7 मार्च 2017

कच्ची हल्दी शरीर में बैक्टेरिया की समस्या से बचाव करती है

Raw Turmeric Protects Bacterial Problems in  Body


राजस्थान में अधिकतर सर्दियों में कच्ची हल्दी (Raw Turmeric) की सब्जी खाने का प्रचलन है इस समय हल्दी से होने वाले फायदों को कई गुना बढ़ा देता है क्योंकि कच्ची हल्दी में हल्दी पाउडर की तुलना  में ज्यादा गुण होते हैं ये कच्ची हल्दी अदरक की तरह दिखाई देती है हल्दी में लिपोपॉलीसेच्चाराइड नाम का तत्व होता है इससे शरीर में इम्यून सिस्टम इम्यून सिस्टम (Immune System) मजबूत होता है-हल्दी इस तरह से शरीर में बैक्टेरिया की समस्या से बचाव करती है तथा ये आने वाले बुखार को होने से रोकती है कच्ची हल्दी में शरीर को फंगल इंफेक्शन (Fungal Infection) से बचाने के गुण होते है-

कच्ची हल्दी शरीर में बैक्टेरिया की समस्या से बचाव करती है

हल्दी को भारत में कौन नहीं जानता है इसलिए हल्दी के गुणों पर बखान करने के बजाय सीधे हम अब कच्ची हल्दी (Raw Turmeric) की सब्जी पर आते है आजकल राजस्थान में होने वाली पार्टियों में खाने में बनने वाली सब्जियों की जगह ने हल्दी की सब्जी ने ले ली है वास्तव में सच मानिये यदि आपने राजशाही कच्ची हल्दी की सब्जी को एक बार चख लिया तो आप इसे बार-बार खाने पर मजबूर अवश्य होगें-तो आइये आपको औषीधी गुणों से भरपूर कच्ची हल्दी की सब्जी बनाने की विधि से अवगत कराते है-

सामग्री-


कच्ची हल्दी कच्ची हल्दी (Raw Turmeric) की गांठे-500 ग्राम
अदरक-200 ग्राम
प्याज-250 ग्राम
लहसुन-30 ग्राम
टमाटर- 500 ग्राम
हरी मिर्च- आवश्यकता अनुसार
दही- 750 ग्राम
देशी घी- 500 ग्राम
मिर्ची पाउडर, नमक, धनिया, जीरा, सौंफ, साबुत गर्म मसाला

कच्ची हल्दी (Raw Turmeric) की सब्जी बनाने की विधि-


आप सबसे पहले कच्ची हल्दी (Raw Turmeric) की गांठों को छीलकर कस लें जिस तरह गाजर का हलवा बनाने के लिए गाजर को किसा जाता है ठीक इसी प्रकार आप अदरक को भी छीलकर कस लें और एक बर्तन में रख दें-अब आप प्याज को छीलकर गोल-गोल काट कर रख ले तथा लहसुन को छीलकर बारीक पीस कर एक कटोरी में रख लें-

अब आप टमाटर काटें ध्यान रक्खें कि एक टमाटर के दो या तीन टुकडें ही करें और टमाटर ताजे होने चाहिए पिचके हुए नहीं हों-तथा हरी मिर्च को चीरा लगाकर उसके अन्दर से बीज निकाल दें व उसके चार टुकड़े कर लें-

इस प्रकार सभी तैयारी के बाद आप एक कड़ाही में घी गर्म करें व उसमे कसी हुई कच्ची हल्दी (Raw Turmeric) को तब तक तलें जब तक हल्दी का रंग में हल्का भूरापन आ जाए ध्यान रहे आंच को मंदा रखें तथा तलने के बाद तली हल्दी को घी से बाहर निकालकर एक बर्तन में रख दें-

अब उसी घी में प्याज को भुनें तब तक जब तक प्याज का रंग गुलाबीपन पर आ जाएँ इसे भूनने के बाद प्याज को निकालकर एक अलग बर्तन में निकाल लें-

अब 3/4 किलो दही को एक बर्तन में लें व उसमे अपने स्वाद के हिसाब से मिर्ची पाउडर, धनिया, नमक आदि मसाले डालकर अच्छी तरह फैंट कर मिला लें ध्यान रक्खें कि आप बर्तन सिल्वर या कांसे का ही प्रयोग करें-

अब एक दुसरे बर्तन (कड़ाही) में जो कांसे या सिल्वर का हो में उपरोक्त तलने के बाद बचे घी को छानकर गर्म करें और गर्म होते ही उसमे सौंफ, अदरक, गर्म मसाला, थोडा जीरा, पीसा हुआ लहसुन, मिर्ची के कटे टुकड़े डालकर फ्राई करें तथा हल्का फ्राई होने के बाद दही में तैयार किया हुआ मसाला डाले दें और इसमें उबाल आने के बाद आंच धीमी करके उसे तब तक पकाएं जब तक दही का पानी पूरी तरह से सुख ना जाएँ-पानी सुखते ही इसमें हिलाए जाने वाले चम्मच पर घी की मात्रा दिखाई देने लग जाएगी व दही की जाली बन जाएगी-

अब इस मसाले में उपरोक्त तली हुई सामग्री (हल्दी व प्याज) डाल दें और एक उबाल आने दें जब पहली उबाल आ जाये तो आप कटे हुए टमाटर व हरा धनिया डालकर एक बार हिला दें व बर्तन का ढक्कन बंद कर चूल्हे से उतार लें आप इसे उतारने के बाद लगभग बीस मिनट तक ढक्कन ना हटायें-अब आपकी स्वास्थ्यवर्धक स्वादिष्ट हल्दी की सब्जी तैयार है-

ध्यान रक्खें कच्ची हल्दी (Raw Turmeric) की सब्जी के साथ खाने के लिए रोटी मोटी बनवाएँ आप एक या दो रोटी को थाली में रखकर उसके ऊपर सब्जी डालें व दूसरी रोटी से सब्जी खाएं-थाली में सब्जी के नीचे रखी रोटियां अंत में खाएं-उम्रदराज लोग सर्दियों में कच्ची हल्दी की सब्जी का सेवन जरुर करें-

नोट- 


कच्ची हल्दी (Raw Turmeric) की सब्जी में घी की मात्रा अधिक होती है साथ ही ये सर्दियों में बनती है इसलिए सब्जी खाने के तुरंत बाद पानी ना पीयें वरना आपका गला ख़राब हो सकता है यदि किसी कारण जादा ही प्यास लगती है तो गुनगुना पानी ही पीयें-

प्रस्तुती- Satyan Srivastava

Upcharऔर प्रयोग की सभी पोस्ट का संकलन

loading...

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

कुल पेज दृश्य

सर्च करें-रोग का नाम डालें

Information on Mail

Loading...