10 फ़रवरी 2018

गुलाब की चाय के औषधीय लाभ व विधि

Preparation Method of Rose Tea and its Health Benefits


हिंदी में आयुर्वेद उपचार-Ayurveda treatment in Hindi


पिछले लेखों में क्रमशः हमने गुलाब के गुण लाभ व औषधीय प्रयोग, गुलाब के घरेलू औषधीय प्रयोग, गुलाब के अनुभूत औषधीय प्रयोग,  गुलाब के आयुर्वेदिक औषधीय प्रयोग तथा गुलाब अर्क या गुलाब जल बनाने की विधि, गुण, लाभ तथा उपयोग, गुलाब के सौंदर्यवर्धक प्रयोग तथा गुलकंद के औषधीय गुण, उपयोग तथा गुलकंद बनाने की विधि के बारे में विस्तार से जानकारी ली अब इस लेखन माला की आठवी कड़ी के अंतर्गत हम आपको गुलाब की चाय (Rose tea) के औषधीय लाभ व विधि बारे में विस्तृत जानकारी देंगे-

गुलाब की चाय के औषधीय लाभ व विधि

जैसा कि पिछले लेखों में हमने देखा कि गुलाब एक सुगंधित पौष्टिक तथा औषधीय गुणों से भरपूर पुष्प है जो हम में स्वास्थ्य व सौंदर्य दोनों की वृद्धि करता है गुलाब से बनने वाले गुलाब जल तथा गुलकंद जैसे औषधि योग घर घर में प्रचलित है-

आजकल विदेशों में गुलाब की पंखुड़ियों से बनने वाली चाय रोज टी (Rose tea) के नाम से बेहद लोकप्रिय तथा प्रचलित हो रही है कई बड़े-बड़े होटल तथा हर्बल गार्डन स्पा अपने मेहमानों का स्वागत यही चाय देकर करते हैं कितने ही ऑर्गेनिक स्टोर्स में गुलाब की पंखुड़ियां सुखाकर बनाया हुआ टी पाउडर उपलब्ध है तथा कई रेस्टोरेंट में रिफ्रेशिंग ड्रिंक्स के तौर पर गुलाब की चाय को अपने मेनू में स्थान दिया गया है-

गुलाब की चाय (Rose tea) विटामिन तथा एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर है यह शरीर में डिटॉक्सिफिकेशन याने शरीर के विषैले तत्वों को पसीने तथा मूत्र द्वारा निकालने का कार्य बेहद उत्तम तरीके से करती हैं इसीलिए यह चाय पीने से हमें ढेरों स्वास्थ्यवर्धक तथा सौंदर्यवर्धक लाभ मिल सकते हैं-आज इस लेख में हम आपको गुलाब की चाय बनाने की विधियां तथा उनके लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे-

गुलाब की चाय (Rose tea) बनाने की विधियां-


गुलाब की चाय (Rose tea) गुलाब की पंखुड़ियों से बनाई जाती है इसके लिए अच्छे देसी गुलाब की पंखुड़ियों को अलग करके साफ करके उपयोग में लें अगर ताजे गुलाब या पंखुड़ियां उपलब्ध ना हो तो आप गुलाब की पंखुड़ियों को अच्छे से साफ करके छाया में सुखाकर इसकी सूखी हुई पत्तियों की भी चाय बना सकते हैं एक कप चाय बनाने के लिए दो गुलाब के फूल की पंखुड़ियां पर्याप्त है अगर सुखी पंखुड़ियां लेना चाहे तो दो बड़े चम्मच की पंखुड़ियां एक कप चाय के लिए पर्याप्त है-

गुलाब की चाय बनाने की विधि-


गुलाब की पंखुड़ियां- 50 ग्राम
दालचीनी का टुकडा- एक इंच 
गुड या मिश्री- एक चम्मच
गुलाब की पंखुड़ियां को डेढ़ से दो कप पानी में डालकर मंद आंच पर उबाले जब पानी आधा रह जाए तब इसे इसमें एक चम्मच मिश्री या एक चम्मच गुड मिलाएं तथा छानकर पिए-

गुलाब की सुगर फ्री चाय-


बनाने की विधि-


गुलाब की पंखुड़ियां- 50 ग्राम 
छोटी इलायची- चार पीस
पानी- दो कप 
शहद या स्टीविया की पत्तियां- एक छोटी चम्मच

दो कप पानी में गुलाब की पंखुड़ियां तथा छोटी इलायची व स्टीविया डालकर मंद आंच पर उबालें जब पानी आधा बचे तब इसे छान ले अगर स्टीविया ना डाली हो तो उबालकर छान ने के बाद चाय में एक चम्मच शहद मिलाकर पिए-

गुलाब की चाय (Rose tea) के औषधीय लाभ-


1- गुलाब की चाय (Rose tea) एंटीसेप्टिक (Antiseptic) गुणों से भरपूर है इसीलिए त्वचा विकार तथा कील मुहासों में बेहद लाभदायक है गर्मी की वजह से या प्रदूषण की वजह से त्वचा पर कील मुंहासे या फोड़े फुंसियां हो रही हो या शरीर के घाव जल्दी ना भर रहे हो, तो गुलाब की चाय नियमित पीने से यह समस्या दूर हो जाती है तथा त्वचा की रंगत भी निखरती है-

गुलाब की चाय के औषधीय लाभ व विधि

2- गुलाब की चाय उत्तमएंटी फंगल (Antifungal) भी हैं आज कल नमी तथा प्रदूषण की वजह से त्वचा पर फंगल इन्फेक्शन (Fungal Infection) होना जैसी तकलीफ बहुत बढ़ गई है इन तकलीफों में प्रतिदिन गुलाब की चाय पीने से त्वचा पर होने वाले फंगल इन्फेक्शन जैसे सिर में खुजली आना, सिर की त्वचा की पपड़ी जमना तथा बाल झड़ना, त्वचा पर खुजली तथा चक्कते आना जैसी समस्याओ में बेहद लाभ मिलता है-

3- गुलाब की चाय उत्तम रेचक (Laxative) भी है जिन लोगों को नियमित कब्ज (Constipation) की समस्या सताती हो ऐसे लोगों ने रात को सोने से पहले यह चाय पीने से कब्ज की समस्या दूर होती है तथा आंतों का कडापन व आंतरिक गर्मी भी दूर होती हैं-

4- गुलाब की चाय उत्तम पाचक (Digestive) भी है यह खाया हुआ भोजन को अच्छे से पचाने में मदद करती है तथा पाचन संस्था को सुचारू करती है यह मेटाबोलिक रेट (Metabolic rate) भी बढ़ाती है इसी वजह से जिनको वजन कम करना हो उन लोगों ने यह चाय नियमित रूप से प्रतिदिन पीनी बेहद लाभकारक है-

5- गुलाब की चाय उत्तम मूत्रवर्धक (Diuretic) औषधि भी है इसी वजह से जिनको मूत्र संबंधित तकलीफे हो कष्टमूत्र तथा मूत्र विसर्जन के समय जलन होती हो, लाल रंग का मूत्र आता हो या कम मात्रा में मूत्र आता हो तथा मूत्र की रुकावट से शरीर में पानी की मात्रा बढ़ने से सूजन बढ़ गई हो ऐसे लोगों ने नियमित गुलाब की चाय पीने से मूत्र खुलकर आने लगता है तथा धीरे-धीरे शरीर की सूजन व भारीपन कम होने लगता है-

6- गुलाब की चाय उत्तम तनाव नाशक (Antidepressant) भी है जिन लोगों को मानसिक अवसाद, मानसिक थकावट, अनिंद्रा, बेचैनी (Anxity) तथा भावनात्मक ब्लॉकेज की वजह से जीवन में उदासीनता व नीरसता तथा आलस्य या सुस्ती आ गई हो ऐसे लोगो ने यह चाय पिने से मानसिक तनाव (Mental stress) कम होता हैं हर्दय को बल मिलता हैं, मन तथा शरीर में तरावट व ताजगी (Freshness) आती हैं तथा उत्साह भी बढ़ता हैं-

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