23 जनवरी 2018

चंदन के अनुभूत औषधीय प्रयोग


हिंदी में आयुर्वेद उपचार-Ayurveda treatment in Hindi


पिछले लेखों में क्रमशः हमने आपको चंदन के गुण लाभ व उपयोग तथा दूसरे लेख में चंदन के घरेलू उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी दी आज हम आपको चंदन (Sandalwood) के अनुभूत औषधीय प्रयोग के बारे में जानकारी देंगे यह प्रयोग कारगर होने के साथ-साथ अनुभूत व संपूर्णता निराप्रद है इसे आप घर में प्रयोग करके अवश्य ही स्वास्थ्य लाभ पा सकते हैं-

चंदन के अनुभूत औषधीय प्रयोग

चंदन के अनुभूत औषधीय प्रयोग (Medicinal Use of Sandalwood) -


1- 10 ग्राम चंदन (Sandalwood) पाउडर 10 ग्राम सूखे धनिया बीज को गुलाब जल में अच्छे से लौटकर चिकना लेप बना ले यह लेख कनपटी व आंखों के आसपास लगाने से पित्त तथा गर्मी के प्रकोप से होने वाला आंखों का दाह, आंखों की सूजन, सिर दर्द, आंखों की जलन (Eye Irritation) आंखों का दर्द तथा उच्च रक्तचाप जैसी समस्या में लाभ मिलता है-

2- उष्माघात (Heat stroke) जैसी समस्या से हुए सिर दर्द में चंदन, खस, मुलहठी, करूरवा, गुलाब के पत्ते अथवा कमल की पंखुड़ियां इन सब को समभाग लेकर कूट पीसकर कपड़े चूर्ण बना लें इस चूर्ण को गाय के मलाईदार दूध तथा थोड़ा सा घी मिलाकर खरल में घोंट कर गाढ़ा लेप बना ले इस लेप को कनपटी गर्दन तथा सर में बीचों-बीच लगाने से उपरोक्त समस्या में त्वरित लाभ मिलता है तथा उष्माघात से मस्तिष्क को पहुंची हुई क्षति में भी लाभ मिलता है-

3- चंदन (Sandalwood) का बुरादा 50 ग्राम तथा 50 ग्राम काले तिल को एक मिट्टी के पात्र में रात भर पानी में भिगोए सुबह पानी निथार कर इसमें 50 ग्राम गाय का घी व 5 ग्राम देशी कपूर मिलाकर खरल में घोट ले व मरहम बना ले यह मरहम फोड़े (Abscess) फुंसी तथा गले गले घाव पर लगाने से घाव (Wound) जल्दी भरते हैं, घाव में होने वाली जलन व सूजन कम होती है मवाद (Pus) कम होता है इन्फेक्शन (Infection) मिटता है तथा घाव ठीक हो जाने पर इसके व्रण और दाग त्वचा पर नहीं रहते इस तरह यह मरहम घाव व फोद्दे फुंसियो की संपूर्ण चिकित्सा है-

4- चंदन का बुरादारूमीमिस्तंगीशीतलचीनीबड़ी इलायचीदालचीनी और गोखरू का चूर्ण सभी को 50-50 ग्राम लेकर इसमें 350 ग्राम पिसी हुई मिश्री मिलाएं 7 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम गाय के दूध के साथ सेवन करने से सुजाक (Gonorrhea) के रोगियों में आश्चर्यजनक लाभ होता है-

5- चंदन, रक्तचंदन, खस, अश्वगंधा और मुलेठी इन सबको 25 ग्राम लेकर यह चूर्ण सुबह-शाम 5 ग्राम की मात्रा में 3 चम्मच शहद और एक चम्मच लाजवंती के साथ लेने से प्रदर व रक्त प्रदर (Metrorrhagia) की समस्याओं का नाश होता है-

6- गर्मियों में ऊष्मा जन्यरोग होना आम बात है प्रचंड गर्मियों के दिनों में पित्त प्रकृति वाले लोगों को बहुत तकलीफ होती है अक्सर बाहर काम करने वाले लोगो तथा बच्चों के शरीर से गर्मी की वजह से जलांश कम हो जाता है जिससे डिहाइड्रेशन (Dehydration) सिर दर्द, चक्कर, उल्टी, उष्माघात (Sunstroke) जैसे गंभीर समस्याएं हो सकती हैं इन समस्याओं के निवारण के लिए चंदन (Sandalwood) का शरबत बेहद उपयोगी है गर्मियों में होने वाली समस्याएं तथा मुत्रविकार, किडनी संबंधित समस्याएं, दाह जलन, शोष तथा सूजन जैसी समस्याओं में भी फायदा होता है-

7- चंदन का शरबत बनाने के लिए रात को मिट्टी के बर्तन में एक गिलास पानी में आधा चम्मच चंदन का बुरादा तथा आधा चम्मच खास के चूर्ण को भिगो दें सुबह इस मिश्रण को हाथों से अच्छी तरह सान लें या मिक्सर में एक बार घुमा ले फिर उसको छानकर उसमें एक चम्मच मिश्री मिलाकर पिए-

चंदन के अनुभूत औषधीय प्रयोग

8- यह शरबत पीने से शरीर की उष्णता कम होती है तथा तृषा मिटती, डिहाइड्रेशन (Dehydration) की वजह से शरीर को होने वाली हानि की क्षतिपूर्ति होती है तथा गर्मियों में गर्मी के दुष्प्रभाव से राहत मिलती है-
प्रस्तुती- Chetna Kanchan Bhagat-Mumbai

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