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2 नवंबर 2017

बालों के लिए अरोमा थेरेपी- Aroma Therapy for Hair Related Problem

AromaTherapy for Hair Related Problem-


पिछले लेख में हमने स्ट्रेस व डिप्रेशन के लिए एरोमा थेरेपी ऑयल्स के बारे में पढ़ा आज हम बालों की विभिन्न समस्याओं पर उपयोगी व लाभदायी एरोमा ऑयल्स के बारे में विस्तृत चर्चा करेंगे। क्यूंकि आजकल बढ़ते प्रदूषण तथा अयोग्य जीवन शैली के चलते बालों की समस्याए तेजी से बढ़ रही है-

बालों के लिए अरोमा थेरेपी-  Aroma Therapy for Hair Related Issues

बालो का झड़ना, रूसी, बाल दो मुँहे होना, टूटना, कम ग्रोथ होना, स्कैल्प इंफेक्शन, सर में खुजली, जुए पड़ना, बालो का उड़ना, बाल रूखे व बेजान होना, रफ होना तथा असमय सफेद होना जैसी समस्याओं पर एरोमा थेरेपी ऑयल्स बेहद कारगर है।

इसके नियमित उपयोग से बाल चमकीले, मुलायम तथा मजबूत बनते है तथा अन्य समस्याए भी दूर होती है।

लवेंडर- 


लवेंडर आयल में Antimicrobial गुण होते है जिसकी वजह से यह बैक्टेरियल इंफेक्शन, फंगल इन्फेक्शन, सर की त्वचा पर पपडिया जमना, खुजली होना, फोड़े फुंसियां होना जैसी समस्याओं पर कारगर है यह त्वचा को खुश्क होने से बचाता है यह स्ट्रेस रिलीवर होने की वजह से स्ट्रेस व तनाव की वजह से होने वाले हेयर फ़ोल को रोकता है।

रोजमेरी- 


यह तेल बालों को घना बनाने तथा लम्बा करने में उपयोगी है। यह बालो कि जड़ों को मजबूत करके त्वचा के अंदरूनी रक्तसंचार को सुचारू करता है जिससे बालों की जड़ें मजबूत होती है तथा बालो का झड़ना रुकता है यह बालों का उड़ जाना या चाई लग जाना जैसी समस्याओं पर भी कारगर है।

कैमोमाइल- 


यह तेल बालों को चमकीले तथा नरम मुलायम बनाता है जिससे बाल आपस मे उलझते नही है व कम टूटते है। यह सर की त्वचा को कंडीशन करके त्वचा की नमी बरकरार रखने में बेहद उपयोगी है। हेयर डाई के हानिकारक रसायनों से बालों व सर की त्वचा को होने वाले नुकसान को ठीक करने में भी यह बेहद उपयोगी है।

सेदारवुड- 


यह तेल हेयर फॉलिकल्स के रक्त संचार को बढ़ाता है जिससे बालों की जड़ो को पोषण मिलता है तथा बालों की जड़े मजबूत होकर बाल झड़ना बंद होता है यह ना सिर्फ बालो का झड़ना रोकता है बल्कि नए बाल उगने की क्रिया को भी बढ़ाता है जिसकी वजह से बालों का घनापन बना रहता है

क्लेरिसेज- 


क्लेरिसेज उत्तम एंटीबैक्टीरियल है यह सूजन, खुजली, तथा जलन रोधक है यह स्ट्रेस लेवल को घटाता है तथा हार्मोन्स संतुलित रखने में भी मदद करता है। यह सर की त्वचा की तैल ग्रन्थियों को सुचारू करके ड्राय स्कैल्प की समस्या कम करके रूसी होने से बचाता है।

लेमनग्रास- 


यह एक उत्तम क्लींजर तथा डियोड्रेंट है। यह सर की त्वचा की खुजली तथा दुर्गंध मिटाने में बेहद कारगर है। सर की त्वचा में होने वाली डेंड्रफ, तथा उससे होने वाले हेयर फाल जैसी समस्याओं पर यह तैल बेहद उपयोगी है।


पिपरमिंट- 


यह तेल उत्तम एंटीसेप्टिक है सर की त्वचा की जलन, जख्म, इंफेक्शन में यह बेहद उपयोगी है। यह डेंड्रफ तथा सर की जुए जैसी समस्याओं में उपयोगी है। यह बालों को मजबूत बनाकर उसकी जड़ो को गहरा बनाता है जिससे बाल झड़ना या टूटना जैसी समस्या कम होती है।

इस तरह बालो के पोषण तथा संपूर्ण देखभाल में एरोमा आयल्स बेहद कारगर है-
बालों के लिए अरोमा थेरेपी-  Aroma Therapy for Hair Related Problem

विभिन्न समस्याओं के अनुरूप विभिन्न ऑयल्स चुन कर 3 से 5 अलग-अलग ऑयल्स को मिलाकर विशिष्ट आयल ब्लेंड या कॉम्बिनेशन तैयार किया जाता है। अब इस विशिष्ठ कॉम्बीनेशन की 5 बूंदे केरियर आयल में डालकर सर की मसाज की जाती है यह कॉम्बिनेशन की बूंदे आप हेयर पैक में भी डाल सकते है।
Upcharऔर प्रयोग
विशिष्ट समस्याओं के लिए बनाए गए विशिष्ठ कॉम्बिनेशन ब्लेंडस के साथ विशिष्ट केरियर ऑयल्स भी उपयोग किये जाते है-जिसकी चर्चा अगले लेख में...... !!

प्रस्तुति-

SJT- Chetna Kanchan Bhagat-Mumbai

नोट-



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