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महिलाओं की अवधारणा में बदलाव की वजह क्या है

जी हाँ बात समझने की है कि क्यों आज नारी की सोच में काफी बदलाव आ गया है आज की स्त्रियां आत्म निर्भर जो हो गई हैं तथा वो अपने फैसले लेने और अपनी बात को कहने में भी किसी से पीछे नहीं है फिर चाहे वो सेक्स के प्रति उनका अपना नजरिया ही क्यूँ ना हो-
महिलाओं की अवधारणा में बदलाव की वजह क्या है


महिलाओं की सोच में बदलाव क्यों आता है-

1- संकोच से बाहर आकर महिलाओं के सोचने प्रवृति तथा अपनी शारीरिक जरूरतों के प्रति बढ़ी जागरूकता और आसपास होने वाले सामाजिक बदलावों ने भी महिलाओं को सेक्स के बारे में खुलकर बात करने की हिम्मत पैदा की है-महिलाओं का सेक्स के प्रति सकारात्मक रुझान इतना प्रबल है कि उनको अगर लगता है कि उनकी जरूरतें पूर्ण नहीं हो पा रही हैं तो वह अपना हाथ दूसरे के हाथ में देने में जरा भी नहीं झिझकती हैं जबकि इन जरूरतों का मतलब सिर्फ केवल सेक्स ही नहीं होता है बल्कि आर्थिक, मानसिक व भावनात्मक परिस्थितियां ऐसे संबंध बनाने के लिए भी महिलाओं को विवश करती हैं-

2- ये भी पूर्णतया सत्य नहीं कहा जा सकता है कि सिर्फ सेक्स और आधुनिकता के चलते महिलाएं ऐसे रिश्ते बनाती हैं इसके पीछे भी अन्य कारण है-जब पुरुष स्त्री की जरूरतों को नहीं समझता है और उसे नजर अंदाज करता है तब कुछ महिलाएं ऐसा कदम उठाने को मजबूर होती हैं-


3- चरम सुख और आनंद की प्राप्ति तथा स्वच्छंद रूप से जिंदगी जीने की चाह ने महिलाओं को इतना स्वतंत्र कर दिया है कि जन्म-जन्मांतर का साथ भी चंद सेकेंड में चकनाचूर हो जाता है आज की स्त्री यौन सुख के पाश में इतने गहरे फंस चुकी है कि गलत सही का निर्णय सब उसको बराबर लगता है-


4- पश्चिमी सभ्यता के बढ़ते असर और इंटरनेंट के बढ़ते प्रचलन ने महिलाओं को काफी आकर्षित किया है और सोच और जरूरतों की आकांक्षा को भी चरम रूप से आंदोलित किया है अब महिलाओं में इतना आवेग बन चुका है जो रुकना नामुमकिन है आज सोशल मीडिया लोगों के दिलो दिमाग में कुछ इस कदर बैठ गया है कि उनको दुनिया की खबर ही नहीं हैं आज घर पर आने के बाद भी लोग फोन से चिपके रहते हैं जिसके कारण ना चाहते हुए भी लोग एक-दूसरे दूर होते जा रहे हैं इसका असर आपसी रिश्तों पर भी नजर आता है क्योंकि आज उनकी सेक्स लाइफ खोखली होती जा रही है-


5- वास्तविक रूप से देखा जाये तो सोशल मीडिया बहुत ही उपयोगी है लेकिन जब यह फेसबुक स्टेटस, व्हाइटस ऐप डीपी और इन्स्टाग्राम फोटो अपलोड से दो कदम आगे बढ़कर आपके बेडरूम तक पहुंच जाए तो फिर इसे रोकना बहुत जरूरी हो जाता है आज सोशल मीडिया पर भी कई फेक आईडी द्वारा ऐसे ग्रुप देखने को मिलेगें जिनमे सेक्स की अश्लील सामग्री का प्रचार-प्रसार है जो समाज की मानसिकता को पूर्ण रूप से बदल रहा है परिणाम आज घातक है या जरुरत इसका फैसला तो सिर्फ पाठक ही कर सकतें है क्युकि हमारे समाज में सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह की सोच विद्धमान है-


6- घर से बाहर निकल कर अब कामकाजी महिलाएं अब देर रात तक ऑफिस में काम भी करती हैं जिससे उनका पुरुषों से तथा सहयोगियों से मिलना-जुलना ज्यादा होता है यदि कुछ कमी उन्हें अपने पार्टनर में नजर आती है तो ये भी अब सत्य है कि तथाकथित रूप से अधूरी इक्षाओं और जरूरतों की पूर्ति भी यहाँ से हो जाती है-


7- सत्य है कि आज की व्यस्त जिंदगी में समाज और स्थितियां तेजी से बदल रही हैं तो ऐसे में स्त्री का बदलना भी स्वाभाविक है बस यह बदलाव का ही तो नतीजा है जो आजकल की महिलाएं सेक्स को लेकर जागरूक है और उन्होंने शर्म और झिझक का चोला उतार कर रख दिया है सच मानिये तो अब महिलाएं समझ गई हैं कि सेक्स सिर्फ पुरुष की नहीं-बल्कि उनकी भी जरूरत है जिसे स्वीकारने में उन्हें कोई हिचकिचाहट नहीं है यदि संक्षेप में कहें तो आज की स्त्री किसी भी चीज से समझौता नहीं करना चाहती है बल्कि खुद को मिले हर अधिकार को भरपूर जीना चाहती है-


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