9 नवंबर 2017

प्यार का रिश्ता कैसे बनायें

Make Love Relationship


आधुनिक युग में रिश्तों का महत्व खत्म होता जा रहा है रिश्ते सिर्फ स्वार्थयुक्त होते जा रहे है किसी के पास समय नहीं है अगर आपको किसी के साथ रिश्ता बनाना हो तो उसके लिए समय निकालना पड़ता हैं, उससे प्रति-पल प्यार करना पड़ता हैं, तब जाकर कही एक मजबूत रिश्ता बनता हैं और अगर स्थाई रिश्ता बनाना है तो आपको फिर निश्वार्थ प्यार की आवश्यकता है जहाँ स्वार्थ आया समझो प्रेम नहीं है- 

प्यार का रिश्ता कैसे बनायें

आज तो लोग भगवान की कृपा भी क्षण भर में प्राप्त कर लेना चाहते है इतनी जल्दी आप कैसे सोच लेते है कि मंदिर गए, घंटी बजाई, प्रसाद लिया, चलो भगवान से रिश्ता बन गया जी नही, ऐसे नही होता है आपको परमेश्वर से यदि रिश्ता बनाना हैं तो उनके लिए भी आपको समय निकालना पड़ेगा उन्हें याद करना पड़ेगा और उनसे प्यार करना पड़ेगा तब जाकर वो मिलेंगे।

जब हम कोई कपड़ा धोते हैं तो बगैर प्रैस(lroning)किये नही पहनते अगर कपड़े मे ज्यादा सिलवटे हो तो प्रैस ज्यादा गर्म करनी पड़ती हैं और अगर सिलवटें फिर भी ना निकलें तो हम कपड़ो पर पानी छिड़काव करते हैं जिससे प्रैस की गर्माहट और ज्यादा हो जाती हैं एवं सिलवटें निकल जाती हैं।

इसी तरह परमेश्वर हमारी रूह को जब प्रैस करते हैं तो उसके ऊपर से कर्म रूपी सिलवटें हटाने के लिए अलग अलग तरह की गर्माहट देते हैं इस बात को  हमें समझना चाहिए अगर हम बहुत ज्यादा परेशानी मे हैं तो समझ लेना चाहिए कि कोई गहरी सिलवट होगी जिसे निकालने के लिए परमेश्वर ने प्रैस की गर्मी बढ़ाई हुई हैं ऐसी कठिन घड़ी के बाद हमारी रूह परमेश्वर के लायक बन जायेगी।

यदि आप किसी को प्यार करते है तो आपका पूर्ण समर्पण उसके लिए होना आवश्यक है और इसके साथ अगर निस्वार्थ रूप से प्रेम किया जाए तो फिर आपको सफलता अवश्य ही प्राप्त होगी केवल औपचारिक रूप से या दिखावा मात्र से आकर्षण तो हो सकता है है लेकिन वास्तविक प्रेम तो कदापि नहीं हो सकता है तभी कुछ न कुछ कारण से ऐसे रिश्तों में जल्दी दरार पड़ जाती है-


अगली पोस्ट में हम आपको बताने का प्रयास करेगे कि प्रेम करने वालों के बीच दरार आने के क्या कारण मुख्य रूप से होते है अगर आप इन सभी बातों पर ध्यान देगें तो संभव है कि आपके जीवन में आने वाली कटुता से आप अवश्य निकल जायेगें बस आपको अपने अंदर कमी ढूढनी है और उसे बाहर निकाल फेकना है ताकि आपके जीवन में रिश्तों में दरार न आये-


प्रस्तुती- Satyan Srivastava

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