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24 जून 2017

डर के आगे जीत ही नही स्वास्थ भी है

आपके साथ आज मै अपने एक और केस की चर्चा करती हूँ रोगी का नाम है अंजली बेन पटेल उम्र 58 वर्ष दरअसल अंजली बेन को डर की बीमारी(Phobia's Disease)हो गई थी उन्होंने डॉक्टर्स ओर सैकेटिस्ट को भी दिखाया और उन्होंने इसे अवसाद बताकर दवाइयां भी दी तो कुछ दिन उन्हें आराम भी मिला पर बाद में परिस्थितियां ज्यों की त्यों बनी रही और यह तकलीफ उन्हें चार साल से लगातार परेशान कर रही थी- 


Phobia's Disease


डर की बिमारी(Phobia's Disease)-


उनकी बेटी जो मुझसे इलाज करवा चुकी है अपनी किसी और तकलीफ का और इस समय वो कैनेडा में रहती है उन्होंने अंजली बेन को काफी फोर्स करके मुझसे मिलने को कहा-पिछले साल जब अंजली बेन मुझसे मिलने आई तब उनकी आंखों में निराशा साफ दिख रही थी मेरे पूछने पर उन्होंने बताया की उनको मन में हमेशा डर(Phobia)लगा रहता है ऐसा उनको लगातार लगता है कि कुछ बुरा होने वाला है कुछ बुरी खबर आने वाली है और कही जाना हो तो उनको लगता कि उनकी कार का एक्सीडेंट हो जाएगा तथा वह अकेली बाजार जाने से भी कतराती है तथा हर कार्य बेमन ओर निरुत्साह से करती हैं अकेले रहने से कतराती हैं तथा रात को सोते समय भी उन्हें लगता कि उनको नींद लग गई और घर मे आग लग गई तो..?

वो बार-बार गैस चूल्हे के बटन चेक करती है घर के मुख्यद्वार को अंदर से बार-बार चेक करती हैं कि ठीक से लगा हुआ है कि नही-इन तकलीफों की वजह से वो अकेले रहने से भी कतराती हैं अगर मोबाइल की रिंग बज जाए तो डर जाती की कही कुछ बुरी खबर तो नही है-

इस तरह की तकलीफों ने उनका आत्मविश्वास तोड़ कर रख दिया था वो कही भी अकेले आने जाने के काबिल नही है यही भावना उनके मन मे घर कर गई थी जिससे उन्हें और उनके परिवार को सामाजिक भी काफी परेशानियां हो रही थी-

उनके यह सारे सिम्पटम्स और दूसरे सिम्पटम्स को देखकर फिर मैने उन्हें दो तरह् के बेचफ्लॉवर कॉम्बिनेशन्स दिए और उन्हें तीन महीनों तक इसे लगातार लेने को कहा चार महीनों की चिकित्सा से आज अंजली बेन अपनी बरसो पुरानी तकलीफ से सम्पूर्ण मुक्त है आखरी बार की दवाई लेने वो मेरे पास अकेली ही आई थी-

डर की भावना(Feeling of fear)जो कि नेगेटिव इमोशन्स है अगर यह मन मे बहुत बढ़ जाए तो हमारे शरीर के वाइटल ऑर्गन्स पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है डर का सबसे ज्यादा प्रभाव किडनी पर पड़ता है और किडनी चूंकि हमारे जीवन सत्व को रेग्युलेट करती है तो डर की वजह से हम पूरे शरीर को क्षीण कर देते है इस इमोशन्स का यथा योग्य इलाज जल्दी से जल्दी करना चाहिए ताकि दूसरी गम्भीर समस्याओं से बचा जा सके-

बैच फ्लावर चिकित्सा में इस प्रकार के रोगों का निदान बिना किसी साइड इफेक्ट के है और ये सबसे उत्तम चिकित्सा है अगर आपके समाज या परिवार में इस प्रकार की कोई समस्या है तो आप मुझसे निसंकोच मेरे पते पर सम्पर्क कर सकते है नीचे मेरा पता है-

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सम्पर्क पता-

Dr.Chetna Kanchan Bhagat

C- 002 KalpTaru,Opp Old Petrol Pump
Mira Bhayandar Road,
Mira Road
Dist-Thane
Mumbai- 401105(Maharashtra)

Phone Numbers-

08425904420, 08779397519(whatsup&call)

Timing- 11Am To 7 Pm

E-mailbhagatchetna@gmail.com


सम्पर्क करने से पहले-

1-रोगी की परेशानी, उम्र,लिंग,वजन बताए-

2- पैथोलोजिकल रिपोर्ट्स हो तो वह भी बताए-

3- रोगी के मानसिक लक्षण, स्वभाव, पसन्द, नापसन्द,यह सब नोट करके जब भी काल करे तब अवश्य बताए-

4- रोगी की भूख, प्यास,नींद, मल मूत्र नॉर्मल है या नहीं तथा स्त्रियों में माहवारी कम ज्यादा हो तो यह भी बताए-

5- सुबह ब्रश करने से पहले की जीभ की फ़ोटो हमें जीभ बाहर की तरफ निकाल कर भेजे-

आपके द्वारा भेजी गई यह सारी डिटेल्स आपका डायग्नोसिस करने में हमें सहायक होगी-इसलिए फोन और वोट्सएप पर यह फॉरवर्ड करना ही आपको बेहतर होगा अगर आपके पास वॉट्सप की सुविधा ना होतो आप यह सब नोट करके हमे फोन पर भी बता सकते है-दवा आपके पास कोरियर करने की सुविधा भी है-

Whatsup- 8779397519


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