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धूप(Incense)भी एक औषधीय चिकित्सा कर्म है

हमारी संस्कृति में धूप, दीप,व नैवैद्य का महत्व किसी भी पूजा में अविभाज्य माना जाता है लेकिन क्या आपको पता है कि धूप, धूनी, और यज्ञ क्रिया धार्मिक कर्मकांड होने के साथ-साथ एक चिकित्सा कर्म भी है धूप(Incense)का विभिन्न औषिधि युक्त धुँआ ना सिर्फ वातावरण को प्रसन्न रखता है किंतू हवा में व्याप्त जीवाणुओ तथा बैक्टीरिया का भी नाश करता है व हवा को भी शुद्ध करता है अगर ठीक से व धैर्य से इसे प्रयोग किया जाए तो धूप(Incense)से कष्टसाध्य रोग भी ठीक होते देखे गए है जिसका आधुनिक चिकित्सा शास्त्र में कोई उपाय ही नही है-

धूप(Incense)भी एक औषधीय चिकित्सा कर्म है

"अग्निहोत्र-The Fumigation Process" यह पुस्तक में हवन, व धूप के ऊपर पूरी साइंटिफिक रिसर्च करके वैज्ञानिक दृष्टिकोण से धूप व हवन की उपयोगिता तथा चिकित्सकीय लाभ बताए गए है यही वजह थी कि पुराने जमाने मे आश्रम,  मंदिरों तथा लोगो के घरों में नियमित हवन तथा धूप जरूर होता था और तब लोग अस्थमा या ऐलर्जी जैसी बीमारियों से आज की अपेक्षा कम परेशान होते थे धूप से टीबी, ज्वर, श्वास, एलर्जी, सायनस, सिरदर्द, खाँसी जैसे रोग तथा जीर्ण ज्वर व टाइफोड़ तक ठीक होते है-

धूप के बारे में महर्षि चक्रदत्त कहते है कि-

।।पलक्ड़षा निम्बंपत्र वचा कुष्ठ हरीतकी।
सष्श्रपा:सयवा:सर्पि: धूपनमं जवरनाशनम।।

अर्थात गुगुल, नीम के पत्ते, वच, कुष्ठ याने उपले, हरड़, सरसों, जौ तथा घी जैसे द्रव्यो का धूप ज्वर नाशक है-

1- जलते कोयलों या गोबर के उपलों पर नमक और सरसों डालकर ऊपर से एक चम्मच गाय का घी डालकर किया गया धूप जंतुनाशक है-

2- आजकल हर जगह स्वाइनफ्लू का आतंक फैला हुआ है ऐसे में कोयलों पर भीमसेनी कपूर तथा हरी ईलायची डालकर किया गया धुँआ स्वाइनफ्लू रोधक है-

3- नमक 60 ग्राम, हिरकसी 20 ग्राम, तथा नौसार 40 ग्राम लेकर जलते कोयलों पर या सिगड़ी पर धूआँ निर्मित करे यह धुँआ प्लेग जैसी बीमारियों में बहुत कारगर है-

4- सरसों, नमक, गुगुल, वचा, वावडिंग, नीम के पत्ते, अतिविष, सौठ, काली मिर्च, पिप्पल, हींग यह सब समभाग लेकर जौकूट करके एकत्रित कर ले अब कोयलों को अच्छे से लाल करके,यह धूप 10 से 20 ग्राम की मात्रा में कोयलों पर डाले तो यह एक उत्तम जवरनाशक धूप है जब ज्वर या बुखार वायरल फैला हो तब इसे प्रयोग करके अवश्य की बीमारियों से बचा जा सकता है-

इस तरह धूप ना सिर्फ एक व्यक्ति को बल्कि पूरे परिवार और पूरे परिसर को स्वस्थ रखता है शुद्ध रखता है धूप बिना औषधि खाए स्वास्थ्य लाभ देने वाला सस्ता, सुगम, सरल और उत्तम उपाय है-

प्रस्तुति-

डॉ.चेतना कंचन भगत

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