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28 नवंबर 2017

पेशाब का बार-बार आना करें ये उपाय-Home Remedies for Frequent Urination-

Home Remedies for Frequent Urination-


मूत्र विकार के अंतर्गत कई रोग आते हैं जिनमें मूत्र की जलन या फिर पेशाब का बार-बार आना(Urination Frequent)या पेशाब का रुक-रुककर आना, मूत्रकृच्छ और बहुमूत्र आदि प्रमुख हैं यह सभी रोग बड़े कष्टदायी होते हैं यदि इनका जल्द उपचार न किया जाए तो बाद में घातक परिणाम भुगतने पड़ते हैं-

पेशाब का बार-बार आना करें ये उपाय-Home Remedies for Frequent Urination-

क्या कारण से होता है-

यदि मूत्राशय में पेशाब इकट्ठा होने के बाद किसी रुकावट की वजह से बाहर न निकले तो उसे मूत्रावरोध कहते हैं स्त्रियों में किसी बाहरी चीज के कारण तथा पुरुषों में सूजाक, गरमी आदि से मूत्राशय एवं मूत्र मार्ग पर दबाव पड़ता है जिससे पेशाब रुक जाता है-वृद्ध पुरुषों की पौरुष ग्रंथि(प्रोस्टेट ग्लैंड)बढ़ जाती है जिसके कारण उनका मूत्र रुक जाता है-

मूत्रकृच्छ में पेशाब करते समय दर्द होता है जब मूत्राशय में दर्द उत्पन्न होता है तो पेशाब रुक जाता है इसी प्रकार स्त्रियों में हिस्टीरिया, चिन्ता, सिर में चोट लग जाना, आमाशय का विकार, खराब पीना, आतशक, कब्ज, पौष्टिक भोजन की कमी आदि के कारण भी बार-बार पेशाब(Urination Frequent) आता है-

मूत्र की कमी या न निकलने से मूत्राशय फूल जाता है और रोगी को बड़ी बेचैनी होती है मूत्र बड़े कष्ट के साथ बूंद-बूंद करके निकलता है कब्ज, मन्दाग्नि, अधिक प्यास, पेशाब अधिक आने, मूत्र पीला होने आदि के कारण रोगी को नींद नहीं आती है वह दिन-प्रतिदिन कमजोर होता जाता है-कमर, जांघों तथा पिंडलियों में दर्द होता है-

क्या उपाय करे-


1- यदि बार-बार पेशाब(Urination Frequent)आता है यदि बहुमूत्र रोग हो गया है तो उसके उपचार के लिए आंवले के पांच ग्राम रस में हल्दी की चुटकी घोलिए और उसमें पांच ग्राम शहद मिलाकर पी जाइये ऐसा करने से जरा-जरा सी देर में पेशाब का आना बंद हो जाता है-

2- मूली के नियमित प्रयोग से बहुमूत्र(Urination Frequent) में आराम मिलता है-

3- आंवले का रस का सूखा चूर्ण गुड के साथ मिलाकर लेने से बार-बार पेशाब आने की शिकायत दूर होती है-

4- जवाखार और मिश्री तीन तीन ग्राम ताजे जल के साथ कुछ दिन लेने से बहुमूत्र का रोग समाप्त हो जाता है-

5- राई काले तिल कलमी शोरा टेसू के फ़ूल एवं दालचीनी सभी को समभाग मेंलेकर चूर्ण बना लें,रोज दो ग्राम सुबह शाम शहद के साथ खाने पर बार-बार पेशाब के रोगसे मुक्ति मिलती है-

6- बबूल का गोंद घी मे भून कर मक्खन के साथ सुबह को खाने से फ़ायदा होता है-

7- अदरक का ताजा रस सेवन करने से रुका हुआ मूत्र जल्दी बाहर निकल जाता है साथ ही बार-बार पेशाब की शिकायत भी दूर होती है-

8- जामुन की गुठली एवं बहेडे का छीलका दोनो बारीक पीस लें आठ दिन तक चार ग्राम रोज पानी के साथ लें,बार बार पेशाब आना बंद हो जायेगा-

9- कलमी शोरा दस ग्राम दूध दो सौ पचास ग्राम और पानी एक किलो इन सबको मिलाकर दिन में दो बार पियें पेशाब खुलकर आयेगा Urination Frequen  रोग ठीक हो जायेगा-

10- पिस्ता छ: दाने मुनक्का तीन दाने और काली मिर्च तीन दाने इन्हे सुबह शाम चबाकर पंद्रह दिन खाने से पेशाब बार बार नही आयेगा-

11- काले तिल भुने हुए आधा किलो + आंवला १५० ग्राम इन दोनो में आवश्यकतानुसार देसी गुड(गन्ने का) मिला कर 15 या 20 ग्राम के लड्डू बना लें। सुबह-शाम सेवन करें और इसे खाने के आधे घंटे तक पानी न पियें। बस आपकी ये समस्या जादू की तरह से गायब हो जाएगी-

प्रस्तुति-

Dr. Chetna Kanchan Bhagat


नोट-


Upcharऔर प्रयोग की सभी पोस्ट का संकलन

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