15 जून 2017

मालकांगनी तैलम और धृतम निर्माण विधि

Makeing of Malanglani Oil and Ghritam


मालकांगनी के बारे में एक बात कही जाती है कि आप सभी टॉनिक जैसे कि च्यवन प्राश, होर्लिक्स, सप्लीमेंट और बूट्स इत्यदि रख दें तथा दूसरी तरफ मालकांगनी (Malkangni) को रख दें तब भी वे सारे मिलकर मालकांगनी का मुकाबला नहीं कर सकते है और सर्दियों में तो इसे अद्वितीय टॉनिक माना जाता है इसके गुण और क्षमता सोना चाँदी च्यवनप्राश इत्यादि टॉनिकों से हजार गुना अच्छी और बेहतर है-

मालकांगनी तैलम और धृतम निर्माण विधि

मालकांगनी तैलम और धृतम निर्माण विधि-


आइये मालकांगनी का तैलम और धृतम बनाने की विधि जानने से पहले हम आपको मालकांगनी के गुणों से आपको परिचित कराते है-

मालकांगनी (Malkangni) के गुण-


1- मालकांगनी बुद्धि (Wisdom) बढाने की अनुपम औषिधि है आयुर्वेद इसे बुद्धि बढाने वाली दवाई कहता है और यही इसके लिए सबसे अच्छा विशेषण भी माना जाता है इस तरह देखा जाए तो ये छात्रों के लिए एक अमृत से कम नही है-

2- मालकांगनी (Malkangni) आपकी याददाश्त (Memory) को भी बढाता है तथा ये आपको मानसिक शक्ति भी प्रदान करता है जो लोग सदा चिंता में खोये रहते है तथा आगे बढ़ने से कतराते है इनके अन्दर एक प्रकार का डर सा समाया रहता है उनके लिए भी ये औषधि गजब का कार्य करती है साथ ही इसकी एक ख़ास बात ये है कि इसका प्रयोग 5 वर्ष के बच्चे से लेकर 100 वर्ष तक का कोई भी व्यक्ति कर सकता है-

3- स्मृति भ्रंश (Alzimar’s Diseases) रोग बुढापे का रोग है इसमें व्यक्ति अपनी कही बात या कार्य को भूल जाता है लेकिन कुछ समय बात उसे बात याद आ जाती है तो अगले ही कुछ समय बात वो फिर से बात को भूल जाता है किन्तु इस रोग से छुटकारा पाने के लिए इस औषधि का प्रयोग किया जा सकता है-

4- अगर नशा करने वाला आदमी मालकांगनी (Malkangni) प्रयोग करे तो अवश्य ही उसका मन नशे की लत से दूर हो जाता है और साथ ही उसका शरीर भी नशे के प्रभाव से बाहर आने लगता है- 

5- डिप्रेशन या अवसाद के लिए तो (Malkangni) को रामबाण इलाज माना जाता है साथ ही ये भी कहा जाता है कि ये तत्काल परिणाम देता है मनोरोग के अनेक चिकित्सक भी इसी औषधि का प्रयोग करते है-

6- उपरोक्त सभी लाभों के साथ ये हमारी सभी इन्द्रियों जैसे कि नाक, कान आँख इत्यदि की शक्ति को बढ़ाकर हमारे शरीर को पूर्ण करता है तथा खून को बनाकर व उसे शुद्ध करके ये शरीर की कार्यक्षमता को बढाता है-

प्रयोग विधि-


मालकांगनी घृतम (Malkangni Ghritam)-


मालकांगनी तैलम और धृतम निर्माण विधि

चूंकि मालकांगनी का गुणधर्म गर्म होता है और यदि आप इसे हर मौसम में उपयोग लाना चाहते हो तो फिर आप इसका घी बना ले-

मालकांगनी के बीज (Malkangni Seed)- 250 ग्राम
शुद्ध जल (Pure Water)- 4 लीटर 
गाय का घी (Cow Ghee)- 1 लीटर 

मालकांगनी के 250 ग्राम बीजो को 4 लीटर पानी मे रात को भिगो दें और फिर इसे सुबह उबाल लें जब पक कर सिर्फ एक लीटर पानी बच जाए तब इसे छान लें और अब 1 लीटर घी डाल दे अब फिर आप दोनों को उबाले तथा जब पानी जल जाए और घी बचे तब आपका धृत सिद्ध हो चुका है इस घी को सर में, आंखों के आसपास, कनपटी कपाल पर तथा पैरों के तलवों में मालिश करने से बहुत तेजी से लाभ होता है-

मालकांगनी तैलम (Malkangni Oil)-


1- मालकांगनी के तेल जो बाजार में मिलता है वो स्वाद में कडुवा होता है और अगर बच्चों के लिए उपयोग करना हो तो आप मीडियम आकार के बताशे लाए या घर पर बना ले-

2- एक महीने के हिसाब से 30 या 31 बताशे लेकर उसमे छेद करके 2-2 बून्द तेल हर बताशे पर डाले और साफ डिब्बे में  हल्के से जमाकर रख ले-धीरे धीरे बताशा सारा तेल सोख लेगा-

3- अब रोज रात को एक बताशा एक कप गर्म दूध में ले यह प्रयोग याददाश्त के लिए, पागलपन ओर मूर्छा जैसे रोगों में भी बड़ा कारगर है-

प्रस्तुती- Satyan Srivastava

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