16 जनवरी 2018

माहवारी संबंधित तकलीफों में एक्यूप्रेशर से स्वयं चिकित्सा

Acupressure Self-Treatment for Menstrual Problems


आजकल भाग दौड़ के जीवन में तथा मॉडर्न लाइफस्टाइल के चलते व बिगड़ी हुई दिनचर्या के चलते महावारी संबंधित समस्याएं आम हो गई है आजकल बढ़ता स्ट्रेस, चिंता, हारमोन्स का असंतुलन, पर्याप्त आराम की कमी या अयोग्य खानपान के चलते अनियमित मासिक चक्र (Irregular Periods)  मासिक चक्र का रुकना, ज्यादा माहवारी होना, या कम माहवारी होना माहवारी का रुक जाना, महावारी के समय पेट दर्द, पेडू में दर्द, कमर दर्द  (Back Pain) कमजोरी, चक्कर आना, ज्यादा पसीना आना, उच्च रक्तचाप मूड स्विंग (Mood Swing) पैरों में दर्द जैसी समस्याएं हर उम्र की स्त्रियों में देखने को मिलती हैं-

माहवारी संबंधित तकलीफों में एक्यूप्रेशर से स्वयं चिकित्सा

गृहिणिया फिर भी इस समस्या को अनदेखा करती है या माहवारी के दिनों में योग्य आराम करके इन समस्याओं को शायद कम कर सकती हैं लेकिन कामकाजी महिलाओं में इस तरह की समस्या होने पर बेहद तकलीफ होती है मजबूरन उन्हें दर्द नाशक दवाएं का सहारा लेकर इस परेशानी से राहत लेनी पड़ती है वही आजकल अर्ली प्यूबर्टी (Early Puberty) के चलते स्कूल जाने वाली बालिकाओ में भी यह तकलीफ है देखने को मिलती है ऐसी छोटी उम्र में इस तरह की तकलीफ होने से उनकी पढ़ाई में तो व्यधान आता ही है  साथ ही अगर छोटी उम्र में ही पेन किलरपेन या दर्द नाशक दवाई अथवा हारमोंस की गोलियां लेने से इन लक्षणों से तो निजात मिल जाती है लेकिन इन दवाओं के बहुत ही साइड इफेक्ट देखने को मिलते हैं जो आगे चलकर दूसरी परेशानियां या समस्याएं पैदा कर सकते हैं-

ऐसे में महावारी संबंधित समस्याओं में एक्यूप्रेशर बहुत ही कारगर चिकित्सा है इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है तथा यह पूरी तरह से सुरक्षित है यह कोई भी कहीं भी यह चिकित्सा अपने आप स्वयं चिकित्सा (Self Treatments) के तौर पर ले सकता है आप अपनी बीमारी अनुसार अपने पॉइंटस चुनकर उसे दिन में तीन बार 5-5 मिनट के लिए ले सकते हैं-यह पॉइंट आप अपने हाथों से या पेंसिल या एक्यूप्रेशर की जिमी से भी ले सकते हैं-

इस लेख में हम आपको ऐसे ही कुछ असरकारक एक्यूप्रेशर पॉइंट (Acupressure Points) की जानकारी देंगे जो महावारी संबंधित समस्याओं में उत्तम लाभदायी है तथा आप बिना दवा के स्वयं चिकित्सा करके इन तकलीफों से राहत पा सकते हैं-


माहवारी संबंधित तकलीफों में एक्यूप्रेशर से स्वयं चिकित्सा

K1- बेहोशी, हिस्टीरिया, उच्च रक्तचाप, सदमा लगना (Shock) पैरों के तलवों में सुन्नपन (Numbness) तथा पैरों के दर्द में लाभकारी-

K3- अनियमित महावारी (Irregular periods) बांझपन तथा उच्च रक्तचाप में उपयोगी-

GB-21- उच्च रक्त चाप, बेहोशी, चक्कर आना, गर्दन की जकडन, कंधे और पीठ का दर्द, स्तनों में दूध कम आना, डिलीवरी में देर होना (prolonged labor) जैसी तकलीफों में लाभदायी-

UB 66- चक्कर, सर दर्द व गर्दन की जकड़न (Stiffness) में लाभदायक-

ST28- माहवारी का रुकना, अनियमित महावारी, कम होना, श्वेत प्रदर, गर्भाशय से रक्तस्राव, रक्त प्रदर (Metrorrhagia) ज्यादा माहवारी होना, जैसी समस्याओं में उपयोगी-

माहवारी संबंधित तकलीफों में एक्यूप्रेशर से स्वयं चिकित्सा

SP6- कम माहवारी आना, माहवारी के दौरान दर्द, पेट में दर्द, पैरों में दर्द, प्रदर रोग, योनि रोग(Vaginal problems) मूत्र का रुकना, तथा शरीर में आई सूजन में उपयोगी-

GB 41- सिर दर्द, स्ट्रेस (Stress) अनियमित महावारी, पैरों के तलवों में दर्द में उपयोगी-

K7- थकान (Fatigue) कमजोरी, ज्यादा पसीना आना (Excessive Sweating) रात को पसीना आना, हॉट फ्लैश में उपयोगी-

Liv3- पित्त संबंधित तकलीफे, उच्च रक्तचाप, बेहोशी,(Fainting) मिर्गी के दौरे, कम या अल्प मात्रा में महावारी होने की वजह से सर दर्द, आंखों में लाली तथा आंखों के दर्द में उपयोगी-

Liv4- पेट दर्द, (Menstrual cramp) पेडू दर्द, कमर दर्द तथा सूजन में उपयोगी-

UB60- माथे में दर्द, साइटिका नसों का दर्द, लेबर पेन (Prolonged labor) में लाभदायी-

LI4- बदन दर्द, चेहरे तथा सिर की तकलीफे, उच्च रक्तचाप, (Delay Labor) शरीर में सुन्नपन तथा हाथों की जकड़न में उपयोगी-

नोट-

1- पोस्ट में बताए गए पॉइंट पर आप प्रेशर या हल्का मसाज कर सकते हैं इस पर आप मैग्नेट या मटर के दाने भी पेपर टेप से चिपका सकते हैं-

माहवारी संबंधित तकलीफों में एक्यूप्रेशर से स्वयं चिकित्सा

2- अगर मैग्नेट या मटर चिपकाए हो तो इसे कम से कम 6 घंटे शरीर पर या उपरोक्त पॉइंट पर लगे रहने दें-

3- गर्भावस्था में यह पॉइंट या यह चिकित्सा ना ले अगर लेनी पड़े तो विशेषज्ञों की राय या सहायता से ही ले-
प्रस्तुती- Chetna Kanchan Bhagat-Mumbai

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