15 फ़रवरी 2018

मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए लाभदायक रोटी

Beneficial Roti to Control Diabetes


आजकल डायबिटीज (Diabetes) या मधुमेह या शुगर का रोग बेहद आम हो गया है बच्चे और युवा भी अब इस रोग की चपेट में आ गए है यह रोग एक छुपे दुश्मन की तरह शरीर को लगातार व धीरे-धीरे गंभीर नुकसान पहुंचाता है यह रोग की विशेष बात यह है कि लंबे समय तक रोगी को यह रोग होने की जानकारी भी नहीं होती है और जब बहुत देर हो जाती हैं तब इसकी चिकित्सा शुरू की जाती है इसी वजह से इस रोग से मुक्ति पाना मुश्किल माना जाता है- 

आज के अधिकतर डॉक्टर इस रोग को लगभग असाध्य ही घोषित कर चुके हैं तथा रोगी को जीवन भर दवा, इंसुलिन (Insuline) का इंजेक्शन तथा परहेज बता कर अपने हाल पर छोड़ दिया करते हैं लेकिन समय से दवा खाने व परहेज करने के बावजूद भी जब यह रोग ठीक नहीं होता या शर्करा की मात्रा संतुलित नहीं होती तब रोगी बेहाल होता है तब मजबूरन उसे आयुर्वेद तथा प्राकृतिक चिकित्सा की शरण में जाना पड़ता है और यकीन मानिए प्राकृतिक चिकित्सा कभी भी किसी को भी रोगी को निराश नहीं करती है-

मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए लाभदायक रोटी

आयुर्वेद की दृष्टि से डायबिटीज (Diabetes) कमजोर पाचन शक्ति या मंदाग्नि की वजह से होने वाले रोगों में से एक है मधुमेह आयुर्वेद की दृष्टि से वात दोषज का प्रमेह का एक प्रकार है-

मधुमेह (Diabetes)  के लिए एलोपैथी में प्रतिदिन दवाइयां लेनी पड़ती है जिसके बहुत से दुष्परिणाम देखने को मिलते हैं जैसे भूख की कमी, एलर्जी, कमजोर पाचन शक्ति, थकान, मांसपेशियों का ढीलापन हाइपोग्लाइसीमिया, तथा लिवर व किडनी का धीरे-धीरे कमजोर होना इन सबके बावजूद भी प्रतिदिन दवाई लेने से भी शुगर की मात्रा कम होती नहीं मालूम पड़ती अगर पैथोलॉजी रिपोर्ट में शुगर कम भी आ जाए फिर भी शरीर में बीमारी के लक्षण बने ही रहते हैं व रोगी इन सब चीजों से डरा हुआ, घबराया हुआ तथा उदासीन रहने लगता है-

भोजन जो हमारी मूलभूत आवश्यकता है तथा एक तरह से पोषण का मुख्य स्त्रोत है वही लेने से या खाने से रोगी डरने लगता है छोटे बच्चों में जब शुगर की तकलीफ होती है तब उन्हें दवाइयां तथा परहेज करवाना अभिभावकों के लिए बेहद कठिन काम होता है-

आज हम आपको डायबिटीज (Diabetes) या शुगर के लिए किस तरह की रोटी खाई जाए यह बताएंगे यह रोटी खाने से शरीर में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ने का डर नहीं रहता है यह रोटी खाने से मधुमेह (Diabetes) की रोकथाम (Prevention) होती है शरीर को उचित पोषण मिलता है तथा इंसुलिन (Insuline) लेने की जरूरत भी नहीं पड़ती है और ना ही हमारे जीवन शैली या भोजन शैली में कोई बदलाव या स्वाद के साथ कोई समझौता करना पड़ता है-

आगे हम देखेंगे डायबिटीज (Diabetes)  के लिए किस तरह आटा बनाया जाए, किस तरह आटा गूंधा जाए तथा इस तरह रोटी बनाई जाए-

डायबिटीज (Diabetes) के लिए आटा बनाने की विधि-


गेहू- 700 ग्राम 
भुने हुए साबुत देशी चने- 200 ग्राम 
जौ- 50 ग्राम 
साबुत मेथी दाना- 50 ग्राम 

इन सब को अलग-अलग भूनकर ठंडा होने पर मिलाएं तथा इसका थोड़ा मोटा आटा पिसवा लीजिए याद रहे आटा गूंथते समय आटे को छानना नही है याने चोकर निकाले बिना ही गूंथना है-

आंटे को कैसे गूँधे-


जरूरत के हिसाब से आटे को लेकर उसमें थोड़ा सेंधा नमक तथा गाय का घी डालें उसमें एक चम्मच भुनी हुई अलसी का चूर्ण डालें अब इसे अच्छे से मिला कर थोड़ा सा पानी मिलाकर  कड़क आटा गूंध लें- 

आटा गूंध जाने पर आटे का गोला या पिंड बना ले उस पर तेल या घी की एक परत लगाएं फिर इसे बड़े पतीलें या कढ़ाई में पानी में डुबो दे पानी की मात्रा इतनी होनी चाहिए कि आटे का गोला पूरी तरह से उसमें डूब जाए आधे घंटे ऐसे ही रहने दें आधे घंटे बाद पानी से निकलकर इसे बहुत अच्छे से वापस गूंध ले तथा इसकी रोटियां बना ले यह रोटियां खाने में खस्ता व स्वादिष्ट लगती है-

डायबिटीज (Diabetes) आटे से बनी रोटी खाने के लाभ-


मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए लाभदायक रोटी

इस आटे में पाचन तंत्र तथा लीवर को की कार्यक्षमता बढ़ाने वाले अन्न औषधि मिलाए हुए हैं इससे शरीर को पोषण मिलने के साथ-साथ चयापचय की क्रिया सुचारू होती है आटे को या अनाज को भूनने की वजह से इस रोटी का शीघ्र पाचन होकर इसका तुरंत ऊर्जा में परिवर्तन हो जाता है जिससे रोगी को डायबिटीज (Diabetes) की वजह से होने वाली थकन, कमजोरी से राहत मिलती हें, कमजोर यादशक्ति, मांसपेशियों की कमजोरी, बदन दर्द, आंखों की कमजोरी, बालों का झड़ना जैसी तकलीफे कम होती है इस आटे से लिवर लिवर की कार्य क्षमता बढ़ती है किडनी की कार्यक्षमता बढ़ने से शरीर से विषैले तत्वों का उत्सर्जन होने लगता है जिससे त्वचा एलर्जी, खुजली, सूजन जैसी समस्या में भी राहत मिलती है योग्य पोषण मिलने की वजह से शरीर में चुस्ती फुर्ती तथा मन में उत्साह व ताजगी बनी रहती हैं-

इस तरह भून कर तथा पानी में भिगोकर आटा गूंध कर रोटी बनाने की वजह से इसमें रहे हुए कार्बोहाइड्रेट अच्छे से पाचन हो जाने से यह रोटी खाने से चर्बी नहीं बनती है और ना ही शरीर में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ने का डर रहता है इस आटे से आप रोटी या अन्य कोई व्यंजन भी बनाए और खाए तो इससे मधुमेह नियंत्रित होगा इंसुलिन या अन्य दवाइयों की जरूरत नहीं पड़ेगी और अगर ले रहे हो तो धीरे-धीरे दवाई की मात्रा कम होती जाएगी-

प्रस्तुती- Chetna Kanchan Bhagat-Mumbai

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