12 जून 2017

आजकल गुप्त समस्यायें अधिक क्यों है

आजकल सेक्स रोगों के रोगी क्यों बढ़ रहे है जिसको देखो वो इससे ही पीड़ित रहता है मुख्य कारण सिनेमा टीवी ओर पोर्न की लत जिससे शरीर की क्षमता से अधिक काम ऊर्जा का नष्ट होना है तथा दूसरा कारण है स्ट्रेस होना वैसे शास्त्र सम्मत बात है कि किसी भी चीज की अति हो जाना भी विष समान ही होता है पर आजकल लोग ये बात समझते ही नही है आज लगभग हर युवा को हस्तमैथून(Masturbation)की तो जैसे लत ही लग गई है-

आजकल गुप्त समस्यायें अधिक क्यों है

समस्या कहाँ है-


आजकल हस्तमैथून(Masturbation)को मॉर्डन साइंस इसे नेचुरल ओर नॉर्मल बात मानता है पर ज्यादा हस्तमैथून या उसके विचारो से जो काम ऊर्जा प्रवाहित होती है उससे वीर्य(Semen)का नाश तो होता ही है साथ मे सत्व नाश होता है जबाकि आपका मानव शरीर हस्तमैथुन जैसी झूठी लत के लिए नही बना है फिर भी लोग अनवरत किये जा रहे है और हद तो तब हो जाती है जब संकोच के कारण अपना रोग भी छिपाते है पता नहीं क्यों हमारे भारतवर्ष में सेक्स और गुप्त रोगों पर चर्चा करने से लोग क्यों कतराते है-

लाइफ इसेन्स जो कि किडनी चेनल प्रोड्यूस करती है वो वीक हो जाती है जिससे फिर नैसर्गिक तरीके से सेक्स क्रिया बाधित होती है इससे सेक्स की ईच्छा की कमी, शीध्र पतन,लिंग सम्बंधित समस्या, सूखा हुआ मुंह, धंसे गाल, काले घेरे, पैरों की काल्फ मसल्स दुखना, कमर दर्द यह सब शिकायत होकर शरीर धीरे धीरे क्षीण होने लगता है-

टेस्टोटेरोन कि नैसर्गिक उत्पत्ति कम होती है जिससे सेक्सयूल, शारीरिक और मानसिक समस्याए और बढ़ जाती है मस्तिक क्षय से लिंग में कड़ापन लाने के लिए भेजे जाने वाले आपके सिग्नल्स वीक हो जाते है जिससे लिंग की तरफ जाने वाली नसों में रक्त प्रवाह ठीक से नही होता जिससे लिंग में कड़ा पन नही आता या ज्यादा देर तक लिंग कड़ा नही हो पाता है और रोगी चिकित्सा के लिए इधर उधर भटकता है तब उसे कई झोलाछाप और लालची डॉक्टर्स मिलते है जो मोटी फीस लेकर सब्जबाग दिखाते है और चमत्कारिक लाभ के सपने दिखाते है लेकिन इन समस्याओं की चिकित्सा चुटकी बजाकर नही की जा सकती है-

इन समस्याओं में बाकायदा पथ्य अपथ्य ,दवाई तथा लिंग के मसल्स को टोनिफ़ाय करने के लिए लेपम  तथा लिंग दौर्बल्य दूर करने के लिए कुछ टेक्निक्स का सहारा लिया जाता है हाँ एक और लूप पोल यह भी है कि अक्सर डॉक्टर और झोलाछाप यह नही बताते की चिकित्सा के दौरान आपको ब्रह्मचर्य का सख्ती से पालन करना पड़ेगा क्योंकि शरीर मे जो वीर्य क्षय हुआ है उस ऊर्जा को रिस्टोर करना पड़ता है तभी हीलिंग ठीक से हो पाता है-

सच बात तो ये है कि जब रोगी मानसिक रूप से इस ढंग से चिकित्सा करवाने को राजी हो तभी कोई चिकित्सक मानसिक और व्यवहारिक संतुष्टि दे पाएगा और रोगी प्रॉपर ढंग से चिकित्सा हो पाएगी दूसरी बात जिस वीर्य का क्षरण आप वर्षो से करके इस हालात तक पहुचें है तो आप चिकित्सक से जादू हो जाने की भी अपेक्षा न करें इस तरह के रोगी को धर्य रखने की भी आवश्यकता होती है कई रोगी चिकित्सा के पहले डॉक्टर से गारंटी देने की बात करते नजर आते है तो फिर कहना उचित होगा कि शक और चिकित्सा एक साथ नहीं होती है क्युकि मानसिक बीमार व्यक्ति को पहले मानसिक इलाज की आवश्यकता है-

चिकित्सा में सावधानी-


सबसे पहले आपको संकल्प करना आवश्यक है कि चिकित्सा के दौरान अशलील साहित्य या पोर्न फिल्मों से तथा सेक्स के विचारों से दूर रहेगें और ब्रह्चर्य का पालन अवश्य करेगें-

चिकित्सा अवधि में आप नशीले पदार्थ से तथा गरिष्ठ ओर तामसिक भोजन से दूर रहेगें और सात्विक आहार ही लें-

घरेलू सहायक चिकित्सा-


1- आप 100 ग्राम उरद डाल को घी में हल्का गुलाबी सेंक लें तथा ठंडा होने पर 10 ग्राम छोटी इलायची ओर 50 ग्राम मिश्री मिलाकर मिक्सर में आप पावडर बना ले तथा रोज रात को एक चम्मच पावडर को एक कप गर्म दूध के साथ ले-

2- अखरोट का तेल और मालकांगनी का तेल 2-2 बून्द मीठे दूध में डालकर पिये-

3- बदामपाक भी आप दूध के साथ सेवन करे-

4- शतावरी कल्प एक कप दूध के साथ अवश्य लें-

आइए हम आपको कुछ और टेक्निक्स बताते है जिससे आप इन तकलीफों से जल्दी मुक्त हो पाएँगे-

1- आप जब भी मूत्र त्याग करे तब एकदम से मूत्र को रोक ले और कुछ सेकेण्ड रोकें तथा फिर नाड़ियों को ढीला छोड़ें और मूत्र को निकलने दे फिर पुनः रोके इस तरह मूत्र त्याग के दौरान कई बार इस क्रिया को करें इस क्रिया के द्वारा आपकी नाड़ियों में शक्ति आएगी इससे फिर आप वीर्य के स्खलन को भी आप कंट्रोल कर सकेंगे चूँकि हमारा मस्तिष्क मूत्र त्याग व वीर्य स्खलन में भेद नही कर सकता यही कारण है कि इस क्रिया द्वारा स्खलन के समय में उसी अनुपात में बढ़ोत्तरी होती है जिस अनुपात में आप मूत्र त्याग के समय कंट्रोल कर लेते है-

2- अश्विनी मुद्रा करें यह मुद्रा शीघ्रपतन रोकने का अचूक इलाज है अश्वनी मुद्रा से नपुंसकता दूर होती है आइये जाने अश्वनी मुद्रा आप कैसे करेगें-

अश्विनी मुद्रा विधि-

कगासन में बैठकर(टॉयलैट में बैठने जैसी अवस्था)गुदाद्वार को अंदर खिंचकर मूलबंध की स्थिति में कुछ देर तक रहें और फिर ढीला कर दें तथा पुन:अंदर खिंचकर पुन: छोड़ दें यह प्रक्रिया यथा संभव अनुसार करते रहें और फिर कुछ देर आरामपूर्वक बैठ जाएं-

3- विशिष्ट रसायनों ओर बाजीकर औषधियो से बना लेप आप लिंग पर लगाए और उसे लिंग के मूल से लेकर सामने की ओर खींच कर यह लेप लगाएं और मसाज करें यह क्रिया 15 मिनिट तक करे ताकि हाथ की गर्मी से लेप की औषधीया और तेल जनेन्द्रिय में ठीक से जब्ज हो पाए-इससे लिंग की मासपेशियां टोनिफ़ाय होगी और रक्त संचार सुचारू होगा और शीध्रपतन जैसी समस्याए दूर होगी-

इन तरीकों से आप जनेन्द्रिय की मासपेशियां और नसे मजबूत बना सकते है जिससे लिंग का दौर्बल्य ठीक हो जाता है जब रोगी मानसिक रूप से इस ढंग से चिकित्सा करवाने को राजी हो तभी चिकित्सक मानसिक और व्यवहारिक सहयोग भी दे पाएगा और् उसके द्वारा प्रॉपर चिकित्सा हो पाएगी-

बैच फ्लावर चिकित्सा में इस प्रकार के रोगों का निदान बिना किसी साइड इफेक्ट के है और ये सबसे उत्तम चिकित्सा है अगर आपके समाज या परिवार में इस प्रकार की कोई समस्या है तो आप मुझसे निसंकोच मेरे पते पर सम्पर्क कर सकते है नीचे मेरा पता है-

सम्पर्क पता-

Dr.Chetna Kanchan Bhagat

Chetna kanchan bhagat
C- 002 kalptaru,
Opp Old petrol Pump
Mira Bhayandar Road,
MiraRoad
Mumbai- 401105
Thane
Maharashtra

Phone Numbers-

08779397519

Timing- 11Am To 7 Pm

E-mailbhagatchetna@gmail.com

सम्पर्क करने से पहले-

1-रोगी की परेशानी, उम्र,लिंग,वजन बताए-

2- पैथोलोजिकल रिपोर्ट्स हो तो वह भी बताए-

3- रोगी के मानसिक लक्षण, स्वभाव, पसन्द, नापसन्द,यह सब नोट करके जब भी काल करे तब अवश्य बताए-

4- रोगी की भूख, प्यास,नींद, मल मूत्र नॉर्मल है या नहीं तथा स्त्रियों में माहवारी कम ज्यादा हो तो यह भी बताए-

5- सुबह ब्रश करने से पहले की जीभ की फ़ोटो हमें जीभ बाहर की तरफ निकाल कर भेजे-

आपके द्वारा भेजी गई यह सारी डिटेल्स आपका डायग्नोसिस करने में हमें सहायक होगी-इसलिए फोन और वोट्सएप पर यह फॉरवर्ड करना ही आपको बेहतर होगा अगर आपके पास वॉट्सप की सुविधा ना होतो आप यह सब नोट करके हमे फोन पर भी बता सकते है-दवा आपके पास कोरियर करने की सुविधा भी है-


प्रस्तुती- Chetna Kanchan Bhagat-Mumbai

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