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हिन्दू नववर्ष की शुरुवात कैसे करें

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के प्रात: ब्रह्म मुहूर्त में नित्यकर्म से निवृत्त होकर अभ्यंग स्नान अथवा तीर्थ, नदी, सरोवर में स्नान करके शुद्ध पवित्र होंना चाहिए तथा स्नान के पश्चात् सूर्योदय के समय हिन्दू नववर्ष(Hindu New Year)के शुभारंभ के अवसर पर सूर्य की प्रथम रश्मि(किरण)के दर्शन के साथ नववर्ष का प्रारम्भ करें-

हिन्दू नववर्ष की शुरुवात कैसे करें

हिन्दू धर्म अनुसार पूर्व दिशा में मुख करके नीचे लिखे मंत्र से सूर्य को जल-पुष्प सहित अर्ध्य प्रदान करें-

'आकृष्णेन रजसा व्वर्तमानो निवेशयन्नमृतम्मर्त्यञ्च ।
हिरण्ययेन सविता रधेना देवो याति भुवनानि पश्यन् ।।'

आप सूर्यदेव के सन्मुख ही मानसिक रूप से प्रार्थना करें कि हे सूर्यदेव आप हमारे सभी दुखों को दूर करो जिससे हमारा भला हो आप हमें ज्ञानियों का हित करने वाला ज्ञान प्रदान करें हमारे नेत्रों की रक्षा करें और द्रष्टि को प्रखर करें मुझे सौ वर्षों तक नेत्रों से दिखाई देवे तथा सौ वर्षों का जीवन प्राप्त हो- सौ वर्षों तक श्रवण करें-सौ वर्षों तक अच्छी तरह से संभाषण करें-सौ वर्षों तक किसी के अधीन न रहे और सौ वर्षों से अधिक समय तक भी आनन्दपूर्वक रहें-

आज के दिन क्या सेवन करना है-


1- नववर्ष के पहले दिन आप नीम के कोमल पत्ते, पुष्प, काली मिर्च, नमक, हींग, जीरा मिश्री और अजवाइन मिलाकर चूर्ण बना कर आज के दिन सेवन करने से संपूर्ण वर्ष रोग से मुक्त रहते हैं

2- आज आप अपने गुरु और इष्ट की आरती पूजन करके मंत्र पुष्पांजली और प्रसाद वितरण करें-

3- सभी बंधू-बांधव,मित्रों को नववर्ष का अभिनन्दन और परस्पर शुभकामना, मंगलकामना, नववर्ष मधुर मिलन आदि का कार्यक्रम आयोजित करें-

4- नवसंवत्सर आरंभ के दिन नूतन वर्ष के पंचांग की पूजन, पंचांग का फल श्रवण, पंचांग वाचन और पंचांग का दान करने का उल्लेख धर्मशास्त्र में लिखा है कई जगह यह परंपरा आज भी गाँव-गाँव में प्रचलित है गांव में गुरु, पुरोहित आदि गांवों में पंचांग वाचन करते है-

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