10 दिसंबर 2017

जब आपका दिल उदास हो

When Your Heart is Sad


दिल (Heart) तो हमारी भावनाओं का बोझ सहता ही रहता है तो शरीर (Body) हमारे विकारों का बोझ सहता है जिस तरह अपने प्रिय से जुदा होने पर हमारा दिल रो देता है और प्रसन्नता के अवसर पर हमारा दिल खुश हो जाता है ठीक उसी प्रकार हमारे दिल को मिलने वाले रक्त की आपूर्ति पर हमारी सेहत (Health) निर्भर करती है यदि किसी कारण से दिल को पहुंचाने वाली खुराक रूपी खून शिराएँ जब संकरी होने लगती है तब धीरे-धीरे हार्ट-अटैक (Heart attack) की संभावना बढ़ जाती है-

जब आपका दिल उदास हो

ज्यादा चिकनाई (fat) वाला आहार हमारे खून में थक्के जमाता है तथा उसी का कुपरिणाम यह होता है कि हमारी शिराएं अवरुद्ध (Blacage) होने के लगती है वैसे हमने पहले भी कई प्रकार के प्रयोग लिखे हैं लेकिन आज हम आपके सामने दो घरेलू नुस्खे आपके सामने लेकर आए हैं वैसे तो आपको यह नुस्खा बड़ा ही साधारण प्रतीत होगा लेकिन काफी महत्वपूर्ण है हम आपको दो घरेलू नुस्खे बताने जा रहे हैं जो हार्ट अटैक की संभावना को काफी कम कर देते हैं आइए जानते हैं यह नुस्खे क्या है- 

पहला प्रयोग-


पान का रस - एक चम्मच 
लहसुन का रस - एक चम्मच
अदरक का रस - एक चम्मच 
शहद - एक चम्मच 

उपर लिखी हुई इन चारों चीजों को आपस में मिलाकर पी जाए आपको यह प्रयोग दिन में दो बार सुबह-शाम करना चाहिए यदि तनाव चिंता दूर रख कर तथा खान-पान में परहेज के साथ इसे 21 दिन तक तथा बाद में रोज इसका सेवन सिर्फ एक बार करते रहे तो आपको दिल का दौरा पढ़ने की संभावना बहुत हद तक घट जाती है उपरोक्त नुस्खा सरल और प्रभावी है जो लोग हृदय रोग की आशंका से पीड़ित है उन्हें इस प्रयोग को शुरू कर देना चाहिए यह आपके लिए लाभकारी है-

अब आपको एक और आसान सा घरेलू और प्रभावी नुस्खा आपके सामने बताने जा रहा हूं इसे अपनाकर कई लोगों की बाईपास सर्जरी बिना ठीक कराएं हो गई है यह नुस्खा इस प्रकार है- 

दूसरा प्रयोग-

जब आपका दिल उदास हो

12 ग्राम काली साबुत उड़द रात को पानी में भिगोकर रख दे सवेरे पानी से जब उड़द के दाने निकालेंगे तो वे कुछ फूले हुए तथा मुलायम हो चुके होंगे अब आप इनको सिलबट्टे पर बिना छिलका उतारे ही पीस लें और पिसी हुई पिठ्ठी को 12 ग्राम शुद्ध गुग्गल के चूर्ण में मिला लें और फिर इस मिश्रण को खरल में डाल कर 13 ग्राम ऐरंड तेल तथा 12 ग्राम मक्खन (जो देसी गाय के दूध से तैयार किया गया हो) अच्छी तरह मिलाकर खरल में कुछ देर तक घोटे ताकि सारी चीजें एक-जुट हो जाएं-

कैसे करें प्रयोग- 


सुबह स्नान करने के बाद शरीर को पोंछ कर इस "रामबाण लेप" को छाती से पेट के पास तक मले और करीब 4 घंटे तक लेटे रहे हां आप उठ बैठ अवश्य सकते हैं जब यह लेप सुख जाए तब आप स्नान कर सकते है-

यह प्रयोग प्रतिदिन 5 दिन तक करना चाहिए बाद में 1 महीने के बाद फिर से इस प्रयोग को आप 5 दिन के लिए दुबारा करें-आप को प्रयोग करने से ह्रदय रोग से राहत मिल जाएगी-

प्रस्तुती- Satyan Srivastava

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