसके क्या लाभ है

वरुण मुद्रा(Varun Mudra)के लिए सबसे पहले आप पदमासन या सुखासन में बैठ जाएँ तथा आप अपने रीढ़ की हड्डी सीधी रख्खें एवं दोनों हाथ घुटनों पर रखें फिर आप सबसे छोटी अँगुली(कनिष्ठा)के उपर वाले पोर को अँगूठे के उपरी पोर से स्पर्श करते हुए हल्का सा दबाएँ तथा बाकी की तीनों अँगुलियों को सीधा करके रखें-

वरुण मुद्रा(Varun Mudra)में सावधानियां-


जिन व्यक्तियों की कफ प्रवृत्ति है एवं हमेशा सर्दी,जुकाम बना रहता हो उन्हें वरुण मुद्रा(Varun Mudra)का अभ्यास अधिक समय तक नहीं करना चाहिए तथा सामान्य व्यक्तियों को भी सर्दी के मौसम में वरुण मुद्रा का अभ्यास अधिक समय तक नही करना चाहिए आप इस मुद्रा को गर्मी व अन्य मौसम में प्रातः सायं 24-24 मिनट तक कर सकते हैं-

वरुण मुद्रा(Varun Mudra)मुद्रा करने का समय व अवधि-


वरुण मुद्रा का अभ्यास प्रातः एवं सायं अधिकतम 24-24 मिनट तक करना उत्तम है वैसे इस मुद्रा को किसी भी समय किया जा सकता हैं-

वरुण मुद्रा(Varun Mudra)से होने वाले लाभ-


1- जल तत्व(कनिष्ठा)और अग्नि तत्व(अंगूठे)को एकसाथ मिलाने से शरीर में आश्चर्यजनक परिवर्तन होता है इससे साधक के कार्यों में निरंतरता का संचार होता है-

2- वरुण मुद्रा शरीर के जल तत्व सन्तुलित कर जल की कमी से होने वाले समस्त रोगों को नष्ट करती है तथा वरुण मुद्रा स्नायुओं के दर्द, आंतों की सूजन में लाभकारी है-

3- जिन लोगों को अधिक पसीना आने की समस्या है इस मुद्रा के अभ्यास से शरीर से अत्यधिक पसीना आना समाप्त हो जाता है-

4- वरुण मुद्रा के नियमित अभ्यास से आपके शरीर का रक्त शुद्ध होता है एवं त्वचा रोग व शरीर का रूखापन भी नष्ट होता है-

5- जिन लोगों के शरीर में खून की कमी है आठ से दस मुनक्का को रात में पानी में लोहे की कड़ाही में छ: घंटे भिगोने के बाद उपयोग करें ऐसा करने से तेजी से खून में आयरन की मात्रा बढ़ेगी और साथ ही रोजाना 15 मिनट वरूण मुद्रा करें तो आपके शरीर में जल्द ही खून की कमी पूरी हो जाएगी-

6- यह मुद्रा शरीर के यौवन को बनाये रखती है तथा शरीर को लचीला बनाने में भी यह लाभप्रद है वरुण मुद्रा करने से अत्यधिक प्यास शांत होती है-

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