1 फ़रवरी 2018

गुलाब के औषधीय गुण लाभ तथा प्रयोग

Benefits and Medicinal Properties of Rose


हिंदी में आयुर्वेद उपचार-Ayurveda treatment in Hindi


कहते हैं मनुष्य परमात्मा की श्रेष्ठतम कृति है और इसी कृति का श्रेष्ठत्व, सौंदर्य, स्वास्थ्य तथा मानसिक स्वास्थ्य बढ़ाने के लिए व बनाए रखने के लिए परमात्मा ने एक और सुंदरतम कृति बनाई जिसे हम फुल या पुष्प कहते हैं जब भी हम फूलों के बारे में कुछ कहते या सुनते हैं तो अनायास ही हमारे आंखों के सामने गुलाब का फूल (Rose) आता है गुलाब की सुगंध हमारे मन-मस्तिष्क में इतनी रच बस गई है कि जब भी फूलों का उल्लेख आता है गुलाब की सुगंध हमारी मस्तिष्क की स्मृति पर छाने लगती है-

गुलाब के औषधीय गुण लाभ तथा प्रयोग

गुलाब (Rose) की इतनी लोकप्रियता तथा इतने सशक्त प्रभाव के चलते गुलाब को फूलों का राजा कहा जाता है इस लेख में हम आपको गुलाब के औषधीय गुण, लाभ तथा उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी देंगे-

कहते हैं गुलाब (Rose) का उद्गम स्थान प्राचीन पर्शिया है याने गुलाब मूल रूप से भारतीय नहीं है इसीलिए आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथ चरक संहिता या सुश्रुत संहिता में कहीं भी गुलाब का उल्लेख स्पष्ट रुप से नहीं मिलता है लेकिन मध्यकालीन ग्रंथों में गुलाब के उपयोग या उल्लेख मिलते हैं-

आजकल बंगाल, पटना, गाजीपुर, कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में गुलाबों (Rose) की खेती होती है गुलाब पचने में हल्का,स्निग्ध, शीतल, मधुर, कषाय, रेचक तथा त्रिदोष शामक माना जाता है-

गुलाब (Rose) हृदया यानी ह्रदय को प्रिय तथा ह्रदय के लिए हितकारी, भूख तथा रुचि बढ़ाने वाला, पाचन बढ़ाने वाला, मल को नरम करने वाला, मस्तिष्क को शांत करने वाला, त्वचा की रंगत को निखारने वाला, दाह तथा जलन को शमन करने वाला दुर्गंधी नाशक, बाजी कर तथा सूजन कम करने वाला, चर्म रोगों में उपकारी माना गया है-

गुलाब (Rose) मुख तथा शरीर की दुर्गंध दूर करने वाला, पाचन तंत्र के रोगों को मिटाने वाला, रक्त की उष्णता को कम करके रक्त में मिले हुए विषाक्त तत्वों को दूर करने वाला, मुंह के छाले तथा रक्त पित्त को कम करने वाला माना गया है-

गुलाब के औषधीय गुण लाभ तथा प्रयोग

आयुर्वेद के साथ साथ यूनानी चिकित्सा पद्धति में गुलाब (Rose) का प्रयोग बहुताय प्रमाण में होता है यूनानी हकीमों के मतानुसार गुलाब का फूल ह्रदय को बल देने वाला, उच्च रक्तचाप को कम करने वाला, गर्मी से होने वाली परेशानियां दूर करने वाला, सिर दर्द मिटाने वाला, घबराहट, बेचैनी तथा उदासी को दूर करने वाला, आंतरिक व बाहरी दाह मिटाने वाला तथा त्वचा रोगों गुणकारी है-


गुलाब (Rose) के औषधीय गुण लाभ तथा प्रयोग-


1- औषधि निर्माण में गुलाब जल (Rose Water) से औषधियों को शुद्ध किया जाता है कुछ एक योगो में गुलाब जल की या गुलाब के अर्थ की भावना देकर औषधियों के गुण बढाए जाते हैं-

2- गुलाब से बनने वाला गुलकंद (Gulkand) आयुर्वेद की एक लोकप्रिय व प्रसिद्ध औषधि है जो आजकल घर घर में उपयोग की जाती है स्वास्थ्य के साथ-साथ ही गुलाब सौंदर्य वर्धन के लिए भी उपयोगी है आजकल बाजार में कई फेस पैक, क्रीम, स्क्रब, जेल जैसे कॉस्मेटिक उत्पादनों में गुलाब के अर्क तथा गुलाब की पंखुड़ियों का उपयोग किया जाता है इसके साथ-साथ ही गुलाब का तेल (Rose oil) अरोमाथेरेपी में भी उपयोग किया जाता है-

3- सौंदर्य प्रसाधनों के साथ-साथ इत्र तथा साबुन (Soap) में भी गुलाब की सुगंध का उपयोग किया जाता है इस तरह गुलाब स्वास्थ्य सौंदर्य तथा मानसिक स्वास्थ्य बढ़ाने में भी बेहद उपयोगी है-

4- सिर्फ औषधीय तौर पर ही नहीं लेकिन भोजन में भी गुलाब (Rose) को विविध मिष्ठान बनाकर खाया जाता है सौराष्ट्र में जहां पर गर्मी बहुत रहती है तथा लोगों को पित्त प्रकोप, एसिडिटी जैसी समस्याएं रहती है वहां पर ताजे गुलाब की पंखुड़ियों में से हलवा बनाकर उसे मेवे व मावे के साथ मिलाकर खाया जाता है जिसे गुलाब पाक कहा जाता है यह गुलाब पाक पित्त को शांत करने वाला, पित्ताशय की गड़बड़ियों को मिटाने वाला, पचन संस्था की गड़बड़ियों को मिटाने वाला, पेट के छाले (Ulcers) मिटाने वाला, एसिडिटी (acidity) कम करने वाला तथा शरीर को ठंडक देने वाला माना गया है-

5- गुलाब (Rose) में से बनने वाला गुलाब का इत्र मन को प्रसन्न रखने वाला तथा रक्तचाप (Blood Pressure) को नियंत्रित रखने वाला माना गया है इसीलिए गुलाब के इत्र को रूई के फाहे में कान में लगाने का प्रचलन है-

6- गुलाब (Rose) को स्त्रिया बालों में लगाती है जो उनकी सुंदरता में चार चांद तो लगाता ही है साथ-साथ ही उनके मस्तिष्क को शांत रखता है तथा रक्तचाप को सुचारु रखता है वही पुरुषों में अपने कोट में गुलाब लगाने का प्रचलन है कोट में गुलाब लगाने से मन में उत्साह रहता है तथा ह्रदय को बल मिलता है जब कोई बड़ी हस्तियां या नेता अपनी कोट में गुलाब का फूल रखता है तब लाखों लोगों को उद्बोधन करते समय होने वाली घबराहट (Anxity) अपने आप कम हो जाती है-

7- इस तरह स्वास्थ्य-सौंदर्य तथा भावनात्मक स्वास्थ्य के गुणों से भरपूर गुलाब हमारे जीवन का अविभाज्य अंग है इसीलिए गीत कविता व गजलों में गुलाब का उल्लेख है कहावतो में भी गुलाब का उल्लेख है गुलाब पर से लोगों के नाम भी रखे जाते हैं-

8-  एक तरह गुलाब औषधि तथा सौंदर्य वर्धन जैसे गुणों से भरपूर है गुलाब के दर्शन व विनियम मात्र से शुभंकर भावनाओं का आदान-प्रदान होता है गुलाब (Rose) की सुगंध व रंग मनुष्य के मन हृदय एवं मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव छोड़ते हैं-

9- पाश्चात्य देशों में खाने की मेज पर गुलदस्ते में गुलाब रखने का प्रचलन है माना जाता है कि इससे भोजन जल्दी पच जाता है जब बिमारों का हाल पूछने जाया जाता है तब उन्हें भेंट स्वरूप गुलाब दिए जाते हैं कहा जाता है कि इस प्रकार गुलाब का विनियम करने से बीमार व्यक्ति के पास शुभंकर व स्वास्थ्यकर भावनाएं पहुंचती है तथा उन्हें जल्द ही स्वास्थ्य लाभ होता हैं-

10- देवी देवताओं को भी गुलाब (Rose) अर्पण किया जाता है जो हमारी श्रद्धा का प्रतीक है प्रिय व्यक्ति को गुलाब देकर प्यार का इजहार किया जाता है तो छोटे नौनिहालों को गुलाब की उपमा देकर उनके सौंदर्य, कोमलता तथा मासूमियत को इंगित किया जाता है इस प्रकार गुलाब का मनुष्य जीवन में बहुत बृहद योगदान है- 

11- इस तरह गुलाब  प्रेम, करुणा, स्वास्थ्य-सौंदर्य, श्रद्धा आदर, सन्मान व सामाजिक प्रेम का प्रतीक है-

12- इस लेखन माला में हम आपको गुलाब के गुण लाभ व प्रयोग, गुलाब के घरेलू प्रयोग, गुलाब के अनुभूत औषधीय प्रयोग, गुलाब के आयुर्वेदिक औषधीय प्रयोग, गुलाब के सौंदर्यवर्धक प्रयोग,  गुलकंद के लाभ व विधि, गुलाब जल के लाभ व विधि तथा गुलाब की चाय पीने के लाभ जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी देंगे-

प्रस्तुती- Chetna Kanchan Bhagat-Mumbai

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