19 दिसंबर 2017

आप अपनी स्मरण शक्ति कैसे बढायें

How do you Increase Your Memory Power-


हमारे समाज में बहुत से लोगों को भूलने की बीमारी होती है तथा उनकी स्मरण शक्ति (Memory Power) भी कमजोर हो जाती है तो आप को किसी पाठ को रटने की जगह याद करने की आदत डालनी चाहिए-जी हाँ सुनने में आपको क्या लगता है क्या हम मजाक कर रहे है लेकिन ये सत्य है कि चमत्कारिक रूप से आपके थोड़े से प्रयास से आपकी स्मरण (Memory Power) शक्ति ऐसी हो जायेगी कि शायद आप सोच भी नहीं सकते है-

क्या आपको पता है कि पहले के ऋषि-मुनि सिर्फ सुन के याद कर लेते थे और अपने शिष्यों को उस ज्ञान को दिया करते थे आप जानते है कि वो क्या करते थे वो रात को मनन (Contemplation) करते थे और दिन में किये गए कार्य और सुने गए उपदेश को मनन करने से उनको हमेशा के लिए याद हो जाता था-


आप अपनी स्मरण शक्ति कैसे बढायें

स्मरण शक्ति (Memory Power) एक ऐसा विषय है जिसके बारे में हर कोई जानना चाहता है फिर चाहे विद्यार्थी हो या नौकरी पेशा व्यक्ति, गृहिणी हो या वृद्ध सभी इसके बारे अवश्य जानना चाहते है-

आज की आपाधापी के समय में हर कोई यही कहता नजर आता है कि मेरी याददाश्त (Memory) कमजोर है या जो पढ़ता हूँ याद नहीं रहता-आजकल स्मरणशक्ति (Memory Power) बढ़ाने के लिए बाजार में तरह-तरह के प्रोडक्ट्स आते हैं जबकि सच ये है कि वास्तव में किसी की भी स्मरणशक्ति कमजोर नहीं होती और न ही इस पर उम्र का कोई फर्क पड़ता है-

आखिर ऐसा क्यों होता है-


आपने एक चीज का अनुभव किया होगा-हम जब फिल्में देख रहे होते हैं या उपन्यास आदि पढ़ रहे होते हैं या कोई नाटक देख रहे होते हैं तब हम उसे रट कर याद  नहीं करते है सिर्फ बस हमारी आँखों के सामने से व हमारी स्मृति पटल (Memory Boards) से गुजारते जाते हैं क्योंकि हम उसे याद नहीं करते और दिमाग पर जोर नहीं डालते और बस पढ़ते जाते हैं या सिर्फ देखते जाते हैं और वह हमें याद हो जाता है-

कई बार आपने अनुभव किया होगा कि जब हम कोई घटना या किसी का नाम याद रखने की कोशिश करते हैं तो हमारे मस्तिष्क पर दबाव पड़ता है और जब मस्तिष्क पर दबाव पड़ता है तो वह घटना या किसी का नाम याद नहीं आता है और जैसे ही हम उसे याद करना बंद कर देते है व दूसरे काम में लग जाते हैं तो वह घटना हमें शीघ्र याद आ जाती है क्योंकि उस वक्त हम उसे याद (Remember) नहीं करते हैं-

जबकि हम किसी कोर्स की किताबो को पढ़ते हैं तो या तो हम रटते हैं या याद (Remember) करने की कोशिश करते हैं जबकि हमें पढ़ते वक्त याद नहीं करना चाहिए-बस पढ़ते रहना चाहिए-याद करने की कोशिश ही हमें याद नहीं होने देती है हाँ जोर जोर से और चिल्ला कर किसी को दिखाने के लिए याद कर रहे है तो ये फिर एक अलग बात है-

जब भी हम पढ़ने बैठते हैं तो एक या दो पैरा पढ़कर किताब बंद कर दें और थोड़ी देर विश्राम करें फिर जो पढ़ा है उसे एक कॉपी पर लिखें व मिलाएँ कि हमने जो पढ़ा व लिखा है उसमें कितना मेल है-आप चकित रह जाएँगे कि लगभग जो पढ़ा था वही लिखा है आप धीरे-धीरे यही क्रिया दोहराते रहें-इस प्रकार हम जो पढ़ेंगे उसे आसानी से लिख कर अपने स्मृति पटल पर अच्छी तरह बैठा लेंगे-पढ़ाई किसी भी वक्त करें बस याद न करें बस पढ़ते जाएँ-फिर थोड़ी देर लेट जाएँ व एक कॉपी में जो पढ़ा लिखते जाएँ यह क्रिया आपको तथ्यों याद रखने में सहायक होगी-

अब दूसरी एक क्रिया यह है कि हम रात को सोते वक्त ध्यान करें कि सुबह उठने से लेकर सोते वक्त तक क्या-क्या किया-किस-किस से मिले और क्रमवार सिर्फ ध्यान करते जाएँ-लगभग एक माह में आपको सारा घटनाक्रम हूबहू याद हो जाएगा-

स्मरण शक्ति के लिए आयुर्वेदिक (Ayurvedic) प्रयोग-


आप अपनी स्मरण शक्ति कैसे बढायें

1- चार-पांच बादाम की गिरी पीसकर गाय के दूध और मिश्री में मिलाकर पीने से मानसिक शक्ति बढ़ती है आयुर्वेद के अनुसार ब्राह्मी, शंखपुष्पी, वच, असगंध, जटामांसी, तुलसी समान मात्रा में लेकर चूर्ण का प्रयोग नित्य प्रतिदिन दूध के साथ करने पर मानसिक शक्ति, स्मरण शक्ति में वृध्दि होती है-

2- सोते वक्त दोनों पैरों की पदतलियों में अपने हाथ से घी से मालिश करें-इससे नींद अच्छी आती है तथा मस्तिष्क में शांति, प्रसन्नता और सक्रियता आती है और आपका मनोबल बढ़ता है-

3- देशी गाय के शुध्द घी में एक बादाम कुचलकर डाल दें और उसे गरम करके ठंडा कर लें तत्पश्चात् छानकर रखें- रात को सोते समय यह घी दो-दो बूंद दोनों नासिका के छिद्रों में थोड़ गुनगुना करके डालें- घी ड्रोपर में रख लें, डालने से पहले ड्रोपर की शीशी गरम पानी में रखें और फिर पतला होने पर नाक में डालें- यही घी नाभि पर डालकर 4-5 बार नाभि को घड़ी की दिशा में और 4-5 बार घड़ी की विपरीत दिशा में घुमाएं- फिर उस पर गीले कपड़े की पट्टी और फिर सूखे कपड़े की पट्टी रखें- ऐसा करीब 10-15 मिनट करें-

4- उत्तर दिशा में मुंह करके पिरामिड की आकृति की टोपी पहनकर पढ़ाई करने से पढ़ा हुआ बहुत शीघ्र याद होता है आप अपनी ये टोपी, कागज, गत्ता या मोटे कपड़े की बनाई जा सकती है इसे एक बार एक माह तक आजमा कर देखें और अपने जीवन में स्मरण शक्ति में वृधि को महसूस करे आपको लगे कि ये बिना पैसे का उत्तम प्रयोग है तो आगे जीवन में इसे पढ़ाई के समय के अलावा भी प्रयोग करे-

5- देशी गाय का शुध्द घी, दूध, दही, गोमूत्र, गोबर का रस समान मात्रा में लेकर गरम करें- घी शेष रहने पर उतार कर ठंडा करके छानकर रख लें-यह घी ‘पंचगव्य घृत’ कहलाता है-इसे रात को सोते समय और प्रात: देशी गाय के दूध में 2-2 चम्मच पिघला हुआ पंचगव्य घृत, मिश्री, केशर, इलायची, हल्दी, जायफल, मिलाकर पिएं- इससे बल, बुध्दि, साहस, पराक्रम, उमंग और उत्साह बढ़ता है-हर काम को पूरी शक्ति से करने का मन होता है और मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है-

6- रात्रि को सोते समय अपने दिन भर के किए हुए कार्यों पर चिंतन-मनन करें तथा उनकी समीक्षा करना चाहिए और गलतियों के प्रति खेद व्यक्त करना और उन्हें पुन: न दोहराने का संकल्प लेना चाहिए- प्रात: सो कर जागते समय ईश्वर को नया जन्म देने हेतु धन्यवाद देना चाहिए और पूरा दिन अच्छे कार्यों में व्यतीत करने का संकल्प लेकर पूरे दिन की योजना बनाकर बिस्तर छोड़ना चाहिए-

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