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8 जून 2017

कैसे बनती है छोटी समस्याए असाध्य मानसिक बीमारियां

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आजकल भाग दौड़ भरी जीवन शैली ,प्रदूषण,मिलावटी भोजन, और असम्यक पद्धति की वजह से सारे रिसोर्सिस होते हुए भी सारी सुरक्षा(Protection)लेने के बावजूद भी हम रोगों की तरफ मुँह किये खड़े है आजकल बच्चे बूढ़े वयस्क या नौजवान ऐसा कोई भी नही जो किसी ना किसी शारीरिक या मानसिक समस्या(Mental Problem)से ग्रस्त-ट्रस्ट ना हो फिर आखिर कहाँ हो जाती है आपसे चूक...?

कैसे बनती है छोटी समस्याए असाध्य मानसिक बीमारियां

चूँकि अक्सर हम छोटी-मोटी समस्याओं को व्यस्तता के चलते या लापरवाही के चलते इग्नोर कर देते है मानसिक समस्याओं की शुरुवात अक्सर हमे चिड़चिड़ाहट ,थकान, बोरियत से होती है पर हम इस पर भी संजीदगी से ध्यान ना देते हुए बेपरवाही करते रहते है-

आज भी हमारे देश मे मानसिक समस्याओं(Mental Problems)को सिर्फ समस्या नही माना जाता या तो इसे भूतप्रेत का चक्कर माना जाता है या तो फिर पागलपन का मान लेते है और इसी वजह् से अक्सर लोग इसका इलाज करवाने से कतराते या टालते मालूम पड़ते है जबकि सत्य ये है कि मानसिक रोगों पर अवेरनेस की कमी के चलते रोग जब बढ़ कर असाध्य हो जाते है तब जाकर लोग सकुचाते हुए डॉक्टर्स से सम्पर्क करते है पर तब तक रोग की अवस्था काफी पुरानी हो चुकी होती है और चिकित्सक के लिए भी मुश्किल हो जाता है तथा चिकित्सा लम्बी चलती है जिससे रोगी का धीरज खत्म सा होने लगता है-

मानसिक समस्या बचने के लिए क्या करे-


स्वयं के लिए ध्यान योग्य-

अगर आपको आपके स्वभाव में एकाएक बदलाव महसूस हो जैसे बिना वजह तनाव,थकान, फोकस की कमी, आलस्य,या कोई नई आदते बनना(नाखून चबाना,बार बार थूकना,बालो को सहलाना ),जल्दी से घबराहट होना, हड़बड़ी हो जाना, डर लगना, भूक कम या ज्यादा लगमा, प्यास कम या ज्यादा लगना,बिना वजह किसी व्यक्ति से चिढ़ या ईर्ष्या होंना आदि यह लक्षण आपको मानसिक ही नही किन्तु शारीरिक परेशानी भी दे सकते है इसलिए अगर ऐसा हो तो तुरन्त चिकित्सक से सलाह, आराम,ओर मेडिटेशन जरूर करना चाहिए-

बच्चों पर ध्यान योग्य-  

अगर आपका बच्चा रात को डर जाए, झूट बोलने लगे, जिड करने लगे या खिलौने तोड़ने लगे तो ऐसी बातों को हंस कर ना टाले तथा बच्चों की आपस की लड़ाई को उनकी शरारत ना समझे क्योकि यह लड़ाई आगे जाकर बच्चे के मन को हिंसा से भर देगी चूँकि बच्चों का मन कोमल और कोरा होता है उनको समस्याए जल्द हो जाती है पर अगर समय रहते उनकी देखभाल की जाए तो उनकी समस्याए ठीक की जा सकती है-

युवावर्ग पर ध्यान योग्य-

प्रतियोगिता ओर फैशन तथा पढाई में अच्छे प्रदर्शन को लेकर हमारा युवा वर्ग बहुत ही स्ट्रेस में रहता है जिससे बुरी आदतें ओर नशा की लत इनको अपनी ओर आकर्षित करती मालूम पड़ती है या फिर क्षणिक मौज मस्ती की तरंगें कब इनको नशे का आदि बनाती है यह इनको स्वयं भी नही पता चलता है और जब युवावर्ग को समझ आती है तब तक सब कुछ लूट चुका होता है और इन्हें आत्महत्या के विचार आने लगते है परन्तु शर्म के मारे यह चिकित्सक से भी यह कह नही सकते है बार बार आत्महत्या के विचार आपकी कमजोरी नही किन्तु एक बीमारी ही है और आप इसे शर्मिदगी ना बनाए आप अपने अभिभावकों और चिकित्सको से इसके बारे में खुल कर बात करे यदि आपके किसी दोस्त को यह समस्या हो तो उसे डरपोक कहकर मजाक ना बनाए परन्तु उसकी सहायता कर इस समस्या से उबारने में आप उसकी सहायता ही करें-

बुजुर्गों पर ध्यान योग्य-

हमारे समाज मे यह वर्ग अक्सर अपने आप को उपेक्षित महसूस करता है इस उम्र में शरीर तो थक जाता है और मन भी थक जाता है जिससे बुजुर्ग वर्ग ज्यादा सवेदनशील हो जाता है चूँकि घर मे व्यस्तता के कारण इन पर लोगों का ध्यान कम ही जाता है एक विशेष कारण यह भी है कि जनरेशन गेप की वजह से युवा वर्ग भी इनसे बात करने को उपलब्ध नही होते है इस बात की इनको अक्सर शिकायत रहती है जिससे इन्हें घुटन महसूस होती है तब इनको हाथ पैर कम्पन, मुड़ स्विंग,याददाश्त की कमी, रक्तचाप की परेशानी हो जाती है ऐसे समय इन तकलीफों को बुढापे की सामान्य समस्या ना समझें बल्कि आप इनकी योग्य चिकित्सा और ध्यान दे-

बस याद रहे जितने हम अपने खाने पीने या सुंदर दिखने के प्रति सजग है उतने ही सजग हमे हमारे मानसिक आरोग्य के बारे में भी रहना है जिससे परेशानी को रोग बनते हुए हम रोक सकते है बैच फ्लावर चिकित्सा में इस प्रकार के रोगों का निदान बिना किसी साइड इफेक्ट के है और ये सबसे उत्तम चिकित्सा है अगर आपके समाज या परिवार में इस प्रकार की कोई समस्या है तो आप मुझसे निसंकोच मेरे पते पर सम्पर्क कर सकते है मेरा पता-

डाo चेतना कंचन भगत का सम्पर्क विवरण-

Dr.Chetna Kanchan Bhagat

704- Solitaire Heights
New Golden Nest Phase-12
Near MithaLal Jain Banglow.
Bhayander(East)
Dist-Thane
Mumbai- 401105(Maharashtra)

Phone Numbers-

08425904420, 08779397519

Timing- 11Am To 7 Pm

E-mailbhagatchetna@gmail.com

सम्पर्क करने से पहले-

1-रोगी की परेशानी, उम्र,लिंग,वजन बताए-

2- पैथोलोजिकल रिपोर्ट्स हो तो वह भी बताए-

3- रोगी के मानसिक लक्षण, स्वभाव, पसन्द, नापसन्द,यह सब नोट करके जब भी काल करे तब अवश्य बताए-

4- रोगी की भूख, प्यास,नींद, मल मूत्र नॉर्मल है या नहीं तथा स्त्रियों में माहवारी कम ज्यादा हो तो यह भी बताए-

5- सुबह ब्रश करने से पहले की जीभ की फ़ोटो हमें जीभ बाहर की तरफ निकाल कर भेजे-

आपके द्वारा भेजी गई यह सारी डिटेल्स आपका डायग्नोसिस करने में हमें सहायक होगी-इसलिए फोन और वोट्सएप पर यह फॉरवर्ड करना ही आपको बेहतर होगा अगर आपके पास वॉट्सप की सुविधा ना होतो आप यह सब नोट करके हमे फोन पर भी बता सकते है-दवा आपके पास कोरियर करने की सुविधा भी है-
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