23 मार्च 2018

गर्मियों में आयुर्वेदिक डिटॉक्स वाटर पीने के लाभ

Benefits of Drinking  Ayurvedic Detox Water in Summer


आजकल विदेशों में हर्बल डिटॉक्स वाटर पीने का प्रचलन काफी बड़ा है और देखा-देखी के चलते डिटॉक्स वाटर (Detox Water) पीना अब एक फैशन सा बन गया है जिसके चलते डिटॉक्स वाटर के विविध बर्तन तथा बोतलें भी बाजार में मिलने लगे हैं-

गर्मियों में आयुर्वेदिक डिटॉक्स वाटर पीने के लाभ

डिटॉक्स वाटर (Detox Water) क्या है-


विदेशी चलन के हिसाब से किसी भी सब्जी या फल तथा मसाले को आवश्यकता तथा अपनी समस्या अनुसार पानी में 4 से 8 घंटे भिगो कर रखा जाता है तथा फिर दिन भर उसी पानी को पिया जाता है-

आयुर्वेदिक दृष्टिकोण-


विदेशों के फैशन की देखादेखी आजकल भारत में डिटॉक्स वाटर पीने का चलन बढ़ गया है लेकिन नए जमाने के फैशन परस्त लोगों को अगर आयुर्वेद की बात बताई जाए तो उन्हें दकियानूसी और ओल्ड फैशन सा महसूस होने लगता है लेकिन ऐसे आधुनिक लोगों को बताते हुए हमें अत्यंत हर्ष हो रहा है की सदियों पहले ही आयुर्वेद ने डीटोक्स वोटर (Ayurvedic Detox Water) बनाने की विधी बता दी थी तथा आयुर्वेद में इसे हिम कल्पना कहां गया है-

आयुर्वेद सिर्फ सब्जी या फलो तक सीमित ना रहते हुए फल, फूल, जड़ी बूटी, मसाले,बिज, सब्जी जैसे औषधि तत्वों से हिम कल्पना योग (Ayurvedic Detox Water) बनाने का वर्णन करता है यह हिम कल्पना ना सिर्फ अनुपान के तौर पर इस्तेमाल होता है बल्कि कभी-कभी मुख्य औषधि के तौर पर भी इस्तेमाल होता है तथा लंघन जैसी शुद्धि क्रिया के दौरान भोजन की बजाय औषधीय हिम पान करके भी शरीर का शुद्धिकरण किया जाता है-

गर्मियों में आयुर्वेदिक डिटॉक्स वाटर (Ayurvedic Detox Water) पीने के लाभ-


1- ऋतु चक्र के हिसाब से मनुष्य शरीर की जरूरत व समस्याए (समस्याओं को अगर अनदेखा किया जाए तो उससे होने वाले रोग) कम ज्यादा या बदलते रहते हैं-

2- जैसे सर्दियों में नैसर्गिक रूप से भूख ज्यादा लगती है तथा पाचन क्रिया उत्तम होती है इसीलिए सर्दियों में उत्तम, भारी व पौष्टिक आहार खाकर शरीर को पुष्ट व शक्तिशाली बनाने का शास्त्रोक्त विधान है-

3- वैसे ही गर्मियों में शरीर में पानी की मात्रा घटती है निर्जलीकरण (Dehydration) तथा प्यास अधिक लगती है गर्मियों में नैसर्गिक रूप से ही भूख थोड़ी कम व प्यास ज्यादा लगती है और तब शरीर में योग्य मात्रा में द्रव्य तत्व या जलांश की आपूर्ति करना बेहद जरूरी हो जाता है शरीर को गर्मियों में ठंडा रखने के लिए जहां नैसर्गिक तौर पर पसीना (Sweating) ज्यादा आता है वही शरीर से जल तत्व कम होने से निर्जलीकरण कई समस्याएं होने लगती हैं जैसे कि उष्माघात (Sunstrock), लू लगना, चक्कर आना, कमजोरी लगना, नकसीर फूटना, बेहोश होना (Faint), ब्लड प्रेशर कम या ज्यादा हो जाना, घबराहट (Anxiety), सिर दर्द, आंखों में जलन, बेचैनी, ज्यादा पसीना आना, कष्ट मूत्र, मूत्र मार्ग में जलन होना, गाढ़े रंग का पेशाब आना या पेशाब का कम उतरना, एसिडिटी (Acidity) पित्त विकार, उल्टी, अतिसार, मुंह में छाले (Mouth Ulcer), त्वचा पर रैशेज आना, फोड़े फुंसी होना, खुजली होना, त्वचा का कालापन व त्वचा तथा चेहरे का निसतेज हो जाना-

4- इन सब समस्याओं में अगर आयुर्वेदिक औषधिय हिम (Ayurvedic Detox Water) पिया जाए तो गर्मियों में होने वाली इन सारी समस्याओं से आसानी से छुटकारा मिल सकता है तथा अन्य लाभ भी मिल सकते हैं-

आयुर्वेदिक औषधीय हिम (Ayurvedic Detox Water) पीने के अन्य फायदे-


गर्मियों में आयुर्वेदिक डिटॉक्स वाटर पीने के लाभ

1- शरीर में योग्य जल की आपूर्ति होती है-

2- उष्माघात से होने वाली समस्याओं में लाभ होता है-

3- आयुर्वेदिक हिम (Ayurvedic Detox Water) वजन कम करने में अत्यंत उपयोगी व सहायक होते हैं-

4- किडनी व मुत्रपिंड का कार्य सुचारु होता है-

5- आंतों का कड़ापन कम होता है जिससे कब्ज व पाइल्स की समस्या में लाभ होता है-

6- लिवर सुचारु होता है जिससे एसिडिटी,अरुचि तथा मंदाग्नि जैसी समस्याओ में लाभ होता हैं-

7- प्यास की अधिकता या तृषारोग मिटता है-

8- शरीर को शीतलता मिलती है-

9- त्वचा विकारों में, खुजली में, फोड़े फुंसी, तथा कील मुहांसों में राहत मिलती है व त्वचा चमकीली और बेदाग़ बनती है-

10- शरीर को योग्य पोषण मिलता है-

11- शरीर के विषैले तत्वों का उत्सर्जन होने से त्वचा रोग व सूजन जैसी समस्याओं से भी छुटकारा मिलता है-

12- इस तरह अगर गर्मियों में कोल्ड्रिंग, बर्फ के गोले, आइसक्रीम या बाजार शरबतों की जगह आयुर्वेदिक औषधिय हिम (Ayurvedic Detox Water) पिया जाए तो शरीर को ताजगी, तरावट, व पोषण मिलता है शरीर की आंतरिक गर्मी, छाले, खुजली जैसी समस्याएं मिटती है तथा गर्मी से भी राहत मिलती है-

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