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आयुर्वेद(Ayurved)आप कैसे अपनायें

आजकल की फास्ट ओर आधुनिक जीवन(Modern life)शैली में जहां हमने जीवन जीने की प्राकृतिक शैली को भुला दिया है और रोगों को हर घर मे महेमान बना लिया है वही एलोपैथी से त्रस्त लोगो का रुझान आयुर्वेद की तरफ बढ़ा है जैसे अपने आप में मस्त रहने वाले लोग दुख मिलते ही ईश्वर को याद करते है वैसी ही सब जगह से थक हार कर मरीज आयुर्वेद शरण आ रहे है पर क्या आयुर्वेद(Ayurveda)सिर्फ दवाओं तक सीमित है..?

आयुर्वेद(Ayurved)

ये कतई सच नही आयुर्वेद चिकित्सा शास्त्र(Ayurveda Medical science)ना होते हुए एक प्रीवेंटिव थेरेपी है अगर आयुर्वेद को ठीक-ठीक ढंग से जीवन मे उतारा जाय तो मृत्यु पर्यन्त शरीर रोग ग्रस्त नही होता है आज जहाँ विदेशों में आयुर्वेद(Ayurveda)की धूम मची है और उन्होंने आयुर्वेद की कई जड़ीबूटियों के पेटेंट(Patent)लिए तथा दवाओं में उपयोग करके आयुर्वेद को बड़े स्केल पर ला खड़ा किया है वही पर हमने आयुर्वेद को सिर्फ दवाओं और नुस्खों तक ही सीमित कर दिया है-

आयुर्वेद में आहार, घरेलू नुस्खे, योगासन,पथ्य-अपथ्य इसे प्राथमिकता दी गई है इसके बाद मंत्र चिकित्सा और तब भी लाभ ना हो तो आखिर में औषधि विज्ञान का क्रम आता है आयुर्वेद अपनेआप में एक सम्पूर्ण शास्त्र है यह जीवन जीने की कला का नाम है-

जिसमे सुबह उठने से लेकर रात्रि निंद्राधीन होने तक के कार्यो को कैसे ओर कब किया जाए इसका विधान है किस ऋतुमान में क्या खाया जाए, कब खाया जाए और कैसे खाया जाए तथा भोजन कैसे भोजन पकाया जाए, क्या अनुपात में खाना खाया जाए, अनुपान क्या होना चाहिए से लेकर कैसे विश्राम किया जाए के सही और लाभकारी ढंग बताए गए है-

आजकल आयुर्वेद अपनाने की इच्छा रखने वाले लोग बाजार से बने बनाए औषधीय योग, चूर्ण,तैल ले आते है और उपयोग करते है किंतु अगर आपको वाकई आयुर्वेद का सौंदर्य देखना हो तो आप ऐसे छोटे-छोटे और सरल योग अपने लिए स्वयं ही बनाइये इससे आपको औषधियो की पहचान तो बढ़ेगी ही साथ मे मिलावट ओर प्रिजर्वेटिव्स मुक्त औषधियां उपलब्ध होगी और आपको आत्मसंतोष भी मिलेगा-

हमारी दैनिक जीवन मे हम कितनी ही चीजे आयुर्वेद एप्रोच से बना सकते है जैसे कि- हेयर आयल, दर्द निवारक तैल, बाम, गुलकंद, बेबीफूड, दंतमंजन, उबटन, हाजमा चूर्ण, एसिडिटी के लिए चूर्ण तथा कई प्रकार के टॉनिक पाक तथा शर्बत भी हम बिना किसी शास्त्रोक्त प्रशिक्षण या साधन के घर मे ही बना सकते है-

ह्म किसी जरूरत मन्द को शुद्ध दवाइया बना कर बेचने को प्रोत्साहित भी कर सकते है जिससे अगर हमारा श्रम और समय बचत होगी और सामने वाले को आमदनी भी होगी इससे रोजगार भी बढ़ेगा-

हम अपने घरों में ,बगीचे या गमलों में भी तुलसी, अजवाइन, कड़ी पत्ता, गेंदा, सहजन, हरसिंगार, अनार, नीम, करेले, धनिया, एलोवेरा, मेथी, गुलाब, हरी दुब, लेमन टी जैसे पेड़ पौधे या बेले लगा सकते है और इसका विविध स्वरूपों में उपयोग कर सकते है-

जितना हम आयुर्वेद के तौर तरीकों को जीवन में शामिल करेंगे उतना हम स्वास्थ की ओर बढ़ेंगे और प्रकृति के करीब रहेंगे व औषधि तथा रोगो से दूर रह सकेंगे-

रोग और उपचार के निदान के लिए Whatsup से जुड़ें- 7905277017

प्रस्तुति-

Dr. Chetna Kanchan Bhagt

सम्पर्क पता-

Dr.Chetna Kanchan Bhagat

C- 002 KalpTaru,Opp Old Petrol Pump
Mira Bhayandar Road,
Mira Road
Dist-Thane
Mumbai- 401105(Maharashtra)

Phone Numbers-

08425904420, 08779397519(whatsup&call)

Timing- 11Am To 7 Pm

E-mailbhagatchetna@gmail.com


सम्पर्क करने से पहले-

1-रोगी की परेशानी, उम्र,लिंग,वजन बताए-

2- पैथोलोजिकल रिपोर्ट्स हो तो वह भी बताए-

3- रोगी के मानसिक लक्षण, स्वभाव, पसन्द, नापसन्द,यह सब नोट करके जब भी काल करे तब अवश्य बताए-

4- रोगी की भूख, प्यास,नींद, मल मूत्र नॉर्मल है या नहीं तथा स्त्रियों में माहवारी कम ज्यादा हो तो यह भी बताए-

5- सुबह ब्रश करने से पहले की जीभ की फ़ोटो हमें जीभ बाहर की तरफ निकाल कर भेजे-

आपके द्वारा भेजी गई यह सारी डिटेल्स आपका डायग्नोसिस करने में हमें सहायक होगी-इसलिए फोन और वोट्सएप पर यह फॉरवर्ड करना ही आपको बेहतर होगा अगर आपके पास वॉट्सप की सुविधा ना होतो आप यह सब नोट करके हमे फोन पर भी बता सकते है-दवा आपके पास कोरियर करने की सुविधा भी है-

Whatsup- 8779397519

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