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23 दिसंबर 2017

एंजाइटी डिसऑर्डर के लक्षण और चिकित्सा-Symptoms and Treatment of Anxiety Disorder

Symptoms and Treatment of Anxiety Disorder



दुनिया में हर चौथा इंसान लाइफ़ में कभी न कभी किसी मानसिक बीमारी(Mental Disease)से गुजरता है ज़िन्दगी जैसे-जैसे मुश्किल होती जा रही है मानसिक बीमारियां भी बढ़ती जा रही हैं लेकिन लोग शर्म के मारे इन बिमारियों के बारें में खुल कर बात नहीं करते हैं-पिछली पोस्ट में हमने एंजाइटी डिसऑर्डर(Anxiety Disorder)कितने प्रकार के होते है बताया था इस पोस्ट में हम आपको इसके शुरुआती लक्षण क्या-क्या होते है क्यों होता है और क्या है इसकी चिकित्सा इस पर चर्चा करेगें-

एंजाइटी डिसऑर्डर के लक्षण और चिकित्सा-Symptoms and Treatment of Anxiety Disorder

एंजाइटी डिसऑर्डर(Anxiety disorder)के लक्षण-

एंजाइटी डिसऑर्डर के लक्षण और चिकित्सा-Symptoms and Treatment of Anxiety Disorder

1- नींद कम आना
2- नींद ज्यादा आना और इतना सोते हुए भी शरीर को फ्रेशनेस ना लगना
3- थकान और कमजोरी लगना
4- भूख बेहद कम या बहुत ज्यादा लगना
5- हमेशा सुस्ती ओर उनींदापन
6- आलस्य
7- बिना वजह मुड़ खरांब रहना
8- घबराहट होना
9- नकारात्मक विचार आना
10- आत्म विश्वास कम हो जाना
11- आत्महत्या के विचार आना
12- डर और शंका बनी रहना
13- बुरे सपने आना
14- कुछ बुरा होगा जैसे ख्याल आना
15- सीने पर बोझ लगना
16- किसी काम मे मन ना लगना
17- उदासी के दौरे पड़ना
18- हाथ पांव काँपना,पसीना ज्यादा आना
19- भविष्य अस्थिर ओर भूतकाल की बुरी यादों का कटु अनुभवों का बार बार दस्तक देना
20- शरीर मे दर्द रहना, भारी पन रहना
21- अचानक वजन का घट जाना या बढ़ जाना
22- बाल झड़ना
23- निस्तेज आंखे ओर चहेरा
24- सर भारी या सर दर्द होना
25- खट्टी कड़वी डकारे आना
26- अनिंद्रा
27- कमजोर पाचनतंत्र
28- कब्ज या बार बार टॉयलेट को जाना
29- सेक्स सम्भन्धित बीमारियां
30- फ्रीजिडीटी

यह सब नॉर्मल तौर से एंजाइटी डिसऑर्डर्स के लक्षण है-

क्यो होता है यह बदलाव-


चिंता या तनाव का असर पहले नींद पर पड़ता है अनावश्यक विचारो से घिरा मन साउंड स्लिप नही ले पाता जिससे सुबह फ्रेशनेस नही लगती है और जब यह प्रॉब्लम बहुत दिनों तक रहती है तब हमारा लिवर कमजोर हो जाता है और फिर धीरे-धीरे हमारे सारे वाइटल ऑर्गन्स को क्षति पहोचती है फिर रोगी कोई भी चीज को एन्जॉय नही कर पाता चाहे हो भोजन हो, आराम हो, मनोरंजन हो या रूटीन लाइफ हो-

कैसे की जाती है चिकित्सा-


चूंकि एलोपैथी इन समस्याओं का इलाज सिर्फ लक्षणों पर करती है इसलिए मूल कारण ज्यो का त्यों बना रहता है और लंबे इलाज के बाद भी रोगी को लाभ नही मिल पाता है बेचफ्लॉवर में हम रोगी के लक्षणों को जानने के बाद ही उन्हें कॉम्बिनेशन देते है-

सबसे पहले हम यह व्यवस्था करते है कि रोगी को अनचाहे अनवरत विचारो से मुक्ति मिले और शांत निंद्रा मिले जिससे रोगी का मन और शरीर दोनों को आराम मिलता है और लिवर अपना कार्य अच्छे से कर पाता है जिससे धीरे-धीरे मानसिक और शरीरिक थकावट,कम होती है तथा पाचनतंत्र सुधरता है जिससे योग्य प्रमाण में भूख खुलती है और खाने का पाचन ठीक से होता है तथा शरीर के दूसरे ऑर्गन्स को ऊर्जा मिलने लगती है जिससे बैचेनी, ध्ब्राहत जैसी तकलीफे दूर होती है-

डर, मुड़ सविंग्स जैसी अनावश्यक पीड़ादायी भावनाओ को भी बेचफ्लॉवर कॉम्बिनेशन से मिटाया जाता है और रोगी को वर्तमान परिस्थितियों के मुताबिक ढाला जा सकता है इस तरह मन और शरीर दोनों को हार्मनी में लाया जाता है और रोगी को सम्पूर्ण लाभ मिल जाता है-

याद रहे-


अच्छे खानपान और लोगों से मिल जुल कर इस समस्या से बचा जा सकता है जब भी किसी भी तरह का तनाव महसूस हो तो अपने आसपास के अच्छे लोगों से उसके बारे में बात करें तथा समस्या के ज़्यादा बढ़ जाने पर बेझिझक डॉक्टर के पास चले जाना चाहिए लेकिन अकसर लोग शर्मिदंगी की वजह से डॉक्टर के पास नहीं जाते हैं कोई भी बीमारी व्यक्ति के ख़ुद के हाथ में नहीं होती है इसलिए बिना घबराए डॉक्टर के पास जाएं और सकारात्मक सोच रखे तथा स्वयम पर भरोसा रखें और ख़ुशहाल जीवन की ओर कदम बढाएं-

बैच फ्लावर चिकित्सा में इस प्रकार के रोगों का निदान बिना किसी साइड इफेक्ट के है और ये सबसे उत्तम चिकित्सा है अगर आपके समाज या परिवार में इस प्रकार की कोई समस्या है तो आप मुझसे Whatsup Number निसंकोच सम्पर्क कर सकते है-

सम्पर्क करने से पहले-


1-रोगी की परेशानी, उम्र, लिंग, वजन बताए-

2- पैथोलोजिकल रिपोर्ट्स हो तो वह भी बताए-

3- रोगी के मानसिक लक्षण, स्वभाव, पसन्द, नापसन्द,यह सब नोट करके जब भी काल करे तब अवश्य बताए-

4- रोगी की भूख, प्यास, नींद, मल मूत्र नॉर्मल है या नहीं तथा स्त्रियों में माहवारी कम ज्यादा हो तो यह भी बताए- 

5- सुबह ब्रश करने से पहले की जीभ की फ़ोटो हमें जीभ बाहर की तरफ निकाल कर भेजे-

आपके द्वारा भेजी गई यह सारी डिटेल्स आपका डायग्नोसिस करने में हमें सहायक होगी-इसलिए फोन और वोट्सएप पर यह फॉरवर्ड करना ही आपको बेहतर होगा अगर आपके पास वॉट्सप की सुविधा ना हो तो आप यह सब नोट करके हमे फोन पर भी बता सकते है-दवा आपके पास कोरियर करने की सुविधा भी है-

प्रस्तुती- Chetna Kanchan Bhagat


प्रस्तुती- Upcharऔर प्रयोग


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