30 सितंबर 2017

चोरी करने की आदत से परेशान


चोरी करने की आदत (Kleptomania) एक मानसिक बीमारी है इस बीमारी का रोगी आम चोरों की तरह समाज के लिए खतरा या घातक नही होता क्योंकि दरअसल वो किसी फायदे के लिए या जीवन यापन के प्रयोजन से चोरी नही करता है अक्सर यह लोग साधन संपन्न होते है और ऐसी चीजें भी चुरा लेते है जिनकी इनको वास्तव में कोई जरूरत भी नही होती है याने इनकी इस आदत के पीछे इनकी जरूरत नही किंतु स्वयम को रोक ना पाने की समस्या होती है और चोरी करके इनको सुकून मिलता है औरतों में पुरुषों की अपेक्षा ये आदत अधिक होती है शर्मिंदगी के डर से लोग इसका इलाज़ कराने से कतराते हैं-

चोरी करने की आदत से परेशान

बस मूलभूत समस्या या बीमारी यही होती है कि यह खुद को कंट्रोल नही कर पाते हैं और ना ही स्वयम के विवेक से काम ले पाते है इनकी आदत से इनको आत्मग्लानि, डर, स्वयम को दोषी मानना, अंतर-द्वंद्ध, अहसासे कमतरी जैसी भावनात्मक समस्याओं (Emotional problems) से लगातार झुझना पड़ता है तथा इनके परिवार जनों को भी शर्मिंदगी उठानी पड़ती है-

ये बात पढ़ने में शायद आपको हास्यास्पद लगने वाली होगी लेकिन इस समस्या की भयावयता तो सिर्फ इससे जूझ रहे रोगी तथा रोगी के परिवार वाले ही जान सकते है विदेशों में भी कई नामी हस्तियां इस डिसऑर्डर (Disorder) की शिकार रह चुकी है-

लेकिन भारत मे इस समस्या के प्रति जागरूकता की कमी है तथा चोरी एक कलंक रूप से देखा जाने वाला अपराध माना जाता है जिसके के चलते पकड़े जाने पर बदनामी और कभी-कभी तो गालीगलौज और मारपीट तक नोबत आ जाती है-

लेकिन अगर ऐसे व्यक्तियों की उचित समय पर उचित चिकित्सा करवाई जाए व उन्हें आपसी सहयोग दिया जाए तो निश्चित ही इस समस्या से छुटकारा मिल सकता है इस समस्या को कतई हल्के में नही लेना चाहिए और ना ही इससे पीड़ित व्यक्ति से दूरी बनाकर उसका बहिष्कार करना चाहिए क्योंकि इसका इलाज डाँट, फटकार या उस व्यक्ति को शर्मिंदा करना नही लेकिन योग्य उपचार व काउंसलिंग ही है-

केलेप्टोमानिया (Kleptomania) का बेचफ्लॉवर से इलाज-


मिसेस त्रिवेदी जो कि एक गृहिणी है और अच्छे खासे सम्पन्न परिवार से है जबकि घर मे किसी चीज की कोई कमी नही है उनके पति की खुद की फैक्ट्री है पर मिसिज़ त्रिवेदी को चोरी करने की आदत है वह जहां कही मौका मिले कुछ ना कुछ चुरा ही लेती है-

होटल्स से नेपकिन ओर टॉवेल्स, रेस्टोरेंट्स से चमञ्च या नेपकिन पेपर्स, किसी रिश्तेदार के घर से छोटी मोटी चीजे जिसमे चाबियां तक शामिल है अगर सब्जी लेने जाए तो एक दो टमाटर चुरा कर ले आये इनकी यह आदत से उनके घर वाले बड़े शर्मिंदा ओर परेशान रहते है मिसिज़ त्रिवेदी भी अपनी इस आदत से शर्मिंदा है और आदत से मजबूर भी है-

पूछने पर उन्होंने बताया कि उनको पता है कि चोरी करना गलत है लेकिन वो स्वयम को रोक नही पाती तथा बाद में उन्हें आत्मग्लानि भी होती है उनके यह लक्षण व अन्य लक्षणों के हिसाब से मैने उन्हें एक बेचफ्लॉवर कॉम्बिनेशन 1 महिने लगातार लेने को दिया तथा एक माह बाद अपडेट देने को कहा एक महीने बाद उन्होंने बताया कि उनकी आदत में कमी जरूर आई है और अब वो इस बीमारी से पूरी तरह से मुक्त हो सकती है यह भरोसा उनको होने लगा है इस तरह 6 महिने लगातार बेचफ्लॉवर दवाई लेने पर आज वो इस समस्या से मुक्त है-


प्रस्तुती- Chetna Kanchan Bhagat-Mumbai

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