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हल्दी से मेलानोमा यानी शरीर पर काले तिल का उपचार

क्या आप जानते है कि हल्दी के अचार में औषधीय गुण होते हैं हल्दी का अचार कई गुणों से भरपूर होता है हल्दी से मेलानोमा(Melanoma)यानी काले तिल उभरना भी रुक सकता है तथा हल्दी आपकी त्वचा का रूप निखारने के लिए बहुत ही लाभदायक है वैसे हल्दी सदियों से भारत में किसी न किसी रूप में इस्तेमाल की जाती रही है लेकिन आप जान लें कि हल्दी का सेवन कई प्रकार के कैंसर की वृद्धि पर रोकथाम लगाता है-

हल्दी से मेलानोमा यानी शरीर पर काले तिल का उपचार

हल्दी जहां एक ओर खाने का स्वाद और रंग बढ़ाने का काम करती है वहीं हल्दी से मेलानोमा(Melanoma)के लिए भी काफी फायदेमंद है आपने सोचा है इसका अचार भी डाला जाता है आपने हल्दी के अचार के बारे में लोगों ने कम ही सुना होगा-लेकिन यह अचार खाने के साथ खाने पर स्वाद को बढ़ा देता है तथा इसके साथ-साथ इसमें काफी औषधीय गुण होते हैं कच्ची हल्दी का अचार कई गुणों से भरपूर है तो फिर देर किस बात की है आइये जानते हैं कच्ची हल्दी के अचार बनाने की विधि के बारे में-

अचार बनाने की सामग्री-

250 ग्राम कद्दूकस की हुई कच्ची हल्दी- 250 ग्राम 
सरसों का तेल- 100 ग्राम
नमक- छोटा ढाई चम्मच
लाल मिर्च- छोटा एक चम्मच
मैथी दाना- पिसा हुआ ढाई चम्मच 
सरसों पाउडर- ढाई चम्मच
अदरक(सोंठ)पाउडर- एक छोटा चम्मच 
हींग- पिसी हुई दो ग्राम
ताजा नीबू का रस- 250 ग्राम

कच्ची हल्दी का अचार बनाने की विधि-

सबसे पहले आप कच्ची हल्दी को अच्छे से धो लें और फिर धूप में सुखा लें फिर इसके सूखने के बाद इसे कद्दूकस में कस लें तथा एक कढ़ाई में तेल को अच्छे से गर्म होने दें फिर उसे थोड़ा-सा ठंडा करके हींग, मेथी, सारे मसाले और कद्दूकस की हल्दी डाल कर अच्छे से मिला दें अब अचार को एक बर्तन में निकाल कर उसमें नींबू का रस मिलाएं-

सावधानी-

सूखे जार या चीनी मिट्टी के मर्तबान में भर कर रखें और इस बनाए हुए अचार को 1-2 दिन धूप में भी रखें इससे अचार काफी समय तक सही बना रहता है ध्यान रहे कि अचार तेल में डूबा रहे तो जल्दी खराब नहीं होता है इसे 6 महीने तक खाया जा सकता है-

कच्ची हल्दी के गुण(Properties of Raw Turmeric)-


1- कच्ची हल्दी में कैंसर से लड़ने के गुण होते हैं यह खासतौर पर पुरुषों में होने वाले प्रोस्टेट कैंसर के कैंसर-सेल्स को बढ़ने से रोकने के साथ साथ उन्हें खत्म भी कर देती है तथा यह हानिकारक रेडिएशन के संपर्क में आने से होने वाले ट्यूमर से भी बचाव करती है-

2- कच्ची हल्दी में इंसुलिन के स्तर को संतुलित करने का गुण होता है इस प्रकार यह मधुमेह रोगियों के लिए बहुत लाभदायक होती है तथा इंसुलिन के अलावा यह ग्लूकोज को भी नियंत्रित करती है जिससे मधुमेह के दौरान दी जाने वाली उपचार का असर बढ़ जाता है परंतु अगर आप जो  दवाइयां ले रहे हैं बहुत बढ़े हुए स्तर यानी हाई डोज की हैं तो आप हल्दी के उपयोग से पहले चिकित्सकीय सलाह अत्यंत आवश्यक है-

3- हल्दी में लिपोपॉलीसेच्चाराइड नाम का तत्व होता है इससे शरीर में इम्यून सिस्टम मजबूत होता है हल्दी इस तरह से शरीर में बैक्टेरिया की समस्या से बचाव करती है-

4- कच्ची हल्दी बुखार होने से रोकती है चूँकि इसमें शरीर को फंगल इंफेक्शन से बचाने के विशेष गुण होते है-

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5- कच्ची हल्दी में एंटीबैक्टीरियल और एंटी सेप्टिक गुण होते हैं तथा इसमें इंफेक्शन से लडने के गुण भी पाए जाते हैं इसमें सोराइसिस जैसे त्वचा सम्बंधित रोगों से बचाव के गुण होते हैं-

6- कच्ची हल्दी से बनी चाय अत्यधिक लाभकारी पेय है इससे आपका इम्यून सिस्टम भी काफी मजबूत होता है-

7- कच्ची हल्दी की सब्जी राजस्थान में काफी प्रयोग होती है अगली पोस्ट में हम आपको कच्ची हल्दी की सब्जी बनाने की विधि भी बताएगें जो आपके लिए स्वादिस्ट के साथ-साथ लाभदायक भी है-

प्रस्तुति-

Satyan Srivastava


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Upcharऔर प्रयोग-

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