6 सितंबर 2017

डा. एडवर्ड बेच अनुसार पुष्प चिकित्सा(Bach Flower Remedies)क्या है

पिछली पोस्ट में आपको हमने बैच फ्लावर चिकित्सा(Bach Flower Remedies)के अन्वेषक और बेच फ्लावर चिकित्सा के प्रभाव के बारे में आपको अवगत कराया था चूँकि प्रकृति सदा पूर्णता की ओर गतिशील रहती है तो उसके साम्राज्य में कुछ चिकित्सा के ऐसे साधन भी अवश्य होने चाहिए जो सरल और साथ ही असरदार भी हों और इतना सरल कि रोगी बिना विस्तृत चिकित्सा विज्ञान की जानकारी के भी स्वयं अपने लिए दवा ढूँढ सके और उपयुक्त लाभ ले सके-

डा. एडवर्ड बेच अनुसार पुष्प चिकित्सा(Bach Flower Remedies)क्या है

डाँ एडवर्ड बाक 1930 में प्रकृति के साम्राज्य में सरल चिकित्सा पद्धति की खोज में निकल पड़े थे और वे छ: वर्षों तक इंगलैण्ड के जंगलों में भटकते रहे तब जाकर अन्त में 1936 में उनकी भटकन समाप्त हुई और जंगल मंथन के बाद अमृत के रूप में वे 38 पुष्प औषधियों को लेकर बाहर आए थे डा. एडवर्ड बेच ने  अपने जीवन के बीस वर्षों के अनुसंधान एंव विभिन्न रोगियों के इलाज के दौरान इस निष्कर्ष पर पहुँचे कि सभी बीमारियों की जड में हमारी अपनी ही नकारात्मक सोच होती है यदि इन नकारत्मक  सोच को सकारत्मक सोच मे बदल दिया जाय तो मनुष्य शारीरिक, मानसिक और भावत्मक रुप से स्वस्थ रहते हुए सुखी जीवन जी सकता है-

यही कारण है कि बैच फ़्लावर पद्दति(Bach Flower Remedies)से इलाज करते समय चिकित्सक को मानसिक लक्षणॊं को ध्यान मे रखते हुये फ़्लावर दवाओं का उपयोग सभी प्रकार के शारीरिक, मानसिक और मनोकायिक(Psychosomatic Diseases)रोगों मे प्रभावी सिद्ध हुआ है विशेष कर मानसिक रोगॊ मे यह पद्दति सबसे जादा प्रभावी सिद्ध हो रही है-

सच यही है कि बैच फ्लावर चिकित्सा(Bach Flower Remedies)पद्धतियों का विकास विभिन्न भौगोलिक एवं सामाजिक परिस्थितियों में हुआ है बैच फ्लावर चिकित्सा पद्धतियों की कमियों को पूरा करने के लिए अस्तित्व में आयीं है इनमें होम्योपैथी एवं बेच फ्लावर चिकित्सा पद्धतियाँ उल्लेखनीय हैं-

ये औषधियाँ उनकी सोच की कसौटी पर खरी उतरीं अर्थात् न तो इसमें होमियोपैथी की समान लक्षण वाली औषधियों के चुनाव की जटिलता है और न ही एलौपैथिक चिकित्सा पद्धति की पैथालाजिक जाँच-पड़ताल की जरूरत और न ही आयुर्वेद के नाड़ी ज्ञान की है ये दवाएँ रोगी के मानसिक लक्षणों के आधार पर दी जाती हैं इन दवाओं के प्रयोग के लिए बीमारी कोई मायने नहीं रखती है बस केवल उसके मानसिक लक्षण ही काम के हैं-

कभी-कभी आवश्यकता पड़ने पर रोगी की मानसिक अवस्था एवं रोग के प्रति मानसिक प्रतिक्रिया तथा रोगी की प्रकृति के आधार पर दो-दो या तीन-तीन दवाएँ एक साथ दी जा सकती हैं यदि गलती से कोई अनपेक्षित दवा रोगी को दे दी जाए तो भी उसका उसके शरीर पर कोई गलत प्रभाव नहीं पड़ता है इसके अतिरिक्त इन दवाओं का प्रयोग अन्य चिकित्सा पद्धति की दवाओं के साथ भी बेहिचक किया जा सकता है ये न तो दूसरी दवाओं के कार्य में दखल देती हैं और न ही अन्य दवाएँ इनकी क्रिया को प्रभावित करती हैं-

इसके भारत में बस गिने चुने ही चिकित्सक है बैच फ़्लावर चिकित्सा(Bach Flower Remedies)यानि पुष्प चिकित्सा की जानकार डाo चेतना कंचन भगत द्वारा किये गए उपचार को अब आपके समक्ष सभी केस का वर्णन इस क्रमबद्ध संकलित करने का प्रयास है-

होम्योपैथी और बैच फ़्लावर-


1- होम्योपैथी और बैच फ़्लावर दवाओं मे कुछ समानतायें भी है जैसे दोनों पद्द्ति मानसिक लक्षणॊं को प्राथमिकता देती हैं और दोनों मे सारे मानव को एक ईकाई मानकर ईलाज किया जाता है  लेकिन जहाँ बैच फ़्लावर सिर्फ़ मानसिक लक्षणॊं को आधार मानती है वहाँ होम्योपैथी मानसिक और शारिरिक दोनों को ही प्राथमिकता देती है -

2- एक्यूट रोगों में बैच फ़्लावर दवाओं को 15-20  मिनट के अन्तर पर या उससे अधिक जल्दी-जल्दी भी दे सकते हैं लेकिन एक बार आराम मिलने पर दिन मे तीन बार तथा दवा को सीधे पानी मे डालकर या ग्लोबियूलूस मे डालकर भी प्रयोग कर सकते है-

3- बैच फ़्लावर दवाओं की कोई पोटेन्सी नही होती है लेकिन ड्र्ग एक्ट मे शायद प्रावधानों को देखते हुये दवा निर्माताओं को बैच फ़्लावर दवाओं के आगे 30 इंगित करना पड्ता है-

बैच फ़्लावर दवाओं के बारे में कुछ और तथ्य-

1- बैच फ़्लावर दवाओं को होम्योपैथिक या अन्य दवाओं के साथ बिना रोक टोक के चला सकते हैं यह दवायें होम्योपैथिक दवाओं को Complement करती हैं ये न तो दूसरी दवाओं के कार्य में दखल देती हैं और न ही अन्य दवाएँ इनकी क्रिया को प्रभावित करती हैं-

2- फ़्लावर दवाओं की  एक से अधिक दवायें  सुविधानुसार काम्बीनेशन कर के प्रयोग कर सकते हैं होम्योपैथिक दवाओं की तरह बैच फ़्लावर में दवा सेलेकशन का झमेला कम ही रहता है-

3- डाo चेतना कंचन भगत जी ने तक अनेकों प्रकार के जटिल रोगों से पीड़ित रोगियों को पुष्प चिकित्सा पद्धति से सफल उपचार करके इनको रोग मुक्त करवाया है-

4- इसका प्रयोग बच्चे, बूढ़े, स्त्री, पुरूष हर प्रकार के लोगों की प्रत्येक अवस्था में किया जा सकता है-

प्रस्तुति-


Dr.Chetna Kanchan Bhagat

अगर आपके समाज या परिवार में कोई रोग या समस्या है तो आप मुझसे निसंकोच मेरे पते पर सम्पर्क कर सकते है नीचे मेरा पता है-

सम्पर्क पता-

Dr.Chetna Kanchan Bhagat

C- 002 KalpTaru,Opp Old Petrol Pump
Mira Bhayandar Road,
Mira Road
Dist-Thane
Mumbai- 401105(Maharashtra)

Phone Numbers-

08425904420, 08779397519(whatsup&call)

Timing- 11Am To 7 Pm

E-mailbhagatchetna@gmail.com


सम्पर्क करने से पहले-

1-रोगी की परेशानी, उम्र,लिंग,वजन बताए-

2- पैथोलोजिकल रिपोर्ट्स हो तो वह भी बताए-

3- रोगी के मानसिक लक्षण, स्वभाव, पसन्द, नापसन्द,यह सब नोट करके जब भी काल करे तब अवश्य बताए-

4- रोगी की भूख, प्यास,नींद, मल मूत्र नॉर्मल है या नहीं तथा स्त्रियों में माहवारी कम ज्यादा हो तो यह भी बताए-

5- सुबह ब्रश करने से पहले की जीभ की फ़ोटो हमें जीभ बाहर की तरफ निकाल कर भेजे-

आपके द्वारा भेजी गई यह सारी डिटेल्स आपका डायग्नोसिस करने में हमें सहायक होगी-इसलिए फोन और वोट्सएप पर यह फॉरवर्ड करना ही आपको बेहतर होगा अगर आपके पास वॉट्सप की सुविधा ना होतो आप यह सब नोट करके हमे फोन पर भी बता सकते है-दवा आपके पास कोरियर करने की सुविधा भी है-

Whatsup- 8779397519

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