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26 जून 2017

अल्सर होने पर घरेलू प्रयोग अपनायें-Home Remedies for Ulcer

Home Remedies for Ulcer-


अल्‍सर(Ulcer)होने पर छाती के पास दर्द होता है अगर दर्द छाती के पास हो तो इसे एसिडिटी रिफ्लेक्शन का असर समझना चाहिए इससे दिल के दर्द का शक होता है लेकिन दिल का दर्द छाती के ऊपरी हिस्से में होता है और कभी-कभी एसिडिटी की वजह से भी उसी जगह दर्द होता है इसलिए इन दोनों स्थिति के बीच में बिना जांच के अंतर समझ पाना आसान नहीं है-


अल्सर होने पर घरेलू प्रयोग अपनायें-Home Remedies for Ulcer

अल्‍सर के मरीजों का वजन बहुत तेजी से घटने लगता है अल्‍सर(Ulcer)होने पर मरीज खाने के प्रति उदासीन हो जाता है जिसके कारण वजन कम होता है और खाना भी अच्‍छे से नही पच पाता जो वजन घटने का कारण है खासकर पेप्टिक अल्‍सर होने पर बिलकुल भूख नही लगती है सामने खाना होने पर भी खाने की इच्छा नहीं होती है-

उल्टी होना या उलटी जैसा महसूस होना अल्‍सर(Ulcer)का लक्षण माना जा सकता है ऐसी स्थिति में अक्‍सर मरीज को लगता है कि उलटी होने वाली है लेकिन जब अल्‍सर बढ़ जाता है तो हालत और भी खराब हो सकती है अल्‍सर बढ़ने पर तो खून की उलटी हो सकती है ऐसे में स्टूल(मल)का रंग काला हो जाता है-

चूँकि शरीर में विजातीय द्रव्यों(विष)का बढ़ना भी इस रोग का कारण है अतः मात्र आमाशय के घाव को निरोग करना इसका स्थायी निवारण नहीं क्योंकि शरीर की दूषित अवस्था में एक स्थान का घाव अच्छा होने पर उसकी दूसरे स्थान पर पुनः उत्पन्न होने की सम्भावना रहती है अतः आहार चिकित्सा के साथ-साथ शरीर का शोधन करना अति आवश्यक है रोगी को कम-से-कम तीन सप्ताह तक प्राकृतिक उपचार एवं प्राकृतिक नियमों का पालन करना चाहिए रोगी को अल्सर की चिकित्सा में प्रतिदिन पेट की लपेट का प्रयोग करना चाहिए-

पेट की लपेट की विधि-


पेट की लपेट के लिए महीन सूती कपडा लगभग एक फिट चौड़ा एवं लम्बा इतना कि पेट पर तीन-चार लपेटे लग जाएँ इस कपडे कि पट्टी को ठन्डे पानी में भिगोकर निचोड़ लें तत्पश्चात इसे पेडू से नाभि के ऊपर तक रखकर लपेट लें इस गीली पट्टी के ऊपर कोई गर्म कपडा जैसे शाल या चादर इस तरह लपेटें कि नीचे वाली गीली पट्टी पूरी तरह से ढक जाय इसके अतिरिक्त निम्नलिखित क्रम से चिकित्सा करनी चाहिए-

अल्‍सर(Ulcer)के लिए घरेलू उपाय-


1- अल्‍सर(Ulcer)के लिए पोहा बहुत फायदेमंद घरेलू नुस्खा है इसे बिटन राइस भी कहते हैं आप पोहा और सौंफ को बराबर मात्रा में मिलाकर चूर्ण बना लीजिए 20 ग्राम चूर्ण को 2 लीटर पानी में सुबह घोलकर रखिए तथा इसे रात तक पूरा पी जाएं यह घोल नियमित रूप से सुबह तैयार करके दोपहर बाद या शाम से पीना शुरू कर दें इस घोल को 24 घंटे में समाप्त कर देना है इससे आपको अल्सर में आराम मिलेगा-

2- सहजन(Drumstick)के पत्ते को पीसकर दही के साथ पेस्ट बनाकर लें और इस पेस्ट का सेवन दिन में एक बार करने से अल्सर में फायदा होता है-

3- अल्सर के रोगी को ऐसा आहार देना चाहिये जिससे पित्त न बने, कब्ज और अजीर्ण न होने पाये इसके अलावा अल्‍सर के रोगी को अत्यधिक रेशेदार ताजे फल और सब्जियों का सेवन करना चाहिए जिससे अल्‍सर को जल्‍दी ठीक किया जा सके-

4- पेप्टिक अल्सर के उपचार के लिए बकरी का दूध बहुत प्रभावी है यह छालों को भरने के लिए कारगर है इसे कच्चा लेने से भी अल्सर के रोगी को बेहतर नतीजे मिलते हैं एक गिलास ता़ज़ा और कच्चा दूध दिन में तीन बार लें-

5- बेलफल का गूदा अल्‍सर(Ulcer)में बहुत राहत पहुँचाता है इसका शरबत बनाकर भी पी सकते हैं यह फल लिसलिसा होता है और इसकी प्रकृति भी ठंडी होती है यह आपके पेट की अंदरुनी सतह पर सुरक्षा कवच की तरह काम करता है-

6- मेथीदाने को पानी में उबालकर पीने से पेप्टिक अल्सर में राहत मिलती है मेथीदाने को पानी में उबालने पर यह हल्के से लिसलिसे हो जाते हैं यह लैस पेट में पहुँचकर छालों पर जमकर सुरक्षाकवच के रुप में काम करता है जिससे मरीज़ को राहत मिलती है-

7- पेप्टिक अल्सर के लिए केला सबसे प्रभावी उपायों में से है केले में एसिडिटी कम करने वाला एक पदार्थ होता है जिसे विटामिन-यू कहा जाता है इसके प्रभाव से अल्सर से होने वाली जलन कम होती है पेप्टिक अल्सर से गंभीर रुप से प्रभावित रोगियों को एक गिलास दूध और दो केले दिनभर में तीन-चार बार लेना चाहिए इसके अलावा और कुछ नहीं खाना चाहिए-

8- पत्ता गोभी और गाजर को बराबर मात्रा में लेकर जूस बना लीजिए इस जूस को सुबह-शाम एक-एक कप पीने से पेप्टिक अल्सर के मरीजों को आराम मिलता है-

9- छाछ की पतली कढ़ी बनाकर रोगी को रोजाना देना चाहिये तथा अल्सर में मक्की की रोटी और कढ़ी खानी चाहिए-

10- दूध पीने से भी गैस्ट्रिक एसिड बनाता है लेकिन अगर आप आधा कप ठंडे दूध में आधा नीबू निचोड़कर पियें तो वह पेट को आराम देता है और जलन का असर कम हो जाता है और आपका अल्‍सर ठीक होता है-

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