1 फ़रवरी 2018

गुलाब के अनुभूत औषधीय प्रयोग

Therapeutic and Medicinal Uses of Rose


हिंदी में आयुर्वेद उपचार-Ayurveda treatment in Hindi


पिछले लेख में हमने क्रमशः पढा गुलाब के गुण लाभ व औषधीय प्रयोग तथा दूसरे लेख में हमने पढ़ा गुलाब के घरेलू औषधीय प्रयोग इस लेख में हम आपको गुलाब (Rose) के अनुभूत औषधीय प्रयोग बताएंगे जो प्रयोग करने में बेहद आसान है तथा अनुभूत होने के साथ-साथ बेहद कारगर भी है इसे आप घर में ही प्रयोग कर कर स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं-

गुलाब के अनुभूत औषधीय प्रयोग

गुलाब (Rose) के अनुभूत औषधीय प्रयोग-


ह्रदय रोग (Heart Disease)-


गुलाब अर्क (Rose water)  के 125 ml में 50 ml  केवड़े का अर्क तथा 60ml पानी मिला लीजिए अब उसमें 20 ग्राम हरे रंग की किशमिश डालकर बर्तन को चांदनी रात में स्वच्छ जगह रात भर रख दें प्रात काल उन किशमिश को सिंक या चम्मच से उठाकर चबा चबा कर खाएं तथा खाने के बाद बचा हुआ पानी पी ले-

प्रतिदिन यह प्रयोग करने से दिल की अनियमित धड़कन, दुर्बलता, ह्रदय रोग (Heart disease) स्ट्रेस, अवसाद तथा घबराहट जैसी शिकायतें दूर होती हैं यह प्रयोग ह्रदय को बल देने वाला तथा पुष्टि देने वाला है-

उष्माघात (Heat Stroke)


गुलाब की पंखुड़ियां (Rose Petals), छोटी इलायची, धनिया, चंदन, पोस्तादाना इन सबको मिलाकर 15 ग्राम ले अब 300 ml पानी में उबालकर पानी आधा बचे तब छानकर मिश्री मिलाकर पिए इस प्रयोग से पित्त, उष्माघात (Heat stroke) चक्कर, डिहाइड्रेशन, जैसी समस्याओं में त्वरित लाभ मिलता है-

आंखों की पलक (Eyelid)-


आंखों की पलक के अंदर छोटे छोटे दाने या फुंसियां (Boils) निकलती है जो चुभती है तथा दर्द भी देती है जिसकी वजह से आंखें हमेशा लाल रहती है और आंखों से पानी बहता रहता है आंखों में खुजली आती है वो आंखे मलने से पलके झड़ने लगती है इस समस्या पर गुलाब का अर्क 10 ग्राम, रसौत 10 ग्राम, फिटकरी 3 ग्राम, हल्दी 3 ग्राम इन सभी चीजों को रात को बर्तन में भिगो दें सुबह इसे खूब मसलकर छान लें तथा शीशी में भर लें-

दिन में पांच छह बार ड्रॉपर से 2-3 बूंदे आंखों में डालने से आंखों के रोहें ठीक हो जाते हैं आंखों को ठंडक मिलती है तथा आंखों की जलन सूजन में भी राहत मिलती है-

हैजा (Cholera) रोग-


गुलाब के फूल (Rose flower), कासनी, इलायची के बीज तथा धनिया भी समान भाग लेकर इनका क्वाथ बनाकर मिश्री डालकर पीने से हैजा (cholera) रोग में राहत मिलती है-

आंखों की लाली (Eye Blush)-


50 ग्राम गुलाबजल (Rosewater) में एक मध्यम आकार की हल्दी की गांठ कूटकर भिगो दें सुबह छानकर शीशी में भर लें-यह दवा आपकी आंखों की लाली वह गर्मी में बेहद उपयोगी है-

शीघ्रपतन (Premature Ejaculation)


गुलाब के फूल (Rose flower), ईसबगोल की भूसी, काहू के बीज, कासनी के बीज, धनिया के बीज नीलोफर के फूल, वंशलोचन तथा अनार के फूल समभाग लेकर इसका 5 ग्राम चूर्ण रात को शीतल जल के साथ फांकने से शीघ्रपतन (Premature ejaculation) की समस्या दूर होती है-

नयनामृत (Eye Nectar)-


गुलाब के अर्क (Rosewater) 100 ml में फिटकरी का चूर्ण 10 ग्राम मिलाकर घोल बना लें इसके नियमित उपयोग से नेत्रों का दुखना, नेत्र में चोट लगना, पानी आना, नेत्रों की लाली (Redness) जैसी समस्या में आराम मिलता है-

सुख विरेचन चूर्ण (Happiness Radiation Powder)-


गुलाब के फूल (Rose flower) 3 तोला, सौफ 3 तोला, निशोध 6 तोला, भुना हुआ काला दाना 6 तोला, सनाय की भुनी हुई पत्तियां 6 तोला, हरड़ का छिलका 2 तोला सबको मिलाकर कूटकर बारीक चूर्ण बना लें-

रात को एक चम्मच चूर्ण गुनगुने पानी से लेने से पेट साफ होता है पेट की गर्मी निकलती है आंतों के रोगों में राहत मिलती है कब्ज (constipation) गैस तथा पाइल्स की बीमारी मिटती है-

दांतों के विकार (Dental Disorders)-


कमजोर मसूड़ों को मजबूत करने के लिए दांतों के विकार खत्म करने के लिए पायरीया (Pyorrhoea) जैसे रोग दूर करने के लिए तथा मुख की दुर्गंध को दूर करने के लिए देसी गुलाब की पंखुड़ियां चबानी चाहिए इससे मुंह की दुर्गंध दूर होती है साथ में सांसों की दुर्गंध भी ठीक होती है तथा मुख के छाले (MouthUlcers) भी दूर होते हैं-

दिल की धड़कन (Heartbeat)-


गुलाब के अनुभूत औषधीय प्रयोग

यदि दिल की धड़कन बढ़ गई हो, तेज हो गई हो, बेचैनी, घबराहट (Anxiety) या रक्तचाप बढ़ गया हो ऐसी तकलीफों में देसी गुलाब की पंखुड़ियां निकालकर धीरे-धीरे चबाए-

यह प्रयोग सुबह 7 से 9 के बिच में अवश्य करना चाहिए इस प्रयोग से हृदय संबंधित तकलीफें, बेचैनी, घबराहट, उदासीनता (Apathy), अवसाद (Depression) तथा हृदय की दुर्बलता दूर होती है-

बच्चों में पेट दर्द (Stomach Ache)-


गुलाब का अर्क (Rose Extracts), आंक का अर्क, सौफ का अर्क तथा पुदीने के अर्थ की चार-चार बूंदे मिलाकर बच्चे को पिलाने से बच्चों के होने वाले पेट दर्द व मरोड़ (Griping) में लाभ होता है-

पागलपन या मानसिक उन्माद (Madness)-


15 ग्राम गुलाब के फूल, 15 ग्राम अनार के पत्ते, 50 ग्राम पानी में उबालें चौथाई रहने पर छानकर 20 ग्राम देशी घी मिलाकर पिएं इससे क्रोध, पागलपन, अवसाद व मानसिक उन्माद के दौरे में राहत मिलती है-

लिवर टॉनिक (Liver tonic)


जामुन का रस, शहद, आंवला रस 30-30 ml लेकर गुलाब जल (Rose water) 90ml या गुलाब के काढ़े में मिलाकर एक से दो माह तक तक रोजाना सुबह सेवन करने से लीवर मजबूत बनता है डायबिटीज(diabetes) संतुलित रहता है डायबिटीज की वजह से मूत्राशय में आई गड़बड़ियां बंद होती है शारीरिक दुर्बलता (Weakness) दूर होती है तथा यौन शक्ति व स्मरण शक्ति (Memory power) भी बढ़ती है-



प्रस्तुती- Chetna Kanchan Bhagat-Mumbai

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