Breaking News

पुष्प चिकित्सा क्या है

हमारे चिकित्सा के क्षेत्र में विभिन्न पद्धतियां प्रचलित हैं उनमें एक नाम बैच फ्लावर रेमेडीज(Bach Flower Remedies)का भी मौजूद है और इस चिकित्सा पद्धति के आविष्कारक रहे हैं डा. एडवर्ड बेच जो लन्दन में प्रमुख एलोपैथिक डाक्टर थे वे इस चिकित्सा पद्धति से असन्तुष्ट होने से उन्होंने होम्योपैथिक डिग्री प्राप्त की और हो्म्योपैथिक पद्धति से चिकित्सा कार्य करना शुरु किया लेकिन शीघ्र ही वे होम्योपैथिक पद्धति से भी असन्तोष का अनुभव करने लगे और किसी और भी सरल लेकिन सफल चिकित्सा पद्धति की खोज में लग गये-

पुष्प चिकित्सा क्या है

डा. एडवर्ड बेच का परिचय-


बैच फ्लावर चिकित्सा(Bach Flower Remedies)पद्धति पर चर्चा करने के पहले इसके अन्वेषक के विषय में जानकारी देना उचित होगा-बैच फ्लावर चिकित्सा पद्धति की खोज डॉ एडवर्ड बाक ने की थी डाँ. बाक ने यूनिवर्सिटी कालेज हास्पिटल, लंदन से एम.बी.बी.एस., एम.आर.सी.एम., एल.आर.सी.पी. की डिग्रियाँ प्राप्त कीं थी वो पहले उक्त संस्थान में ये आपात चिकित्साधिकारी रहे तत्पश्चात् जीवाणु विज्ञानी रहे और इसके बाद इन्होंने होम्योपैथी का अध्ययन और प्रैक्टिस शुरू किया फिर समान लक्षण वाली औषधि चुनने की कठिनाई के कारण उन्हें यह चिकित्सा पद्धति भी बहुत दिनों तक रास न आयी और वे इससे विरक्त हो गए थे-

चूँकि मनुष्य की समस्याएँ ही उसे अपने समाधान का रास्ता बताती हैं हमारा चिकित्सा का क्षेत्र भी इससे अलग नहीं है अब मनुष्य जब 21वीं शताब्दी में प्रवेश कर रहा है और उसके पास चिकित्सा पद्धतियाँ हैं लेकिन हर चिकित्सा पद्धति की अपनी सीमा है भले ही तुलनात्मक दृष्टि से उनके गुणात्मक प्रभाव कम या अधिक हों सकते है-

इसी प्रकार प्रकृति का अध्ययन करते हुए डा. एडवर्ड बेच ध्यान फूलों की तरफ गया और उन्होंने विचार किया कि स्वभावतः मनुष्य का मन फूलों की तरह कोमल होता है और मूलतः मनुष्य का अन्तर्मन सौम्य, सरल और भावुक होता है मनुष्य का यह प्राकृतिक रुप मन के जिन छः शत्रुओं से बनता या बिगडता है उनके नाम हैं काम, क्रोध, मद्, लोभ, मोह और मत्सर इन्हीं विकारों के प्रभाव से मनुष्य अपना प्राकृतिक स्वरुप याने स्वाभाविक अवस्था खो देता है-

स्वाभाविक अवस्था का होना स्वास्थ्य है और इसे खो देना अस्वास्थ्य है-रोग है चूँकि मनुष्य की स्वाभाविक अवस्था फूलों के समान है और यदि यह अवस्था बिगड जावे तो इसे सुधारने के लिये फूलों का प्रयोग किया जा सकता है-

सन 1930 से 1936 तक के 6 वर्ष डा. एडवर्ड बेच ने इसी खोज में गुजार दिये और हजारों फूलों पर रिसर्च करने के बाद 38 प्रकार के फूलों को मनुष्य के विकारों को दूर करने में सक्षम पाया और इन 38 प्रकार के फूलों से उन्होंने 38 दवाइयां बनाई जो इन्हीं डा. के नाम से बैच फ्लावर चिकित्सा(Bach Flower Remedies)के नाम से जानी जाने लगी-

बैच फ्लावर रेमिडीज(Bach Flower Remedies)का प्रभाव-


1- आजकल ज्यादातर युवा वर्ग कील मुहाँसे से ज्यादा परेशान रहता है और स्किन स्पेशलिस्ट के पास हजारों रुपये ख़र्च करने पर भी उसे वांछित परिणाम नही मिल पाता है बल्कि परिणाम स्वरूप उसकी त्वचा ज्यादा खरांब हो जाती है तो ऐसे में आपको बैच फ्लावर चिकित्सा(Bach Flower Remedies)बिना किसी नुकसान के लाभ दे सकती है-

2- आजकल व्यस्तता ओर कामकाजी जीवन के चलते स्त्री या पुरुष दोनों में स्ट्रेस, चिंता निराषया,अवसाद, जैसी तकलीफ अब आम बात है कभी-कभी लोग भय, ओर चिंता तथा डिप्रेशन के शिकार हो जाते है पर शर्म से यह बात किसी को कह नही सकते हैं मनोवैज्ञानिक भी भारी भरकम फीस लेकर इलाज कराते है किंतु यह बीमारी बार बार लगातार बनी रहती है इस प्रकार के केस में बैच फ्लावर चिकित्सा(Bach Flower Remedies)आपके लिए रामबाण इलाज है-

3- आजकल बच्चों पर पढाई ओर् अच्छे मार्क्स का इतना ज्यादा प्रेशर है कि बच्चे मानसिक थकावट, उदासी, स्फूर्ति की कमी, याददाश्त कमजोर, भूख ना लगना, चश्मा लग जाना,जैसी तकलीफों से रूबरू हो जाते है और अभिभावक उनको लेकर चिंतित बने रहते है ऐसी तकलीफों में बैच फ्लावर चिकित्सा(Bach Flower Remedies)बच्चों के लिए वरदान साबित हो सकती है-

4- आजकल परिवार में आंतरिक कलह ओर दूरियां बढ़ रही है व्यस्त जीवन और जनरेशन गेप की वजह से रिश्तों में भी कड़वाहट आ रही है ऐसी कौटुम्बिक या सामाजिक परिस्थियों में भी बैच फ्लावर चिकित्सा(Bach Flower Remedies)आपके लिए उत्तम परिणाम देती है-

5- चूँकि यह रेमिडीज मानसिक लक्षणों पर कार्य करती है इसलिये इसका उपयोग बेहद सरल और असरदायक है तथा दूसरे इलाजों की अपेक्षा यह बेहद सस्ता सुगम ओर बिना दुष्प्रभाव के बेहद असरदार इलाज है इससे हम स्वयं को ,परिवार को तथा दूसरों की भी मदद कर सकते है-

6- भटके हुए युवा वर्ग, हार्मोनल चेंजेस से जूझते वयस्क हो रहे बच्चे, गृहिणी या, पढाई में कमजोर बच्चे, चिड़चिड़े से रहने वाले कामकाजी लोग, हताश ओर एकाकी वृद्धवस्था के लोग, ज्यादा हायपर एक्टिव या जिद्दी बालक,आत्मविश्वास की कमी से जूझते लोग, सदमे के शिकार या आत्महत्या की तरह प्रेरित होते लोग, नशे के लत के आदी लोग, मानसिक रोगी यह सब लोगो के लिए बैच फ्लावर चिकित्सा(Bach Flower Remedies)एक वरदान रूप है-

बैचफ्लावर(Bach Flower)चिकित्सा की वास्तविकता-


1- मैं इस बात को समझ सकती हूँ कि कुछ लोग शायद मेरे द्वारा यहाँ पर  कही गयी बातों से सहमत न भी हों परंतु सत्य बात तो यही है कि न केवल हमारा देश बल्कि पूरा विश्व ही वर्तमान समय मे वैज्ञानिक चिकित्सा के भ्रम में एक ऐसी चिकित्सा व्यवस्था के कुचक्र में फंस गया है जिसमे पूरी आबादी के अधिकांश लोग विभिन्न प्रकार के जटिल रोगों की चपेट मे आ गए हैं- 

2- सबसे दुखद बात जो है कि जिस चिकित्सा को आज शिक्षित समाज ने मान्यता प्रदान कर रखी है उसने अपने सम्पर्क में आने वाले रोगियों में से 100% में से 100% लोगों के रोगों का स्थायी उपचार करने के बजाय उनको विषैली और विपरीत प्रभाव उत्पन्न करने वाली ओषधियों का आदि(ड्रग एडिक्ट)बनाने में कोई कसर नही छोड़ी है- 

3- मेरे पास जब इलाज के लिए आने वाले रोगियों में से अधिकतर लोगों को रोगों की पीड़ा से कही अधिक औषधियों के लगातार प्रयोग की तकलीफ से पीड़ित होते देखता हूँ तो मुझे मेरे मन मे काफी खेद होता है क्योंकि इनमें से अधिकतर तो आजकल अपने रोग को दूर करने के बजाय केवल एलोपैथी की महंगी ओर साइड इफेक्ट्स वाली चिकित्सा से मुक्त होना चाहते है-

4- क्योंकि एलोपैथी एक इमरजंसी चिकित्सा प्रणाली है छोटी मोटी तकलीफों में इसे लेने से मर्ज ठीक ना होते हुए बढ़ता मालूम पड़ता है और साथ ही औषधियों की शरीर को इनकी आदत अलग से पड़ जाती है और जब कभी जरा भी औषधियों का प्रयोग करने में कुछ घंटों का भी विलंब होता है या किया जाता है तो तत्काल काफी परेशानी झेलनी पड़ती है-

5- आज कल अधिकतर मामलों में हम सभी यह बात देखते है की रोगी की एलोपैथी सिद्धान्तों के आधार पर चिकित्सकों द्वारा करवाई गई एक से एक महंगी से महंगी जांचों की सारी रिपोर्ट्स नॉर्मल होते हुए और हजारों रुपये खर्च करने के बाद भी रोगी को कोई लाभ नही होता और न ही चिकित्सक रोगी के रोग को पकड़ने में सफल हो पाते है लाखों रुपये खर्च कर डालने के उपरांत रोगी पूर्ववत कष्ट पाने को विवश रहता है-

6- विभिन्न प्रकार की मनोवैज्ञानिक बीमारियों से जूझते रोगियों के रोग की चिकित्सा तो वर्तमान समय मे प्रचलित इस वैज्ञानिक कही जाने वाली एलोपैथी चिकित्सा पद्धति में है ही नही-हताश ओर निराश व्यक्तियों के लिए प्रचलित चिकित्सा पद्धति में चिकित्साएं अनुपलब्ध है और जो है वह बड़ी महंगी है-

7- आज परिणाम स्वरूप इन्ही कारणों के चलते अब लोग एलोपैथी का विकल्प ढूंढने हेतु अत्यंत बैचैनी से भाग दौड़ करते दिखते है ऐसे ही लोगों का एक तबका वर्तमान समय मे "सुश्री चेतना कंचन भगत" विशेषज्ञ पुष्प चिकित्सा के सम्पर्क में आकर मनोवांक्षित लाभ प्राप्त कर रहा है-

8- जैसा कि इनके द्वारा उपचारित लोगों के विचारों को जानने से पता चला है कि यह चिकित्सा बेहद सरल और सौम्य है इसके कोई साइड इफेक्ट्स नही है ये सस्ती ओर आसानी से उपलब्ध बिल्कुल निराप्रद चिकित्सा प्रणाली है परंतु इस समय अपने देश भारत मे इस पद्धति के सिर्फ गिने चुने चिकित्सक ही कार्यरत हैं-

9- पुष्प चिकित्सा का मनुष्य के स्वभाव और मन तथा ह्रदय पर बहुत सकारात्मक असर होता है जिससे मन मे दबी दुर्भावनाऐं सदभावना में बदल जाती है और  हम शारीरिक स्वास्थ ओर मानसिक स्वास्थ्य तेजी से प्राप्त कर सकते है-


डाo चेतना कंचन भगत का सम्पर्क विवरण-

Dr.Chetna Kanchan Bhagat
704- Solitaire Heights
New Golden Nest Phase-12
Near MithaLal Jain Banglow.
Bhayander(East)
Dist-Thane
Mumbai- 401105(Maharashtra)

Phone Numbers-

08425904420, 08779397519

Timing- 11Am To 7 Pm

E-mailbhagatchetna@gmail.com

सम्पर्क करने से पहले-

1-रोगी की परेशानी, उम्र,लिंग,वजन बताए-

2- पैथोलोजिकल रिपोर्ट्स हो तो वह भी बताए-

3- रोगी के मानसिक लक्षण, स्वभाव, पसन्द, नापसन्द,यह सब नोट करके जब भी काल करे तब अवश्य बताए-

4- रोगी की भूख, प्यास,नींद, मल मूत्र नॉर्मल है या नहीं तथा स्त्रियों में माहवारी कम ज्यादा हो तो यह भी बताए-

5- सुबह ब्रश करने से पहले की जीभ की फ़ोटो हमें जीभ बाहर की तरफ निकाल कर भेजे-

आपके द्वारा भेजी गई यह सारी डिटेल्स आपका डायग्नोसिस करने में हमें सहायक होगी-इसलिए फोन और वोट्सएप पर यह फॉरवर्ड करना ही आपको बेहतर होगा अगर आपके पास वॉट्सप की सुविधा ना होतो आप यह सब नोट करके हमे फोन पर भी बता सकते है-

Read Next Post-


Upcharऔर प्रयोग-

कोई टिप्पणी नहीं