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28 जनवरी 2018

गर्भाशय शोथ के घरेलू उपचार-Home Remedies for Uterine Inflammation


पिछले लेख में हमने गर्भाशय शोथ (Uterine Inflammation) के कारण लक्षण तथा उपचार की चर्चा की इस लेख में हम आपको गर्भाशय शोथ के घरेलू उपचार के बारे में बताएंगे जो आप इस समस्या की प्रारंभिक अवस्था में प्रयोग करके अवश्य ही स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं-

गर्भाशय शोथ के घरेलू उपचार-Home Remedies for Uterine Inflammation

इस समस्या में सबसे पहले जननांगों की साफ सफाई की और ध्यान देना बेहद आवश्यक है अगर ठीक तरह से जननांगों की सफाई की जाए तो इस समस्या से बहुत ही जल्दी छुटकारा मिल सकता है-


गर्भाशय शोथ (Uterine Inflammation) के घरेलू उपचार-


1- औदुंबर (गूलर) या अंजीर के पेड़ की जड़ का काढ़ा सुबह शाम पिएं तथा उसी काढे से योनि की सफाई करने से इन्फेक्शन (Infection) तथा गर्भाशय शोथ (Uterine Inflammation) में बेहद लाभ मिलता है-

गर्भाशय शोथ के घरेलू उपचार-Home Remedies for Uterine Inflammation

2- गर्भाशय शोथ (Uterine inflammation) होने पर पेट व पेढू पर गर्म पानी से सिकाई करने से सुजन व दर्द कम होती हैं-

3- नीलगिरी चित्रक मूल वह मेथी दाना पानी में उबालकर इसकी भांप पेट, कमर, पेढू तथा नाभि के आसपास के अंगों पर लेने से गर्भाशय की सूजन (Uterine inflammation) में आश्चर्यजनक रूप से लाभ मिलता है नीलगिरी के पत्ते, चित्रक मूल, मेथीदाना सबको मोटा-मोटा कूट कर 30 ग्राम की मात्रा में डेढ़ लीटर पानी में उबालें जब पानी 1 लीटर बच जाए तब इसमें रोए वाला तौलिया डुबोकर निचोड़कर नाभि के आसपास पेट पर रखें इस तरह से भाप लेने से सूजन की वजह से होने वाला दर्द मिटता है तथा पेट का भारीपन भी कम होता है-

4- हल्दी, दारुहल्दी, ग्वारपाठे का गूदा तथा भून कर फुलाई हुई फिटकरी को मिलाकर लेप जैसा बना लें तथा इस लेप को अंदरूनी अंगों पर लगाएं साथ ही साथ रुई के फाहे या कपड़े की नरम पतली गडी में इस लेप को लगाकर इसे गर्भाशय में रखने से गर्भाशय की सूजन, इन्फेक्शन तथा जलन में काफी लाभ होता है-

5- एक प्रयोग-

शतावरी- 50 ग्राम
अशोक की छाल का चूर्ण- 50 ग्राम
आमलकी रसायन- 50 ग्राम
हरड़ चूर्ण- 50 ग्राम
बहेड़ा चूर्ण- 50 ग्राम

उपरोक्त सभी सामग्री को मिलाकर रख दें तथा सुबह शाम 5 ग्राम की मात्रा में पानी के साथ लेने से या फिर इसका काढ़ा बनाकर पीने से गर्भाशय शोथ (Uterine Inflammation) में लाभ मिलता है-

6- सुबह शाम 5 से 7 ग्राम गुलकंद में एक चुटकी गिलोय सत्व डालकर खाने से गर्मी की वजह से आई हुई गर्भाशय की सूजन, जलन, योनि दाह, खुजली, पेशाब की जलन तथा योनि इन्फेक्शन (Infection) में लाभ होता है-

7- काली मिट्टी (Mud) को पानी में सान कर उसे गर्म कर ले अब पेट पर एक सूती कपड़ा लगाकर उस कपड़े पर मिट्टी का मोटा व गाढ़ा ले परतों में चढ़ा दे तथा सूखने दे इससे गर्भाशय की सूजन (Uterine inflammation) कम होती है-

8- नारायण तेल से पेट की, नाभि के आसपास व पेढू की हल्के हाथों से मसाज करने से गर्भाशय शोथ की समस्या में अवश्य लाभ मिलता है-

9- सुबह शाम अलसी (Flaxseed) के बीज 5 ग्राम की मात्रा में खाने से शरीर की रोग प्रतिकारक शक्ति बढ़ती है हार्मोन संतुलित होते हैं तथा गर्भाशय संबंधी समस्या कम होती है-

10- इसके अलावा एक्युप्रेशर तथा सुजोक चिकित्सा, रंग चिकित्सा तथा बीज चिकित्सा द्वारा भी गर्भाशय शोथ की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता हैं-

प्रस्तुती- Chetna Kanchan Bhagat-Mumbai

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