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11 जनवरी 2018

अनंतमूल के विभिन्न घरेलू अनुभूत प्रयोग-Medicinal uses of Anantamul as a Home Remedies

Medicinal uses of Anantamul as a Home Remedies


पिछले लेख में हमने अनंत मूल के गुण तथा उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी ली इस लेख में अनंतमूल (Anantamul) के आसान, अनुभूत घरेलु औषधीय प्रयोग से आपको अवगत कराते है अनंतमूल मधुर, पचने में भारी, त्वचा के लिए तथा त्वचा की रंगत के लिए हितकारी, मल को बांधने वाला याने अतिसार को मिटाने वाला, दूध को शुद्ध करने वाला, दाह शामक, त्रिदोषनाशक, ज्वर, रक्त विकार, अरुचि, अग्निमांध, शरीर की दुर्गंध, तथा सूजन को मिटाने वाला उत्तम रसायन व औषधि है-

अनंतमूल (Anantamul) के आसान-अनुभूत घरेलु औषधीय प्रयोग-


अनंतमूल के विभिन्न घरेलू अनुभूत प्रयोग-Medicinal uses of Anantamul as a Home Remedies

1- इसके नियमित सेवन से मूत्र विकार में दाह में फायदा होता है, यूरिन इन्फेक्शन (Urine infection) मिटता है, गर्मी की वजह से होने वाला शरीर दाह कम होता है तथा त्वचा का रंग निखरता है इस तरह अनंतमूल (Anantamul) एक सुगंधित स्वास्थ्य तथा सौंदर्य दायी अभूतपूर्व औषध है-

2- इसके जड़ का क्वाथ पीने से थोड़े ही दिन में रक्त विकृतियां, त्वचा रोग, खाज खुजली, इंफेक्शन, फोड़े फुंसी, दाद तथा विसर्प जैसे जटिल और असाध्य त्वचा रोग भी ठीक होते हैं

3- रक्त शुद्धि हेतु (खून साफ करने के लिए)-

100 ग्राम अनन्तमूल का चूर्ण, 50 ग्राम सौंफ और 10 ग्राम दालचीनी मिलाकर चाय की तरह उबालें, फिर इसे छानकर 2-3 बार नियमित रूप से पीने से खून साफ होकर अनेक प्रकार के त्वचा रोग दूर होंगे-

अनंतमूल के विभिन्न घरेलू अनुभूत प्रयोग-Medicinal uses of Anantamul as a Home Remedies

4- हाथों की जलन, घमोरियां, खुजली, जैसी समस्याओं पर देसी काले चने तथा अनंतमूल की जड़ के चूर्ण को मिट्टी के बर्तन में रात भर भिगो के रखें सुबह पानी निखार के इसे पीस ले व गाढा लेप शरीर पर तथा पांव के तलवों पर लगाने से दाह या जलन मिटती है-

5- गर्भस्राव होना, श्वेत प्रदर होना, रक्त प्रदर, हॉट फ्लैशेस या गुप्त रोगों की वजह से योनि प्रदेश में गर्मी से फुंसियां होना, छिल जाना, जलन होना जैसी समस्याओं में अनंतमूल (Anantamul) का काढा उत्तम औषध है-

6- अनंतमूल तथा नीम के पत्ते पानी में उबालकर पानी को आधा बनाकर उस काढे से योनि प्रक्षालन करने से या डूश लेने से योनि दाह, योनि में इंफेक्शन, दर्द तथा दुर्गन्ध,प्रदर रोग जैसी समस्याएं दूर होती है-

7- यूटीआई, बार बार यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन होना, मूत्रमार्ग में जलन होना, मूत्र का रुक रुक के आना, पेडू में दर्द होना या पीला तथा लाल पेशाब होना, जैसी समस्या होने पर अनंतमूल तथा जीरे का काढ़ा पीने से यह समस्याएं मिट जाती है-

8- ज्यादा माहवारी होना, बार बार गर्भपात होना, गर्भावस्था के दौरान गर्भस्राव होना जैसी समस्या में अनंतमूल का एक चम्मच चूर्ण रात को मिट्टी के पात्र में भिगोकर सुबह छान के पीने से यह समस्याएं मिटती है इस पानी को अनंतमूल का हिम कहा जाता है अनंतमूल का हिम अगर गर्भावस्था में प्रतिदिन पिया जाए तो होने वाली संतान गोरी होती है-

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प्रस्तुती- Chetna Kanchan Bhagat-Mumbai

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