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17 फ़रवरी 2018

पारद शिवलिंग की पूजन विधि और लाभ-Pooja Method and Benefits of Parad Shivling


पारद (Mercury) को रसराज कहा जाता है पारद शिवलिंग (Mercury Shivling) साक्षात भगवान शिव का ही रूप है इसलिए इसकी पूजा विधि-विधान से करने से कई गुना फल प्राप्त होता है तथा हर मनोकामना पूरी होती है घर में पारद शिवलिंग सौभाग्य, शान्ति, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के लिए अत्यधिक सौभाग्यशाली है-

पारद शिवलिंग की पूजन विधि और लाभ-Pooja Method and Benefits of Parad Shivling

पारद से बने शिवलिंग की पूजा करने से बिगड़े काम भी बन जाते हैं पारद शिवलिंग (Parad Shivling) का मात्र दर्शन ही सौभाग्यशाली होता है इसके लिए किसी प्राणप्रतिष्ठा की आवश्कता नहीं हैं पर इसके ज्यादा लाभ उठाने के लिए विधिवत शास्त्रोक्त पूजन किया जाना चाहिए-

पारद शिवलिंग की पूजन विधि और लाभ-Pooja Method and Benefits of Parad Shivling

पारद शिवलिंग (Parad Shivling) पूजन की विधि-


सर्वप्रथम पारद शिवलिंग (Parad Shivling) को सफेद कपड़े पर आसन पर रखें फिर आप स्वयं पूर्व-उत्तर दिशा की ओर मुँह करके बैठ जाए तथा अपने आसपास जल, गंगाजल, रोली, मोली, चावल, दूध और हल्दी, चन्दन रख लें-

सबसे पहले पारद शिवलिंग  (Parad Shivling) के दाहिनी तरफ दीपक जला कर रक्खें अब आपको थोडा सा जल हाथ में लेकर तीन बार निम्न मन्त्र का उच्चारण करके पीना है-

प्रथम बार ॐ मुत्युभजाय नम:
दूसरी बार ॐ नीलकण्ठाय: नम:
तीसरी बार ॐ रूद्राय नम:
चौथी बार ॐ शिवाय नम: (इस मन्त्र से बायीं ओर हाथ धो कर जल छोड़े)

अब आप हाथ में फूल और चावल लेकर शिवजी का ध्यान करें और मन में ''ॐ नम: शिवाय" का 5 बार स्मरण करें और चावल और फूल को शिवलिंग पर चढ़ा दें-इसके बाद "ॐ नम: शिवाय" का निरन्तर उच्चारण करते रहे-फिर हाथ में चावल और पुष्प लेकर ''ॐ पार्वत्यै नम:" मंत्र का उच्चारण कर माता पार्वती का ध्यान कर चावल पारा शिवलिंग पर चढ़ा दें-इसके बाद "ॐ नम: शिवाय" का निरन्तर उच्चारण करें-फिर आप मोली को और इसके बाद जनेऊ को पारद शिवलिंग पर चढ़ा दें-इसके पश्चात हल्दी और चन्दन का तिलक लगा दे-अब आप चावल अर्पण करे इसके बाद पुष्प चढ़ा दें तथा किसी मीठे का भोग लगा दे-

तत्पश्चात आप भांग, धतूरा और बेलपत्र शिवलिंग पर चढ़ा दें-फिर अन्तिम में शिव की आरती करे और प्रसाद आदि ले लें-जो व्यक्ति इस प्रकार से पारद शिवलिंग का पूजन करता है इसे शिव की कृपा से सुख समृद्धि आदि की प्राप्ति होती है-

पारद शिवलिंग पूजा से लाभ-


1- पारद शिवलिंग घर में स्थापित करने से भी निम्न कई लाभ हैं-अगर आप उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं हृदय रोग से परेशान हैं, या फिर अस्थमा, डायबिटीज जैसी जानलेवा बीमारियों से ग्रसित हैं तो आपको पारद से बना मणिबंध जिसे कि ब्रेसलेट भी कहते हैं-अच्छे शुभ मुहूर्त में पहननी चाहिए-ऐसा करने से आपकी बीमारियों में सुधार तो होगा ही आप शान्ति भी महसूस करेंगे और रोगमुक्त भी हो जाएंगे-

2- पारद शिवलिंग सभी प्रकार के तन्त्र प्रयोगों को काट देता है-

3- पारद शिवलिंग जहां स्थापित होता है उसके 100 फ़ीट के दायरे में उसका प्रभाव होता है इस प्रभाव से परिवार में शांति और स्वास्थ्य प्राप्ति होती है-

4- पारद शिवलिंग शुद्ध होना चाहिये, हस्त निर्मित होना चाहिये, स्वर्ण ग्रास से युक्त होना चाहिये उस पर फ़णयुक्त नाग होना चाहिये और कम से कम सवा किलो का होना चाहिये-

5- य़दि बहुत प्रचण्ड तान्त्रिक प्रयोग या अकाल मृत्यु या वाहन दुर्घटना योग हो तो ऐसा शुद्ध पारद शिवलिंग उसे अपने ऊपर ले लेता है ऐसी स्थिति में यह अपने आप टूट जाता है और पूजा करने वाले की रक्षा करता है-

6- पारद शिवलिंग की स्थापना करके साधना करने पर स्वतः साधक की रक्षा होती रहती है विशेष रूप से महाविद्या और काली साधकों को इसे अवश्य स्थापित करना चाहिये-

7- पारद शिवलिंग को घर में रखने से सभी प्रकार के वास्तु दोष स्वत: ही दूर हो जाते हैं साथ ही घर का वातावरण भी शुद्ध होता है-

8- पारद शिवलिंग साक्षात भगवान शिव का स्वरूप माना गया है इसलिए इसे घर में स्थापित कर प्रतिदिन पूजन करने से किसी भी प्रकार के तंत्र का असर घर में नहीं होता और न ही साधक पर किसी तंत्र क्रिया का प्रभाव पड़ता है-

9- यदि किसी को पितृ दोष हो तो उसे प्रतिदिन पारद शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए-इससे पितृ दोष समाप्त हो जाता है-

10- अगर घर का कोई सदस्य बीमार हो जाए तो उसे पारद शिवलिंग पर अभिषेक किया हुआ पानी पिलाने से वह ठीक होने लगता है-

11- पारद शिवलिंग की साधना से विवाह बाधा भी दूर होती है-

12- दुकान, ऑफिस व फैक्टरी में व्यापारी को बढाऩे के लिए पारद शिवलिंग (Parad Shivling) का पूजन एक अचूक उपाय है-
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