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16 जुलाई 2017

आयुर्वेदिक से शारीरिक दुर्बलता(Physical weakness)दूर करें

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जो लोग शारीरिक कमजोर(Physical Weakness)रहते है उन्हें कुछ देर काम करने पर ही थकान और नींद घेर लेती है सुखी और स्वस्थ जीवन के लिए जरुरी है कि व्यक्ति शारीरिक रूप से शक्तिशाली बना रहे किसी भी प्रकार की कमजोरी होने से जीवन में दुख और समस्याओं को बढ़ावा ही मिलता है यदि किसी पुरुष में कमजोरी हो तो उसका वैवाहिक जीवन सुखी नहीं रह सकता है-

शारीरिक दुर्बलता(Physical weakness)

शरीर में ऊर्जा की कमी के कारण दैनिक कार्य करने भी असमर्थता महसूस होती है लोग बिना परिश्रम करे भी थकान महसूस करते है अक्सर पसीना ज़्यादा निकलने तथा डिहाइड्रेशन की वजह से भी कमज़ोरी आ जाती है और यह कमजोरी दिन की शुरुआत से ही महसूस होने लगती है लेकिन जब ये समस्या हद से अधिक हो जाए तो शारीरिक कमजोरी उत्पन्न होने लगती है ये कमजोरी अनेक अन्य कारणों से भी होती है लेकिन शरीरिक रूप से और मानसिक रूप से कमजोर होना भी चिंता की बात है-

यौन कमजोरी के लिए क्या करें-


1- 100 ग्राम आंवले के चूर्ण को लेकर आंवले के ही रस में 7 बार भिगों लें इसके बाद इसे छाया में सूखने के लिए रख दें इसके सूख जाने के बाद इसको इमामदस्ते से कूट-पीसकर रख लें और रोजाना इस चूर्ण को एक चम्मच लेकर शहद के साथ मिलाकर चाट लें तथा इसके ऊपर से एक गिलास दूध पी लें इसका सेवन करने से आपकी यौन शक्ति में आई दुर्बलता दूर हो जायेगी-

2- 15 ग्राम तुलसी के बीज और 30 ग्राम सफेद मुसली आपस में लेकर चूर्ण बना लें फिर उसमें 60 ग्राम मिश्री पीसकर मिला दें और किसी कांच की शीशी में भरकर रख दें तथा 5 ग्राम की मात्रा में यह चूर्ण सुबह-शाम गाय के दूध के साथ सेवन करें इससे आपकी यौन दुर्बलता दूर होती है-

3- कच्चा गाजर या इसका जूस भी आपकी यौन शक्ति को बढ़ाने में मददगार है इसलिए गाजर के मौसम में आप गाजर का नियमित प्रयोग खाने व जूस पीने में करें मौसम में सेवन गाजर आपको पूरे सालभर शक्ति देता है तथा आँखों की रोशनी के लिए भी लाभदायक है-

4- सफेद मूसली मात्रा 15 ग्राम लेकर एक कप दूध मे उबालकर दिन मे दो बार पीने से आप खुद को ज्यादा शक्तिशाली महसूस करेंगे-

आयुर्वेद योग-


वसंत मालती-

स्त्री और पुरूष् दोनों में शारीरिक क्षमता और दुर्बलता के लिए फिर वह चाहे किसी कारण भी हो आप प्रयोग कर सकते है ये स्वर्ण तथा मोती युक्त औषिधि है ये ज्वरों के पश्चात के दौर्बल्य में भी आपके लिए अत्यंत उपयोगी है-

वसंत कुसुमाकर-

वसंत कुसुमाकर बलवर्घक, कामोत्तेजक, मधुमेह नियंत्रक के रूप में प्रयुक्त होता है इसमें सोना, मोती, कस्तूरी, चांदी आदि प्रयुक्त होते हैं-

वसंत तिलकरस-

ये विशेष् रूप से पुरूष् द्वारा उपयुक्त बलवर्घक वाजीकरण तथा कामोद्दीपक, स्वर्णमुक्ता आदि प्रधान औषिधियां हैं वृहऊंगेश्वस, वंगेश्वर दोनों ही मूल्यवान दवाइयां हैं स्त्रियों  के जननांगों के रोगों, श्वेत प्रदर, कामशीतलता आदि तथा पुरुषों  के दुर्बलता शीघ्रपतन, शुक्रमेह आदि में लाभदायक दवाएं हैं-

शक्रवल्लभ रस-

पुरुषों  द्वारा अधिक सेवनीय बलवर्घक पौष्टिक उत्तेजक वाजीकर औषिधियां हैं इसमें भी सोना, मोती आदि मूल्यवान दवाएं डाली जाती हैं जो शुक्र की कमी को बढाने का कार्य भी करती है-

शतावरी मोदक-

ये प्रमुख रूप से स्त्रियों  द्वारा सेवन की जाने वाली औषिधि है यह औषधि शक्तिवर्घक स्तन रोग नाशक जननांगों के प्रदरों व गर्भाशय शिथिलता नाशक है-

शिलाजीत शुद्ध-

स्त्रियों व पुरुषों के सभी रोगों में अति उपयोगी है इसके निरंतर प्रयोग से सभी रोग होने से रोकता है तथा आने वाला बुढ़ापा भी रोकता है और आपको दीर्घजीवन देता है-

शुक्रमातृकावटी व शिवा गुटिका-

अधिकतर पुरुषों को वीर्यविकारों, मूत्ररोगों, वायुविकारों, प्रोस्टेट वृद्धि आदि में दिया जाता है शिव गुटिका स्त्रियों के कमरदर्द, थकान और मूत्र रोगों में उपयोगी है-

अन्य यौन-शक्तिवर्धक-


मदनानंद मोदक, नारी गुटिका, कौंचपाक, मूसलीपाक, मदनमोदक ये दवाइयां पुरुषों द्वारा विशेष कर यौन शक्ति वृद्धि बनाए रखने व पूरे वर्ष के लिए पुष्टि प्रदान के लिए प्रयुक्त होती है इनमें कुछ नशीले पदार्थ भांग, अफीम आदि में प्रयुक्त किए जाते हैं- 

कामेश्वर, कामचूड़ामणि, मन्मथ रस ये स्त्री व पुरुषों दोनों के लिए समान रूप से उपयोगी है शक्ति, बल सामथ्र्य तथा कार्यक्षमता वर्घक बलवर्घक दवाइयां हैं ये सामान्यत: नीम-हकीम तथा बिना चिकित्सक के परामर्श से इनका प्रयोग नौजवान लड़के ज्यादा करते हैं-

रतिवल्लभ मूंगपाक, सौभाग्यशुंठी ये दोनों दवाइयां मुख्यत: स्त्रियों  के सेवनार्थ बनी हैं प्रथम ये दवाये जननांगों को शक्ति, पुष्टि संकोच, गर्भाधान योग्य बनाती हैं- 

सोहाग सोंठ प्रसव के बाद की दुर्बलता, पीड़ा कमरदर्द, थकान, ज्वर को मिटाती है आयुर्वेद में कामोत्तेजक, स्तंभक, वाजीकरण शक्तिवर्घक तथा स्त्री के स्त्रीत्व को पुष्पित और प्रशस्त रखने वाली दवाओं की कमी नहीं है-

Upcharऔर प्रयोग-

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